Saturday, 13 Jun 2026 | 07:20 PM

Trending :

EXCLUSIVE

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बलात्कार और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में कॉल रिकॉर्डिंग और वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच को सही ठहराया है। कोर्ट ने पीड़िता की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। ट्रायल कोर्ट ने 1 मई 2024 को दी थी अनुमति
ग्वालियर के विशेष न्यायाधीश (अत्याचार) ने 1 मई 2024 को आरोपी के आवेदन पर पेन ड्राइव में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग की जांच और आरोपी व पीड़िता के वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच की अनुमति दी थी। निष्पक्ष सुनवाई के लिए साक्ष्य का अधिकार जरूरी
जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए आरोपी को अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अधिकार है। केवल ट्रायल शुरू होने के आधार पर जांच से इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़िता ने जांच को बताया अनावश्यक देरी
पीड़िता की ओर से कहा गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और बयान दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में वॉइस सैंपल जांच की अनुमति ट्रायल को अनावश्यक रूप से लंबा करने का प्रयास है।
याचिका में कहा गया कि आरोपी का आवेदन स्पष्ट नहीं है। कॉल रिकॉर्डिंग की तारीख, समय और उसकी प्रामाणिकता का उल्लेख नहीं किया गया, इसलिए जांच की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Jadejas Six & Celebs; Dubes Fifty

March 31, 2026/
4:30 am

गुवाहाटी8 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान रॉयल्स ने जीत के साथ IPL 2026 की शुरुआत की। टीम ने चेन्नई सुपर...

तस्वीर का विवरण

April 29, 2026/
10:57 pm

आवश्यक सामग्री: लोकी, पुदीना स्वाद, हरा धनिया, 1-2 हरी मिर्च, 2-3 कलियां लहसुन, 2-3 देशी घी, नमक स्वाद, 1/2 छोटा...

‘कॉकटेल 2’ का ट्रेलर जारी; 19 जून को आएगी फिल्म:ट्रेलर में शाहिद, कृति और रश्मिका के किरदारों के बीच बनते-बिगड़ते रिश्तों को दिखाया गया है

June 4, 2026/
12:48 pm

शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म ‘कॉकटेल 2’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म का निर्देशन...

Holi Organic Gulal; Chemical Free Natural Colors DIY Methods

February 28, 2026/
4:30 am

34 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक होली का त्योहार नजदीक है। इस मौके पर लोग रंग-गुलाल खेलते हैं। हालांकि...

कर्नाटक उपचुनाव: किन दो विधानसभा सीटों पर हो रहा है विधानसभा? मतदान जारी, जानिए

April 9, 2026/
10:14 am

विधानसभा चुनाव 2026: कर्नाटक की दो जिलों की सीट बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण पर के लिए ग्रुप पर सुबह से...

'राजीव किलर्स' के लिए विजय की स्तुति: 'मुल्लीवाइकल इन अवर हार्ट्स' | क्रिप्टो अलगाववाद का समर्थन? | न्यूज18

May 19, 2026/
9:58 pm

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी।...

राजनीति

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बलात्कार और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में कॉल रिकॉर्डिंग और वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच को सही ठहराया है। कोर्ट ने पीड़िता की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। ट्रायल कोर्ट ने 1 मई 2024 को दी थी अनुमति
ग्वालियर के विशेष न्यायाधीश (अत्याचार) ने 1 मई 2024 को आरोपी के आवेदन पर पेन ड्राइव में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग की जांच और आरोपी व पीड़िता के वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच की अनुमति दी थी। निष्पक्ष सुनवाई के लिए साक्ष्य का अधिकार जरूरी
जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए आरोपी को अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अधिकार है। केवल ट्रायल शुरू होने के आधार पर जांच से इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़िता ने जांच को बताया अनावश्यक देरी
पीड़िता की ओर से कहा गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और बयान दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में वॉइस सैंपल जांच की अनुमति ट्रायल को अनावश्यक रूप से लंबा करने का प्रयास है।
याचिका में कहा गया कि आरोपी का आवेदन स्पष्ट नहीं है। कॉल रिकॉर्डिंग की तारीख, समय और उसकी प्रामाणिकता का उल्लेख नहीं किया गया, इसलिए जांच की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.