Monday, 14 Sep 2026 | 06:28 PM

Trending :

EXCLUSIVE

India successfully tests ICBM Agni missile with MIRV system DRDO

India successfully tests ICBM Agni missile with MIRV system DRDO

भुवनेश्वर34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने शुक्रवार को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल परीक्षण सेंटर से अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया। DRDO ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस मिसाइल में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) सिस्टम लगाया गया है, जिससे एक साथ कई परमाणु हथियारों को ले जाया जा सकता है। साथ ही एक बार में

कई टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अलग-अलग जगहों पर मौजूद कई टारगेट्स को सफलतापूर्वक हिट किया। ये सभी टारगेट हिंद महासागर क्षेत्र में फैले हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह भारत की दूसरी इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। इसकी रेंज लगभग 5 हजार से 7 हजार किलोमीटर तक है। इसकी स्पीड इतनी ज्यादा है कि दुश्मन के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना लगभग नामुमकिन है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी।

अग्नि-5 पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल

अग्नि सीरीज में भारत के पास अग्नि-1, 2, 3, 4 और 5 मिसाइलें हैं। अग्नि-5 भारत की पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल थी, जिसे DRDO ने बनाया है। ये भारत के पास मौजूद लंबी दूरी की मिसाइलों में से एक है। ICBM ऐसी मिसाइलें होती हैं, जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक हमला कर सकती हैं।

  • इस मिसाइल की रेंज 5 हजार किलोमीटर है। अग्नि- 5 बैलिस्टिक मिसाइल एक साथ कई हथियार ले जाने में सक्षम है।
  • ये मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) से लैस है। यानी एक साथ कई टारगेट्स के लिए लॉन्च की जा सकती है।
  • यह मिसाइल डेढ़ टन तक न्यूक्लियर हथियार अपने साथ ले जा सकती है। इसकी स्पीड मैक 24 है, यानी आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा।
  • अग्नि-5 के लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस वजह से इस मिसाइल को कहीं भी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।
  • अग्नि-5 मिसाइल का इस्तेमाल भी बेहद आसान है, इस वजह से देश में कहीं भी इसकी तैनाती की जा सकती है।

दुनिया के सिर्फ 6 देशों के पास ICBM तकनीक

दुनिया के पांच देशों- अमेरिका, रूस, चीन, भारत, फ्रांस और ब्रिटेन के पास इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) की तकनीक है।

अग्नि-5 एक से ज्यादा वॉरहेड ले जा सकती है

अग्नि-5 एक एडवांस्ड MIRV मिसाइल है। MIRV का अर्थ मल्टीपल इंडिपेंडेंटली-टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल है। ट्रेडिशनल मिसाइल में केवल एक वॉरहेड ले जाया जा सकता है, जबकि MIRV में मल्टीपल वॉरहेड एक साथ कैरी कर सकते हैं। वॉरहेड यानी, मिसाइल का अगला भाग जिसमें विस्फोटक होते हैं।

इस खासियत के मायने ये हुए कि एक दूसरे से सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद कई टारगेट्स को एक ही मिसाइल के जरिए तबाह किया जा सकता है। एक ही टारगेट पर मल्टीपल वॉरहेड को एक बार में लॉन्च भी किया जा सकता है।

अमेरिका ने 1970 में विकसित की थी MIRV तकनीक

MIRV तकनीक सबसे पहले अमेरिका ने 1970 में विकसित की थी। 20वीं सदी के अंत तक अमेरिका और सोवियत संघ दोनों के पास MIRV से लैस कई इंटरकॉन्टिनेंटल और सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलें थीं।

—————————————

ये खबर भी पढ़ें…

अग्नि-5 का ओडिशा में सफल परीक्षण, रेंज 5000km, चीन-पाकिस्तान तक मार करने की क्षमता

भारत ने अपनी पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण कर लिया है। ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में बुधवार को इसकी टेस्टिंग हुई। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
होर्मुज में टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत:अमेरिका ने लगातार तीसरा रात ईरान पर हमले किए; ईरानी बंदरगाहों की फिर नाकाबंदी करेगा US

July 14, 2026/
6:47 am

होर्मुज स्ट्रेट में हालिय हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। UAE के रक्षा मंत्रालय के...

मंदसौर की झील गुप्ता बनीं सिविल जज:गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में 11वां स्थान मिला, जिले में खुशी की लहर

March 12, 2026/
8:36 am

मंदसौर जिले के लिए गौरव का क्षण है। शहर की बेटी झील गुप्ता ने गुजरात में आयोजित सिविल जज (ज्यूडिशियल...

सर में नाम कटा, सत्यापन में देरी और फिर सूची में पर्यटक नाम... 104 साल के केन्या में बंगाल चुनाव में मिला वीआईपी दौरा

April 30, 2026/
10:51 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित 104 साहूकार इब्राहिम ने लोकतंत्र में वोट डाला।...

असम चुनाव: 25 लाख का बीमा, युवाओं को 1250 रुपये की पेंशन...असम में चुनाव से पहले खरगे ने की कांग्रेस की 5 गारंटी की घोषणा

March 29, 2026/
11:29 pm

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को असम राज्य के लिए अपनी पार्टी की पांचवीं संस्था की घोषणा की है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

India successfully tests ICBM Agni missile with MIRV system DRDO

India successfully tests ICBM Agni missile with MIRV system DRDO

भुवनेश्वर34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने शुक्रवार को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल परीक्षण सेंटर से अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया। DRDO ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस मिसाइल में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) सिस्टम लगाया गया है, जिससे एक साथ कई परमाणु हथियारों को ले जाया जा सकता है। साथ ही एक बार में

कई टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अलग-अलग जगहों पर मौजूद कई टारगेट्स को सफलतापूर्वक हिट किया। ये सभी टारगेट हिंद महासागर क्षेत्र में फैले हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह भारत की दूसरी इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। इसकी रेंज लगभग 5 हजार से 7 हजार किलोमीटर तक है। इसकी स्पीड इतनी ज्यादा है कि दुश्मन के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना लगभग नामुमकिन है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी।

अग्नि-5 पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल

अग्नि सीरीज में भारत के पास अग्नि-1, 2, 3, 4 और 5 मिसाइलें हैं। अग्नि-5 भारत की पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल थी, जिसे DRDO ने बनाया है। ये भारत के पास मौजूद लंबी दूरी की मिसाइलों में से एक है। ICBM ऐसी मिसाइलें होती हैं, जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक हमला कर सकती हैं।

  • इस मिसाइल की रेंज 5 हजार किलोमीटर है। अग्नि- 5 बैलिस्टिक मिसाइल एक साथ कई हथियार ले जाने में सक्षम है।
  • ये मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) से लैस है। यानी एक साथ कई टारगेट्स के लिए लॉन्च की जा सकती है।
  • यह मिसाइल डेढ़ टन तक न्यूक्लियर हथियार अपने साथ ले जा सकती है। इसकी स्पीड मैक 24 है, यानी आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा।
  • अग्नि-5 के लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस वजह से इस मिसाइल को कहीं भी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।
  • अग्नि-5 मिसाइल का इस्तेमाल भी बेहद आसान है, इस वजह से देश में कहीं भी इसकी तैनाती की जा सकती है।

दुनिया के सिर्फ 6 देशों के पास ICBM तकनीक

दुनिया के पांच देशों- अमेरिका, रूस, चीन, भारत, फ्रांस और ब्रिटेन के पास इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) की तकनीक है।

अग्नि-5 एक से ज्यादा वॉरहेड ले जा सकती है

अग्नि-5 एक एडवांस्ड MIRV मिसाइल है। MIRV का अर्थ मल्टीपल इंडिपेंडेंटली-टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल है। ट्रेडिशनल मिसाइल में केवल एक वॉरहेड ले जाया जा सकता है, जबकि MIRV में मल्टीपल वॉरहेड एक साथ कैरी कर सकते हैं। वॉरहेड यानी, मिसाइल का अगला भाग जिसमें विस्फोटक होते हैं।

इस खासियत के मायने ये हुए कि एक दूसरे से सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद कई टारगेट्स को एक ही मिसाइल के जरिए तबाह किया जा सकता है। एक ही टारगेट पर मल्टीपल वॉरहेड को एक बार में लॉन्च भी किया जा सकता है।

अमेरिका ने 1970 में विकसित की थी MIRV तकनीक

MIRV तकनीक सबसे पहले अमेरिका ने 1970 में विकसित की थी। 20वीं सदी के अंत तक अमेरिका और सोवियत संघ दोनों के पास MIRV से लैस कई इंटरकॉन्टिनेंटल और सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलें थीं।

—————————————

ये खबर भी पढ़ें…

अग्नि-5 का ओडिशा में सफल परीक्षण, रेंज 5000km, चीन-पाकिस्तान तक मार करने की क्षमता

भारत ने अपनी पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण कर लिया है। ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में बुधवार को इसकी टेस्टिंग हुई। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.