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Rs 2.5 Cr Claims in PMJJBY Scam

Rs 2.5 Cr Claims in PMJJBY Scam

प्रदेश में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। बीमा कंपनियों से हुई इस ठगी के मामले में पुलिस ने ग्वालियर, मुरैना, रतलाम समेत प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे संगठित गिरोह के जुड़े होने का राजफाश किया है।

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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराईं। इसके बाद एक वर्ष के भीतर ही ऐसे व्यक्तियों को मृत बताकर नगरीय निकायों से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया।

विशेष पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) पंकज श्रीवास्‍तव ने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत संगठित अपराधियों के एक गिरोह द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर ठगी किए जाने का खुलासा किया गया है।

इनके द्वारा बीमा कंपनियों से लगभग ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। यह संगठित अपराध ग्वालियर, मुरैना, रतलाम सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्यों द्वारा विभिन्न बैंकों में फर्जी नामों से सैकड़ों संदिग्ध बैंक खाते खोले गए तथा इन्हीं खातों के माध्यम से बड़ी संख्या में बीमा पॉलिसियां ली गईं।

इस तरह से किया गया फर्जीवाड़ा

  • एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर बीमा कराया गया।
  • एक ही नाम-पते वाले व्यक्तियों के अलग-अलग बीमा कंपनियों में बीमा कराए गए।
  • एक ही मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी का उपयोग विभिन्न खातों और बीमा पॉलिसियों में किया।
  • अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं।
  • संबंधित हितग्राही को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
  • बीमा कराने के एक माह से एक वर्ष के भीतर ही इन व्यक्तियों को मृत बताया गया।
  • नगरीय निकायों से कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया।
  • कई मामलों में संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए, फिर भी उन्हें मृत दिखाकर धोखाधड़ी की गई।

इस तरह से राशि निकाली गई

  • गिरोह द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को छिपाने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क का उपयोग किया गया।
  • ग्वालियर एवं मुरैना में खोले गए खातों में राशि जमा होते ही उसे रतलाम, राजस्थान के सवाई माधोपुर, गंगानगर एवं अन्य स्थानों के एटीएम से तत्काल निकाल लिया जाता था या म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
  • ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के एटीएम से की गई। संदेहास्पद खातों को चिन्हित कर फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।
  • कई मामलों में बीमित व्यक्ति का निवास स्थान एक स्थान पर दर्ज किया गया, जबकि उसकी मृत्यु किसी अन्य दूरस्थ स्थान पर दर्शाई गई।
  • वहीं से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए। नामित व्यक्तियों द्वारा कॉमन मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का उपयोग कर क्लेम राशि प्राप्त की गई।

क्या है जीवन ज्योति बीमा योजना

“प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” एक केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को जीवन बीमा कवर प्रदान करना है। 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी राशि मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति को प्रदान की जाती है।

इस मामले में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां एक ही परिवार के दो या तीन सदस्यों की मृत्यु एक ही सप्ताह या एक माह के भीतर दर्शाकर बीमा दावा प्राप्त किया गया, जबकि लगभग सभी मामलों में मृत्यु का कारण ‘प्राकृतिक’ बताया गया है।

दूसरे राज्यों में फैले नेटवर्क की जुटा रहे जानकारी

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस संगठित अपराध के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। गिरोह में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी, बैंकिंग एवं बीमा नेटवर्क की विस्तृत जांच तथा अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। इस मामले में अभी और खुलासे होने की संभावना है।

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प्रदेश में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। बीमा कंपनियों से हुई इस ठगी के मामले में पुलिस ने ग्वालियर, मुरैना, रतलाम समेत प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे संगठित गिरोह के जुड़े होने का राजफाश किया है।

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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराईं। इसके बाद एक वर्ष के भीतर ही ऐसे व्यक्तियों को मृत बताकर नगरीय निकायों से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया।

विशेष पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) पंकज श्रीवास्‍तव ने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत संगठित अपराधियों के एक गिरोह द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर ठगी किए जाने का खुलासा किया गया है।

इनके द्वारा बीमा कंपनियों से लगभग ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। यह संगठित अपराध ग्वालियर, मुरैना, रतलाम सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्यों द्वारा विभिन्न बैंकों में फर्जी नामों से सैकड़ों संदिग्ध बैंक खाते खोले गए तथा इन्हीं खातों के माध्यम से बड़ी संख्या में बीमा पॉलिसियां ली गईं।

इस तरह से किया गया फर्जीवाड़ा

  • एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर बीमा कराया गया।
  • एक ही नाम-पते वाले व्यक्तियों के अलग-अलग बीमा कंपनियों में बीमा कराए गए।
  • एक ही मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी का उपयोग विभिन्न खातों और बीमा पॉलिसियों में किया।
  • अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं।
  • संबंधित हितग्राही को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
  • बीमा कराने के एक माह से एक वर्ष के भीतर ही इन व्यक्तियों को मृत बताया गया।
  • नगरीय निकायों से कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया।
  • कई मामलों में संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए, फिर भी उन्हें मृत दिखाकर धोखाधड़ी की गई।

इस तरह से राशि निकाली गई

  • गिरोह द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को छिपाने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क का उपयोग किया गया।
  • ग्वालियर एवं मुरैना में खोले गए खातों में राशि जमा होते ही उसे रतलाम, राजस्थान के सवाई माधोपुर, गंगानगर एवं अन्य स्थानों के एटीएम से तत्काल निकाल लिया जाता था या म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
  • ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के एटीएम से की गई। संदेहास्पद खातों को चिन्हित कर फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।
  • कई मामलों में बीमित व्यक्ति का निवास स्थान एक स्थान पर दर्ज किया गया, जबकि उसकी मृत्यु किसी अन्य दूरस्थ स्थान पर दर्शाई गई।
  • वहीं से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए। नामित व्यक्तियों द्वारा कॉमन मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का उपयोग कर क्लेम राशि प्राप्त की गई।

क्या है जीवन ज्योति बीमा योजना

“प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” एक केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को जीवन बीमा कवर प्रदान करना है। 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी राशि मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति को प्रदान की जाती है।

इस मामले में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां एक ही परिवार के दो या तीन सदस्यों की मृत्यु एक ही सप्ताह या एक माह के भीतर दर्शाकर बीमा दावा प्राप्त किया गया, जबकि लगभग सभी मामलों में मृत्यु का कारण ‘प्राकृतिक’ बताया गया है।

दूसरे राज्यों में फैले नेटवर्क की जुटा रहे जानकारी

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस संगठित अपराध के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। गिरोह में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी, बैंकिंग एवं बीमा नेटवर्क की विस्तृत जांच तथा अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। इस मामले में अभी और खुलासे होने की संभावना है।

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