आम ख़रीदने की युक्तियाँ: आम भारतीयों का सबसे पसंदीदा फल है, लेकिन इस सीजन में बाजार में केमिकल से पकाए गए आमों की भरमार देखने को मिल रही है। रेजिनगर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने करीब 200 किलो गरीब केमिकल वाले आम जब्त किए थे, जो स्थानीय सामान बेच रहे थे। ऐसे में विद्यार्थियों को रहना जरूरी है।
केमिकल का प्रयोग किससे होता है?
आमों को प्रारंभिक तैयारी और आकर्षक पीले रंग की खुराक के लिए कैल्शियम कार्बाइड (कैल्शियम कार्बाइड) का उपयोग किया जाता है। इनमें से चार लंबे समय तक सेवन से सिरदर्द, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, सांस की तकलीफ और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
केमिकल से जलने पर आम का रंग एकदम चटक पीला होता है। जबकि पेड़ों पर आम पीला पीला या हरे-पीला रंग के होते हैं। अगर हम सभी एक जैसे चमकदार पीले दिख रहे हैं तो सावधानी बरतें।
थूथन का परीक्षण करें, केमिकल वाले आम बाहर से सख्त महसूस होते हैं लेकिन अंदर से ज्यादा गले होते हैं। प्राकृतिक आम प्राकृतिक पर थोड़ा सा प्राकृतिक लेकिन एक समान एहसास होता है। स्वाद भी केमिकल वाले आमों में कॉम्बैट फ़्लोरिडा का उपयोग किया जा सकता है।
इंजेक्शन के निशान की जांच करें, आम की चोपी (डंठल) के पास या नीचे की तरफ काले दाग या दबे निशान इंजेक्शन के हो सकते हैं। क्लासिक वक्ता इन चिह्नों को अवश्य देखें।
उद्योगपति और स्थानीय किसानों से आम दुकानदारों को और बहुत सारे या बिल्कुल चमकदार आमों से भी इनकार करना चाहिए। इसके अलावा घर की सजावट के अलावा कुछ घंटे समुद्र तट के रास्ते से। फिर उसे.
प्राकृतिक रासायनिक तत्वों से समानता होती है और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होती है। इस सीज़न में सावधानी से आम का आनंद लें।
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