झाबुआ के कृषि विज्ञान केंद्र प्रक्षेत्र में शनिवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य कृषक कल्याण वर्ष के संकल्प को साकार करना है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि थीं, जबकि कलेक्टर नेहा मीना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मेले का फोकस कृषि, उद्यानिकी तकनीक विस्तारण और तिलहन मिशन पर है, जिसका लक्ष्य किसानों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और उन्नत विपणन प्रणालियों से जोड़ना है। अपने संबोधन में मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया गया है। मंत्री ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य और भूमि पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कृषि सखियों और उपस्थित जनसमूह से मिश्रित खेती व जैविक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। कलेक्टर नेहा मीना ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल मेले का आयोजन नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाना है। उन्होंने जिले की जैविक खेती के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र किया। मीना ने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में तकनीकी प्रशिक्षण दें, ताकि ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के दौरान ग्राम खेड़ी के विमल भाभोर को बायो रिसोर्स सेंटर के लिए सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और फसल बीमा योजना के तहत कई हितग्राहियों को ड्रिप सिस्टम और बीमा पॉलिसी वितरित की गईं। उद्यानिकी और पशुपालन विभाग द्वारा भी ट्रैक्टर, सब्जी खेती और बकरी पालन के लिए लाखों रुपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। मेले में लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों ने सूक्ष्म सिंचाई, नरवाई प्रबंधन और आधुनिक कृषि यंत्रों की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम के समापन पर मंत्री भूरिया ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने एक प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कृषि सखी गंगा मेडा को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मेले की अन्य तस्वीरें…















































