Saturday, 29 Aug 2026 | 12:42 PM

Trending :

कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जाया:यह भारत की 40 साल की जरूरत के बराबर; ट्रम्प बोले- इतिहास की सबसे बड़ी डील अमेरिका का वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर कब्जा:प्राइवेट कंपनी के साथ करार, ट्रम्प बोले- यह इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया, मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,
EXCLUSIVE

India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast
  • Hindi News
  • Business
  • India Economy To Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

नई दिल्ली22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी।

संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में IMF ने इसके 6.4% रहने का अनुमान जताया था।

वित्त वर्ष 2027 के लिए अनुमान में 0.1% की बढ़ोतरी

मंगलवार (14 अप्रैल) को जारी अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में IMF ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की ग्रोथ रेट में 0.1% की मामूली बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं।

पहला- साल 2025 में भारतीय इकोनॉमी का शानदार प्रदर्शन और दूसरा- अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर एडिशनल टैरिफ को 50% से घटाकर 10% करना।

IMF का मानना है कि इन दो सकारात्मक कारणों का असर मिडिल ईस्ट संकट से होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा होगा।

सरकारी अनुमान और IMF के आंकड़ों में अंतर

भारत सरकार और IMF के आंकड़ों में काफी अंतर है। भारत सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में इकोनॉमी 7.6% की रफ्तार से बढ़ेगी।

यह IMF के पुराने अनुमान से 1% ज्यादा है। हालांकि, IMF ने कहा है कि साल 2027 में भी भारत की विकास दर 6.5% के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है।

महंगाई 2.1% से बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है

IMF ने महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महंगाई की दर में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां महंगाई 2.1% रहने का अनुमान है।

वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वित्त वर्ष 2027-28 तक यह वापस रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मिड-पॉइंट यानी 4% के करीब आ सकती है।

चीन में कम रहेगी महंगाई, ग्लोबल ग्रोथ सुस्त पड़ेगी

IMF का कहना है कि चीन में महंगाई निचले स्तरों से बढ़ना शुरू होगी। वहीं भारत में 2025 के दौरान फूड प्राइसेज (खाने-पीने की चीजों की कीमतों) में आई कमी की वजह से महंगाई काफी नीचे रहेगी, लेकिन इसके बाद यह फिर से टार्गेट लेवल की तरफ बढ़ेगी।

ग्लोबल लेवल पर आर्थिक स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं रहने वाली है। IMF ने दुनिया की कुल ग्रोथ रेट का अनुमान 3.3% से घटाकर 3.1% कर दिया है। साल 2025 में ग्लोबल इकोनॉमी 3.4% की दर से बढ़ी थी, यानी अब इसमें सुस्ती आने के संकेत हैं।

यूरोप पर सबसे बुरा असर, अमेरिका-चीन सुरक्षित रहेंगे

दुनियाभर में छाई सुस्ती का असर अलग-अलग देशों पर अलग होगा…

  • यूरोप: इस क्षेत्र पर सबसे बुरा असर पड़ने वाला है। यूरो एरिया की ग्रोथ में 0.2% की गिरावट आ सकती है।
  • ब्रिटेन: ब्रिटेन की इकोनॉमी के अनुमान में 0.5% की बड़ी कटौती की गई है।
  • अमेरिका और चीन: ये दोनों बड़ी ताकतें इस सुस्ती से काफी हद तक सुरक्षित रहेंगी। इनके ग्रोथ रेट अनुमान में महज 0.1% की ही कमी की गई है।

क्या होता है US टैरिफ और भारत को फायदा क्यों?

  • जब अमेरिका किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ कम करता है, तो वह सामान वहां सस्ता हो जाता है। भारत के मामले में यह शुल्क 50% से घटकर 10% हुआ है।
  • इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स के कपड़े, ज्वेलरी और आईटी सर्विसेज जैसे प्रोडक्ट्स अमेरिकी मार्केट में सस्ते होंगे, जिससे भारत की कमाई बढ़ेगी।

ये खबर भी पढ़ें…

पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है: बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
वैभव के बाद अब छोटे भाई आशीर्वाद भी चर्चा में:10 साल की उम्र में पहला शतक; पिता बोले- प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें

June 12, 2026/
7:00 pm

15 साल के वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी भी चर्चा में हैं। 10 साल के आशीर्वाद ने समस्तीपुर...

बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में

July 24, 2026/
4:30 am

सिनेमा में कई हीरो आए, कई सुपरस्टार बने, लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी था जिसने पर्दे पर उपकार, पूरब और...

Amit Shah has proven that while loudspeakers may still matter in elections, so does the spreadsheet. (X @AmitShah)

April 25, 2026/
7:15 am

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 07:15 IST दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि जिस AAP की स्थापना ‘इंकलाब’ (क्रांति)...

मोदी 4 साल बाद सेंट्रल एशिया के दौरे पर रवाना:पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे, फिर किर्गिस्तान में SCO समिट में हिस्सा लेंगे; जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात संभव

August 29, 2026/
10:49 am

12 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी शनिवार सुबह दो देशों के लिए दिल्ली से रवाना हुए। उनका यह चार...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast
  • Hindi News
  • Business
  • India Economy To Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

नई दिल्ली22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी।

संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में IMF ने इसके 6.4% रहने का अनुमान जताया था।

वित्त वर्ष 2027 के लिए अनुमान में 0.1% की बढ़ोतरी

मंगलवार (14 अप्रैल) को जारी अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में IMF ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की ग्रोथ रेट में 0.1% की मामूली बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं।

पहला- साल 2025 में भारतीय इकोनॉमी का शानदार प्रदर्शन और दूसरा- अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर एडिशनल टैरिफ को 50% से घटाकर 10% करना।

IMF का मानना है कि इन दो सकारात्मक कारणों का असर मिडिल ईस्ट संकट से होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा होगा।

सरकारी अनुमान और IMF के आंकड़ों में अंतर

भारत सरकार और IMF के आंकड़ों में काफी अंतर है। भारत सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में इकोनॉमी 7.6% की रफ्तार से बढ़ेगी।

यह IMF के पुराने अनुमान से 1% ज्यादा है। हालांकि, IMF ने कहा है कि साल 2027 में भी भारत की विकास दर 6.5% के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है।

महंगाई 2.1% से बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है

IMF ने महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महंगाई की दर में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां महंगाई 2.1% रहने का अनुमान है।

वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वित्त वर्ष 2027-28 तक यह वापस रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मिड-पॉइंट यानी 4% के करीब आ सकती है।

चीन में कम रहेगी महंगाई, ग्लोबल ग्रोथ सुस्त पड़ेगी

IMF का कहना है कि चीन में महंगाई निचले स्तरों से बढ़ना शुरू होगी। वहीं भारत में 2025 के दौरान फूड प्राइसेज (खाने-पीने की चीजों की कीमतों) में आई कमी की वजह से महंगाई काफी नीचे रहेगी, लेकिन इसके बाद यह फिर से टार्गेट लेवल की तरफ बढ़ेगी।

ग्लोबल लेवल पर आर्थिक स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं रहने वाली है। IMF ने दुनिया की कुल ग्रोथ रेट का अनुमान 3.3% से घटाकर 3.1% कर दिया है। साल 2025 में ग्लोबल इकोनॉमी 3.4% की दर से बढ़ी थी, यानी अब इसमें सुस्ती आने के संकेत हैं।

यूरोप पर सबसे बुरा असर, अमेरिका-चीन सुरक्षित रहेंगे

दुनियाभर में छाई सुस्ती का असर अलग-अलग देशों पर अलग होगा…

  • यूरोप: इस क्षेत्र पर सबसे बुरा असर पड़ने वाला है। यूरो एरिया की ग्रोथ में 0.2% की गिरावट आ सकती है।
  • ब्रिटेन: ब्रिटेन की इकोनॉमी के अनुमान में 0.5% की बड़ी कटौती की गई है।
  • अमेरिका और चीन: ये दोनों बड़ी ताकतें इस सुस्ती से काफी हद तक सुरक्षित रहेंगी। इनके ग्रोथ रेट अनुमान में महज 0.1% की ही कमी की गई है।

क्या होता है US टैरिफ और भारत को फायदा क्यों?

  • जब अमेरिका किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ कम करता है, तो वह सामान वहां सस्ता हो जाता है। भारत के मामले में यह शुल्क 50% से घटकर 10% हुआ है।
  • इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स के कपड़े, ज्वेलरी और आईटी सर्विसेज जैसे प्रोडक्ट्स अमेरिकी मार्केट में सस्ते होंगे, जिससे भारत की कमाई बढ़ेगी।

ये खबर भी पढ़ें…

पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है: बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.