Saturday, 08 Aug 2026 | 07:06 PM

Trending :

सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई मूड खराब तो छुट्टी; मानसिक सेहत का इलाज या कामचोरी?:चीन की 'अनहैप्पी लीव' से छिड़ी बहस, उद्योगपति गोयनका बोले- भारत में भी बहस जरूरी अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है 3-6-9 Rule for Salaried and Freelancers
EXCLUSIVE

Health Tips: क्या गर्मी में हद से ज्यादा पसीना आना बुरा है? यह बीमारी का है संकेत या सेहत की निशानी, जानिए डिटेल

perfGogleBtn

Last Updated:

Excess Sweating good or Bad: गर्मी के मौसम में पसीना आना आम बात है. भीषण गर्मी में जैसे ही लोग बाहर निकलते हैं या ज्यादा मेहनत करते हैं उन्हें बहुत तेज पसीना आता है. कुछ लोगों को हद से ज्यादा पसीना निकलता है. ऐसे में सोशल मीडिया पर यह फैलाया जा रहा है कि ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह है. पर असली सवाल यह है कि क्या सच में ज्यादा पसीना आना बुरा है या यह हेल्दीपन का संकेत है. यदि आप भी कंफ्यूज हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें.

जैसे ही गर्मी बढ़ती है या हम वर्कआउट करते हैं, पसीना हमारे कपड़ों को भिगो देता है.इससे हमें इरीटेशन होने लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पसीना न आए तो क्या होगा? पसीना आना असल में हमारे शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम है. यह न केवल हमारे शरीर के अंदर के तापमान को नियंत्रित करता है बल्कि अंदर जमी गंदगी को भी बाहर फेंकता है. इसलिए यह बात दिमाग से निकाल लीजिए कि ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह है. किसी भी तरह से ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह नहीं है. डॉक्टरों के अनुसार पसीना आपकी त्वचा को साफ करने से लेकर आपके मानसिक तनाव को कम करने तक में मदद करता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक धूप में पसीना आना बिल्कुल सामान्य है. बहुत लोग सोचते हैं कि पसीना आना सेहत के लिए खराब है. लेकिन पसीना हमारे शरीर को अंदर से और गर्मी से बचाता है, ये बात बहुत लोगों को पता नहीं होती. पसीना हमारे शरीर को ठंडा रखने का कमाल का तरीका है और ये हमें सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम करता है.

यह प्रक्रिया सिर्फ पानी निकालने की नहीं है, बल्कि शरीर को बचाने के लिए जरूरी एक जैविक प्रतिक्रिया है. तो चलिए जानते हैं पसीना आने से क्या-क्या फायदे होते हैं. असल में पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान आमतौर पर करीब 98.6°F (37°C) होना चाहिए.

यह प्रक्रिया सिर्फ पानी निकालने की नहीं है, बल्कि शरीर को बचाने के लिए जरूरी एक जैविक प्रतिक्रिया है. तो चलिए जानते हैं पसीना आने से क्या-क्या फायदे होते हैं. असल में पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान आमतौर पर करीब 98.6°F (37°C) होना चाहिए.  

Add News18 as
Preferred Source on Google

असल में पसीना आना शरीर को कुदरती ठंडा करने का तरीका है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. हमारे शरीर का अंदरुनी तापमान आमतौर पर करीब 98.6°F (37°C) पर नियत रहता है.  जब बाहर की गर्मी बहुत ज्यादा हो जाती है या हम एक्सरसाइज जैसी कोई एक्टिविटी करते हैं तो शरीर गर्म हो जाता है. ऐसे वक्त में दिमाग का एक हिस्सा जिसे हाइपोथैलेमस कहते हैं, तुरंत काम करना शुरू कर देता है. 

पसीना 99% पानी, करीब 1% नमक और कैलोरी से बना होता है. जब ये तरल त्वचा की सतह पर पहुंचता है, तो बदलाव शुरू हो जाता है. जैसे ही पसीना हवा के संपर्क में आता है, वो वाष्पित होने लगता है. इस प्रक्रिया में पसीना हमारी त्वचा से शरीर की अतिरिक्त गर्मी को बाहर निकालता है. जब ये गर्मी भाप बनकर उड़ जाती है, तो हमारी त्वचा ठंडी हो जाती है, जिससे शरीर अपना 37°C का स्थिर तापमान बनाए रखने में मदद करता है.  

गर्मी में ज्यादा पसीना आने का मुख्य कारण बाहर का तापमान होता है. इस समय हमारे शरीर की गर्मी सामान्य से ज्यादा हो जाती है. ऐसे में शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है. अगर शरीर में पसीना आना बंद हो जाए, तो हमारी बॉडी का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है.

जब तापमान बढ़ता है, तो हाइपोथैलेमस ज्यादा एक्टिव हो जाता है और शरीर को ठंडा रखने के लिए ग्रंथियों को ज्यादा पानी और नमक बाहर निकालने का संकेत देता है. सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि नम वातावरण भी पसीना आने का कारण बनता है. हवा में नमी होती है, जिससे हमारी त्वचा से पसीना आसानी से वाष्पित नहीं हो पाता. इसी वजह से हमारा प्राकृतिक ठंडा करने वाला सिस्टम पूरी तरह काम नहीं करता और हम नमी में ज्यादा असहज महसूस करते हैं.

इसके अलावा, पसीना ग्रंथियां सिर्फ तापमान से नहीं बल्कि तनाव या चिंता से भी एक्टिव हो जाती हैं. जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर की एपोक्राइन ग्रंथियां पसीना छोड़ती हैं. तब पसीना बनता है, लेकिन ये तापमान कम करने के लिए नहीं होता.

इसके अलावा, पसीना ग्रंथियां सिर्फ तापमान से नहीं बल्कि तनाव या चिंता से भी एक्टिव हो जाती हैं. जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर की एपोक्राइन ग्रंथियां पसीना छोड़ती हैं. तब पसीना बनता है, लेकिन ये तापमान कम करने के लिए नहीं होता. 

पसीने के जरिए शरीर से नमक, कोलेस्ट्रॉल और अल्कोहल जैसे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे लिवर और किडनी का काम आसान हो जाता है. जब पसीना निकलता है, तो रोम छिद्र (Pores) खुल जाते हैं और उनमें जमी धूल-मिट्टी बाहर आ जाती है. यह मुहांसों को रोकने और त्वचा को प्राकृतिक चमक देने में मदद करता है.पसीना आना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर ऊर्जा खर्च कर रहा है. जिम या मेहनत के काम में निकलने वाला पसीना कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है.

पसीने के जरिए शरीर से नमक, कोलेस्ट्रॉल और अल्कोहल जैसे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे लिवर और किडनी का काम आसान हो जाता है. जब पसीना निकलता है, तो रोम छिद्र (Pores) खुल जाते हैं और उनमें जमी धूल-मिट्टी बाहर आ जाती है. यह मुहांसों को रोकने और त्वचा को प्राकृतिक चमक देने में मदद करता है.पसीना आना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर ऊर्जा खर्च कर रहा है. जिम या मेहनत के काम में निकलने वाला पसीना कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है.

नियमित पसीना बहाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. इससे हार्ट संबंधी जटिलताओं का जोखिम भी कम हो जाता है. इससे मूड फ्रेश रहता है. पसीना निकलने के दौरान शरीर में एंडोर्फिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो तनाव और चिंता को कम कर आपको खुशी महसूस कराते हैं.  (डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध रिपोर्ट्स और जानकारी पर आधारित है. news18 का इससे कोई संबंध नहीं है और news18 इसके लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है.)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
AI Spending Cuts Lead to 4,800 Job Losses

July 6, 2026/
8:39 pm

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक माइक्रोसॉफ्ट अपनी टोटल वर्कफोर्स में करीब 2.1% की कटौती कर रही है, जिसके तहत...

मंदसौर पुलिस ने गुजरात से पकड़ा ड्रग तस्कर:डेढ़ किलो एमडी की तस्करी के मामले में था फरार, एसपी ने बनाई थी टीम

April 6, 2026/
8:11 pm

मंदसौर सिटी कोतवाली पुलिस ने एमडी ड्रग्स तस्करी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को गुजरात से...

Govt loses 1 lakh crore excise duty cut fuel

May 25, 2026/
3:50 pm

नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को बताया कि पेट्रोल और डीजल...

Brother Arjun Kapoor Hugs, Kalira Falls!

July 6, 2026/
3:11 pm

26 मिनट पहले कॉपी लिंक बोनी कपूर की बेटी अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी के प्री-वेडिंग फंक्शंस की...

Kangana Ranaut Slams Rahul Gandhi Marriage Rumor

May 4, 2026/
5:20 pm

36 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस और हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनोट राहुल गांधी के साथ...

सट्टे और जुए की कमाई का दान नहीं:गुना में सजेगा 9 फीट की महाकाली का दरबार; सदस्यों की तनख्वाह से होगा आयोजन

March 16, 2026/
1:53 pm

गुना के तलैया मोहल्ले में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आज जबलपुर से महाकाली की 9 फीट ऊंची प्रतिमा पहुंच...

सास मां बन जाए तो रिश्ते खूबसूरत बनते हैं:रेणुका शहाणे बोलीं- नहीं तो बेटा और पति सास-बहू के झगड़ों में पिसेंगे

July 28, 2026/
5:00 am

मराठी वेब सीरीज ‘अगं आई अहो आई’ में रेणुका शहाणे ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो रिश्तों को...

राजनीति

Health Tips: क्या गर्मी में हद से ज्यादा पसीना आना बुरा है? यह बीमारी का है संकेत या सेहत की निशानी, जानिए डिटेल

perfGogleBtn

Last Updated:

Excess Sweating good or Bad: गर्मी के मौसम में पसीना आना आम बात है. भीषण गर्मी में जैसे ही लोग बाहर निकलते हैं या ज्यादा मेहनत करते हैं उन्हें बहुत तेज पसीना आता है. कुछ लोगों को हद से ज्यादा पसीना निकलता है. ऐसे में सोशल मीडिया पर यह फैलाया जा रहा है कि ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह है. पर असली सवाल यह है कि क्या सच में ज्यादा पसीना आना बुरा है या यह हेल्दीपन का संकेत है. यदि आप भी कंफ्यूज हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें.

जैसे ही गर्मी बढ़ती है या हम वर्कआउट करते हैं, पसीना हमारे कपड़ों को भिगो देता है.इससे हमें इरीटेशन होने लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पसीना न आए तो क्या होगा? पसीना आना असल में हमारे शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम है. यह न केवल हमारे शरीर के अंदर के तापमान को नियंत्रित करता है बल्कि अंदर जमी गंदगी को भी बाहर फेंकता है. इसलिए यह बात दिमाग से निकाल लीजिए कि ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह है. किसी भी तरह से ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह नहीं है. डॉक्टरों के अनुसार पसीना आपकी त्वचा को साफ करने से लेकर आपके मानसिक तनाव को कम करने तक में मदद करता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक धूप में पसीना आना बिल्कुल सामान्य है. बहुत लोग सोचते हैं कि पसीना आना सेहत के लिए खराब है. लेकिन पसीना हमारे शरीर को अंदर से और गर्मी से बचाता है, ये बात बहुत लोगों को पता नहीं होती. पसीना हमारे शरीर को ठंडा रखने का कमाल का तरीका है और ये हमें सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम करता है.

यह प्रक्रिया सिर्फ पानी निकालने की नहीं है, बल्कि शरीर को बचाने के लिए जरूरी एक जैविक प्रतिक्रिया है. तो चलिए जानते हैं पसीना आने से क्या-क्या फायदे होते हैं. असल में पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान आमतौर पर करीब 98.6°F (37°C) होना चाहिए.

यह प्रक्रिया सिर्फ पानी निकालने की नहीं है, बल्कि शरीर को बचाने के लिए जरूरी एक जैविक प्रतिक्रिया है. तो चलिए जानते हैं पसीना आने से क्या-क्या फायदे होते हैं. असल में पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान आमतौर पर करीब 98.6°F (37°C) होना चाहिए.  

Add News18 as
Preferred Source on Google

असल में पसीना आना शरीर को कुदरती ठंडा करने का तरीका है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. हमारे शरीर का अंदरुनी तापमान आमतौर पर करीब 98.6°F (37°C) पर नियत रहता है.  जब बाहर की गर्मी बहुत ज्यादा हो जाती है या हम एक्सरसाइज जैसी कोई एक्टिविटी करते हैं तो शरीर गर्म हो जाता है. ऐसे वक्त में दिमाग का एक हिस्सा जिसे हाइपोथैलेमस कहते हैं, तुरंत काम करना शुरू कर देता है. 

पसीना 99% पानी, करीब 1% नमक और कैलोरी से बना होता है. जब ये तरल त्वचा की सतह पर पहुंचता है, तो बदलाव शुरू हो जाता है. जैसे ही पसीना हवा के संपर्क में आता है, वो वाष्पित होने लगता है. इस प्रक्रिया में पसीना हमारी त्वचा से शरीर की अतिरिक्त गर्मी को बाहर निकालता है. जब ये गर्मी भाप बनकर उड़ जाती है, तो हमारी त्वचा ठंडी हो जाती है, जिससे शरीर अपना 37°C का स्थिर तापमान बनाए रखने में मदद करता है.  

गर्मी में ज्यादा पसीना आने का मुख्य कारण बाहर का तापमान होता है. इस समय हमारे शरीर की गर्मी सामान्य से ज्यादा हो जाती है. ऐसे में शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है. अगर शरीर में पसीना आना बंद हो जाए, तो हमारी बॉडी का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है.

जब तापमान बढ़ता है, तो हाइपोथैलेमस ज्यादा एक्टिव हो जाता है और शरीर को ठंडा रखने के लिए ग्रंथियों को ज्यादा पानी और नमक बाहर निकालने का संकेत देता है. सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि नम वातावरण भी पसीना आने का कारण बनता है. हवा में नमी होती है, जिससे हमारी त्वचा से पसीना आसानी से वाष्पित नहीं हो पाता. इसी वजह से हमारा प्राकृतिक ठंडा करने वाला सिस्टम पूरी तरह काम नहीं करता और हम नमी में ज्यादा असहज महसूस करते हैं.

इसके अलावा, पसीना ग्रंथियां सिर्फ तापमान से नहीं बल्कि तनाव या चिंता से भी एक्टिव हो जाती हैं. जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर की एपोक्राइन ग्रंथियां पसीना छोड़ती हैं. तब पसीना बनता है, लेकिन ये तापमान कम करने के लिए नहीं होता.

इसके अलावा, पसीना ग्रंथियां सिर्फ तापमान से नहीं बल्कि तनाव या चिंता से भी एक्टिव हो जाती हैं. जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर की एपोक्राइन ग्रंथियां पसीना छोड़ती हैं. तब पसीना बनता है, लेकिन ये तापमान कम करने के लिए नहीं होता. 

पसीने के जरिए शरीर से नमक, कोलेस्ट्रॉल और अल्कोहल जैसे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे लिवर और किडनी का काम आसान हो जाता है. जब पसीना निकलता है, तो रोम छिद्र (Pores) खुल जाते हैं और उनमें जमी धूल-मिट्टी बाहर आ जाती है. यह मुहांसों को रोकने और त्वचा को प्राकृतिक चमक देने में मदद करता है.पसीना आना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर ऊर्जा खर्च कर रहा है. जिम या मेहनत के काम में निकलने वाला पसीना कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है.

पसीने के जरिए शरीर से नमक, कोलेस्ट्रॉल और अल्कोहल जैसे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे लिवर और किडनी का काम आसान हो जाता है. जब पसीना निकलता है, तो रोम छिद्र (Pores) खुल जाते हैं और उनमें जमी धूल-मिट्टी बाहर आ जाती है. यह मुहांसों को रोकने और त्वचा को प्राकृतिक चमक देने में मदद करता है.पसीना आना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर ऊर्जा खर्च कर रहा है. जिम या मेहनत के काम में निकलने वाला पसीना कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है.

नियमित पसीना बहाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. इससे हार्ट संबंधी जटिलताओं का जोखिम भी कम हो जाता है. इससे मूड फ्रेश रहता है. पसीना निकलने के दौरान शरीर में एंडोर्फिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो तनाव और चिंता को कम कर आपको खुशी महसूस कराते हैं.  (डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध रिपोर्ट्स और जानकारी पर आधारित है. news18 का इससे कोई संबंध नहीं है और news18 इसके लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है.)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.