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Vedanta Group ED Raid | FEMA Violation; Rs74,000 Cr Debt

Vedanta Group ED Raid | FEMA Violation; Rs74,000 Cr Debt

नई दिल्ली13 मिनट पहले

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 2 जून को दिग्गज बिजनेसमैन अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई ग्रुप के मुंबई और दिल्ली स्थित दफ्तरों पर की गई।

ED की कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़ी हुई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी अपने कारोबार को 5 अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने (डिमर्जर) की प्रक्रिया पर काम कर रही है।

विदेश पैसा भेजने को लेकर हो रही जांच

ED की इस कार्रवाई का मुख्य कनेक्शन रॉयल्टी पेमेंट से जुड़ा है। जांच एजेंसी उस रॉयल्टी भुगतान की जांच कर रही है जो भारतीय कंपनी ‘वेदांता लिमिटेड’ की तरफ से अपनी मूल यानी पैरेंट कंपनी ‘वेदांता रिसोर्सेज’ को किया गया था। वेदांता रिसोर्सेज ब्रिटेन (UK) में स्थित एक एंटिटी है, जो इस समय भारी कर्ज से जूझ रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, वेदांता रिसोर्सेज पर करीब ₹74,000 करोड़ का कुल कर्ज है। इस कर्ज को चुकाने और फंड मैनेज करने के लिए भारतीय यूनिट अक्सर अपनी विदेशी पैरेंट कंपनी को मोटी रॉयल्टी देती रही है, जिसे लेकर अब जांच एजेंसी ने शिकंजा कसा है।

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल।

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल।

कंपनी की सफाई: हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं

ED की छापेमारी के बीच वेदांता ग्रुप के प्रवक्ता ने बयान जारी कर अपनी स्थिति साफ की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हम जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और उनके द्वारा मांगी जा रही सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

वेदांता सभी लागू कानूनों और नियमों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामला अभी रेगुलेटरी प्रोसेस के अधीन है, इसलिए हम इस स्टेज पर इससे ज्यादा कुछ भी कहने और करने में असमर्थ हैं।”

खबर आते ही बाजार में गिरा वेदांता का शेयर

ED की इस अचानक कार्रवाई का असर शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक पर भी देखने को मिला। दोपहर करीब 11:45 बजे वेदांता लिमिटेड का शेयर 0.7% की गिरावट के साथ ₹334.6 पर ट्रेड कर रहा था। आपको बता दें कि वेदांता लिमिटेड भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड एक बड़ी कंपनी है, जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) लगभग ₹1.3 लाख करोड़ है।

5 हिस्सों में बंटने जा रही कंपनी, मई में मिली थी मंजूरी

यह छापेमारी कंपनी के लिए इसलिए भी संवेदनशील समय पर हुई है, क्योंकि ग्रुप का डिमर्जर प्रोसेस आखिरी चरणों में है। मई महीने में ही कंपनी को इस डिमर्जर के लिए विभिन्न जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां मिली थीं। इस योजना के तहत मौजूदा बिजनेस को 5 अलग-अलग वर्टिकल्स में स्प्लिट किया जा रहा है, जिससे बाजार में 4 नई लिस्टेड कंपनियां ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगी।

खबरें और भी हैं…
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 2 जून को दिग्गज बिजनेसमैन अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई ग्रुप के मुंबई और दिल्ली स्थित दफ्तरों पर की गई।

ED की कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़ी हुई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी अपने कारोबार को 5 अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने (डिमर्जर) की प्रक्रिया पर काम कर रही है।

विदेश पैसा भेजने को लेकर हो रही जांच

ED की इस कार्रवाई का मुख्य कनेक्शन रॉयल्टी पेमेंट से जुड़ा है। जांच एजेंसी उस रॉयल्टी भुगतान की जांच कर रही है जो भारतीय कंपनी ‘वेदांता लिमिटेड’ की तरफ से अपनी मूल यानी पैरेंट कंपनी ‘वेदांता रिसोर्सेज’ को किया गया था। वेदांता रिसोर्सेज ब्रिटेन (UK) में स्थित एक एंटिटी है, जो इस समय भारी कर्ज से जूझ रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, वेदांता रिसोर्सेज पर करीब ₹74,000 करोड़ का कुल कर्ज है। इस कर्ज को चुकाने और फंड मैनेज करने के लिए भारतीय यूनिट अक्सर अपनी विदेशी पैरेंट कंपनी को मोटी रॉयल्टी देती रही है, जिसे लेकर अब जांच एजेंसी ने शिकंजा कसा है।

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल।

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल।

कंपनी की सफाई: हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं

ED की छापेमारी के बीच वेदांता ग्रुप के प्रवक्ता ने बयान जारी कर अपनी स्थिति साफ की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हम जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और उनके द्वारा मांगी जा रही सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

वेदांता सभी लागू कानूनों और नियमों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामला अभी रेगुलेटरी प्रोसेस के अधीन है, इसलिए हम इस स्टेज पर इससे ज्यादा कुछ भी कहने और करने में असमर्थ हैं।”

खबर आते ही बाजार में गिरा वेदांता का शेयर

ED की इस अचानक कार्रवाई का असर शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक पर भी देखने को मिला। दोपहर करीब 11:45 बजे वेदांता लिमिटेड का शेयर 0.7% की गिरावट के साथ ₹334.6 पर ट्रेड कर रहा था। आपको बता दें कि वेदांता लिमिटेड भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड एक बड़ी कंपनी है, जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) लगभग ₹1.3 लाख करोड़ है।

5 हिस्सों में बंटने जा रही कंपनी, मई में मिली थी मंजूरी

यह छापेमारी कंपनी के लिए इसलिए भी संवेदनशील समय पर हुई है, क्योंकि ग्रुप का डिमर्जर प्रोसेस आखिरी चरणों में है। मई महीने में ही कंपनी को इस डिमर्जर के लिए विभिन्न जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां मिली थीं। इस योजना के तहत मौजूदा बिजनेस को 5 अलग-अलग वर्टिकल्स में स्प्लिट किया जा रहा है, जिससे बाजार में 4 नई लिस्टेड कंपनियां ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगी।

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