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Mumbai Watermelon Death Mystery; Summer Food Poisoning Symptoms Health Risks Explained

Mumbai Watermelon Death Mystery; Summer Food Poisoning Symptoms Health Risks Explained
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  • Mumbai Watermelon Death Mystery; Summer Food Poisoning Symptoms Health Risks Explained

17 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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25 अप्रैल को मुंबई में एक परिवार के चार लोगों की डायरिया और उल्टी के कारण मौत हो गई। पूरे परिवार ने डिनर के बाद देर रात तरबूज खाया था। अटॉप्सी रिपोर्ट में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई है।

एक हफ्ते पहले, गुजरात के दाहोद में एक शादी समारोह में खाने के बाद 400 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। इन्हें उल्टी- दस्त होने लगे। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

‘अमेरिकन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ (CDC) के अनुसार, गर्मियों में फूड पॉइजनिंग के मामले ज्यादा सामने आते हैं।

इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-

  • गर्मियों में फूड पॉइजनिंग क्यों होती है?
  • क्या यह संक्रामक भी हो सकती है?
  • इसके लक्षण क्या हैं?

एक्सपर्ट: डॉ. अली शेर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

सवाल- फूड पॉइजनिंग क्या होती है?

जवाब- यह खराब या संक्रमित भोजन से होने वाली बीमारी है। इसमें उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं।

सवाल- फूड पॉइजनिंग क्यों होती है?

जवाब- फूड पॉइजनिंग की मुख्य वजह खराब या दूषित भोजन है।

  • गर्मियों में भोजन में जर्म्स या टॉक्सिन्स जल्दी पैदा हो जाते हैं।
  • यह खराब फूड हैंडलिंग और हाइजीन की कमी के कारण होता है।
  • अधपका या बासी खाना खाने से बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं।
  • गंदे हाथ, बर्तन या किचन से खाना दूषित हो सकता है।
  • कच्चे और पके भोजन को साथ रखने (क्रॉस-कंटैमिनेशन) से जर्म्स फैलते हैं।
  • दूषित पानी या खुला स्ट्रीट फूड भी वजह है।

आमतौर पर फूड पॉइजनिंग इन कीटाणुओं के कारण होती है–

बैक्टीरिया

  • साल्मोनेला (Salmonella)
  • ई. कोलाई (E. coli)

वायरस

  • नोरोवायरस (Norovirus)
  • हेपेटाइटिस A

पैरासाइट

  • जियार्डिया (Giardia)
  • क्रिप्टोस्पोरिडियम (Cryptosporidium)

टॉक्सिन्स

  • स्टैफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus)
  • क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम (Clostridium botulinum)

सवाल- गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग के केस क्यों बढ़ जाते हैं?

जवाब- गर्मी के मौसम में तापमान और नमी (ह्यूमिडिटी) बढ़ जाती है, जो बैक्टीरिया पनपने और बढ़ने के लिए एकदम अनुकूल है।

  • 4°C से 60°C के बीच का तापमान ‘डेंजर जोन’ होता है, जिसमें जर्म्स तेजी से बढ़ते हैं।
  • इस दौरान साल्मोनेला, ई. कोलाई और स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया जल्दी फैलते हैं।
  • इससे गर्मियों में खाना जल्दी खराब हो जाता है।
  • यही कारण है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग के मामले ज्यादा आते हैं।

सवाल- क्या फूड पॉइजनिंग संक्रामक भी हो सकती है?

जवाब- फूड पॉइजनिंग सीधे तौर पर संक्रामक बीमारी नहीं है।

  • अगर इसकी वजह टॉक्सिन्स हैं, तो ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।
  • अगर कारण बैक्टीरिया या वायरस हैं तो ये फैल सकते हैं।
  • गंदे हाथ, संक्रमित भोजन या पानी से बैक्टीरिया दूसरों के शरीर में भी जा सकते हैं।
  • खासकर नोरोवायरस जैसे वायरस तेजी से फैल सकते हैं।
  • इसलिए साफ-सफाई रखना और हाथ धोना जरूरी है।

सवाल- फूड पॉइजनिंग और फूड इन्फेक्शन में क्या फर्क है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझते हैं-

फूड पॉइजनिंग

  • भोजन में पनपे टॉक्सिन शरीर में जाकर इन्फेक्शन पैदा करते हैं।
  • टॉक्सिन सीधे पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं।
  • आमतौर पर कुछ घंटों के भीतर ही लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
  • इसके मुख्य लक्षण उल्टी, मतली, पेट दर्द और दस्त हैं।

फूड इन्फेक्शन

  • भोजन के साथ जीवित बैक्टीरिया, वायरस शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
  • ये जर्म्स शरीर के अंदर बढ़ते हैं और संक्रमण पैदा करते हैं।
  • आमतौर पर 12-48 घंटे या उससे अधिक समय बाद लक्षण दिखाई देते हैं।
  • इसके मुख्य लक्षण दस्त, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी है।

सवाल- फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या होते हैं?

जवाब- फूड पॉइजनिंग होने पर पाचन तंत्र से जुड़े लक्षण दिखते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या खाने से फूड पॉइजनिंग का रिस्क सबसे ज्यादा होता है?

जवाब- कुछ फूड्स में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं। इसलिए इनसे फूड पॉइजनिंग का रिस्क ज्यादा होता है। नीचे पॉइंटर्स में देखिए–

  • कच्चे या अधपके मांस और अंडे में बैक्टीरिया हो सकते हैं।
  • अनपॉश्चराइज्ड दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से भी जोखिम होता है।
  • कटे हुए फल-सब्जियां और स्ट्रीट फूड जल्दी दूषित हो सकते हैं।
  • बासी या लंबे समय तक बाहर रखा खाना भी खतरनाक होता है।
  • दूषित पानी और बर्फ भी बड़ी वजह हैं।

ग्राफिक में सभी फूड्स की लिस्ट देखिए-

सवाल- अगर फूड पॉइजनिंग हो जाए तो सबसे पहले क्या घरेलू उपाय करने चाहिए?

जवाब- फूड पॉइजनिंग होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसलिए बॉडी को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। साथ ही डाइजेशन को आराम देने वाली चीजें खाएं। सभी उपाय ग्राफिक में देखिए-

सवाल- फूड पॉइजनिंग होने पर क्या खाएं और क्या बिल्कुल न खाएं?

जवाब- फूड पॉइजनिंग के दौरान ऐसी चीजें खानी चाहिए, जो पेट पर ज्यादा दबाव न डालें और आसानी से पच जाएं। ग्राफिक में देखते हैं, क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए-

सवाल- फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- थोड़ी सी सावधानी और हाइजीन अपनाकर इससे आसानी से बचा जा सकता है। ग्राफिक्स में देखिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए-

सवाल– क्या फूड पॉइजनिंग जानलेवा भी हो सकती है?

जवाब- ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग कुछ घंटों या कुछ दिनों में ठीक हो जाती है। हालांकि संक्रमण गंभीर होने पर यह खतरनाक भी हो सकती है।

सवाल– फूड पॉइजनिंग होने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें या ज्यादा गंभीर हो जाएं, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। पॉइंटर्स से समझते हैं कौन से लक्षण गंभीर हो सकते हैं-

  • लगातार उल्टी या दस्त।
  • तेज बुखार।
  • चक्कर, कमजोरी और मुंह सूखना।
  • मल में खून आना।

छोटे बच्चे, बुजुर्ग या गर्भवती महिला में लक्षण गंभीर होने का इंतजार न करें, उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाएं।

……………………

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  • क्या यह संक्रामक भी हो सकती है?
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सवाल- फूड पॉइजनिंग क्या होती है?

जवाब- यह खराब या संक्रमित भोजन से होने वाली बीमारी है। इसमें उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं।

सवाल- फूड पॉइजनिंग क्यों होती है?

जवाब- फूड पॉइजनिंग की मुख्य वजह खराब या दूषित भोजन है।

  • गर्मियों में भोजन में जर्म्स या टॉक्सिन्स जल्दी पैदा हो जाते हैं।
  • यह खराब फूड हैंडलिंग और हाइजीन की कमी के कारण होता है।
  • अधपका या बासी खाना खाने से बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं।
  • गंदे हाथ, बर्तन या किचन से खाना दूषित हो सकता है।
  • कच्चे और पके भोजन को साथ रखने (क्रॉस-कंटैमिनेशन) से जर्म्स फैलते हैं।
  • दूषित पानी या खुला स्ट्रीट फूड भी वजह है।

आमतौर पर फूड पॉइजनिंग इन कीटाणुओं के कारण होती है–

बैक्टीरिया

  • साल्मोनेला (Salmonella)
  • ई. कोलाई (E. coli)

वायरस

  • नोरोवायरस (Norovirus)
  • हेपेटाइटिस A

पैरासाइट

  • जियार्डिया (Giardia)
  • क्रिप्टोस्पोरिडियम (Cryptosporidium)

टॉक्सिन्स

  • स्टैफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus)
  • क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम (Clostridium botulinum)

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  • इस दौरान साल्मोनेला, ई. कोलाई और स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया जल्दी फैलते हैं।
  • इससे गर्मियों में खाना जल्दी खराब हो जाता है।
  • यही कारण है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग के मामले ज्यादा आते हैं।

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  • इसके मुख्य लक्षण उल्टी, मतली, पेट दर्द और दस्त हैं।

फूड इन्फेक्शन

  • भोजन के साथ जीवित बैक्टीरिया, वायरस शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
  • ये जर्म्स शरीर के अंदर बढ़ते हैं और संक्रमण पैदा करते हैं।
  • आमतौर पर 12-48 घंटे या उससे अधिक समय बाद लक्षण दिखाई देते हैं।
  • इसके मुख्य लक्षण दस्त, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी है।

सवाल- फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या होते हैं?

जवाब- फूड पॉइजनिंग होने पर पाचन तंत्र से जुड़े लक्षण दिखते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या खाने से फूड पॉइजनिंग का रिस्क सबसे ज्यादा होता है?

जवाब- कुछ फूड्स में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं। इसलिए इनसे फूड पॉइजनिंग का रिस्क ज्यादा होता है। नीचे पॉइंटर्स में देखिए–

  • कच्चे या अधपके मांस और अंडे में बैक्टीरिया हो सकते हैं।
  • अनपॉश्चराइज्ड दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से भी जोखिम होता है।
  • कटे हुए फल-सब्जियां और स्ट्रीट फूड जल्दी दूषित हो सकते हैं।
  • बासी या लंबे समय तक बाहर रखा खाना भी खतरनाक होता है।
  • दूषित पानी और बर्फ भी बड़ी वजह हैं।

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सवाल- अगर फूड पॉइजनिंग हो जाए तो सबसे पहले क्या घरेलू उपाय करने चाहिए?

जवाब- फूड पॉइजनिंग होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसलिए बॉडी को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। साथ ही डाइजेशन को आराम देने वाली चीजें खाएं। सभी उपाय ग्राफिक में देखिए-

सवाल- फूड पॉइजनिंग होने पर क्या खाएं और क्या बिल्कुल न खाएं?

जवाब- फूड पॉइजनिंग के दौरान ऐसी चीजें खानी चाहिए, जो पेट पर ज्यादा दबाव न डालें और आसानी से पच जाएं। ग्राफिक में देखते हैं, क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए-

सवाल- फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- थोड़ी सी सावधानी और हाइजीन अपनाकर इससे आसानी से बचा जा सकता है। ग्राफिक्स में देखिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए-

सवाल– क्या फूड पॉइजनिंग जानलेवा भी हो सकती है?

जवाब- ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग कुछ घंटों या कुछ दिनों में ठीक हो जाती है। हालांकि संक्रमण गंभीर होने पर यह खतरनाक भी हो सकती है।

सवाल– फूड पॉइजनिंग होने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें या ज्यादा गंभीर हो जाएं, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। पॉइंटर्स से समझते हैं कौन से लक्षण गंभीर हो सकते हैं-

  • लगातार उल्टी या दस्त।
  • तेज बुखार।
  • चक्कर, कमजोरी और मुंह सूखना।
  • मल में खून आना।

छोटे बच्चे, बुजुर्ग या गर्भवती महिला में लक्षण गंभीर होने का इंतजार न करें, उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाएं।

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