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Assam Election Voting | High Turnout Impact; CM Himanta Biswa Sarma Trend

Assam Election Voting | High Turnout Impact; CM Himanta Biswa Sarma Trend
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गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी12 मिनट पहले

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देश के दो राज्यों असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए। 1950 में असम के बनने के बाद से राज्य में सबसे ज्यादा 85.40% वोटिंग हुई। इससे पहले 2016 में 84.7% मतदान हुआ था।

वहीं पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.87% मतदान हुआ। इससे पहले का रिकॉर्ड 85% (2006, 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव) का था। केरलम में पिछले 49 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, यहां 78.09% वोट डाले गए। 1977 में रिकॉर्ड 79.2% मतदान हुआ था।

वोटिंग परसेंट के आंकड़े 9 अप्रैल की रात 10 बजे तक के हैं। चुनाव आयोग का फाइनल आंकड़े जारी करना बाकी है।

असम के 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग

असम में 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवारों का भाग्य का फैसला होगा। 35 जिलों में से 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ। सबसे कम 75.25% वोटिंग वेस्ट कार्बी एंगलोंग में हुई।

सीएम हिमंता बोले- असमिया समाज वोटर की वजह से बढ़ा मतदान

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, बांग्लादेशी मूल के मुसलमान समाज का 95 से 96 प्रतिशत वोट प्रतिशत हुआ करता था लेकिन बाकि जो असमिया समाज है, वहां पर 75-76% तक का वोट प्रतिशत होता था। इस बार दोनों समाज के बीच प्रतियोगिता रही। पारंपरिक तौर पर जो समाज सक्रिय मतदान करता है उन्होंने तो ज्यादा मतदान किया ही है लेकिन जिस समाज में पारंपरिक तौर पर अधिक मतदान नहीं होता है, उस समाज ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया है।

केरल के कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% वोटिंग

केरलम में140 विधानसभा सीटों पर 2.6 करोड़ मतदाता हैं। वहीं 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। राज्य के 14 जिले में से दो जिलों में 80% से ऊपर मतदान हुआ। सबसे ज्यादा वोटिंग 81.32% वोटिंग कोझिकोड में हुई। वहीं सबसे कम 70.76% मतदान पथनमथिट्टा में हुआ। केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुन रहे हैं।

भाजपा ने कहा- महिला वोटर्स की वजह से बढ़ा मतदान

  • CPI(M) नेता सीएन मोहनन ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है या जो कहीं और चले गए हैं। उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इसी वजह से वोटिंग का प्रतिशत बढ़ा है।
  • BJP नेता केएस शैजू ने कहा, हमारे एनालिसिस से पता चलता है कि इस बार ज्यादा महिला मतदाताओं ने वोट डाला है।

पुडुचेरी में रिकॉर्ड 90% वोटिंग

पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों में कुल 10 लाख मतदाता हैं। यहां 90% के करीब वोटिंग हुई। केंद्र शासित प्रदेश में कुल दो जिले हैं। सबसे ज्यादा 90.47% मतदान पुडुचेरी जिले में हुआ। वहीं करईकल में 86.77% वोटिंग हुई। पुडुचेरी के इतिहास में पहली बार इतनी वोटिंग हुई है।

अब तीनों राज्यों में चुनावी गणित को समझें…

असम: 51 साल सत्ता में काबिज रही कांग्रेस, भाजपा की हैट्रिक लगाने की कोशिश

बीते 76 साल में असम में राज्य में 15 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से सबसे लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा। करीब 51 साल तक कांग्रेस के 10 मुख्यमंत्रियों ने सत्ता संभाली।

1978 में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। जनता पार्टी के गोलाप बोरबोरा पहले गैर-कांग्रेसी सीएम बने। लेकिन 2 साल बाद फिर कांग्रेस सत्ता में लौटी।

1985 में ‘असम गण परिषद’ नई रीजनल पार्टी के तौर पर उभरी, जिसने कांग्रेस को चुनौती दी। इसी साल AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत सीएम बने। उन्होंने अल्टरनेटिव 2 टर्म पूरे किए।

इसके बाद 2001 में कांग्रेस के तरुण गोगोई ने सत्ता संभाली। उन्होंने लगातार 3 चुनाव जीते और रिकॉर्ड 15 साल तक सीएम की कुर्सी संभाली।

2016 में पूरे नॉर्थ-ईस्ट में असम ऐसा राज्य बना, जहां बीजेपी ने पहली बार सरकार बनाई। सर्बानंद सोनोवाल सीएम बने।

2021 में लगातार दूसरी बार बीजेपी ने बहुमत हासिल किया और सत्ता संभाली हिमंता बिस्व सरमा ने। हिमंता के कांग्रेस, AGP और बीजेपी तीनों से रिश्ते हैं।

वे AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत के राजनीतिक शिष्य, कांग्रेस के तरुण गोगोई के भरोसेमंद सिपहसालार और बीजेपी में नॉर्थ-ईस्ट का चेहरा हैं।

केरल: केवल पिनराई विजयन लगातार 2 बार सीएम बने

1956 में केरलम के गठन के बाद से अब तक राज्य में 12 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से 6 सीएम लेफ्ट के रहे, जिन्होंने 39 साल सत्ता संभाली। वहीं 4 सीएम कांग्रेस के बने, जिन्होंने 28 साल सरकार चलाई।

CPI(M) के ई.के. नयनार सबसे लंबे समय तक 11 साल सीएम रहे। उन्होंने 3 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन लगातार कभी कुर्सी नहीं संभाली।

1980 में UDF बनाम LDF की राजनीति शुरु हुई। बीते 46 साल से दोनों ने बारी-बारी सरकार चलाई, लेकिन 2021 में ये अनकही परंपरा टूट गई।

2021 में CPI(M) के पिनराई विजयन ने बतौर सीएम पहला कार्यकाल पूरा कर दोबारा सत्ता संभाली। 70 साल में केवल विजयन ऐसे सीएम ही हैं, जिन्होंने लगातार 2 बार शपथ ली।

पुडुचेरी में 10 में से 7 सीएम कांग्रेस के रहे

1963 में पुडुचेरी विधानसभा का गठन हुआ। तब से अब तक यहां 10 मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यहां की राजनीति केंद्र के प्रभाव और स्थानीय गठबंधनों के हिसाब से चलती है।

इसी के चलते पुडुचेरी के 7 सीएम कांग्रेस से रहे, जिन्होंने करीब 32 साल सत्ता संभाली। फिर 1970 के दशक में DMK और AIADMK जैसी द्रविड़ पार्टियों की एंट्री हुई। DMK ने 4 बार और AIADMK ने 2 बार सरकार बनाई।

इसके बाद फिर कांग्रेस का शासन शुरू हुआ, जो 2011 तक चला। लेकिन कांग्रेस के कद्दावर नेता एन. रंगासामी ने खुद की पार्टी AINRC बना ली और चुनाव जीतकर सत्ता संभाली।

एन. रंगासामी एक नेता हैं, जिन्होंने कांग्रेस में रहते हुए और फिर अपनी की पार्टी AINRC बनाकर कुल 4 बार सीएम पद की शपथ ली।

2021 में रंगासामी ने बीजेपी के साथ अलायंस किया और सरकार बनाई। रंगासामी सबसे लंबे वक्त तक करीब 17 साल से सीएम हैं। हालांकि ये लगातार नहीं है।

वोटिंग की 6 तस्वीरें…

असम में वोट डालने के लिए महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ में लेकर आईं। उन्हें कपड़े के सहारे कंधे से टांगा हुआ था।

असम में वोट डालने के लिए महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ में लेकर आईं। उन्हें कपड़े के सहारे कंधे से टांगा हुआ था।

केरल में एक क्रिश्चियन महिला अपनी शादी की ड्रेस में वोट डालने आई।

केरल में एक क्रिश्चियन महिला अपनी शादी की ड्रेस में वोट डालने आई।

पुडुचेरी में मतदान केंद्र पर रोबोट ने मतदाताओं का फूलों से स्वागत किया।

पुडुचेरी में मतदान केंद्र पर रोबोट ने मतदाताओं का फूलों से स्वागत किया।

एक बुजुर्ग महिला भी वोट डालने आई। इस दौरान पोलिंग स्टेशन पर मौजूद कर्मी ने उनकी मदद की।

एक बुजुर्ग महिला भी वोट डालने आई। इस दौरान पोलिंग स्टेशन पर मौजूद कर्मी ने उनकी मदद की।

पुडुचेरी के सीएम एन रंगास्वामी बाइक से पोलिंग बूथ पहुंचे और वोट डाला।

पुडुचेरी के सीएम एन रंगास्वामी बाइक से पोलिंग बूथ पहुंचे और वोट डाला।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा वोटिंग करने के बाद उंगली में लगी स्याही दिखाते हुए।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा वोटिंग करने के बाद उंगली में लगी स्याही दिखाते हुए।

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देश के दो राज्यों असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए। 1950 में असम के बनने के बाद से राज्य में सबसे ज्यादा 85.40% वोटिंग हुई। इससे पहले 2016 में 84.7% मतदान हुआ था।

वहीं पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.87% मतदान हुआ। इससे पहले का रिकॉर्ड 85% (2006, 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव) का था। केरलम में पिछले 49 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, यहां 78.09% वोट डाले गए। 1977 में रिकॉर्ड 79.2% मतदान हुआ था।

वोटिंग परसेंट के आंकड़े 9 अप्रैल की रात 10 बजे तक के हैं। चुनाव आयोग का फाइनल आंकड़े जारी करना बाकी है।

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असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, बांग्लादेशी मूल के मुसलमान समाज का 95 से 96 प्रतिशत वोट प्रतिशत हुआ करता था लेकिन बाकि जो असमिया समाज है, वहां पर 75-76% तक का वोट प्रतिशत होता था। इस बार दोनों समाज के बीच प्रतियोगिता रही। पारंपरिक तौर पर जो समाज सक्रिय मतदान करता है उन्होंने तो ज्यादा मतदान किया ही है लेकिन जिस समाज में पारंपरिक तौर पर अधिक मतदान नहीं होता है, उस समाज ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया है।

केरल के कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% वोटिंग

केरलम में140 विधानसभा सीटों पर 2.6 करोड़ मतदाता हैं। वहीं 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। राज्य के 14 जिले में से दो जिलों में 80% से ऊपर मतदान हुआ। सबसे ज्यादा वोटिंग 81.32% वोटिंग कोझिकोड में हुई। वहीं सबसे कम 70.76% मतदान पथनमथिट्टा में हुआ। केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुन रहे हैं।

भाजपा ने कहा- महिला वोटर्स की वजह से बढ़ा मतदान

  • CPI(M) नेता सीएन मोहनन ने कहा कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है या जो कहीं और चले गए हैं। उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इसी वजह से वोटिंग का प्रतिशत बढ़ा है।
  • BJP नेता केएस शैजू ने कहा, हमारे एनालिसिस से पता चलता है कि इस बार ज्यादा महिला मतदाताओं ने वोट डाला है।

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अब तीनों राज्यों में चुनावी गणित को समझें…

असम: 51 साल सत्ता में काबिज रही कांग्रेस, भाजपा की हैट्रिक लगाने की कोशिश

बीते 76 साल में असम में राज्य में 15 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से सबसे लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा। करीब 51 साल तक कांग्रेस के 10 मुख्यमंत्रियों ने सत्ता संभाली।

1978 में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। जनता पार्टी के गोलाप बोरबोरा पहले गैर-कांग्रेसी सीएम बने। लेकिन 2 साल बाद फिर कांग्रेस सत्ता में लौटी।

1985 में ‘असम गण परिषद’ नई रीजनल पार्टी के तौर पर उभरी, जिसने कांग्रेस को चुनौती दी। इसी साल AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत सीएम बने। उन्होंने अल्टरनेटिव 2 टर्म पूरे किए।

इसके बाद 2001 में कांग्रेस के तरुण गोगोई ने सत्ता संभाली। उन्होंने लगातार 3 चुनाव जीते और रिकॉर्ड 15 साल तक सीएम की कुर्सी संभाली।

2016 में पूरे नॉर्थ-ईस्ट में असम ऐसा राज्य बना, जहां बीजेपी ने पहली बार सरकार बनाई। सर्बानंद सोनोवाल सीएम बने।

2021 में लगातार दूसरी बार बीजेपी ने बहुमत हासिल किया और सत्ता संभाली हिमंता बिस्व सरमा ने। हिमंता के कांग्रेस, AGP और बीजेपी तीनों से रिश्ते हैं।

वे AGP के प्रफुल्ल कुमार महंत के राजनीतिक शिष्य, कांग्रेस के तरुण गोगोई के भरोसेमंद सिपहसालार और बीजेपी में नॉर्थ-ईस्ट का चेहरा हैं।

केरल: केवल पिनराई विजयन लगातार 2 बार सीएम बने

1956 में केरलम के गठन के बाद से अब तक राज्य में 12 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से 6 सीएम लेफ्ट के रहे, जिन्होंने 39 साल सत्ता संभाली। वहीं 4 सीएम कांग्रेस के बने, जिन्होंने 28 साल सरकार चलाई।

CPI(M) के ई.के. नयनार सबसे लंबे समय तक 11 साल सीएम रहे। उन्होंने 3 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन लगातार कभी कुर्सी नहीं संभाली।

1980 में UDF बनाम LDF की राजनीति शुरु हुई। बीते 46 साल से दोनों ने बारी-बारी सरकार चलाई, लेकिन 2021 में ये अनकही परंपरा टूट गई।

2021 में CPI(M) के पिनराई विजयन ने बतौर सीएम पहला कार्यकाल पूरा कर दोबारा सत्ता संभाली। 70 साल में केवल विजयन ऐसे सीएम ही हैं, जिन्होंने लगातार 2 बार शपथ ली।

पुडुचेरी में 10 में से 7 सीएम कांग्रेस के रहे

1963 में पुडुचेरी विधानसभा का गठन हुआ। तब से अब तक यहां 10 मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यहां की राजनीति केंद्र के प्रभाव और स्थानीय गठबंधनों के हिसाब से चलती है।

इसी के चलते पुडुचेरी के 7 सीएम कांग्रेस से रहे, जिन्होंने करीब 32 साल सत्ता संभाली। फिर 1970 के दशक में DMK और AIADMK जैसी द्रविड़ पार्टियों की एंट्री हुई। DMK ने 4 बार और AIADMK ने 2 बार सरकार बनाई।

इसके बाद फिर कांग्रेस का शासन शुरू हुआ, जो 2011 तक चला। लेकिन कांग्रेस के कद्दावर नेता एन. रंगासामी ने खुद की पार्टी AINRC बना ली और चुनाव जीतकर सत्ता संभाली।

एन. रंगासामी एक नेता हैं, जिन्होंने कांग्रेस में रहते हुए और फिर अपनी की पार्टी AINRC बनाकर कुल 4 बार सीएम पद की शपथ ली।

2021 में रंगासामी ने बीजेपी के साथ अलायंस किया और सरकार बनाई। रंगासामी सबसे लंबे वक्त तक करीब 17 साल से सीएम हैं। हालांकि ये लगातार नहीं है।

वोटिंग की 6 तस्वीरें…

असम में वोट डालने के लिए महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ में लेकर आईं। उन्हें कपड़े के सहारे कंधे से टांगा हुआ था।

असम में वोट डालने के लिए महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ में लेकर आईं। उन्हें कपड़े के सहारे कंधे से टांगा हुआ था।

केरल में एक क्रिश्चियन महिला अपनी शादी की ड्रेस में वोट डालने आई।

केरल में एक क्रिश्चियन महिला अपनी शादी की ड्रेस में वोट डालने आई।

पुडुचेरी में मतदान केंद्र पर रोबोट ने मतदाताओं का फूलों से स्वागत किया।

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एक बुजुर्ग महिला भी वोट डालने आई। इस दौरान पोलिंग स्टेशन पर मौजूद कर्मी ने उनकी मदद की।

एक बुजुर्ग महिला भी वोट डालने आई। इस दौरान पोलिंग स्टेशन पर मौजूद कर्मी ने उनकी मदद की।

पुडुचेरी के सीएम एन रंगास्वामी बाइक से पोलिंग बूथ पहुंचे और वोट डाला।

पुडुचेरी के सीएम एन रंगास्वामी बाइक से पोलिंग बूथ पहुंचे और वोट डाला।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा वोटिंग करने के बाद उंगली में लगी स्याही दिखाते हुए।

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा वोटिंग करने के बाद उंगली में लगी स्याही दिखाते हुए।

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