Tuesday, 20 Oct 2026 | 06:34 PM

Trending :

EXCLUSIVE

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने शनिवार को लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत खाने वाले तेल के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज अनिवार्य कर दिए हैं। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अलग-अलग ब्रांड्स के बीच कीमतों की तुलना करने और सही फैसला लेने में मदद करना है। इसके लिए विभाग ने नेट क्वांटिटी और स्टैंडर्ड पैक साइज तय करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) में बदलाव किया है। तेल कंपनियों और इंपोर्टर्स को इन नए नियमों को अपनाने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। 9 तय साइज में ही बिकेगा कुकिंग ऑयल नई SoP के तहत अब देश में प्रमुख कुकिंग ऑयल सिर्फ 9 तय स्टैंडर्ड पैक साइज में ही बेचे जा सकेंगे। ये साइज 200 ml/g, 500 ml/g, 1 लीटर/किग्रा, 2 लीटर/किग्रा, 3 लीटर/किग्रा, 4 लीटर/किग्रा, 5 लीटर/किग्रा, 15 लीटर/किग्रा और 20 लीटर/किग्रा होंगे। ये नए नियम पाम ऑयल, सोयाबीन, सनफ्लावर, सरसों, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटनसीड, कॉर्न ऑयल और सभी तरह के ब्लेंडेड एडिबल ऑयल्स (मिश्रित तेल) पर लागू होंगे। वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी नए नियमों के मुताबिक, अगर खाने वाले तेल के पैकेट पर उसकी मात्रा वॉल्यूम यानी लीटर या मिलीलीटर में दिखाई गई है, तो उस पर लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत उसके बराबर का वजन (ग्राम या किलोग्राम) भी साफ-साफ लिखना होगा। यह नियम देश में बनने वाले (डोमेस्टिक) और विदेशों से आयात होने वाले (इंपोर्टेड) दोनों तरह के खाद्य तेलों यानी खाने के तेल पर समान रूप से लागू होगा। छोटे पैकेट्स को नियम से मिली छूट बाजार में कम कीमत वाले छोटे पैकेट्स की उपलब्धता लगातार बनी रहे, इसके लिए सरकार ने कुछ छूट भी दी है। 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम साइज वाले पैकेट्स को इस स्टैंडर्ड पैक साइज के नियम से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जो माइनर एडिबल ऑयल्स (कम इस्तेमाल होने वाले तेल) हैं, उन्हें भी इस दायरे से छूट दी गई है। जो कंपनियां डेडलाइन से पहले इसे अपनाना चाहती हैं, वे तुरंत इसकी शुरुआत कर सकती हैं। 90% इंडस्ट्री की सहमति से लिया फैसला सरकार का यह आधिकारिक फैसला एडिबल ऑयल सेक्टर के लगभग 90% हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख उद्योग संघों यानी इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ लंबी और विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सभी कंपनियों को बराबरी का मौका मिलेगा। तीन साल से बाजार में बढ़ रहा था कंफ्यूजन क्या है लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
नीमच में महिला दिवस समारोह, 60 महिलाएं सम्मानित:बेटा-बेटी को समान अवसर देने की अपील; नपा अध्यक्ष ने 'फिर बेटी हुई है' रचना सुनाई

March 8, 2026/
6:59 pm

नीमच में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को सीताराम जाजू कन्या कॉलेज में जिला स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया।...

चुनरी चुनरी गाने के रीमेक पर भड़के अभिजीत भट्टाचार्या:कहा- वरुण इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता, भजन बनाया, सलमान ने भी दिया रिएक्शन

May 27, 2026/
1:26 pm

वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म है जवानी तो इश्क होना है से गाना चुनरी चुनरी रिलीज हो चुका है। ये...

स्पोर्ट्स अपडेट्स- बांग्लादेश के गेंदबाजी कोच शॉन टैट का इस्तीफा:फैमिली कारणों का हवाला दिया; राशिद के टेस्ट खेलने पर सस्पेंस बरकरार

June 4, 2026/
5:51 pm

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज शॉन टैट ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी कोच का पद छोड़ दिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने शनिवार को लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत खाने वाले तेल के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज अनिवार्य कर दिए हैं। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अलग-अलग ब्रांड्स के बीच कीमतों की तुलना करने और सही फैसला लेने में मदद करना है। इसके लिए विभाग ने नेट क्वांटिटी और स्टैंडर्ड पैक साइज तय करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) में बदलाव किया है। तेल कंपनियों और इंपोर्टर्स को इन नए नियमों को अपनाने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। 9 तय साइज में ही बिकेगा कुकिंग ऑयल नई SoP के तहत अब देश में प्रमुख कुकिंग ऑयल सिर्फ 9 तय स्टैंडर्ड पैक साइज में ही बेचे जा सकेंगे। ये साइज 200 ml/g, 500 ml/g, 1 लीटर/किग्रा, 2 लीटर/किग्रा, 3 लीटर/किग्रा, 4 लीटर/किग्रा, 5 लीटर/किग्रा, 15 लीटर/किग्रा और 20 लीटर/किग्रा होंगे। ये नए नियम पाम ऑयल, सोयाबीन, सनफ्लावर, सरसों, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटनसीड, कॉर्न ऑयल और सभी तरह के ब्लेंडेड एडिबल ऑयल्स (मिश्रित तेल) पर लागू होंगे। वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी नए नियमों के मुताबिक, अगर खाने वाले तेल के पैकेट पर उसकी मात्रा वॉल्यूम यानी लीटर या मिलीलीटर में दिखाई गई है, तो उस पर लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत उसके बराबर का वजन (ग्राम या किलोग्राम) भी साफ-साफ लिखना होगा। यह नियम देश में बनने वाले (डोमेस्टिक) और विदेशों से आयात होने वाले (इंपोर्टेड) दोनों तरह के खाद्य तेलों यानी खाने के तेल पर समान रूप से लागू होगा। छोटे पैकेट्स को नियम से मिली छूट बाजार में कम कीमत वाले छोटे पैकेट्स की उपलब्धता लगातार बनी रहे, इसके लिए सरकार ने कुछ छूट भी दी है। 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम साइज वाले पैकेट्स को इस स्टैंडर्ड पैक साइज के नियम से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जो माइनर एडिबल ऑयल्स (कम इस्तेमाल होने वाले तेल) हैं, उन्हें भी इस दायरे से छूट दी गई है। जो कंपनियां डेडलाइन से पहले इसे अपनाना चाहती हैं, वे तुरंत इसकी शुरुआत कर सकती हैं। 90% इंडस्ट्री की सहमति से लिया फैसला सरकार का यह आधिकारिक फैसला एडिबल ऑयल सेक्टर के लगभग 90% हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख उद्योग संघों यानी इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ लंबी और विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सभी कंपनियों को बराबरी का मौका मिलेगा। तीन साल से बाजार में बढ़ रहा था कंफ्यूजन क्या है लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.