Tuesday, 15 Sep 2026 | 02:26 PM

Trending :

EXCLUSIVE

मणिपुर में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े:सुरक्षाबलों ने रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए, CM के घर की ओर मार्च निकाल रहे थे

मणिपुर में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े:सुरक्षाबलों ने रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए, CM के घर की ओर मार्च निकाल रहे थे

मणिपुर में स्थायी शांति की मांग कर रहे हजारों लोगों की शनिवार को पुलिस से झड़प हो गई। ये सभी CM आवास की ओर मार्च करने निकले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के लगाए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और तख्तियां थामे हुए बिष्णुपुर जिले में हाल ही में हुए एक बम धमाके में मारे गए दो बच्चों के लिए न्याय और जातीय संघर्ष से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास की मांग की। बाद में प्रदर्शनकारियों के एक समूह को CM वाई. खेमचंद सिंह से मिलने की अनुमति दी गई। उन्होंने इस मामले पर एक ज्ञापन सौंपा। 5 तस्वीरें में देखें घटना:
रैलियों को रोका, CM के घर की सुरक्षा बढ़ाई प्रदर्शनकारियों ने, मैतेई संगठन COCOMI (कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी) के बैनर तले चार अलग-अलग रैलियां निकालीं, जिन्हें अलग-अलग जगहों पर रोक दिया गया। ये बाबूपाड़ा इलाके में CM के बंगले की ओर बढ़ रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि CM के आवास की ओर जाने वाली चारों दिशाओं में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और बैरिकेड लगाए गए। इंफाल पूर्वी जिले में खुराई लामलोंग में CM के बंगले से करीब 2 किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। आंदोलन और तेज करेंगे COCOMI के संयोजक वाई. के. धीरेन ने CM से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि संगठन, जनता के साथ मिलकर, लोगों की मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि 3 मई, 2023 से मणिपुर संकट में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है; उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णायक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है और परस्पर विरोधी बयानों ने शांति प्रयासों में बाधा डाली है। COCOMI के प्रवक्ता नाहकपम शांता सिंह ने इससे पहले कहा था कि संगठन मणिपुर सरकार से 7 अप्रैल को त्रोंगलाओबी में हुए बम धमाके में दो बच्चों की मौत पर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ की मांग करता है। उन्होंने कहा, “इसके साथ ही, हमने कई अन्य मांगें भी उठाई हैं। यदि सरकार जवाब देने में विफल रहती है, तो हम आंदोलन के अन्य लोकतांत्रिक तरीकों को अपनाने के लिए विवश होंगे। 3 मई, 2023 से मणिपुर में इम्फाल घाटी के मैतेई और आस-पास की पहाड़ियों के कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मणिपुर में एक साल राष्ट्रपति शासन रहा, 4 फरवरी को नई सरकार बनी मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। करीब एक साल बाद 4 फरवरी 2026 को मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ। भाजपा के युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। —————————————- ये खबर भी पढ़ें: मणिपुर के उखरुल में फायरिंग से 3 की मौत:मिलिटेंट्स ने कई घर जलाए, नगा-कुकी समुदाय में तनाव; 7 अप्रैल से अब तक 10 मौतें मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार सुबह दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मुल्लम गांव के पास सुरक्षाबलों ने करीब 11:25 बजे दो शव बरामद किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आर्मी प्रिंट कपड़ों में थे। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सऊदी अरब में 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला:मदीना में रेयर अर्थ मिनरल्स भी मिले; परमाणु ऊर्जा पर बढ़ा सऊदी का फोकस

September 14, 2026/
6:44 pm

सऊदी अरब के मदीना इलाके में करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला है। यहां यूरेनियम के साथ रेयर...

Sanjay Singh Targets Kangana Ranaut in Parliament

July 31, 2026/
9:06 am

7 मिनट पहले कॉपी लिंक संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद...

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

August 20, 2026/
9:20 am

फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के...

मैट्रिज़-आईएएनएस ओपिनियन पोल: ममता बनर्जी के लिए खतरे की घंटी बजा ओपिनियन पोल, चौंका रहे आंकड़े

March 16, 2026/
4:22 pm

पश्चिम बंगाल में चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। 15 मार्च को इलेक्शन कमीशन ने इलेक्शन शेड्यूल जारी किया...

भिंड में NH-719 पर 2 KM लंबा जाम:दबोहा पुलिया के पास बारातों के कारण फंसे सैकड़ों वाहन, एंबुलेंस भी घंटों जाम में अटकी

March 11, 2026/
10:04 pm

भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात करीब 9 बजे के बाद अचानक जाम के हालात बन गए। दबोहा पुलिया...

'डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट किया, आकर मिलो':लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छात्रा को फोन कर दबाव बनाया; गिरफ्तार

May 16, 2026/
10:39 am

लखनऊ यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर परमजीत सिंह (50) को पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि...

लेटेंट विवाद पर समय रैना के बड़े खुलासे:कहा- कपिल शर्मा मेरे अगले एपिसोड में आने वाले थे; सुनील पाल, मुकेश खन्ना पर कसा तंज

April 8, 2026/
4:49 pm

स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना ने अपने नए यूट्यूब स्पेशल ‘समय रैना- स्टिल अलाइव’ के साथ वापसी की है। पिछले साल...

रेगिस्तान में बकरियां चराती थीं, आज फुटबॉल खिलाड़ी:लड़कियों के शॉर्ट्स पहनने का विरोध हुआ, कोच ने बेच दी थी अपनी 15 बीघा जमीन

May 25, 2026/
7:33 am

तपती रेत, दूर-दूर तक फैला सन्नाटा, और रूढ़िवादिता की मजबूत बेड़ियां। ढाई हजार की आबादी का यह छोटा सा गांव...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

मणिपुर में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े:सुरक्षाबलों ने रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए, CM के घर की ओर मार्च निकाल रहे थे

मणिपुर में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े:सुरक्षाबलों ने रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए, CM के घर की ओर मार्च निकाल रहे थे

मणिपुर में स्थायी शांति की मांग कर रहे हजारों लोगों की शनिवार को पुलिस से झड़प हो गई। ये सभी CM आवास की ओर मार्च करने निकले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के लगाए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और तख्तियां थामे हुए बिष्णुपुर जिले में हाल ही में हुए एक बम धमाके में मारे गए दो बच्चों के लिए न्याय और जातीय संघर्ष से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास की मांग की। बाद में प्रदर्शनकारियों के एक समूह को CM वाई. खेमचंद सिंह से मिलने की अनुमति दी गई। उन्होंने इस मामले पर एक ज्ञापन सौंपा। 5 तस्वीरें में देखें घटना:
रैलियों को रोका, CM के घर की सुरक्षा बढ़ाई प्रदर्शनकारियों ने, मैतेई संगठन COCOMI (कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी) के बैनर तले चार अलग-अलग रैलियां निकालीं, जिन्हें अलग-अलग जगहों पर रोक दिया गया। ये बाबूपाड़ा इलाके में CM के बंगले की ओर बढ़ रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि CM के आवास की ओर जाने वाली चारों दिशाओं में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और बैरिकेड लगाए गए। इंफाल पूर्वी जिले में खुराई लामलोंग में CM के बंगले से करीब 2 किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। आंदोलन और तेज करेंगे COCOMI के संयोजक वाई. के. धीरेन ने CM से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि संगठन, जनता के साथ मिलकर, लोगों की मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि 3 मई, 2023 से मणिपुर संकट में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है; उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णायक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है और परस्पर विरोधी बयानों ने शांति प्रयासों में बाधा डाली है। COCOMI के प्रवक्ता नाहकपम शांता सिंह ने इससे पहले कहा था कि संगठन मणिपुर सरकार से 7 अप्रैल को त्रोंगलाओबी में हुए बम धमाके में दो बच्चों की मौत पर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ की मांग करता है। उन्होंने कहा, “इसके साथ ही, हमने कई अन्य मांगें भी उठाई हैं। यदि सरकार जवाब देने में विफल रहती है, तो हम आंदोलन के अन्य लोकतांत्रिक तरीकों को अपनाने के लिए विवश होंगे। 3 मई, 2023 से मणिपुर में इम्फाल घाटी के मैतेई और आस-पास की पहाड़ियों के कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मणिपुर में एक साल राष्ट्रपति शासन रहा, 4 फरवरी को नई सरकार बनी मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। करीब एक साल बाद 4 फरवरी 2026 को मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ। भाजपा के युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। —————————————- ये खबर भी पढ़ें: मणिपुर के उखरुल में फायरिंग से 3 की मौत:मिलिटेंट्स ने कई घर जलाए, नगा-कुकी समुदाय में तनाव; 7 अप्रैल से अब तक 10 मौतें मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार सुबह दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मुल्लम गांव के पास सुरक्षाबलों ने करीब 11:25 बजे दो शव बरामद किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आर्मी प्रिंट कपड़ों में थे। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.