Sunday, 01 Nov 2026 | 11:26 AM

Trending :

Donald Trump Vs Emmanuel Macron; Message Leak Controversy

Donald Trump Vs Emmanuel Macron; Message Leak Controversy

नई दिल्ली12 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
मैक्रों ने कहा कि असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। (बैकग्राउंड में मैक्रों के लीक मैसेज का स्कीनशॉट) - Dainik Bhaskar

मैक्रों ने कहा कि असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। (बैकग्राउंड में मैक्रों के लीक मैसेज का स्कीनशॉट)

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि देशों के बीच रिश्तों में सम्मान बहुत जरूरी होता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों नेताओं के बीच हुए प्राइवेट मैसेज लीक कर दिए।

भारत के तीन दिन के दौरे पर आए मैक्रों ने भारतीय पॉडकास्टर राज शमानी के शो में यह बात कही। उनसे पूछा गया कि उनके निजी मैसेज लीक होने पर उन्हें कैसा लगा। इस पर मैक्रों ने सीधे ट्रम्प का नाम लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि कूटनीति में एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है।

मैक्रों ने कहा कि देश आपस में सहमत हों या असहमत, लेकिन अपनी बात सम्मान के साथ रखनी चाहिए। असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। मैक्रों ने ट्रम्प पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता आगे बढ़ने के बजाए पीछे जाते हुए दिख रहे हैं।

मैक्रों के मैसेज का स्क्रीनशॉट

ट्रम्प ने 20 जनवरी को मैक्रों का निजी मैसेज लीक किया था। उस मैसेज में मैक्रों ने ट्रम्प से कहा था कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ट्रम्प ग्रीनलैंड को लेकर क्या करना चाहते हैं।

उन्होंने आगे मिलकर काम करने की बात भी कही थी और G7 बैठक की मेजबानी का सुझाव दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस बैठक में यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस जैसे देशों को शामिल किया जा सकता है।

मैक्रों बोले- हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं

मैक्रों ने पॉडकास्ट में यह भी कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपने नेता बदलने का अधिकार होता है, इसलिए हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं है। वे समाज में नफरत भरी भाषा और हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या दुनिया को अमेरिका के मौजूदा लीडरशिप से डरने की जरूरत है, तो उन्होंने कहा कि आज के हालात में यह थोड़ा हैरान करने वाला है कि कुछ नेता आगे बढ़ने की बजाय पीछे की तरफ जाते दिख रहे हैं।

ट्रम्प ने फ्रांसीसी वाइन पर 200% टैरिफ की धमकी दी थी

ट्रम्प और मैक्रों के बीच लंबे समय के तल्खी रही है, लेकिन हाल में विवाद तब बढ़ा जब फ्रांस ने ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया।

यह बोर्ड गाजा के विकास के लिए बनाया गया है। फ्रांस समेत कई देशों ने इस बात पर चिंता जताई कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है।

इसके बाद ट्रम्प ने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी और कहा कि इससे मैक्रों पर दबाव पड़ेगा। बाद में ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दोनों के बीच हुए निजी मैसेज भी शेयर कर दिए, जिनमें मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी पर चिंता जताई थी।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले महीने दावोस में कहा था कि फ्रांस धमकी नहीं, सम्मान में भरोसा करता है। यूरोप पर और पाबंदियां लगाने की धमकी देना गलत है।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले महीने दावोस में कहा था कि फ्रांस धमकी नहीं, सम्मान में भरोसा करता है। यूरोप पर और पाबंदियां लगाने की धमकी देना गलत है।

फ्रांस दुनिया की वाइन राजधानी कही जाती है

फ्रेंच वाइन और शैम्पेन दुनिया भर में बहुत प्रसिद्ध हैं। फ्रांस की वाइन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता हैं। फ्रांस को दुनिया की वाइन राजधानी कहा जाता है। फ्रेंच वाइन में कई तरह की रेड, व्हाइट, रोजे और स्पार्कलिंग वाइन शामिल हैं।

फ्रेंच वाइन फ्रांस के विभिन्न क्षेत्रों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। फ्रेंच वाइन में आमतौर पर कोई बुलबुले नहीं होते। ये स्टिल वाइन होती हैं, जिनमें अल्कोहल 11-15% तक होता है।

इनकी क्वालिटी मिट्टी, मौसम और अंगूर की किस्म पर निर्भर करती है। इटली के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश है।

2025 में वैश्विक वाइन उत्पादन लगभग 23.2 खरब मिलीलीटर रहा, जिसमें फ्रांस का उत्पादन 3.59 खरब मिलीलीटर है, यानी दुनिया की कुल वाइन का लगभग 15-16%।

फ्रेंच वाइन फ्रांस के अलग-अलग इलाकों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। इसमें 11-15% तक अल्कोहल होता है।

फ्रेंच वाइन फ्रांस के अलग-अलग इलाकों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। इसमें 11-15% तक अल्कोहल होता है।

ट्रम्प और मैक्रों के बीच कई बार तनातनी हुई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बीच पिछले कुछ समय में कई बार तनातनी देखी गई है।

1. बोर्ड ऑफ पीस विवाद (2026)

जब ट्रम्प ने गाजा के विकास के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाया, तो फ्रांस ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस समेत कई देशों ने कहा कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है।

2. ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी (2026)

ग्रीनलैंड में अमेरिका की दिलचस्पी को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए। ट्रम्प ने शेयर किए गए मैसेज में मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी चिंता जताई थी।

3. ट्रेड और टैरिफ को लेकर तनाव

ट्रम्प ने फ्रांस के उत्पादों, खासकर वाइन और शैम्पेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और कहा कि इससे फ्रांस पर दबाव बनेगा। इस पर फ्रांस ने नाराजगी जताई थी।

4. NATO और डिफेंस खर्च (2018–2019)

ट्रम्प बार-बार कहते है कि यूरोपीय देश NATO पर कम खर्च कर रहे हैं और अमेरिका पर ज्यादा बोझ है। मैक्रों ने एक बार NATO को “ब्रेन-डेड” (दिमागी रूप से निष्क्रिय) तक कह दिया था। इस बयान पर ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और दोनों के बीच सार्वजनिक बहस हुई थी।

5. डिजिटल टैक्स विवाद (2019)

फ्रांस ने बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाने का फैसला किया था। ट्रम्प ने इसे अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ कदम बताया और फ्रांसीसी सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। बाद में बातचीत के जरिए मामला कुछ हद तक सुलझ गया था।

6. ईरान परमाणु समझौता (2018)

ट्रम्प ने अमेरिका को जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) से बाहर कर लिया था। यह एक एक परमाणु समझौता था, जो 2015 में ईरान और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच हुआ था। मैक्रों चाहते थे कि समझौता बना रहे और उन्होंने ट्रम्प को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन वे सफल नहीं हुए।

7. पेरिस क्लाइमेट समझौता (2017)

ट्रम्प ने अमेरिका को पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट से बाहर करने का फैसला किया था। मैक्रों ने इसका खुलकर विरोध किया और ‘मेक अवर प्लेनेट ग्रेट अगेन’ का नारा दिया, जो ट्रम्प के चुनावी नारे पर तंज माना गया था।

——————-

यह खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ मीटिंग में भारत शामिल हुआ:गाजा के लिए ₹1.5 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान; 50 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भारत ने गुरुवार को ऑब्जर्वर देश के तौर पर हिस्सा लिया। यह बैठक वॉशिंगटन डीसी में हुई। भारत की तरफ से भारतीय दूतावास में तैनात चार्ज द’अफेयर्स (सीनियर अधिकारी) नमग्या सी खम्पा ने हिस्सा लिया। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
झाबुआ में 45 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए:अंतिम वोटर लिस्ट जारी, जिले में कुल 8.83 लाख मतदाता

February 21, 2026/
5:28 pm

झाबुआ जिले में चुनाव आयोग के निर्देश पर वोटर लिस्ट को सुधारने का काम पूरा हो गया है। शनिवार को...

Bikaner Markets Closed 2 PM

April 24, 2026/
8:33 am

बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) आज (शुक्रवार) बीकानेर में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनके इकलौते बेटे दीपक अग्रवाल मुखाग्नि...

तमिलनाडु चुनाव पोल: तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन की बंपर रैली, इस प्री पोल सर्वे का अनुमान एआईएडीएमके-बीजेपी की उड़ी नींद

April 2, 2026/
10:08 am

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले आए लोकपाल के ताजा सर्वे में राज्य की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ...

Pakistan vs New Zealand Live Cricket Score: PAK vs NZ T20 World Cup 2026 Match Scorecard Latest Updates Today

February 16, 2026/
7:46 pm

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 19:46 IST सपा के लिए, नसीमुद्दीन सिद्दीकी का शामिल होना पार्टी के मुस्लिम नेतृत्व प्रोफाइल को...

Rishabh Pant LSG Captaincy Resign Update; IPL 2026

May 29, 2026/
5:30 pm

स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक ऋषभ पंत ने IPL फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) की कप्तानी छोड़ने का फैसला...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Donald Trump Vs Emmanuel Macron; Message Leak Controversy

Donald Trump Vs Emmanuel Macron; Message Leak Controversy

नई दिल्ली12 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
मैक्रों ने कहा कि असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। (बैकग्राउंड में मैक्रों के लीक मैसेज का स्कीनशॉट) - Dainik Bhaskar

मैक्रों ने कहा कि असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। (बैकग्राउंड में मैक्रों के लीक मैसेज का स्कीनशॉट)

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि देशों के बीच रिश्तों में सम्मान बहुत जरूरी होता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों नेताओं के बीच हुए प्राइवेट मैसेज लीक कर दिए।

भारत के तीन दिन के दौरे पर आए मैक्रों ने भारतीय पॉडकास्टर राज शमानी के शो में यह बात कही। उनसे पूछा गया कि उनके निजी मैसेज लीक होने पर उन्हें कैसा लगा। इस पर मैक्रों ने सीधे ट्रम्प का नाम लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि कूटनीति में एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है।

मैक्रों ने कहा कि देश आपस में सहमत हों या असहमत, लेकिन अपनी बात सम्मान के साथ रखनी चाहिए। असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। मैक्रों ने ट्रम्प पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता आगे बढ़ने के बजाए पीछे जाते हुए दिख रहे हैं।

मैक्रों के मैसेज का स्क्रीनशॉट

ट्रम्प ने 20 जनवरी को मैक्रों का निजी मैसेज लीक किया था। उस मैसेज में मैक्रों ने ट्रम्प से कहा था कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ट्रम्प ग्रीनलैंड को लेकर क्या करना चाहते हैं।

उन्होंने आगे मिलकर काम करने की बात भी कही थी और G7 बैठक की मेजबानी का सुझाव दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस बैठक में यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस जैसे देशों को शामिल किया जा सकता है।

मैक्रों बोले- हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं

मैक्रों ने पॉडकास्ट में यह भी कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपने नेता बदलने का अधिकार होता है, इसलिए हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं है। वे समाज में नफरत भरी भाषा और हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या दुनिया को अमेरिका के मौजूदा लीडरशिप से डरने की जरूरत है, तो उन्होंने कहा कि आज के हालात में यह थोड़ा हैरान करने वाला है कि कुछ नेता आगे बढ़ने की बजाय पीछे की तरफ जाते दिख रहे हैं।

ट्रम्प ने फ्रांसीसी वाइन पर 200% टैरिफ की धमकी दी थी

ट्रम्प और मैक्रों के बीच लंबे समय के तल्खी रही है, लेकिन हाल में विवाद तब बढ़ा जब फ्रांस ने ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया।

यह बोर्ड गाजा के विकास के लिए बनाया गया है। फ्रांस समेत कई देशों ने इस बात पर चिंता जताई कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है।

इसके बाद ट्रम्प ने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी और कहा कि इससे मैक्रों पर दबाव पड़ेगा। बाद में ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दोनों के बीच हुए निजी मैसेज भी शेयर कर दिए, जिनमें मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी पर चिंता जताई थी।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले महीने दावोस में कहा था कि फ्रांस धमकी नहीं, सम्मान में भरोसा करता है। यूरोप पर और पाबंदियां लगाने की धमकी देना गलत है।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले महीने दावोस में कहा था कि फ्रांस धमकी नहीं, सम्मान में भरोसा करता है। यूरोप पर और पाबंदियां लगाने की धमकी देना गलत है।

फ्रांस दुनिया की वाइन राजधानी कही जाती है

फ्रेंच वाइन और शैम्पेन दुनिया भर में बहुत प्रसिद्ध हैं। फ्रांस की वाइन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता हैं। फ्रांस को दुनिया की वाइन राजधानी कहा जाता है। फ्रेंच वाइन में कई तरह की रेड, व्हाइट, रोजे और स्पार्कलिंग वाइन शामिल हैं।

फ्रेंच वाइन फ्रांस के विभिन्न क्षेत्रों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। फ्रेंच वाइन में आमतौर पर कोई बुलबुले नहीं होते। ये स्टिल वाइन होती हैं, जिनमें अल्कोहल 11-15% तक होता है।

इनकी क्वालिटी मिट्टी, मौसम और अंगूर की किस्म पर निर्भर करती है। इटली के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश है।

2025 में वैश्विक वाइन उत्पादन लगभग 23.2 खरब मिलीलीटर रहा, जिसमें फ्रांस का उत्पादन 3.59 खरब मिलीलीटर है, यानी दुनिया की कुल वाइन का लगभग 15-16%।

फ्रेंच वाइन फ्रांस के अलग-अलग इलाकों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। इसमें 11-15% तक अल्कोहल होता है।

फ्रेंच वाइन फ्रांस के अलग-अलग इलाकों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। इसमें 11-15% तक अल्कोहल होता है।

ट्रम्प और मैक्रों के बीच कई बार तनातनी हुई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बीच पिछले कुछ समय में कई बार तनातनी देखी गई है।

1. बोर्ड ऑफ पीस विवाद (2026)

जब ट्रम्प ने गाजा के विकास के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाया, तो फ्रांस ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस समेत कई देशों ने कहा कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है।

2. ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी (2026)

ग्रीनलैंड में अमेरिका की दिलचस्पी को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए। ट्रम्प ने शेयर किए गए मैसेज में मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी चिंता जताई थी।

3. ट्रेड और टैरिफ को लेकर तनाव

ट्रम्प ने फ्रांस के उत्पादों, खासकर वाइन और शैम्पेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और कहा कि इससे फ्रांस पर दबाव बनेगा। इस पर फ्रांस ने नाराजगी जताई थी।

4. NATO और डिफेंस खर्च (2018–2019)

ट्रम्प बार-बार कहते है कि यूरोपीय देश NATO पर कम खर्च कर रहे हैं और अमेरिका पर ज्यादा बोझ है। मैक्रों ने एक बार NATO को “ब्रेन-डेड” (दिमागी रूप से निष्क्रिय) तक कह दिया था। इस बयान पर ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और दोनों के बीच सार्वजनिक बहस हुई थी।

5. डिजिटल टैक्स विवाद (2019)

फ्रांस ने बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाने का फैसला किया था। ट्रम्प ने इसे अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ कदम बताया और फ्रांसीसी सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। बाद में बातचीत के जरिए मामला कुछ हद तक सुलझ गया था।

6. ईरान परमाणु समझौता (2018)

ट्रम्प ने अमेरिका को जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) से बाहर कर लिया था। यह एक एक परमाणु समझौता था, जो 2015 में ईरान और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच हुआ था। मैक्रों चाहते थे कि समझौता बना रहे और उन्होंने ट्रम्प को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन वे सफल नहीं हुए।

7. पेरिस क्लाइमेट समझौता (2017)

ट्रम्प ने अमेरिका को पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट से बाहर करने का फैसला किया था। मैक्रों ने इसका खुलकर विरोध किया और ‘मेक अवर प्लेनेट ग्रेट अगेन’ का नारा दिया, जो ट्रम्प के चुनावी नारे पर तंज माना गया था।

——————-

यह खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ मीटिंग में भारत शामिल हुआ:गाजा के लिए ₹1.5 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान; 50 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भारत ने गुरुवार को ऑब्जर्वर देश के तौर पर हिस्सा लिया। यह बैठक वॉशिंगटन डीसी में हुई। भारत की तरफ से भारतीय दूतावास में तैनात चार्ज द’अफेयर्स (सीनियर अधिकारी) नमग्या सी खम्पा ने हिस्सा लिया। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.