Thursday, 08 Oct 2026 | 03:20 AM

Trending :

EXCLUSIVE

CBSE Three Language Policy Virodh

CBSE Three Language Policy Virodh

16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। जिसमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं।

ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अलगे हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था।

इसका नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है।

जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच करेगी सुनवाई सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पेरेंट्स की तरफ से पक्ष रखा। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैच इस पर सुनवाई करेगी।

रोहतगी ने पक्ष रखते हुए कहा, ‘ये एक बेहद जरूरी जनहित याचिका है। ये CBSE की उस पॉलिसी को चुनौती दे रहे हैं जिसके तहत 9वीं में दो और भाषाएं अनिवार्य की गई हैं।’

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनावई कर सकता है। इस फैसले से 9वीं, 10वीं वलास के लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे।

याचिकाकर्ताओं का आरोप CBSE बात से पलटा

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा।

याचिका में CBSE और NCERT पर आरोप लगाया है कि ये मनमाना फैसला है। पेरेंट्स और टीचर्स का कहना है कि CBSE पहले खुद मान चुका है कि ट्रेंड टीचर्स और टेक्स्टबुक की कमी है, फिर भी स्कूलों पर इसे लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी और सार्थक शिक्षा का मतलब सिर्फ एक नया विषय थोप देना नहीं होता, खासकर तब जब उसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेंड टीचर्स और पढ़ाने का सिस्टम ही मौजूद न हो।

याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह सर्कुलर नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के खिलाफ है। NEP में साफ कहा गया है कि किसी भी राज्य या छात्र पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी।

9वीं, 10वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य

15 मई को जारी सर्कुलर में CBSE ने अपने सभी स्‍कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य किया था। इसके तहत 9वीं और 10वीं के बच्‍चों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।

CBSC का नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा। इस फैसले से 9वीं और 10वीं के मिलाकर लगभग 50 लाख बच्‍चे प्रभावित होंगे। साथ ही इस साल 10 वीं के बच्चों को तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा।

स्‍कूल 30 जून तक थर्ड लैंग्‍वेज चुनेंगे

थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्‍पष्‍ट किया है कि स्‍कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्‍वेज चुन सकते हैं। सभी स्‍कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्‍वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी।

बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्‍कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्‍वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

10वीं में थर्ड लैंग्‍वेज का पेपर नहीं होगा

CBSE ने साफ किया है कि इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा में थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा। हालांकि, छात्रों के लिए इसकी पढ़ाई करना जरूरी रहेगा। जब तक थर्ड लैंग्वेज की नई किताबें उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक 9वीं के छात्र 6वीं कक्षा की थर्ड लैंग्वेज की किताबों से पढ़ाई करेंगे।

स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वे पढ़ाई के लिए स्थानीय और राज्य स्तर का साहित्य उपलब्ध कराएं। इसमें कविताएं, छोटी कहानियां और अन्य साहित्यिक सामग्री शामिल होगी।

1 जुलाई से स्कूलों में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश

CBSE ने माना कि कुछ स्कूलों को भारतीय मूल की भाषाओं के लिए क्वालिफाइड टीचर्स अरेंज करने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे में स्कूलों को इंटर स्कूल रिर्सोसेस के माध्यम से हाइब्रिड टीचिंग सपोर्ट, रिटायर लैंग्वेज टीचर की नियुक्ति और क्वालिफाइड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स के हायरिंग की परमिशन भी दी गई है।

CBSE तीसरी भाषा के लिए 19 भाषाओं की किताबें तैयार कर रहा

CBSE और NCERT कक्षा VI R3 के लिए 19 भाषाओं में किताबें तैयार कर रहे हैं। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल और तेलुगु जैसी भाषाएं शामिल हैं।

6वीं क्‍लास में लागू हो चुका है नियम

बोर्ड ने इससे पहले 9 अप्रैल को एक सकुर्लर जारी कर 6वीं क्‍लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य की थी। साथ ही इस फैसले को 7 दिन के अंदर लागू करने का भी निर्देश दिया था।

महाराष्ट्र थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला पहला राज्य

महाराष्ट्र पिछले साल थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। राज्‍य में 1 से 5वीं क्लास तक के बच्चों के लिए हिंदी पढ़ना जरूरी कर दिया गया है। राज्य के सभी मराठी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में नियम लागू है।

34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 को लाया गया

नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें।

नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है।

—————

NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी: इस साल रद्द हुई परीक्षा 21 जून को, यह पेपर-पेंसिल से होगी; सरकार ने माना- पेपर लीक हुए

अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने माना कि 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बंगाल में 8 की जगह अब सिर्फ 2 चरणों में चुनाव, ममता बनर्जी के लिए कितनी मुश्किल? परीक्षण की राय जानें

March 15, 2026/
6:50 pm

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने रविवार को राज्य की तारीखों का ऐलान कर...

'फैमिली में कोई नेगेटिविटी नहीं है':हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार में तनाव की अफवाहों को किया खारिज

February 26, 2026/
10:36 am

एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार में तनाव की चल रही अफवाहों को खारिज करते हुए एक्ट्रेस और...

Iran War Fears Sink Sensex 1837 Points

March 24, 2026/
9:50 am

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोना-चांदी की कीमत से जुड़ी रही। IBJA के मुताबिक, 10...

न्यूजीलैंड के PM आएंगे गोल्डन टेंपल:जत्थेदार गड़गज से की मुलाकात, भारत आने का निमंत्रण किया स्वीकार; उपहारों का किया आदान-प्रदान

April 19, 2026/
11:16 am

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने आज ऑकलैंड के ओटाहूहू क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक सिख संगत साहिब का...

Ali Fazal & Sonali Bendre Rakh First Look

March 19, 2026/
8:18 pm

1 घंटे पहले कॉपी लिंक मुंबई में आयोजित ‘प्राइम वीडियो 2026’ कार्यक्रम में सस्पेंस-थ्रिलर वेब सीरीज ‘राख’ का फर्स्ट लुक...

आदित्य धर को कोर्ट से राहत:धुरंधर की स्क्रिप्ट चोरी मामले में सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने वाली याचिका खारिज; आदित्य के खिलाफ बयान नहीं देंगे सकेंगे

May 1, 2026/
7:24 pm

फिल्म ‘धुरंधर’ की कहानी चुराने (प्लेगरिज्म) के विवाद में डायरेक्टर आदित्य धर को गुरुवार को दो अलग-अलग अदालतों से बड़ी...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

CBSE Three Language Policy Virodh

CBSE Three Language Policy Virodh

16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। जिसमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं।

ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अलगे हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था।

इसका नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है।

जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच करेगी सुनवाई सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पेरेंट्स की तरफ से पक्ष रखा। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैच इस पर सुनवाई करेगी।

रोहतगी ने पक्ष रखते हुए कहा, ‘ये एक बेहद जरूरी जनहित याचिका है। ये CBSE की उस पॉलिसी को चुनौती दे रहे हैं जिसके तहत 9वीं में दो और भाषाएं अनिवार्य की गई हैं।’

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनावई कर सकता है। इस फैसले से 9वीं, 10वीं वलास के लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे।

याचिकाकर्ताओं का आरोप CBSE बात से पलटा

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा।

याचिका में CBSE और NCERT पर आरोप लगाया है कि ये मनमाना फैसला है। पेरेंट्स और टीचर्स का कहना है कि CBSE पहले खुद मान चुका है कि ट्रेंड टीचर्स और टेक्स्टबुक की कमी है, फिर भी स्कूलों पर इसे लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी और सार्थक शिक्षा का मतलब सिर्फ एक नया विषय थोप देना नहीं होता, खासकर तब जब उसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेंड टीचर्स और पढ़ाने का सिस्टम ही मौजूद न हो।

याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह सर्कुलर नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के खिलाफ है। NEP में साफ कहा गया है कि किसी भी राज्य या छात्र पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी।

9वीं, 10वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य

15 मई को जारी सर्कुलर में CBSE ने अपने सभी स्‍कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य किया था। इसके तहत 9वीं और 10वीं के बच्‍चों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।

CBSC का नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा। इस फैसले से 9वीं और 10वीं के मिलाकर लगभग 50 लाख बच्‍चे प्रभावित होंगे। साथ ही इस साल 10 वीं के बच्चों को तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा।

स्‍कूल 30 जून तक थर्ड लैंग्‍वेज चुनेंगे

थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्‍पष्‍ट किया है कि स्‍कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्‍वेज चुन सकते हैं। सभी स्‍कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्‍वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी।

बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्‍कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्‍वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

10वीं में थर्ड लैंग्‍वेज का पेपर नहीं होगा

CBSE ने साफ किया है कि इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा में थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा। हालांकि, छात्रों के लिए इसकी पढ़ाई करना जरूरी रहेगा। जब तक थर्ड लैंग्वेज की नई किताबें उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक 9वीं के छात्र 6वीं कक्षा की थर्ड लैंग्वेज की किताबों से पढ़ाई करेंगे।

स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वे पढ़ाई के लिए स्थानीय और राज्य स्तर का साहित्य उपलब्ध कराएं। इसमें कविताएं, छोटी कहानियां और अन्य साहित्यिक सामग्री शामिल होगी।

1 जुलाई से स्कूलों में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश

CBSE ने माना कि कुछ स्कूलों को भारतीय मूल की भाषाओं के लिए क्वालिफाइड टीचर्स अरेंज करने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे में स्कूलों को इंटर स्कूल रिर्सोसेस के माध्यम से हाइब्रिड टीचिंग सपोर्ट, रिटायर लैंग्वेज टीचर की नियुक्ति और क्वालिफाइड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स के हायरिंग की परमिशन भी दी गई है।

CBSE तीसरी भाषा के लिए 19 भाषाओं की किताबें तैयार कर रहा

CBSE और NCERT कक्षा VI R3 के लिए 19 भाषाओं में किताबें तैयार कर रहे हैं। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल और तेलुगु जैसी भाषाएं शामिल हैं।

6वीं क्‍लास में लागू हो चुका है नियम

बोर्ड ने इससे पहले 9 अप्रैल को एक सकुर्लर जारी कर 6वीं क्‍लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य की थी। साथ ही इस फैसले को 7 दिन के अंदर लागू करने का भी निर्देश दिया था।

महाराष्ट्र थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला पहला राज्य

महाराष्ट्र पिछले साल थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। राज्‍य में 1 से 5वीं क्लास तक के बच्चों के लिए हिंदी पढ़ना जरूरी कर दिया गया है। राज्य के सभी मराठी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में नियम लागू है।

34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 को लाया गया

नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें।

नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है।

—————

NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी: इस साल रद्द हुई परीक्षा 21 जून को, यह पेपर-पेंसिल से होगी; सरकार ने माना- पेपर लीक हुए

अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने माना कि 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.