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भारत को रूसी तेल पर अमेरिकी छूट नहीं मिलेगी:US ट्रेजरी सेक्रेटरी बोले- जनरल लाइसेंस रिन्यू नहीं होगा; 11 अप्रैल तक मिली थी राहत

भारत को रूसी तेल पर अमेरिकी छूट नहीं मिलेगी:US ट्रेजरी सेक्रेटरी बोले- जनरल लाइसेंस रिन्यू नहीं होगा; 11 अप्रैल तक मिली थी राहत

अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी जा रही छूट को रोकने का फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को कहा कि हम रूसी तेल पर दी गई छूट को रिन्यू नहीं करेंगे। इससे पहले मंगलवार को ही ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरानी तेल पर मिलने वाली छूट पर भी रोक लगा दी थी। व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि हम रूसी और ईरानी तेल पर देशों को मिल रहे जनरल लाइसेंस को रिन्यू नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह छूट उन तेल खेपों के लिए थी जो 11 मार्च से पहले समुद्र में थीं और उनका उपयोग हो चुका है। ऐसे में आगे किसी भी देश को यह राहत नहीं मिलेगी। अमेरिका ने 5 मार्च को भारत को 30 दिन की विशेष छूट दी थी, जिसके बाद भारत यूक्रेन युद्ध के चलते लगे प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीद रहा था। यह छूट बाद में कुछ अन्य देशों को भी दी गई थी और 11 अप्रैल को समाप्त हो गई। अमेरिका ने 30 दिन की छूट दी थी मार्च में अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई थीं। इसे काबू में करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे देशों को भी रूस से तेल खरीदने की अस्थाई मंजूरी दे दी थी। रूस के कई ऑयल टैंकर समुद्र में फंसे हैं। यह छूट सिर्फ 11 अप्रैल तक के लिए दी गई थी। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने तब बताया था कि इसका मकसद दुनियाभर में तेल की सप्लाई बढ़ाना है, ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सके। रूस से तेल आयात 19 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 90% आयात करने वाले भारत ने पिछले दो महीनों में रूसी क्रूड की खरीदारी में भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत बढ़ गई है, जिसके चलते भारतीय रिफाइनर्स अब रूस से ज्यादा से ज्यादा तेल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इंटेलिजेंस फर्म केप्लर के डेटा के मुताबिक, मार्च के महीने में रूस से कच्चे तेल का आयात औसत 1.98 मिलियन यानी 19 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) रहा। यह जून 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, अप्रैल में यह आंकड़ा गिरकर 1.57 मिलियन यानी 15.7 लाख बैरल प्रति दिन रह गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह गिरावट मांग की कमी की वजह से नहीं, बल्कि नयारा एनर्जी की रिफाइनरी में मेंटेनेंस के लिए किए गए शटडाउन के कारण आई है। अगले महीने से इसमें फिर से उछाल आने की उम्मीद है।
भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा सिंगापुर स्थित कंसल्टेंसी ‘वांडा इनसाइट्स’ की फाउंडर वंदना हरि का कहना है कि भारत वह सारा रूसी तेल खरीदने की कोशिश कर रहा है जो उसे मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जब तक फारस की खाड़ी से होने वाली सप्लाई में दिक्कत बनी रहेगी, भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा। दरअसल, अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और होर्मुज रूट के बंद होने से दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत फिर शुरू होगी:भारतीय डेलिगेशन अगले हफ्ते वॉशिंगटन रवाना होगा; नए टैरिफ स्ट्रक्चर पर चर्चा होगी भारत और अमेरिका के बीच रुकी अंतरिम ट्रेड डील पर बातचीत फिर शुरू होगी। केंद्र सरकार का हाई-लेवल डेलिगेशन अगले हफ्ते वॉशिंगटन जाएगा। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका में टैरिफ नियमों और अदालती फैसलों से व्यापारिक समीकरण बदल गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी जा रही छूट को रोकने का फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को कहा कि हम रूसी तेल पर दी गई छूट को रिन्यू नहीं करेंगे। इससे पहले मंगलवार को ही ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरानी तेल पर मिलने वाली छूट पर भी रोक लगा दी थी। व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि हम रूसी और ईरानी तेल पर देशों को मिल रहे जनरल लाइसेंस को रिन्यू नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह छूट उन तेल खेपों के लिए थी जो 11 मार्च से पहले समुद्र में थीं और उनका उपयोग हो चुका है। ऐसे में आगे किसी भी देश को यह राहत नहीं मिलेगी। अमेरिका ने 5 मार्च को भारत को 30 दिन की विशेष छूट दी थी, जिसके बाद भारत यूक्रेन युद्ध के चलते लगे प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीद रहा था। यह छूट बाद में कुछ अन्य देशों को भी दी गई थी और 11 अप्रैल को समाप्त हो गई। अमेरिका ने 30 दिन की छूट दी थी मार्च में अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई थीं। इसे काबू में करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे देशों को भी रूस से तेल खरीदने की अस्थाई मंजूरी दे दी थी। रूस के कई ऑयल टैंकर समुद्र में फंसे हैं। यह छूट सिर्फ 11 अप्रैल तक के लिए दी गई थी। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने तब बताया था कि इसका मकसद दुनियाभर में तेल की सप्लाई बढ़ाना है, ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सके। रूस से तेल आयात 19 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 90% आयात करने वाले भारत ने पिछले दो महीनों में रूसी क्रूड की खरीदारी में भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत बढ़ गई है, जिसके चलते भारतीय रिफाइनर्स अब रूस से ज्यादा से ज्यादा तेल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इंटेलिजेंस फर्म केप्लर के डेटा के मुताबिक, मार्च के महीने में रूस से कच्चे तेल का आयात औसत 1.98 मिलियन यानी 19 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) रहा। यह जून 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, अप्रैल में यह आंकड़ा गिरकर 1.57 मिलियन यानी 15.7 लाख बैरल प्रति दिन रह गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह गिरावट मांग की कमी की वजह से नहीं, बल्कि नयारा एनर्जी की रिफाइनरी में मेंटेनेंस के लिए किए गए शटडाउन के कारण आई है। अगले महीने से इसमें फिर से उछाल आने की उम्मीद है।
भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा सिंगापुर स्थित कंसल्टेंसी ‘वांडा इनसाइट्स’ की फाउंडर वंदना हरि का कहना है कि भारत वह सारा रूसी तेल खरीदने की कोशिश कर रहा है जो उसे मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जब तक फारस की खाड़ी से होने वाली सप्लाई में दिक्कत बनी रहेगी, भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा। दरअसल, अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और होर्मुज रूट के बंद होने से दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत फिर शुरू होगी:भारतीय डेलिगेशन अगले हफ्ते वॉशिंगटन रवाना होगा; नए टैरिफ स्ट्रक्चर पर चर्चा होगी भारत और अमेरिका के बीच रुकी अंतरिम ट्रेड डील पर बातचीत फिर शुरू होगी। केंद्र सरकार का हाई-लेवल डेलिगेशन अगले हफ्ते वॉशिंगटन जाएगा। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका में टैरिफ नियमों और अदालती फैसलों से व्यापारिक समीकरण बदल गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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