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राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति दी है। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। राहुल ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। वे इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकते। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है। राहुल मंगलवार शाम 7:15 बजे बैठक के लिए पहुंचे राहुल मंगलवार शाम 8:40 बजे मीटिंग से निकले राहुल का असहमति लेटर, 5 पॉइंट; कहा- आप अपना उम्मीदवार चुनना चाहते CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है। दो साल का ही कार्यकाल क्यों होता है 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल निर्धारित किया था। हालांकि परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। CBI डायरेक्टर का कार्यकाल सिर्फ दो साल का होता है। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। मौजूदा डायरेक्टर प्रवीण सूद हिमाचल के हैं, 22 साल की उम्र में IPS बने प्रवीण सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले हैं। उनके पिता ओम प्रकाश सूद दिल्ली सरकार में क्लर्क थे, जबकि मां कमलेश सूद दिल्ली के सरकारी स्कूल की टीचर थीं। सूद की स्कूलिंग दिल्ली के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ‌B Tech किया। 1986 में वे 22 साल की उम्र में IPS बने। उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। सर्विस के दौरान ही उन्होंने IIM बेंगलुरु से पब्लिक पुलिस मैनेजमेंट में MBA पूरा किया। पुलिस सर्विस के शुरुआती दौर में वे बेल्लारी और रायचुर में SP रहे। इसके अलावा बेंगलुरु और मैसूरु में वे DCP भी रहे। सूद को 1996 में CM की ओर से गोल्ड मेडल मिल चुका है। इसके अलावा 2002 में पुलिस पदक और 2011 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति की तरफ से पुलिस पदक दिया गया था। प्रवीण सूद कर्नाटक के DGP भी रह चुके हैं। नए CBI डायरेक्टर की रेस में 3 नाम पराग जैन: मौजूदा वक्त में RAW चीफ शत्रुजीत कपूर: इस वक्त ITBP के डायरेक्टर जनरल हैं जीपी सिंह: CRPF के डायरेक्टर जनरल पद पर तैनात —————————– ये खबर भी पढ़ें… राहुल ने चीफ इन्फोर्मेशन कमिश्नर की नियुक्ति पर सवाल उठाए: पूछा- ST, OBC से कितने उम्मीदवार चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति के लिए चयनित उम्मीदवारों की जातियों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति जताई। राहुल ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC, EBC और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम शामिल नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं:CBI डायरेक्टर सेलेक्शन पर असहमति, पीएम के घर डेढ़ घंटे बैठक; कहा- उम्मीदवारों की डिटेल नहीं दी

राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति दी है। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई। राहुल ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। वे इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकते। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है। राहुल मंगलवार शाम 7:15 बजे बैठक के लिए पहुंचे राहुल मंगलवार शाम 8:40 बजे मीटिंग से निकले राहुल का असहमति लेटर, 5 पॉइंट; कहा- आप अपना उम्मीदवार चुनना चाहते CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है। दो साल का ही कार्यकाल क्यों होता है 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल निर्धारित किया था। हालांकि परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। CBI डायरेक्टर का कार्यकाल सिर्फ दो साल का होता है। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। मौजूदा डायरेक्टर प्रवीण सूद हिमाचल के हैं, 22 साल की उम्र में IPS बने प्रवीण सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले हैं। उनके पिता ओम प्रकाश सूद दिल्ली सरकार में क्लर्क थे, जबकि मां कमलेश सूद दिल्ली के सरकारी स्कूल की टीचर थीं। सूद की स्कूलिंग दिल्ली के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ‌B Tech किया। 1986 में वे 22 साल की उम्र में IPS बने। उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। सर्विस के दौरान ही उन्होंने IIM बेंगलुरु से पब्लिक पुलिस मैनेजमेंट में MBA पूरा किया। पुलिस सर्विस के शुरुआती दौर में वे बेल्लारी और रायचुर में SP रहे। इसके अलावा बेंगलुरु और मैसूरु में वे DCP भी रहे। सूद को 1996 में CM की ओर से गोल्ड मेडल मिल चुका है। इसके अलावा 2002 में पुलिस पदक और 2011 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति की तरफ से पुलिस पदक दिया गया था। प्रवीण सूद कर्नाटक के DGP भी रह चुके हैं। नए CBI डायरेक्टर की रेस में 3 नाम पराग जैन: मौजूदा वक्त में RAW चीफ शत्रुजीत कपूर: इस वक्त ITBP के डायरेक्टर जनरल हैं जीपी सिंह: CRPF के डायरेक्टर जनरल पद पर तैनात —————————– ये खबर भी पढ़ें… राहुल ने चीफ इन्फोर्मेशन कमिश्नर की नियुक्ति पर सवाल उठाए: पूछा- ST, OBC से कितने उम्मीदवार चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति के लिए चयनित उम्मीदवारों की जातियों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति जताई। राहुल ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC, EBC और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम शामिल नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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