Monday, 14 Sep 2026 | 04:55 PM

Trending :

Amal Mallik Clarifies Salman Khan Controversy भारत नेपाल को रोज 18 घंटे 654 MW बिजली देगा:यह 28 लाख घरों की जरूरत के बराबर; बाढ़ से नेपाल में बिजली उत्पादन घटा सुनीता आहूजा के घर गणपति बप्पा का सेलिब्रेशन:बेटे यशवर्धन-बेटी टीना के साथ की पूजा, पति गोविंदा नजर नहीं आए सुनीता आहूजा के घर गणपति बप्पा का सेलिब्रेशन:बेटे यशवर्धन-बेटी टीना के साथ की पूजा, पति गोविंदा नजर नहीं आए ईरान में अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू का वीडियो सामने आया:बचने के लिए 2 दिन पहाड़ में छिपा रहा; अप्रैल में गिरा था F-15 विमान पाकिस्तान ने आतंकी मसूद-अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया:भगोड़ा घोषित किया; अक्टूबर में FATF बैठक होनी है, उससे पहले कार्रवाई की
EXCLUSIVE

High Protein Diet Risks | Women Health Tips | स्वास्थ्य पर हाई प्रोटीन का असर क्या होता है | फिटनेस ट्रेंड का साइड इफेक्ट |

authorimg

Last Updated:

Protein Side Effects: सोशल मीडिया पर दिखने वाली परफेक्ट बॉडी की चाहत कहीं आपकी सेहत की दुश्मन न बन जाए. दरअसल, महिलाओं में इन दिनों बिना डॉक्टरी सलाह के हाई-प्रोटीन डाइट और सप्लीमेंट लेने का एक ऐसा ट्रेंड बढ़ा है, जिसने चिंता बढ़ा दी है. आखिर वो कौन सी गलती है जो फिटनेस के नाम पर आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भारी पड़ रही है? प्रोटीन की वह कौन सी सीमा है, जिसे पार करते ही शरीर के अंदर समस्याएं शुरू हो जाती है? जो उन महिलाओं के लिए एक चेतावनी है जो इंटरनेट इन्फ्लुएंसर्स की बातों को बिना सोचे-समझे सच मान बैठी हैं.

कन्नौज: सोशल मीडिया पर इन दिनों वजन घटाने और फिट दिखने की होड़ मची हुई है, लेकिन इस चमक-धमक के पीछे एक गंभीर स्वास्थ्य संकट भी छिपा है. इंटरनेट पर मौजूद फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स की बातों में आकर कई महिलाएं बिना किसी डॉक्टरी सलाह के हाई-प्रोटीन डाइट और महंगे सप्लीमेंट्स का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रही हैं. कन्नौज जिला अस्पताल के विशेषज्ञों ने इस बढ़ते ट्रेंड पर गहरी चिंता जताई है और महिलाओं को आगाह किया है कि बिना विशेषज्ञ की देखरेख के पोषक तत्वों का असंतुलन शरीर को स्थाई नुकसान पहुंचा सकता है.

जरूरत से ज्यादा प्रोटीन बन सकता है शरीर पर बोझ
प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक जरूरी तत्व है, लेकिन इसकी अति सेहत के लिए घातक साबित हो सकती है. जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु के अनुसार, जब महिलाएं शरीर की वास्तविक जरूरत को समझे बिना केवल प्रोटीन पर निर्भर हो जाती हैं, तो इसका सीधा असर उनके पाचन तंत्र पर पड़ता है. आवश्यकता से अधिक प्रोटीन का सेवन मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देता है जिससे गैस, पेट फूलने और कब्ज जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसके अलावा, यह स्थिति शरीर के भीतर के महत्वपूर्ण अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालती है जिससे लंबे समय में अन्य जटिल बीमारियां जन्म ले सकती हैं.

प्रोटीन की मात्रा तय करना बहुत जरूरी है
हर महिला के शरीर की बनावट और उसकी जीवनशैली अलग होती है, इसलिए प्रोटीन की मात्रा भी सबके लिए एक समान नहीं हो सकती. विशेषज्ञों का कहना है कि एक सामान्य महिला को उसके प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से लगभग 1.75 से 1.80 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है. जो महिलाएं जिम में भारी कसरत करती हैं, उनके लिए यह मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन गर्भावस्था या मेनोपॉज जैसी विशेष स्थितियों में यह पूरी तरह डॉक्टर के परामर्श पर निर्भर होना चाहिए. बिना सोचे-समझे किसी भी डाइट चार्ट को फॉलो करना न केवल बेअसर रहता है बल्कि हार्मोनल असंतुलन का कारण भी बन सकता है.

पाउडर के बजाय प्राकृतिक स्रोतों पर दें ध्यान
डॉ. शक्ति बसु ने महिलाओं को सलाह दी है कि उन्हें बाजाBAर में बिकने वाले डिब्बाबंद प्रोटीन पाउडर के बजाय रसोई में मौजूद प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर भरोसा करना चाहिए. दालें, पनीर, मछली, अंडा, सोयाबीन, दही और नट्स प्रोटीन के सबसे सुरक्षित स्रोत हैं जो शरीर को अन्य जरूरी विटामिन भी प्रदान करते हैं. केवल प्रोटीन बढ़ाने से ही वजन कम नहीं होता है, बल्कि इसके लिए सही मात्रा में पानी पीना, पर्याप्त नींद लेना और नियमित शारीरिक व्यायाम करना भी उतना ही आवश्यक है.

सेहत से जुड़े इन खतरों को पहचानना है जरूरी
हाई-प्रोटीन डाइट के दौरान शरीर अक्सर कुछ चेतावनी भरे संकेत देता है जिन्हें महिलाएं अक्सर अनदेखा कर देती हैं. यदि डाइट बदलने के बाद आपको लगातार सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन या डिहाइड्रेशन महसूस हो रहा है, तो यह समझ लेना चाहिए कि शरीर इस बदलाव को स्वीकार नहीं कर पा रहा है. विशेषज्ञों ने अपील की है कि महिलाओं को सोशल मीडिया के शॉर्टकट तरीकों के बजाय स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुभव को प्राथमिकता देनी चाहिए. फिट रहने की चाहत में अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करना किसी भी नजरिए से सही नहीं है और किसी भी बड़े बदलाव से पहले एक्सपर्ट की राय लेना ही सबसे सुरक्षित कदम है.

About the Author

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

August 17, 2026/
8:39 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया...

Golmaal 5 Shooting Starts! Ajay Devgn, Akshay Kumar Entry

April 27, 2026/
7:50 pm

51 मिनट पहले कॉपी लिंक रोहित शेट्टी की कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘गोलमाल’ के पांचवे पार्ट यानी ‘गोलमाल 5’ की शूटिंग शुरू...

PM Kisan 22nd Installment: ₹2000 for 9 Cr Farmers

February 22, 2026/
2:30 pm

नई दिल्ली45 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए अगली किस्त फरवरी के आखिरी...

10 मिनट के लिए रुके, 5 जिंदगियां खत्म:डिंडौरी हादसे की चश्मदीद बोली- सभी के चीथड़े उड़ गए; कपड़े में समेटने पड़े शव

April 13, 2026/
10:08 am

मैं अगर टॉयलेट करने नहीं जाता, तो शायद जिंदा नहीं बचता…ये कहना है डिंडौरी के जिला अस्पताल में भर्ती उदय...

दतिया में ईद-उल-फितर पर 10 स्थानों पर अदा हुई नमाज:ईदगाह और मस्जिदों में उमड़े नमाजी, अमन-चैन की मांगी दुआ

March 21, 2026/
1:02 pm

दतिया जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर सहित पूरे जिले में करीब 10...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

High Protein Diet Risks | Women Health Tips | स्वास्थ्य पर हाई प्रोटीन का असर क्या होता है | फिटनेस ट्रेंड का साइड इफेक्ट |

authorimg

Last Updated:

Protein Side Effects: सोशल मीडिया पर दिखने वाली परफेक्ट बॉडी की चाहत कहीं आपकी सेहत की दुश्मन न बन जाए. दरअसल, महिलाओं में इन दिनों बिना डॉक्टरी सलाह के हाई-प्रोटीन डाइट और सप्लीमेंट लेने का एक ऐसा ट्रेंड बढ़ा है, जिसने चिंता बढ़ा दी है. आखिर वो कौन सी गलती है जो फिटनेस के नाम पर आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भारी पड़ रही है? प्रोटीन की वह कौन सी सीमा है, जिसे पार करते ही शरीर के अंदर समस्याएं शुरू हो जाती है? जो उन महिलाओं के लिए एक चेतावनी है जो इंटरनेट इन्फ्लुएंसर्स की बातों को बिना सोचे-समझे सच मान बैठी हैं.

कन्नौज: सोशल मीडिया पर इन दिनों वजन घटाने और फिट दिखने की होड़ मची हुई है, लेकिन इस चमक-धमक के पीछे एक गंभीर स्वास्थ्य संकट भी छिपा है. इंटरनेट पर मौजूद फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स की बातों में आकर कई महिलाएं बिना किसी डॉक्टरी सलाह के हाई-प्रोटीन डाइट और महंगे सप्लीमेंट्स का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रही हैं. कन्नौज जिला अस्पताल के विशेषज्ञों ने इस बढ़ते ट्रेंड पर गहरी चिंता जताई है और महिलाओं को आगाह किया है कि बिना विशेषज्ञ की देखरेख के पोषक तत्वों का असंतुलन शरीर को स्थाई नुकसान पहुंचा सकता है.

जरूरत से ज्यादा प्रोटीन बन सकता है शरीर पर बोझ
प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक जरूरी तत्व है, लेकिन इसकी अति सेहत के लिए घातक साबित हो सकती है. जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु के अनुसार, जब महिलाएं शरीर की वास्तविक जरूरत को समझे बिना केवल प्रोटीन पर निर्भर हो जाती हैं, तो इसका सीधा असर उनके पाचन तंत्र पर पड़ता है. आवश्यकता से अधिक प्रोटीन का सेवन मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देता है जिससे गैस, पेट फूलने और कब्ज जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसके अलावा, यह स्थिति शरीर के भीतर के महत्वपूर्ण अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालती है जिससे लंबे समय में अन्य जटिल बीमारियां जन्म ले सकती हैं.

प्रोटीन की मात्रा तय करना बहुत जरूरी है
हर महिला के शरीर की बनावट और उसकी जीवनशैली अलग होती है, इसलिए प्रोटीन की मात्रा भी सबके लिए एक समान नहीं हो सकती. विशेषज्ञों का कहना है कि एक सामान्य महिला को उसके प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से लगभग 1.75 से 1.80 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है. जो महिलाएं जिम में भारी कसरत करती हैं, उनके लिए यह मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन गर्भावस्था या मेनोपॉज जैसी विशेष स्थितियों में यह पूरी तरह डॉक्टर के परामर्श पर निर्भर होना चाहिए. बिना सोचे-समझे किसी भी डाइट चार्ट को फॉलो करना न केवल बेअसर रहता है बल्कि हार्मोनल असंतुलन का कारण भी बन सकता है.

पाउडर के बजाय प्राकृतिक स्रोतों पर दें ध्यान
डॉ. शक्ति बसु ने महिलाओं को सलाह दी है कि उन्हें बाजाBAर में बिकने वाले डिब्बाबंद प्रोटीन पाउडर के बजाय रसोई में मौजूद प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर भरोसा करना चाहिए. दालें, पनीर, मछली, अंडा, सोयाबीन, दही और नट्स प्रोटीन के सबसे सुरक्षित स्रोत हैं जो शरीर को अन्य जरूरी विटामिन भी प्रदान करते हैं. केवल प्रोटीन बढ़ाने से ही वजन कम नहीं होता है, बल्कि इसके लिए सही मात्रा में पानी पीना, पर्याप्त नींद लेना और नियमित शारीरिक व्यायाम करना भी उतना ही आवश्यक है.

सेहत से जुड़े इन खतरों को पहचानना है जरूरी
हाई-प्रोटीन डाइट के दौरान शरीर अक्सर कुछ चेतावनी भरे संकेत देता है जिन्हें महिलाएं अक्सर अनदेखा कर देती हैं. यदि डाइट बदलने के बाद आपको लगातार सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन या डिहाइड्रेशन महसूस हो रहा है, तो यह समझ लेना चाहिए कि शरीर इस बदलाव को स्वीकार नहीं कर पा रहा है. विशेषज्ञों ने अपील की है कि महिलाओं को सोशल मीडिया के शॉर्टकट तरीकों के बजाय स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुभव को प्राथमिकता देनी चाहिए. फिट रहने की चाहत में अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करना किसी भी नजरिए से सही नहीं है और किसी भी बड़े बदलाव से पहले एक्सपर्ट की राय लेना ही सबसे सुरक्षित कदम है.

About the Author

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.