सूखी आँखों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: गर्मियों में राहत देने वाला एसी अब आंखों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। लंबे समय तक एसी रूम में काम करने वाले लोगों की आंखों में सूखापन, जलन और कमजोरी जैसी स्थिति तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञ का कहना है कि इसे नामांकित थकान समझकर खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि इस सुविधा से लेकर कौन-कौन सी टिप्स अपना सकते हैं।
क्या है आंखों के फर्नीचर की असली वजह
हमारी आंखों की सतह पर एक पूर्ण आंसुओं की उपस्थिति होती है, जो आंखों को नाम देती है और सुरक्षित रखने में मदद करती है। एसी रूम की आश्रमशाला को कम कर देता है, जिससे यह प्रारंभिक प्रारंभिक इन्फ़ायर बनता है। इसके कारण आंखों में जलन, जलन, सूखापन और बार-बार सिरदर्द भी महसूस होता है।
इन प्रॉडक्ट को कभी भी न खोलें
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर के अनुसार जब हम लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से पल झनके की दर लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं। इससे आँखों की किताब जल्दी ख़त्म होने लगती है। इसके अलावा एसी की इच्छा और सूखे बालों से सीधे आंखों पर प्रभाव पड़ता है, जिससे प्लास्टिक तेजी से उड़ता है, जिससे जलन और वृद्धि होती है। शरीर में पानी की कमी और बंद कमरे में कम नमी भी इस समस्या को और गंभीर बना देती है।
अगर आंखों में लगातार जलन, लालिमा या सूखापन बना हुआ है, तो इसे बंद नहीं करना चाहिए। यह डॉक्टरी आई की समस्या हो सकती है, जिसके लिए समय पर इलाज जरूरी है। ऐस ही गर्मी से राहत देता है, लेकिन यह आईज़ की वेबसाइट कम कर सकती है। ऐसे में सही आदतें और अपनी जीवनशैली पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
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