कर्नाटक में कैबिनेट विभागों को लेकर राजनीतिक उथल-पुथल के कारण मानसून की बुआई के महत्वपूर्ण मौसम के दौरान कृषि क्षेत्र एक समर्पित मंत्री के बिना रह गया है। देरी के कारण विपक्ष और किसानों की ओर से आलोचना हो रही है, जो चेतावनी दे रहे हैं कि स्पष्ट नेतृत्व की अनुपस्थिति राज्य के मौजूदा उर्वरक संकट को और खराब कर रही है। चूंकि किसान उर्वरक के लिए लंबी कतारों में इंतजार कर रहे हैं, इसलिए सरकार की आंतरिक कलह तीखी जांच के दायरे में आ रही है। यह संकट योजना, आपूर्ति प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है और क्या राजनीतिक अस्थिरता किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय में कृषि तैयारियों को सीधे प्रभावित कर रही है। -speakNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube















































