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Karauli Ram Navami Violence Mastermind Exposed; Hindu Muslim

Karauli Ram Navami Violence Mastermind Exposed; Hindu Muslim

करौली में 2 अप्रैल 2022 को दंगा भड़का था। छतों से पथराव हुआ था, दुकानों में आग लगा दी गई थी।

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लट्ठ दिए हैं जमा-जमा कर। गंडासी, तलवार सब चलाए हैं।

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ये भूल जाएंगे रैली निकालना।

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तलवार, लाठी व सभी हथियार थे। पहले से तैयारी थी। हम कई लोग वहां पर सोए थे।

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4 साल पहले करौली में रामनवमी पर निकली रैली के दौरान हुए दंगों के बाद आरोपी फोन पर बातचीत में इसी तरह जहर उगल रहे थे। 2 से 5 अप्रैल 2022 तक दंगाइयों की बातचीत की 7 रिकॉर्डिंग पुलिस के पास हैं। इनके अलावा इन्वेस्टिगेशन में 3 और बातों का खुलासा हुआ है।

1. दंगे की प्लानिंग 3 दिन पहले हो गई थी।

2. उस दिन एक समुदाय के ऑटो और दुकानें बंद रखवाईं।

3. मास्टरमाइंड ने सबूत मिटाने के लिए पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराया।

पुलिस जल्दी ही चार्जशीट पेश करने वाली है। इससे पहले भास्कर ने पूरे मामले को इन्वेस्टिगेट किया तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

4 साल पहले 2 अप्रैल 2022 को करौली दंगों की आग में झुलसा था।

4 साल पहले 2 अप्रैल 2022 को करौली दंगों की आग में झुलसा था।

करौली में 2 अप्रैल 2022 को रामनवमी पर वाहन रैली निकाली गई। रैली के संयोजक नीरज गुप्ता ने रैली के रूट और डीजे के लिए परमिशन ली थी। गुलाबबाग से रवाना हुई रैली का हिंडौनगेट, फूटा गेट से हटवाड़ा, गणेशगेट से अंबेडकर सर्किल होते हुए रामद्वार पर समापन होना था।

रैली जैसे ही फूटा गेट से हटवाड़ा की ओर बढ़ी, छतों से पथराव शुरू हो गया। बड़ी संख्या में युवक हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरे और रैली में शामिल लोगों को पीटने लगे। रथ तोड़ दिया। 15 दुकानों में आग लगा दी गई। कई दुकानों को लूट लिया। पूरा घटनाक्रम एक घंटे चला।

एएसपी किशोर बुटोलिया और तत्कालीन एसएचओ रामेश्वरदयाल मीना टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर के बाद तांबे की टोरी में दंगा भड़क गया। वहां पर 5 दुकानों में आग लगा दी। पूरा करौली दंगे की चपेट में आ गया। 7 दिन पूरा करौली बंद रहा। 15 दिन कर्फ्यू रहा। पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी एक प्रॉपर्टी को तोड़ दिया। 48 दिन बाद जमानत हो गई। पुलिस मामले में जल्द चार्जशीट पेश करने वाली है।

पुलिस फाइल में 126 लोगों के नाम

पुलिस फाइल में दंगों से जुड़े 126 लोगों के नाम रिकॉर्ड हैं। आरोपियों में 69 मुस्लिम और 57 हिंदू हैं। 56 को गिरफ्तार किया, जिनमें 33 मुस्लिम, 23 हिंदू थे। 34 मुस्लिम, 25 हिंदू, यानी कुल 59 लोगों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन की एक प्रॉपर्टी को तुड़वा दिया।

पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन की एक प्रॉपर्टी को तुड़वा दिया।

पुलिस जांच में सामने आईं 3 बड़ी बातें…

3 दिन पहले ही हो चुकी थी दंगे की प्लानिंग

दंगे की प्लानिंग रैली से 3 दिन पहले ही हो चुकी थी। जमात के नाम पर बाहर से 200 से ज्यादा युवकों को बुलाया गया था। उनके साथ मीटिंग में तय किया कि रैली नहीं निकलने देंगे। पहली बार इतने बड़े स्तर पर निकाली जा रही रैली सफल हो गई तो हर बार ऐसी ही रैली निकाली जाएगी। मीटिंग में तय हो गया था कि हटवाड़ा पहुंचने से पहले ही हमला कर दिया जाएगा। इसके लिए मकानों और दूसरी इमारतों पर पहले ही पत्थर जमा कर लिए थे।

ऑटो और दुकानें बंद रखवाए

पुलिस जांच में सामने आया कि रैली के दिन एक समुदाय के ज्यादातर ऑटो और दुकानें बंद करवा दिए गए थे। मुख्य बाजार खासतौर पर फूटा गेट और हटवाड़ा की दुकानें पूरी तरह से बंद थीं, जबकि दूसरे समुदाय की दुकानें खुली थीं। वे रैली पर दुकानों की छतों से फूल बरसा रहे थे।

ऑटो और दुकानों को बंद रखने की प्लानिंग 3 दिन पहले ही हो चुकी थी। दंगे के बाद खुद अमीनुद्दीन मौके पर पहुंचा था। मकसूद भी वहां पर मौजूद था। मकसूद के दो बेटे मतलूब ओर अंचू हैं। मकसूद मनोनीत पार्षद है। मकसूद का दवाखाना है। जहां रैली में दंगा हुआ था, वहां मस्जिद के पास उसकी जिम भी है।

पुलिस का दावा है कि जिम के अंदर पहले से ही लड़के बैठे थे। रैली आते ही उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जिम के ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। मकसूद और अंचू को भी पुलिस ने मुख्य आरोपियों में माना।

पत्थरों और सड़क पर फैले खून को कराया साफ

पुलिस जांच में सामने आया कि कि दंगों के बाद सभापति रशीदा खातून के बेटे अमीनुद्दीन ने सफाई कर्मचारी पिंटू को कॉल किया। पिंटू खुद ट्रॉली लेकर वहां पर पहुंचा था। उसने सारे पत्थरों को ट्रॉली में भर लिया था। टैंकर मंगाकर पूरी गली साफ करा दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सारे सबूत मिटा दिए गए थे।

पुलिस ने पिंटू से पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। रैली दो बजे शुरू होनी थी। अमीनुद्दीन 11 बजे वहां पहुंच गया था। उस वक्त ढोली खार में असामाजिक तत्व जमा हो गए थे। गलियों से निकलते हुए हटवाड़ा पहुंचे और रैली पर हमला कर दिया। विरोध में रैली से भागे युवकों ने तांबे की टोरी में हंगामा किया। वहां पर आग लगा दी थी।

गिरफ्त में अमीनुद्दीन। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले उसने पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराकर सारे सबूत मिटा दिए थे।

गिरफ्त में अमीनुद्दीन। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले उसने पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराकर सारे सबूत मिटा दिए थे।

पढ़िए 7 ऑडियो में कैसे जहर उगल रहे थे दंगाई

जांच के दौरान पुलिस को दंगों के बाद 2 अप्रैल 2022 की रात से लेकर 5 अप्रैल 2022 तक दंगाइयों के बीच आपस में हुई बातचीत की कई ऑडियो फाइल भी मिली।

जियायुद्दीन (7976****75) और अलादीन(9783****14) के बीच बातचीत…

  • अलादीन : कहां पर है?
  • जियायुद्दीन : कौन बोल रहा है?
  • अलादीन : अलादीन। घर पहुंचा या नहीं?
  • जियायुद्दीन : हां, घर पर ही हूं।
  • अलादीन : बाहर मत निकलना।

जियायुद्दीन (7976****75) और गंगापुर सिटी निवासी रियान (935235****) के बीच दो अप्रैल 2022 को शाम 6.51 बजे हुई बातचीत

  • रियान : क्या हो गया करौली में?
  • जियायुद्दीन : हिंदू-मुस्लिम में झगड़ा हो गया है। वो लट्ठ दिए हैं जमा-जमाकर। गंडासी, तलवार सब चलाए हैं।
  • रियान : तुमने भी?
  • जियायुद्दीन : अरे सबने।
  • रियान : अब लॉक डाउन लग गया?
  • जियायुद्दीन : पता नहीं अब लगेगा या नहीं?
  • रियान : एक तो आसू भैया व उसके साले की दुकान में लगा दी। तू घर पर है?
  • जियायुद्दीन : अभी फरार हूं।
  • रियान : कौन-कौन थे साथ में?
  • जियायुद्दीन : पांच जने हैं।
  • रियान : यहां आ जाओ गंगापुर।
  • जियायुद्दीन : कोटा जा रहा हूं अभी।
  • रियान : ठीक है

जियायुद्दीन (7976****75) और तारीफ खान (7740****35) के बीच 3 अप्रैल को हुई बातचीत

  • जियायुद्दीन : राजू बोल रहा हूं तारीफ। वो मर गया गुर्जर का।
  • तारीफ : हां, पता है मुझे।
  • जियायुद्दीन : भट्‌टे पर आग लगा दी है। नूर कॉलोनी का प्लान बना रहे हैं।
  • तारीफ : हां, तुम तैयार रहना।
  • जियायुद्दीन : हम तो तैयार बैठे हैं।
  • तारीफ : तैयार रहो तुम। ठीक है, अब फोन काट।

दोनों के बीच 3 अप्रैल 2022 को ही दोबारा बातचीत हुई

  • तारीफ: क्या कह रहा है? बोल!
  • जियायुद्दीन : कुछ नहीं भागने के टंटे हैं।
  • तारीफ : अभी तो शांति है। गरमा-गर्मी का माहौल होगा तब फोन कर दूंगा। तैयार रहना।
  • जियायुद्दीन : हम तो तैयार है बिल्कुल। दुकानों में आग लगानी है तारीफ भाई?
  • तारीफ : 40 सेकेंड हो गए। कॉल बाद में करना अब।
  • जियायुद्दीन : ठीक है।

जियायुद्दीन और कुंड निवासी मिंच्या (6375****70) के बीच 4 अप्रैल 2022 को 1.17 बजे हुई बातचीत

  • जियायुद्दीन : मैं आऊं क्या वहां पर? गली-कुंचरी से निकलकर आ जाऊंगा।
  • मिंच्या : मत आ। फोर्स लग रही है।
  • जियायुद्दीन : मै आ जाऊंगा चुपचाप गली कुंचरी में निकलकर। आग तो लगानी है। पीछे मत जाना मेरे भाइयो।
  • मिंच्या : पेट्रोल तो लेते आना बोतलों में।
  • जियायुद्दीन : पेट्रोल तो गाड़ियों में से निकाल लेंगे।
  • मिंच्या : तेरे बाप की गाड़ी है?
  • जियायुद्दीन : तू क्यों टेंशन ले रहा है। रुक मैं अभी कॉल करता हूं।

जियायुद्दीन और वसीम (6376****47) के बीच 3 अप्रैल को हुई बातचीत

  • जियायुद्दीन : कहां तक पहुंचा?
  • वसीम : केरल पहुंच गया।
  • जियायुद्दीन : यहां तो दंगा बहुत तगड़ा फैल गया।
  • वसीम : अब क्या हाल-चाल है?
  • जियायुद्दीन : हटवाड़ा का मर्द आदमी रुखसार बंद हो गया।
  • वसीम : ये गलत हो गया। वो तो अकेला ही सब पर भारी था।
  • जियायुद्दीन : वो गुर्जर कहां भाग गया? हटवाड़ा का रुखसार, उसी ने काटे हैं सारे। सबको दौड़ाकर मारा है।
  • वसीम : हां, उसके चर्चे मैंने पहले भी सुने हैं।
  • जियायुद्दीन : हटवाड़ा में जिम के पास तलवार, लाठी व सभी हथियार थे। पहले से तैयारी थी। हम कई लोग वहां पर सोए थे।
  • वसीम : कहां पर तोड़ा इनको।
  • जियायुद्दीन : फूटा कोट पर उतरते ही तोड़ दिया सबको। रैली आते ही अमीनुद्दीन ने बोल दिया था, मारो। हमने पत्थर, लाठियों, डंडे और सरियों से रैली वालों को तोड़ दिया।

(जियायुद्दीन के पकड़े जाने के बाद उसके मोबाइल से ऑडियो रिकॉडिंग मिली थी। उसके मोबाइल से दंगे के कई फोटो व वीडियो भी मिले थे।)

दानिश खान (811****257) और हिंडौन निवासी आबिद (7014****72) के बीच 5 अप्रैल को 21 मिनट बातचीत हुई

  • आबिद : मेन तो मतलूब को बना रहे हैं। एक दिन पहले ही अखबार में पढ़ा था।
  • दानिश खान : हां, लेकिन फरार है वो तो
  • आबिद : कितने अरेस्ट हो गए?
  • दानिश खान : सारे अपने मोहल्ले के हैं। एक रह गया रहमान और मतलूब फरार हैं।
  • आबिद : मतलूब को अरेस्ट मत होने देना। उसकी जमानत लगाओ।
  • दानिश खान : अब उस्मान नहीं देगा उसका साथ। हमारे मामले में तो दिया था साथ।
  • आबिद : हां, अब क्यों देगा?
  • दानिश खान : रुखसार हाजी के कितने बडे़-बडे़ जैक हैं, लेकिन परसों शाम तक बैठा रहा। उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
  • आबिद : सुनवाई क्यों करेंगे हमारा राज थोडे़ है?
  • दानिश खान : उसका बहनोई और भांजा पकड़ लिया है। उनको लेने गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
  • आबिद : मंत्री ने बोला है चुपचाप शांति से छानबीन करो। अगर दोबारा दंगा हो गया तो सारे पुलिसकर्मी सस्पेंड करा दूंगा।
  • दानिश खान : इसमें लाखन का नाम आना चाहिए। इसका वहीं बंगला है। वहीं चौकी है तो आग कैसे लग गई? पुलिस कुछ नहीं कर रही है।
  • आबिद : केस करो, पूरा सपोर्ट है।
  • दानिश खान : मुझे एक बात से डर लग रहा है? एक छोरा था उसे जयपुर रेफर किया है। वह जानता है मुझे।
  • आबिद : एक मर गया है क्या?
  • दानिश खान : पता नहीं कोई दूसरा मर जाए तो ठीक है।
  • आबिद : पता नहीं, एक मरा है कोई। मैंने चार लोगों को चोट मारी थी। उनमें से एक मरा है। तू अब 10-15 दिन के लिए निकल जा।
  • दानिश खान : डर लग रहा है। कहीं मेरा नाम नहीं ले ले वो।
  • आबिद : मेन तो मतलूब का ही नाम है इसमें।
  • दानिश खान : उसकी जिम से ही सबसे ज्यादा पत्थर फेंके थे इसलिए। मैं तो कुतकपुर निकल रहा हूं अभी।
  • आबिद : ठीक है।
आरोपियों के बीच फाेन कॉल पर जो भी बातचीत हुई, उसके पूरे दस्तावेज भास्कर के पास हैं।

आरोपियों के बीच फाेन कॉल पर जो भी बातचीत हुई, उसके पूरे दस्तावेज भास्कर के पास हैं।

मोबाइल में कई लड़कियों की रिकॉर्डिंग

पुलिस ने जियायुद्दीन, दानिश, मिंच्या, तारीफ आदि आरोपियों को दंगा भड़काने, आगजनी करने, लूट व मारपीट, सांप्रदायिक माहौल खराब करने, तोड़फोड़ जैसी गंभीर धाराओं में आरोपी माना है।

जियायुद्दीन का पिता सट्टे का काम करता था। जियायुद्दीन के मोबाइल में कई लड़कियों की रिकॉडिंग भी मिली है। दानिश, मिंच्या, तारीफ भी गाड़ियों से लेकर दूसरे छोटा-मोटा काम करते हैं।

ज्यादातर आरोपियों ने अग्रिम जमानत ले ली

दंगों के बाद पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू कीं तो ज्यादातर आरोपियों ने अग्रिम जमानत ले ली। पूर्व सभापति राजाराम गुर्जर भी रैली की शुरुआत में थे। पुलिस ने जांच में नाम लिखा था। ऐसे में अग्रिम जमानत ले ली। दंगे के दौरान मतलूब को पहले मास्टरमाइंड माना था। उसने भी जमानत ले ली थी। इसी गली में उसकी जिम थी, जहां से सबसे ज्यादा पथराव हुआ था। उसके भाई अंशू ने भी जमानत ले ली थी। पुलिस का दावा है कि करौली में हुए दंगे के लिए बाहर से चंदा आया था। अब जल्द ही पुलिस कोर्ट में चार्जशीट फाइल करने की तैयारी में है।

4 साल बाद भी दंगों के जख्म ताजा हैं।

4 साल बाद भी दंगों के जख्म ताजा हैं।

अमीनुद्दीन ने 200 से ज्यादा युवकों को जमात के नाम पर बुलाया

करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि अमीनुद्दीन रैली से पहले मौके पर पहुंचा था। 3 दिन पहले उसने घर के पास ग्राउंड में एक मीटिंग रखी थी, जिसमें 200 से ज्यादा युवकों को जमात के नाम पर बुलाया गया था। मीटिंग के बाद ही ऑटो और दुकानें बंद रखने का फैसला लिया गया। घटना के बाद भी अमीनुद्दीन के वहां पर जाने के फोटो व वीडियो मिले हैं।

पुलिस ने जियाउद्दीन, ताहिर और दानिश आदि को पकड़ा तो उनके मोबाइल से भी अमीनुद्दीन के कई ऑडियो मिले। एसपी ने बताया घटना के बाद भी अमीनुद्दीन ने टैंकर भेजकर सफाईकर्मियों से सब कुछ साफ करवा कर सारे सबूत मिटा दिए थे। अमीनुद्दीन ने ही मतलूब व अन्य लोगों को रैली में हमला करने के निर्देश दिए थे।

चार्जशीट जल्द करेंगे कोर्ट में फाइल

करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि करौली दंगे की जांच पूरी हो चुकी है। जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट फाइल करेंगे। हाल ही में अमीनुद्दीन को गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ दंगे की प्लानिंग, दंगे में शामिल होने और सबूतों को नष्ट कराने के कई एविडेंस मिले हैं। कई युवकों के मोबाइल से ऑडियो भी मिले हैं।

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1. दंगे की प्लानिंग 3 दिन पहले हो गई थी।

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3. मास्टरमाइंड ने सबूत मिटाने के लिए पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराया।

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पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

4 साल पहले 2 अप्रैल 2022 को करौली दंगों की आग में झुलसा था।

4 साल पहले 2 अप्रैल 2022 को करौली दंगों की आग में झुलसा था।

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रैली जैसे ही फूटा गेट से हटवाड़ा की ओर बढ़ी, छतों से पथराव शुरू हो गया। बड़ी संख्या में युवक हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरे और रैली में शामिल लोगों को पीटने लगे। रथ तोड़ दिया। 15 दुकानों में आग लगा दी गई। कई दुकानों को लूट लिया। पूरा घटनाक्रम एक घंटे चला।

एएसपी किशोर बुटोलिया और तत्कालीन एसएचओ रामेश्वरदयाल मीना टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर के बाद तांबे की टोरी में दंगा भड़क गया। वहां पर 5 दुकानों में आग लगा दी। पूरा करौली दंगे की चपेट में आ गया। 7 दिन पूरा करौली बंद रहा। 15 दिन कर्फ्यू रहा। पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी एक प्रॉपर्टी को तोड़ दिया। 48 दिन बाद जमानत हो गई। पुलिस मामले में जल्द चार्जशीट पेश करने वाली है।

पुलिस फाइल में 126 लोगों के नाम

पुलिस फाइल में दंगों से जुड़े 126 लोगों के नाम रिकॉर्ड हैं। आरोपियों में 69 मुस्लिम और 57 हिंदू हैं। 56 को गिरफ्तार किया, जिनमें 33 मुस्लिम, 23 हिंदू थे। 34 मुस्लिम, 25 हिंदू, यानी कुल 59 लोगों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन की एक प्रॉपर्टी को तुड़वा दिया।

पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन की एक प्रॉपर्टी को तुड़वा दिया।

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3 दिन पहले ही हो चुकी थी दंगे की प्लानिंग

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ऑटो और दुकानें बंद रखवाए

पुलिस जांच में सामने आया कि रैली के दिन एक समुदाय के ज्यादातर ऑटो और दुकानें बंद करवा दिए गए थे। मुख्य बाजार खासतौर पर फूटा गेट और हटवाड़ा की दुकानें पूरी तरह से बंद थीं, जबकि दूसरे समुदाय की दुकानें खुली थीं। वे रैली पर दुकानों की छतों से फूल बरसा रहे थे।

ऑटो और दुकानों को बंद रखने की प्लानिंग 3 दिन पहले ही हो चुकी थी। दंगे के बाद खुद अमीनुद्दीन मौके पर पहुंचा था। मकसूद भी वहां पर मौजूद था। मकसूद के दो बेटे मतलूब ओर अंचू हैं। मकसूद मनोनीत पार्षद है। मकसूद का दवाखाना है। जहां रैली में दंगा हुआ था, वहां मस्जिद के पास उसकी जिम भी है।

पुलिस का दावा है कि जिम के अंदर पहले से ही लड़के बैठे थे। रैली आते ही उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जिम के ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। मकसूद और अंचू को भी पुलिस ने मुख्य आरोपियों में माना।

पत्थरों और सड़क पर फैले खून को कराया साफ

पुलिस जांच में सामने आया कि कि दंगों के बाद सभापति रशीदा खातून के बेटे अमीनुद्दीन ने सफाई कर्मचारी पिंटू को कॉल किया। पिंटू खुद ट्रॉली लेकर वहां पर पहुंचा था। उसने सारे पत्थरों को ट्रॉली में भर लिया था। टैंकर मंगाकर पूरी गली साफ करा दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सारे सबूत मिटा दिए गए थे।

पुलिस ने पिंटू से पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। रैली दो बजे शुरू होनी थी। अमीनुद्दीन 11 बजे वहां पहुंच गया था। उस वक्त ढोली खार में असामाजिक तत्व जमा हो गए थे। गलियों से निकलते हुए हटवाड़ा पहुंचे और रैली पर हमला कर दिया। विरोध में रैली से भागे युवकों ने तांबे की टोरी में हंगामा किया। वहां पर आग लगा दी थी।

गिरफ्त में अमीनुद्दीन। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले उसने पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराकर सारे सबूत मिटा दिए थे।

गिरफ्त में अमीनुद्दीन। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले उसने पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराकर सारे सबूत मिटा दिए थे।

पढ़िए 7 ऑडियो में कैसे जहर उगल रहे थे दंगाई

जांच के दौरान पुलिस को दंगों के बाद 2 अप्रैल 2022 की रात से लेकर 5 अप्रैल 2022 तक दंगाइयों के बीच आपस में हुई बातचीत की कई ऑडियो फाइल भी मिली।

जियायुद्दीन (7976****75) और अलादीन(9783****14) के बीच बातचीत…

  • अलादीन : कहां पर है?
  • जियायुद्दीन : कौन बोल रहा है?
  • अलादीन : अलादीन। घर पहुंचा या नहीं?
  • जियायुद्दीन : हां, घर पर ही हूं।
  • अलादीन : बाहर मत निकलना।

जियायुद्दीन (7976****75) और गंगापुर सिटी निवासी रियान (935235****) के बीच दो अप्रैल 2022 को शाम 6.51 बजे हुई बातचीत

  • रियान : क्या हो गया करौली में?
  • जियायुद्दीन : हिंदू-मुस्लिम में झगड़ा हो गया है। वो लट्ठ दिए हैं जमा-जमाकर। गंडासी, तलवार सब चलाए हैं।
  • रियान : तुमने भी?
  • जियायुद्दीन : अरे सबने।
  • रियान : अब लॉक डाउन लग गया?
  • जियायुद्दीन : पता नहीं अब लगेगा या नहीं?
  • रियान : एक तो आसू भैया व उसके साले की दुकान में लगा दी। तू घर पर है?
  • जियायुद्दीन : अभी फरार हूं।
  • रियान : कौन-कौन थे साथ में?
  • जियायुद्दीन : पांच जने हैं।
  • रियान : यहां आ जाओ गंगापुर।
  • जियायुद्दीन : कोटा जा रहा हूं अभी।
  • रियान : ठीक है

जियायुद्दीन (7976****75) और तारीफ खान (7740****35) के बीच 3 अप्रैल को हुई बातचीत

  • जियायुद्दीन : राजू बोल रहा हूं तारीफ। वो मर गया गुर्जर का।
  • तारीफ : हां, पता है मुझे।
  • जियायुद्दीन : भट्‌टे पर आग लगा दी है। नूर कॉलोनी का प्लान बना रहे हैं।
  • तारीफ : हां, तुम तैयार रहना।
  • जियायुद्दीन : हम तो तैयार बैठे हैं।
  • तारीफ : तैयार रहो तुम। ठीक है, अब फोन काट।

दोनों के बीच 3 अप्रैल 2022 को ही दोबारा बातचीत हुई

  • तारीफ: क्या कह रहा है? बोल!
  • जियायुद्दीन : कुछ नहीं भागने के टंटे हैं।
  • तारीफ : अभी तो शांति है। गरमा-गर्मी का माहौल होगा तब फोन कर दूंगा। तैयार रहना।
  • जियायुद्दीन : हम तो तैयार है बिल्कुल। दुकानों में आग लगानी है तारीफ भाई?
  • तारीफ : 40 सेकेंड हो गए। कॉल बाद में करना अब।
  • जियायुद्दीन : ठीक है।

जियायुद्दीन और कुंड निवासी मिंच्या (6375****70) के बीच 4 अप्रैल 2022 को 1.17 बजे हुई बातचीत

  • जियायुद्दीन : मैं आऊं क्या वहां पर? गली-कुंचरी से निकलकर आ जाऊंगा।
  • मिंच्या : मत आ। फोर्स लग रही है।
  • जियायुद्दीन : मै आ जाऊंगा चुपचाप गली कुंचरी में निकलकर। आग तो लगानी है। पीछे मत जाना मेरे भाइयो।
  • मिंच्या : पेट्रोल तो लेते आना बोतलों में।
  • जियायुद्दीन : पेट्रोल तो गाड़ियों में से निकाल लेंगे।
  • मिंच्या : तेरे बाप की गाड़ी है?
  • जियायुद्दीन : तू क्यों टेंशन ले रहा है। रुक मैं अभी कॉल करता हूं।

जियायुद्दीन और वसीम (6376****47) के बीच 3 अप्रैल को हुई बातचीत

  • जियायुद्दीन : कहां तक पहुंचा?
  • वसीम : केरल पहुंच गया।
  • जियायुद्दीन : यहां तो दंगा बहुत तगड़ा फैल गया।
  • वसीम : अब क्या हाल-चाल है?
  • जियायुद्दीन : हटवाड़ा का मर्द आदमी रुखसार बंद हो गया।
  • वसीम : ये गलत हो गया। वो तो अकेला ही सब पर भारी था।
  • जियायुद्दीन : वो गुर्जर कहां भाग गया? हटवाड़ा का रुखसार, उसी ने काटे हैं सारे। सबको दौड़ाकर मारा है।
  • वसीम : हां, उसके चर्चे मैंने पहले भी सुने हैं।
  • जियायुद्दीन : हटवाड़ा में जिम के पास तलवार, लाठी व सभी हथियार थे। पहले से तैयारी थी। हम कई लोग वहां पर सोए थे।
  • वसीम : कहां पर तोड़ा इनको।
  • जियायुद्दीन : फूटा कोट पर उतरते ही तोड़ दिया सबको। रैली आते ही अमीनुद्दीन ने बोल दिया था, मारो। हमने पत्थर, लाठियों, डंडे और सरियों से रैली वालों को तोड़ दिया।

(जियायुद्दीन के पकड़े जाने के बाद उसके मोबाइल से ऑडियो रिकॉडिंग मिली थी। उसके मोबाइल से दंगे के कई फोटो व वीडियो भी मिले थे।)

दानिश खान (811****257) और हिंडौन निवासी आबिद (7014****72) के बीच 5 अप्रैल को 21 मिनट बातचीत हुई

  • आबिद : मेन तो मतलूब को बना रहे हैं। एक दिन पहले ही अखबार में पढ़ा था।
  • दानिश खान : हां, लेकिन फरार है वो तो
  • आबिद : कितने अरेस्ट हो गए?
  • दानिश खान : सारे अपने मोहल्ले के हैं। एक रह गया रहमान और मतलूब फरार हैं।
  • आबिद : मतलूब को अरेस्ट मत होने देना। उसकी जमानत लगाओ।
  • दानिश खान : अब उस्मान नहीं देगा उसका साथ। हमारे मामले में तो दिया था साथ।
  • आबिद : हां, अब क्यों देगा?
  • दानिश खान : रुखसार हाजी के कितने बडे़-बडे़ जैक हैं, लेकिन परसों शाम तक बैठा रहा। उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
  • आबिद : सुनवाई क्यों करेंगे हमारा राज थोडे़ है?
  • दानिश खान : उसका बहनोई और भांजा पकड़ लिया है। उनको लेने गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
  • आबिद : मंत्री ने बोला है चुपचाप शांति से छानबीन करो। अगर दोबारा दंगा हो गया तो सारे पुलिसकर्मी सस्पेंड करा दूंगा।
  • दानिश खान : इसमें लाखन का नाम आना चाहिए। इसका वहीं बंगला है। वहीं चौकी है तो आग कैसे लग गई? पुलिस कुछ नहीं कर रही है।
  • आबिद : केस करो, पूरा सपोर्ट है।
  • दानिश खान : मुझे एक बात से डर लग रहा है? एक छोरा था उसे जयपुर रेफर किया है। वह जानता है मुझे।
  • आबिद : एक मर गया है क्या?
  • दानिश खान : पता नहीं कोई दूसरा मर जाए तो ठीक है।
  • आबिद : पता नहीं, एक मरा है कोई। मैंने चार लोगों को चोट मारी थी। उनमें से एक मरा है। तू अब 10-15 दिन के लिए निकल जा।
  • दानिश खान : डर लग रहा है। कहीं मेरा नाम नहीं ले ले वो।
  • आबिद : मेन तो मतलूब का ही नाम है इसमें।
  • दानिश खान : उसकी जिम से ही सबसे ज्यादा पत्थर फेंके थे इसलिए। मैं तो कुतकपुर निकल रहा हूं अभी।
  • आबिद : ठीक है।
आरोपियों के बीच फाेन कॉल पर जो भी बातचीत हुई, उसके पूरे दस्तावेज भास्कर के पास हैं।

आरोपियों के बीच फाेन कॉल पर जो भी बातचीत हुई, उसके पूरे दस्तावेज भास्कर के पास हैं।

मोबाइल में कई लड़कियों की रिकॉर्डिंग

पुलिस ने जियायुद्दीन, दानिश, मिंच्या, तारीफ आदि आरोपियों को दंगा भड़काने, आगजनी करने, लूट व मारपीट, सांप्रदायिक माहौल खराब करने, तोड़फोड़ जैसी गंभीर धाराओं में आरोपी माना है।

जियायुद्दीन का पिता सट्टे का काम करता था। जियायुद्दीन के मोबाइल में कई लड़कियों की रिकॉडिंग भी मिली है। दानिश, मिंच्या, तारीफ भी गाड़ियों से लेकर दूसरे छोटा-मोटा काम करते हैं।

ज्यादातर आरोपियों ने अग्रिम जमानत ले ली

दंगों के बाद पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू कीं तो ज्यादातर आरोपियों ने अग्रिम जमानत ले ली। पूर्व सभापति राजाराम गुर्जर भी रैली की शुरुआत में थे। पुलिस ने जांच में नाम लिखा था। ऐसे में अग्रिम जमानत ले ली। दंगे के दौरान मतलूब को पहले मास्टरमाइंड माना था। उसने भी जमानत ले ली थी। इसी गली में उसकी जिम थी, जहां से सबसे ज्यादा पथराव हुआ था। उसके भाई अंशू ने भी जमानत ले ली थी। पुलिस का दावा है कि करौली में हुए दंगे के लिए बाहर से चंदा आया था। अब जल्द ही पुलिस कोर्ट में चार्जशीट फाइल करने की तैयारी में है।

4 साल बाद भी दंगों के जख्म ताजा हैं।

4 साल बाद भी दंगों के जख्म ताजा हैं।

अमीनुद्दीन ने 200 से ज्यादा युवकों को जमात के नाम पर बुलाया

करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि अमीनुद्दीन रैली से पहले मौके पर पहुंचा था। 3 दिन पहले उसने घर के पास ग्राउंड में एक मीटिंग रखी थी, जिसमें 200 से ज्यादा युवकों को जमात के नाम पर बुलाया गया था। मीटिंग के बाद ही ऑटो और दुकानें बंद रखने का फैसला लिया गया। घटना के बाद भी अमीनुद्दीन के वहां पर जाने के फोटो व वीडियो मिले हैं।

पुलिस ने जियाउद्दीन, ताहिर और दानिश आदि को पकड़ा तो उनके मोबाइल से भी अमीनुद्दीन के कई ऑडियो मिले। एसपी ने बताया घटना के बाद भी अमीनुद्दीन ने टैंकर भेजकर सफाईकर्मियों से सब कुछ साफ करवा कर सारे सबूत मिटा दिए थे। अमीनुद्दीन ने ही मतलूब व अन्य लोगों को रैली में हमला करने के निर्देश दिए थे।

चार्जशीट जल्द करेंगे कोर्ट में फाइल

करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि करौली दंगे की जांच पूरी हो चुकी है। जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट फाइल करेंगे। हाल ही में अमीनुद्दीन को गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ दंगे की प्लानिंग, दंगे में शामिल होने और सबूतों को नष्ट कराने के कई एविडेंस मिले हैं। कई युवकों के मोबाइल से ऑडियो भी मिले हैं।

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