Tuesday, 03 Nov 2026 | 07:19 PM

Trending :

बिड़ला बने वोडाफोन-आइडिया के चेयरमैन:सरकार ने AGR बकाया 27% कम किया; अब ₹64,046 करोड़ देना होगा

बिड़ला बने वोडाफोन-आइडिया के चेयरमैन:सरकार ने AGR बकाया 27% कम किया; अब ₹64,046 करोड़ देना होगा

वोडाफोन-आइडिया (Vi) के बोर्ड ने कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया है। कंपनी ने 5 मई को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि वर्तमान चेयरमैन रविंद्र टक्कर ने पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। रविंद्र टक्कर अब बोर्ड में केवल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका में रहेंगे। बिड़ला की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी को सरकार से बड़ी वित्तीय राहत मिली है। हाल ही में टेलीकॉम विभाग (DoT) ने वोडाफोन-आइडिया के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए में करीब 20,000 करोड़ रुपए की कटौती की है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर करीब 8% चढ़ चुके हैं। AGR बकाया: ₹87,695 करोड़ से घटकर ₹64,046 करोड़ हुआ सरकार ने वोडाफोन-आइडिया को बड़ी राहत देते हुए उसके AGR बकाए में 27% की कमी की है। पिछले साल दिसंबर तक यह बकाया 87,695 करोड़ रुपए था, जिसे अब घटाकर 64,046 करोड़ रुपए कर दिया गया है। टेलीकॉम विभाग की एक कमेटी ने बकाए की गणना का दोबारा आकलन किया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। 5 साल तक कोई पैसा नहीं देना होगा, 2031 से शुरू होगी वसूली सरकार ने न सिर्फ बकाया कम किया है, बल्कि पेमेंट के लिए 5 साल की राहत (मोरेटोरियम) भी दी है। नया पेमेंट शेड्यूल इस प्रकार है: सुप्रीम कोर्ट और सरकार का रुख यह राहत 31 दिसंबर को कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए रिलीफ पैकेज और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली है। कोर्ट ने सरकार को ब्याज, पेनाल्टी और बकाए का दोबारा आकलन करने की अनुमति दी थी। बता दें कि वोडाफोन-आइडिया में भारत सरकार की 49% हिस्सेदारी है, जो इसे कंपनी का सबसे बड़ा शेयरधारक बनाती है। AGR विवाद: 2019 से चल रही है कानूनी लड़ाई AGR विवाद 2019 में शुरू हुआ था, जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि टेलीकॉम कंपनियों को गैर-टेलीकॉम रेवेन्यू पर भी सरकार को लाइसेंस फीस देनी होगी। उस समय सरकारी गणना में Vi का बकाया 58,254 करोड़ रुपए था, जबकि कंपनी इसे 21,500 करोड़ रुपए बता रही थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2025 में कोर्ट ने क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए सरकार को दोबारा गणना करने की छूट दी थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
US-Israel vs Iran Conflict Live Updates Trump Addresses Netanyahu

April 2, 2026/
2:21 am

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गुरुवार सुबह भारतीय समय के अनुसार 6:30 बजे देश...

शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' पर चुप रहने पर शिवसेना यूबीटी ने एमपी में दलबदल की चर्चा को खारिज किया | न्यूज18

June 16, 2026/
4:17 pm

महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” के बारे में अटकलों के जोर पकड़ने के बीच, शिवसेना यूबीटी ने एमपी के...

MP High Court Nursing Recruitment Contradiction

April 12, 2026/
12:02 am

मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर पदों की भर्ती से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण...

authorimg

February 4, 2026/
1:23 am

बिलासपुर/कोरिया.  तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला छत्‍तीसगढ़ के बिलासपुर में सामने आया है, जिसने न...

एक्ट्रेस यामी गौतम ने देख ली धुरंधर 2!:बोलीं- ये ऐसा अनुभव है जिसे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे, फिल्म देखकर भावुक हो गई

February 28, 2026/
9:56 am

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद से ही दर्शकों को फिल्म के दूसरे पार्ट का बेसब्री...

एक फ्लैट, दो डील: 35 लाख की ठगी:फ्लैट का सौदा कर दूसरे के नाम कर दी रजिस्ट्री, दो आरोपियों के बाद महिला गिरफ्तार

April 1, 2026/
12:10 pm

इंदौर क्राइम ब्रांच ने फ्लैट बेचकर रजिस्ट्री न करने के मामले में एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

बिड़ला बने वोडाफोन-आइडिया के चेयरमैन:सरकार ने AGR बकाया 27% कम किया; अब ₹64,046 करोड़ देना होगा

बिड़ला बने वोडाफोन-आइडिया के चेयरमैन:सरकार ने AGR बकाया 27% कम किया; अब ₹64,046 करोड़ देना होगा

वोडाफोन-आइडिया (Vi) के बोर्ड ने कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया है। कंपनी ने 5 मई को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि वर्तमान चेयरमैन रविंद्र टक्कर ने पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। रविंद्र टक्कर अब बोर्ड में केवल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका में रहेंगे। बिड़ला की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी को सरकार से बड़ी वित्तीय राहत मिली है। हाल ही में टेलीकॉम विभाग (DoT) ने वोडाफोन-आइडिया के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए में करीब 20,000 करोड़ रुपए की कटौती की है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर करीब 8% चढ़ चुके हैं। AGR बकाया: ₹87,695 करोड़ से घटकर ₹64,046 करोड़ हुआ सरकार ने वोडाफोन-आइडिया को बड़ी राहत देते हुए उसके AGR बकाए में 27% की कमी की है। पिछले साल दिसंबर तक यह बकाया 87,695 करोड़ रुपए था, जिसे अब घटाकर 64,046 करोड़ रुपए कर दिया गया है। टेलीकॉम विभाग की एक कमेटी ने बकाए की गणना का दोबारा आकलन किया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। 5 साल तक कोई पैसा नहीं देना होगा, 2031 से शुरू होगी वसूली सरकार ने न सिर्फ बकाया कम किया है, बल्कि पेमेंट के लिए 5 साल की राहत (मोरेटोरियम) भी दी है। नया पेमेंट शेड्यूल इस प्रकार है: सुप्रीम कोर्ट और सरकार का रुख यह राहत 31 दिसंबर को कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए रिलीफ पैकेज और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली है। कोर्ट ने सरकार को ब्याज, पेनाल्टी और बकाए का दोबारा आकलन करने की अनुमति दी थी। बता दें कि वोडाफोन-आइडिया में भारत सरकार की 49% हिस्सेदारी है, जो इसे कंपनी का सबसे बड़ा शेयरधारक बनाती है। AGR विवाद: 2019 से चल रही है कानूनी लड़ाई AGR विवाद 2019 में शुरू हुआ था, जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि टेलीकॉम कंपनियों को गैर-टेलीकॉम रेवेन्यू पर भी सरकार को लाइसेंस फीस देनी होगी। उस समय सरकारी गणना में Vi का बकाया 58,254 करोड़ रुपए था, जबकि कंपनी इसे 21,500 करोड़ रुपए बता रही थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2025 में कोर्ट ने क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए सरकार को दोबारा गणना करने की छूट दी थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.