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Rahul Gandhi Questions CBSE Revaluation Fees

Rahul Gandhi Questions CBSE Revaluation Fees

नई दिल्ली34 मिनट पहले

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राहुल गांधी ने कहा- गलती CBSE ने की, कमाई सरकारकी हुई। File

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को CBSE की आंसरशीट जांच और री-इवैल्यूएशन प्रोसेस को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने X पोस्ट पर लिखा- छात्रों को अपनी ही कॉपी की सही जांच कराने के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं। अगर CBSE की गलती से किसी छात्र के नंबर गलत आ जाते हैं तो उसका बोझ छात्रों और उनके परिवारों पर क्यों डाला जाता है।

उन्होंने लिखा…

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डिजिटल स्कैन कॉपी पाने के लिए ₹100 प्रति विषय, री-टोटलिंग के लिए ₹100 प्रति पेपर और री-इवैल्यूएशन के लिए ₹25 प्रति सवाल शुल्क देना पड़ता है। अपनी ही आंसर सीट की सही जांच के लिए एक छात्र को ₹2000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं। जब करीब चार लाख छात्रों ने ऐसे आवेदन दिए हैं, तब यह सवाल उठता है कि CBSE इस प्रक्रिया से कितनी कमाई कर रहा है।

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राहुल बोले- गलत मार्किंग की संभावना बढ़ जातीं

राहुल ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिखा कि जब शिक्षा को सेवा की जगह कारोबार बना दिया जाता है, तब गलतियां सुधारी नहीं जातीं बल्कि बढ़ती जाती हैं। इसकी सबसे बड़ी कीमत बच्चों को अपने समय, आत्मविश्वास और भविष्य के रूप में चुकानी पड़ रही है।

31 मई: राहुल की CBSE 12वीं के स्टूडेंट्स से मुलाकात

राहुल गांधी ने CBSE 12वीं क्लास के छात्रों से मुलाकात की थी। उन्होंने X पर छात्रों से बातचीत का 1.30 मिनट का वीडियो पोस्ट किया था। कैप्शन में लिखा- जिन साहसी युवाओं ने CBSE और मोदी सरकार से आसान सवाल पूछे, उन्हें जवाब की जगह अपमान मिला।

वीडियो में छात्रों ने राहुल से कहा- आंसर शीट को लेकर सवाल पूछने पर हमें एंटी-नेशनल, डीप स्टेट एजेंट्स (जासूस), आतंकवादी और पाकिस्तानी कहा गया। राहुल ने हंसते हए कहा- 17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स।

राहुल से जिन छात्रों से बात की, उनमें वेदांत भी शामिल थे। वेदांत की एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर उनकी फिजिक्स कॉपी की जगह किसी और की कॉपी अपलोड की गई थी। वेदांत के बाद कई अन्य छात्रों ने भी ऐसी शिकायतें कीं। पूरी खबर पढ़ें…

अब पढ़िए, राहुल और छात्रों के बीच क्या बातचीत हुई-

  • वेदांत- मेरा एग्जाम बहुत अच्छा गया था लेकिन मेरे नंबर अच्छे नहीं आए। उसके बाद हमारे पास ऑप्शन था कि अगर नंबर कम आते हैं तो अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए अप्लाई करते हैं। जब मैंने फिजिक्स के आंसर शीट की फोटोकॉपी देखी तो पहले पेज पर मेरी हैंडराइटिंग थी। दूसरे पन्नों पर किसी और की हैंडराइटिंग थी। इसके बाद मैंने देखा कि ये मेरे शीट नहीं है, तो मैं अपनी दिक्कत X पर लेकर आया। वहां मुझे लोगों को सपोर्ट मिला क्योंकि ये तो एकदम हटके मामला है।
  • दूसरा छात्र- लेकिन जब इस पर लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा तो हमें शांत कराने के लिए, उन्हें लगा कि हम कोई डीप स्टेट एजेंट्स हैं जो भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • राहुल (हंसते हुए) – 17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स, भैया दिखाओ इन टेरररिस्ट के चेहरे दिखाओ जरा।
  • छात्र- सोरोस।
  • राहुल (हंसते हुए)- सोरोस? सोरोस आ गया इसमें बीच में। पाकिस्तान, सोरोस, सब आ गए।
  • दूसरा छात्र- वे हमें एंटी-नेशनल और पाकिस्तानी कहने लगे।
  • राहुल- दिस इज क्रेजी।
  • दूसरा छात्र- दिस इज वेरी क्रेजी, यह सही नहीं है।
  • राहुल- आप लोग स्टूडेंट्स हैं। आपका इन सब चीजों से कोई लेना-देना नहीं है। आप अपने आंसर शीट के बारे में पूछ रहे हैं। बस इतना ही। अब अचानक आप एंटी-नेशनल बन गए। आपको उस समस्या को मानना होगा जिसे आप हल करना चाहते हैं। आप बस समस्या को मानने से इनकार कर रहे हैं। आप (सरकार) बेचारे बच्चों को दोष दे रहे हैं। कह रहे हैं कि स्टूडेंट्स डीप स्टेट, जासूस, आतंकवादी हैं। आतंकवादी भी बोला?
  • छात्र- हां, सब बोला।
  • राहुल (हंसते हुए)- शाबाश

कांग्रेस बोली- 20 लाख छात्रों की प्राइवेसी खतरे में

कांग्रेस ने CBSE की OSM प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि क्लास 12 के करीब 20 लाख छात्रों की कॉपियां पब्लिक डोमेन में उपलब्ध थीं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे बड़ा डेटा लीक बताते हुए छात्रों की निजता पर गंभीर खतरा बताया है।

27 मई: राहुल ने OSM का काम करने वाली कंपनी पर सवाल उठाए थे

राहुल गांधी ने 27 मई को OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का ठेका दिया है, उसका पहले ग्लोबारिना नाम था।

राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं।

CBSE ने कहा- कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने में नियमों का पालन हुआ

हालांकि, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

CBSE का कहना है कि इससे चेकिंग ज्यादा तेज और सटीक ढंग से होती है और मार्क्स जोड़ने या डेटा एंट्री में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आती है। रिजल्ट के बाद उल्टा हुआ। स्टूडेंट्स ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी शिकायतें कीं।

COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप

COEMPT एडूटेक तेलंगाना के दराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों मे डिजिटल इवैल्यूएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था।

तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे।

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ये खबर भी पढ़ें…

CBSE 12वीं के छात्र 1 जून से री-इवैल्यूएशन करा पाएंगे:आंसर शीट ब्लर, साइट क्रैश होने के बाद फैसला; 4 लाख स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया था

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं छात्र अब 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। बोर्ड ने शुक्रवार को तारीख बढ़ाने का ऐलान किया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
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राजनीति

Rahul Gandhi Questions CBSE Revaluation Fees

Rahul Gandhi Questions CBSE Revaluation Fees

नई दिल्ली34 मिनट पहले

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राहुल गांधी ने कहा- गलती CBSE ने की, कमाई सरकारकी हुई। File

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को CBSE की आंसरशीट जांच और री-इवैल्यूएशन प्रोसेस को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने X पोस्ट पर लिखा- छात्रों को अपनी ही कॉपी की सही जांच कराने के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं। अगर CBSE की गलती से किसी छात्र के नंबर गलत आ जाते हैं तो उसका बोझ छात्रों और उनके परिवारों पर क्यों डाला जाता है।

उन्होंने लिखा…

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डिजिटल स्कैन कॉपी पाने के लिए ₹100 प्रति विषय, री-टोटलिंग के लिए ₹100 प्रति पेपर और री-इवैल्यूएशन के लिए ₹25 प्रति सवाल शुल्क देना पड़ता है। अपनी ही आंसर सीट की सही जांच के लिए एक छात्र को ₹2000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं। जब करीब चार लाख छात्रों ने ऐसे आवेदन दिए हैं, तब यह सवाल उठता है कि CBSE इस प्रक्रिया से कितनी कमाई कर रहा है।

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राहुल बोले- गलत मार्किंग की संभावना बढ़ जातीं

राहुल ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिखा कि जब शिक्षा को सेवा की जगह कारोबार बना दिया जाता है, तब गलतियां सुधारी नहीं जातीं बल्कि बढ़ती जाती हैं। इसकी सबसे बड़ी कीमत बच्चों को अपने समय, आत्मविश्वास और भविष्य के रूप में चुकानी पड़ रही है।

31 मई: राहुल की CBSE 12वीं के स्टूडेंट्स से मुलाकात

राहुल गांधी ने CBSE 12वीं क्लास के छात्रों से मुलाकात की थी। उन्होंने X पर छात्रों से बातचीत का 1.30 मिनट का वीडियो पोस्ट किया था। कैप्शन में लिखा- जिन साहसी युवाओं ने CBSE और मोदी सरकार से आसान सवाल पूछे, उन्हें जवाब की जगह अपमान मिला।

वीडियो में छात्रों ने राहुल से कहा- आंसर शीट को लेकर सवाल पूछने पर हमें एंटी-नेशनल, डीप स्टेट एजेंट्स (जासूस), आतंकवादी और पाकिस्तानी कहा गया। राहुल ने हंसते हए कहा- 17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स।

राहुल से जिन छात्रों से बात की, उनमें वेदांत भी शामिल थे। वेदांत की एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर उनकी फिजिक्स कॉपी की जगह किसी और की कॉपी अपलोड की गई थी। वेदांत के बाद कई अन्य छात्रों ने भी ऐसी शिकायतें कीं। पूरी खबर पढ़ें…

अब पढ़िए, राहुल और छात्रों के बीच क्या बातचीत हुई-

  • वेदांत- मेरा एग्जाम बहुत अच्छा गया था लेकिन मेरे नंबर अच्छे नहीं आए। उसके बाद हमारे पास ऑप्शन था कि अगर नंबर कम आते हैं तो अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए अप्लाई करते हैं। जब मैंने फिजिक्स के आंसर शीट की फोटोकॉपी देखी तो पहले पेज पर मेरी हैंडराइटिंग थी। दूसरे पन्नों पर किसी और की हैंडराइटिंग थी। इसके बाद मैंने देखा कि ये मेरे शीट नहीं है, तो मैं अपनी दिक्कत X पर लेकर आया। वहां मुझे लोगों को सपोर्ट मिला क्योंकि ये तो एकदम हटके मामला है।
  • दूसरा छात्र- लेकिन जब इस पर लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा तो हमें शांत कराने के लिए, उन्हें लगा कि हम कोई डीप स्टेट एजेंट्स हैं जो भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • राहुल (हंसते हुए) – 17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स, भैया दिखाओ इन टेरररिस्ट के चेहरे दिखाओ जरा।
  • छात्र- सोरोस।
  • राहुल (हंसते हुए)- सोरोस? सोरोस आ गया इसमें बीच में। पाकिस्तान, सोरोस, सब आ गए।
  • दूसरा छात्र- वे हमें एंटी-नेशनल और पाकिस्तानी कहने लगे।
  • राहुल- दिस इज क्रेजी।
  • दूसरा छात्र- दिस इज वेरी क्रेजी, यह सही नहीं है।
  • राहुल- आप लोग स्टूडेंट्स हैं। आपका इन सब चीजों से कोई लेना-देना नहीं है। आप अपने आंसर शीट के बारे में पूछ रहे हैं। बस इतना ही। अब अचानक आप एंटी-नेशनल बन गए। आपको उस समस्या को मानना होगा जिसे आप हल करना चाहते हैं। आप बस समस्या को मानने से इनकार कर रहे हैं। आप (सरकार) बेचारे बच्चों को दोष दे रहे हैं। कह रहे हैं कि स्टूडेंट्स डीप स्टेट, जासूस, आतंकवादी हैं। आतंकवादी भी बोला?
  • छात्र- हां, सब बोला।
  • राहुल (हंसते हुए)- शाबाश

कांग्रेस बोली- 20 लाख छात्रों की प्राइवेसी खतरे में

कांग्रेस ने CBSE की OSM प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि क्लास 12 के करीब 20 लाख छात्रों की कॉपियां पब्लिक डोमेन में उपलब्ध थीं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे बड़ा डेटा लीक बताते हुए छात्रों की निजता पर गंभीर खतरा बताया है।

27 मई: राहुल ने OSM का काम करने वाली कंपनी पर सवाल उठाए थे

राहुल गांधी ने 27 मई को OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का ठेका दिया है, उसका पहले ग्लोबारिना नाम था।

राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं।

CBSE ने कहा- कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने में नियमों का पालन हुआ

हालांकि, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

CBSE का कहना है कि इससे चेकिंग ज्यादा तेज और सटीक ढंग से होती है और मार्क्स जोड़ने या डेटा एंट्री में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आती है। रिजल्ट के बाद उल्टा हुआ। स्टूडेंट्स ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी शिकायतें कीं।

COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप

COEMPT एडूटेक तेलंगाना के दराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों मे डिजिटल इवैल्यूएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था।

तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे।

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CBSE 12वीं के छात्र 1 जून से री-इवैल्यूएशन करा पाएंगे:आंसर शीट ब्लर, साइट क्रैश होने के बाद फैसला; 4 लाख स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया था

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं छात्र अब 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। बोर्ड ने शुक्रवार को तारीख बढ़ाने का ऐलान किया। पूरी खबर पढ़ें…

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