Sunday, 13 Sep 2026 | 10:14 PM

Trending :

बांग्लादेश बोला- भारत से रिश्ते रीसेट करना चाहते हैं:हसीना के दौर के संबंधों को असहज बताया, विदेश राज्य मंत्री ने कहा- सीधी बातचीत जरूरी ओमान के पास जहाज पर हमला, 14 भारतीय सवार थे:13 का रेस्क्यू हुआ, एक लापता; भारत ने हमले की निंदा की ब्रिटेन के बंटवारे पर साथ आएंगे स्कॉटलैंड, वेल्स-नॉर्दर्न आयरलैंड:तीनों जगहों के नेताओं की कल मीटिंग, अलग होने के पक्ष में Shilpa Shetty Ganpati Bappa Arrival अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं
EXCLUSIVE

अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चा तेल 100 डॉलर के नीचे:15 प्रतिशत सस्ता हुआ, 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट

अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चा तेल 100 डॉलर के नीचे:15 प्रतिशत सस्ता हुआ, 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट

अमेरिका-ईरान जंग में 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम करीब 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह करीब 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 109.27 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए थे। तब से पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेल सस्ता होने से अब यह आशंकाएं खत्म हो गई हैं। सीजफायर के चलते होर्मुज खुलने की उम्मीद सीजफायर से ग्लोबल मार्केट उछले, डॉलर गिरा युद्ध थमने की खबरों से ग्लोबल शेयर बाजारों में तेजी आई है। अमेरिका का SP 500 फ्यूचर्स 2% और यूरोपीय बाजार 5% तक चढ़े। भारत के सेंसेक्स और निफ्टी भी करीब 4% चढ़े हैं। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से रूपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। RBI के मुताबिक, बुधवार के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे मजबूत होकर 92.55 पर पहुंच गया है। कल यह 92.96 पर बंद हुआ था। जंग फिर शुरू हुई तो तेल के दाम दोबारा बढ़ेंगे एनालिस्ट्स का कहना है कि अभी जो राहत दिख रही है, वह ज्यादा समय तक नहीं रह सकती। आईजी के टोनी सिकामोर के अनुसार, यह एक अच्छी शुरुआत जरूर है, लेकिन अभी कई बातें साफ नहीं हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर दो हफ्ते में पूरी तरह समझौता नहीं हुआ, तो कीमतें फिर से 100 डॉलर के ऊपर जा सकती हैं। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत को क्या फायदे होंगे? कच्चा तेल भारत के लिए जरूरी है, क्योंकि हम करीब 85% तेल आयात करते हैं। तेल की कीमतें गिरने पर अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर राहत मिलती है। 1. पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ेंगे: कच्चा तेल सस्ता होने पर IOC, BPCL, HPCL जैसी कंपनियों के तेल की कीमत बढ़ाने की आशंका कम हो जाएगी। इससे ट्रांसपोर्ट लागत घटती है और आम आदमी के बजट पर असर पड़ता है। 2. महंगाई पर असर: डीजल के रेट न बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी नहीं। इससे फल, सब्जियां, अनाज और अन्य रोजमर्रा के खाने-पीने के सामानों के दाम नहीं बढ़ेंगे। 3. CAD में सुधार: कच्चा तेल सस्ता होने से इंपोर्ट बिल घटता है। विदेशी मुद्रा भंडार बचता है और करंट अकाउंट डेफिसिट यानी CAD कम होता है। 4. रुपये को मजबूती: कच्चे तेल का बिल घटने से डॉलर की मांग कम होती है। इससे रुपया मजबूत होता है और आयात सस्ता होता है। 5. सब्सिडी बोझ कम: कच्चा तेल सस्ता होने से सरकार का सब्सिडी खर्च घटता है। बचा पैसा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर में लगा सकती है। 6. कॉर्पोरेट प्रॉफिट: तेल सस्ता होने से लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है। इससे शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल 10 डॉलर सस्ता होने पर करंट अकाउंट डेफिसिट में 9-10 बिलियन डॉलर की कमी और महंगाई में करीब 0.5% राहत मिल सकती है। होर्मुज प्रभावित होने से तेल महंगा हुआ था जंग के बाद ईरान ने होर्मुज रूट लगभग बंद कर दिया था। दुनिया का करीब 20% तेल-गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से तेल, LPG, एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक महंगे हुए। ब्रिटेन-यूरोप में दवाओं और जरूरी चीजों की कमी का खतरा बढ़ा, क्योंकि शिपिंग खर्च कई गुना बढ़ गया था। मार्च में क्रूड ऑयल 60% महंगा हुआ था मार्च में कच्चे तेल में 60% उछाल आया था। यह 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद एक महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। फरवरी अंत में 72.48 डॉलर से बढ़कर मार्च में 120 डॉलर पार पहुंच गया था। इससे पहले सितंबर 1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले के समय तेल की कीमतें एक महीने में 46% बढ़ी थीं। भारत के कुल तेल आयात का 51% खाड़ी देशों से आता है भारत कच्चे तेल के लिए सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। FY2025-26 के पहले 10 महीनों में कुल आयात में 51% हिस्सा इसी क्षेत्र का था। कीमत बढ़ने से आयात बिल तेजी से बढ़ रहा था। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 3000 अंक चढ़कर 77,600 पर कारोबार कर रहा: निफ्टी भी 900 अंक ऊपर; ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज यानी बुधवार 8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी है। सेंसेक्स 3000 अंक (3.95%) चढ़कर 77,600 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 900 अंक (3.80%) ऊपर है, ये 24,000 पर पहुंच गया है। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी है। निफ्टी का ऑटो और रियल्टी इंडेक्स करीब 5% ऊपर है। सरकारी बैंकों के इंडेक्स और मेटल इंडेक्स में भी 3% से ज्यादा तेजी है। FMCG और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 2% से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
चीन बोला-जापान के पास 5500 परमाणु बम बनाने जितना प्लूटोनियम:राजदूत ने कहा- चाहे तो कभी भी परमाणु हथियार बना सकता है

August 20, 2026/
2:46 pm

चीन ने जापान की परमाणु क्षमता को लेकर फिर चिंता जताई है। रूस में चीन के राजदूत झांग हानहुई ने...

CBSE 12th Result 2026 soon at cbseresults.nic.in and cbse.gov.in. (File/Representative Image)

April 21, 2026/
10:27 am

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 10:27 IST यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने...

पीएम मोदी कल वर्ल्ड लीडर्स के साथ करेंगे डिनर:मेन्यू में यूपी के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी शामिल

September 11, 2026/
9:50 pm

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS लीडर्स समिट होगा। यह आयोजन भारत मंडपम में किया जाएगा।...

रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख उड़ाए, VIDEO:पासबुक प्रिंट कर रहे थे रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, महिलाओं ने उड़ाईं गड्डियां

April 8, 2026/
7:21 am

ग्वालियर के मुरार इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बारादरी ब्रांच में मंगलवार दोपहर एक चौंकाने वाली चोरी...

authorimg

April 4, 2026/
5:17 pm

Kakdi Health benefits: गर्मियों के मौसम में जब गर्मी और लू से परेशानी बढ़ जाती है, तब ककड़ी सबसे अच्छा...

Karnataka vs J&K Final Live Score: Follow all the updates from Day 2 of the summit clash. (PTI Photo)

February 14, 2026/
5:15 am

आखरी अपडेट:14 फरवरी, 2026, 05:15 IST उदाहरण के लिए, नरेंद्र मोदी की सफल ‘चाय पे चर्चा’ से प्रेरित होकर, बीएनपी...

बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में

July 24, 2026/
4:30 am

सिनेमा में कई हीरो आए, कई सुपरस्टार बने, लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी था जिसने पर्दे पर उपकार, पूरब और...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चा तेल 100 डॉलर के नीचे:15 प्रतिशत सस्ता हुआ, 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट

अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चा तेल 100 डॉलर के नीचे:15 प्रतिशत सस्ता हुआ, 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट

अमेरिका-ईरान जंग में 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम करीब 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह करीब 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 109.27 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए थे। तब से पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेल सस्ता होने से अब यह आशंकाएं खत्म हो गई हैं। सीजफायर के चलते होर्मुज खुलने की उम्मीद सीजफायर से ग्लोबल मार्केट उछले, डॉलर गिरा युद्ध थमने की खबरों से ग्लोबल शेयर बाजारों में तेजी आई है। अमेरिका का SP 500 फ्यूचर्स 2% और यूरोपीय बाजार 5% तक चढ़े। भारत के सेंसेक्स और निफ्टी भी करीब 4% चढ़े हैं। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से रूपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। RBI के मुताबिक, बुधवार के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे मजबूत होकर 92.55 पर पहुंच गया है। कल यह 92.96 पर बंद हुआ था। जंग फिर शुरू हुई तो तेल के दाम दोबारा बढ़ेंगे एनालिस्ट्स का कहना है कि अभी जो राहत दिख रही है, वह ज्यादा समय तक नहीं रह सकती। आईजी के टोनी सिकामोर के अनुसार, यह एक अच्छी शुरुआत जरूर है, लेकिन अभी कई बातें साफ नहीं हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर दो हफ्ते में पूरी तरह समझौता नहीं हुआ, तो कीमतें फिर से 100 डॉलर के ऊपर जा सकती हैं। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत को क्या फायदे होंगे? कच्चा तेल भारत के लिए जरूरी है, क्योंकि हम करीब 85% तेल आयात करते हैं। तेल की कीमतें गिरने पर अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर राहत मिलती है। 1. पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ेंगे: कच्चा तेल सस्ता होने पर IOC, BPCL, HPCL जैसी कंपनियों के तेल की कीमत बढ़ाने की आशंका कम हो जाएगी। इससे ट्रांसपोर्ट लागत घटती है और आम आदमी के बजट पर असर पड़ता है। 2. महंगाई पर असर: डीजल के रेट न बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी नहीं। इससे फल, सब्जियां, अनाज और अन्य रोजमर्रा के खाने-पीने के सामानों के दाम नहीं बढ़ेंगे। 3. CAD में सुधार: कच्चा तेल सस्ता होने से इंपोर्ट बिल घटता है। विदेशी मुद्रा भंडार बचता है और करंट अकाउंट डेफिसिट यानी CAD कम होता है। 4. रुपये को मजबूती: कच्चे तेल का बिल घटने से डॉलर की मांग कम होती है। इससे रुपया मजबूत होता है और आयात सस्ता होता है। 5. सब्सिडी बोझ कम: कच्चा तेल सस्ता होने से सरकार का सब्सिडी खर्च घटता है। बचा पैसा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर में लगा सकती है। 6. कॉर्पोरेट प्रॉफिट: तेल सस्ता होने से लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है। इससे शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल 10 डॉलर सस्ता होने पर करंट अकाउंट डेफिसिट में 9-10 बिलियन डॉलर की कमी और महंगाई में करीब 0.5% राहत मिल सकती है। होर्मुज प्रभावित होने से तेल महंगा हुआ था जंग के बाद ईरान ने होर्मुज रूट लगभग बंद कर दिया था। दुनिया का करीब 20% तेल-गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से तेल, LPG, एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक महंगे हुए। ब्रिटेन-यूरोप में दवाओं और जरूरी चीजों की कमी का खतरा बढ़ा, क्योंकि शिपिंग खर्च कई गुना बढ़ गया था। मार्च में क्रूड ऑयल 60% महंगा हुआ था मार्च में कच्चे तेल में 60% उछाल आया था। यह 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद एक महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। फरवरी अंत में 72.48 डॉलर से बढ़कर मार्च में 120 डॉलर पार पहुंच गया था। इससे पहले सितंबर 1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले के समय तेल की कीमतें एक महीने में 46% बढ़ी थीं। भारत के कुल तेल आयात का 51% खाड़ी देशों से आता है भारत कच्चे तेल के लिए सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। FY2025-26 के पहले 10 महीनों में कुल आयात में 51% हिस्सा इसी क्षेत्र का था। कीमत बढ़ने से आयात बिल तेजी से बढ़ रहा था। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 3000 अंक चढ़कर 77,600 पर कारोबार कर रहा: निफ्टी भी 900 अंक ऊपर; ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज यानी बुधवार 8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी है। सेंसेक्स 3000 अंक (3.95%) चढ़कर 77,600 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 900 अंक (3.80%) ऊपर है, ये 24,000 पर पहुंच गया है। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी है। निफ्टी का ऑटो और रियल्टी इंडेक्स करीब 5% ऊपर है। सरकारी बैंकों के इंडेक्स और मेटल इंडेक्स में भी 3% से ज्यादा तेजी है। FMCG और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 2% से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.