Thursday, 30 Jul 2026 | 09:11 PM

Trending :

EXCLUSIVE

NCERT Book Alters Nude Sculpture

NCERT Book Alters Nude Sculpture

नई दिल्ली14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

NCERT की नई किताब ‘मधुरिमा’ में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर बदले हुए रूप में छापी गई है। इस किताब में मूर्ति के धड़ को रंग से ढक दिया गया है, जिससे वह कपड़े पहने हुए दिखाई देती है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर 9वीं क्लास की किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में दी गई है। तस्वीर में कंधों से नीचे का हिस्सा ढक दिया गया है, जबकि मूल मूर्ति में यह हिस्सा खुला दिखाई देता है। 25 साल से छप रही इस कांस्य मूर्ति के मूल स्वरूप में पहले कभी बदलाव नहीं किया गया था।

यह किताब NCERT की नई आर्ट्स एजुकेशन सीरीज का हिस्सा है, जिसे नई शिक्षा नीति (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के तहत तैयार किया गया है। अब तक क्लास 1 से 9 तक की किताबें जारी की जा चुकी हैं।

इतिहासका बोले- यह सेंसरशिप है

मिशेल डेनिनो ने तस्वीर में किए गए बदलाव को छात्रों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि मूर्ति के पूरे धड़ को ढकना सेंसरशिप है।

डेनिनो के मुताबिक, इससे ऐसी मूर्ति दिखाई गई है, जो असल में कहीं मौजूद नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इसी तर्क पर तस्वीर बदली जा रही है, तो क्या छात्रों को नेशनल म्यूजियम में रखी मूल प्रतिमा और दूसरी अर्धनग्न या नग्न ऐतिहासिक मूर्तियां देखने से भी रोका जाएगा?

NCERT बोला- कोई खास वजह नहीं

तस्वीर में बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है।

उन्होंने कहा कि कक्षा 6 की सोशल साइंस किताब में ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर अपने मूल रूप में मौजूद है और यह हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख खोजों में से एक है।

NCERT के क्लास 9वीं की किताब मधुरिमा में ये तस्वीर छपी है।

NCERT के क्लास 9वीं की किताब मधुरिमा में ये तस्वीर छपी है।

पहले भी तस्वीर पर उठी थी आपत्ति

इतिहासकार मिशेल डेनिनो ने मई में द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि NCERT ने सिंधु घाटी सभ्यता वाले चैप्टर के ओपनिंग पेज पर ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर लगाने पर आपत्ति जताई थी। डेनिनो उस समय NCERT की नई कक्षा 6 सोशल साइंस किताब की टेक्स्टबुक डेवलपमेंट कमेटी के प्रमुख थे।

डेनिनो के मुताबिक, कुछ लोगों का मानना था कि मूर्ति के नग्न वाले स्वरूप को लेकर विवाद हो सकता है। बाद में तस्वीर को चैप्टर की शुरुआत से हटाकर अंदर के पन्ने पर छोटे आकार में रखा गया था, लेकिन तस्वीर को हटाया नहीं गया।

डेनिनो ने कहा था कि अगर डांसिंग गर्ल बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है, तो फिर उन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय भी नहीं जाना चाहिए, जहां यह मूर्ति रखी हुई है।

मोहनजोदड़ो और ‘डांसिंग गर्ल’ क्यों हैं खास?

  • मोहनजोदड़ो सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) के सबसे बड़े और विकसित शहरों में से एक था। यह वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है।
  • इस शहर की खोज 1922 में भारतीय पुरातत्वविद् राखालदास बनर्जी ने की थी।
  • सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में गिनी जाती है। इसका काल लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व माना जाता है।
  • मोहनजोदड़ो अपनी सुनियोजित सड़कों, जल निकासी व्यवस्था, अनाज भंडारों और उन्नत नगर नियोजन के लिए प्रसिद्ध है।
  • ‘डांसिंग गर्ल’ नाम से मशहूर करीब 4 इंच ऊंची कांस्य मूर्ति 1926 में मोहनजोदड़ो से मिली थी।
  • मूर्ति में जूड़ा बांधे एक युवती को दिखाया गया है, जिसके हाथों में कई चूड़ियां और गले में हार है। उसकी मुद्रा आत्मविश्वास से भरी मानी जाती है।
  • पुरातत्वविद इसे हड़प्पा सभ्यता की उन्नत धातुकला, शिल्पकला और कलात्मक समझ का महत्वपूर्ण प्रमाण मानते हैं।
  • ‘डांसिंग गर्ल’ आज सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे पहचान वाली कलाकृतियों में गिनी जाती है।
  • मूल मूर्ति नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखी गई है।

—————–

ये खबर भी पढ़ें…

NCERT-करप्शन इन ज्यूडीशियरी के लेखकों को हटाने का आदेश वापस:सुप्रीम कोर्ट बोला- कंटेंट पर सवाल, व्यक्ति पर नहीं; लिखने वालों पर सरकार फैसला करे

NCERT बुक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर हुए विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने पहले दिया फैसला बदल दिया है। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन तीन शिक्षाविदों ने विवादित हिस्सा लिखा। उन्हें हटा दिया जाए और दोबारा काम न दिया जाए। पूरी कॉपी पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी में फिर खिल सकता है कमल, एनडीए को 18+ बढ़त, बहुमत के जादुई आंकड़े पार

April 29, 2026/
9:05 pm

पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी की 30 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में एक अलग-अलग चुनावी पोल सामने आया...

दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X 2 घंटे डाउन रहा:एप और वेब दोनों जगह नहीं चला; 1 महीने में दूसरी बार सर्विस ठप हुई

February 16, 2026/
7:31 pm

इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस आज (16 फरवरी) को दुनियाभर में 2 घंटे ठप...

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

May 21, 2026/
4:30 am

IPL 2026 का 66वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र...

West Indies Record Partnership vs Sri Lanka

June 28, 2026/
10:52 am

एंटीगुआ24 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्टइंडीज के आमिर जंगू और कप्तान रोस्टन चेज ने टेस्ट क्रिकेट में छठे विकेट की...

गुणवत्ता में कमी पर मंत्री सारंग सख्त:स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण में लापरवाही पर अधिकारियों को लगाई फटकार

May 1, 2026/
9:57 pm

बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी सामने आने पर खेल एवं युवा कल्याण...

पंजाब- UP एनकाउंटर में ढेर साइको किलर की कहानी:2020 में आर्मी से रिटायर, सिक्योरिटी गार्ड लगा, मां के निधन के बाद डिप्रेशन में गया

May 13, 2026/
5:25 am

26 घंटे में 3 हत्यााएं करने वाला पंजाब के तरनतारन का साइको किलर गुरप्रीत सिंह उत्तर प्रदेश (UP) में मारा...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

NCERT Book Alters Nude Sculpture

NCERT Book Alters Nude Sculpture

नई दिल्ली14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

NCERT की नई किताब ‘मधुरिमा’ में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर बदले हुए रूप में छापी गई है। इस किताब में मूर्ति के धड़ को रंग से ढक दिया गया है, जिससे वह कपड़े पहने हुए दिखाई देती है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर 9वीं क्लास की किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में दी गई है। तस्वीर में कंधों से नीचे का हिस्सा ढक दिया गया है, जबकि मूल मूर्ति में यह हिस्सा खुला दिखाई देता है। 25 साल से छप रही इस कांस्य मूर्ति के मूल स्वरूप में पहले कभी बदलाव नहीं किया गया था।

यह किताब NCERT की नई आर्ट्स एजुकेशन सीरीज का हिस्सा है, जिसे नई शिक्षा नीति (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के तहत तैयार किया गया है। अब तक क्लास 1 से 9 तक की किताबें जारी की जा चुकी हैं।

इतिहासका बोले- यह सेंसरशिप है

मिशेल डेनिनो ने तस्वीर में किए गए बदलाव को छात्रों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि मूर्ति के पूरे धड़ को ढकना सेंसरशिप है।

डेनिनो के मुताबिक, इससे ऐसी मूर्ति दिखाई गई है, जो असल में कहीं मौजूद नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इसी तर्क पर तस्वीर बदली जा रही है, तो क्या छात्रों को नेशनल म्यूजियम में रखी मूल प्रतिमा और दूसरी अर्धनग्न या नग्न ऐतिहासिक मूर्तियां देखने से भी रोका जाएगा?

NCERT बोला- कोई खास वजह नहीं

तस्वीर में बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है।

उन्होंने कहा कि कक्षा 6 की सोशल साइंस किताब में ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर अपने मूल रूप में मौजूद है और यह हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख खोजों में से एक है।

NCERT के क्लास 9वीं की किताब मधुरिमा में ये तस्वीर छपी है।

NCERT के क्लास 9वीं की किताब मधुरिमा में ये तस्वीर छपी है।

पहले भी तस्वीर पर उठी थी आपत्ति

इतिहासकार मिशेल डेनिनो ने मई में द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि NCERT ने सिंधु घाटी सभ्यता वाले चैप्टर के ओपनिंग पेज पर ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर लगाने पर आपत्ति जताई थी। डेनिनो उस समय NCERT की नई कक्षा 6 सोशल साइंस किताब की टेक्स्टबुक डेवलपमेंट कमेटी के प्रमुख थे।

डेनिनो के मुताबिक, कुछ लोगों का मानना था कि मूर्ति के नग्न वाले स्वरूप को लेकर विवाद हो सकता है। बाद में तस्वीर को चैप्टर की शुरुआत से हटाकर अंदर के पन्ने पर छोटे आकार में रखा गया था, लेकिन तस्वीर को हटाया नहीं गया।

डेनिनो ने कहा था कि अगर डांसिंग गर्ल बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है, तो फिर उन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय भी नहीं जाना चाहिए, जहां यह मूर्ति रखी हुई है।

मोहनजोदड़ो और ‘डांसिंग गर्ल’ क्यों हैं खास?

  • मोहनजोदड़ो सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) के सबसे बड़े और विकसित शहरों में से एक था। यह वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है।
  • इस शहर की खोज 1922 में भारतीय पुरातत्वविद् राखालदास बनर्जी ने की थी।
  • सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में गिनी जाती है। इसका काल लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व माना जाता है।
  • मोहनजोदड़ो अपनी सुनियोजित सड़कों, जल निकासी व्यवस्था, अनाज भंडारों और उन्नत नगर नियोजन के लिए प्रसिद्ध है।
  • ‘डांसिंग गर्ल’ नाम से मशहूर करीब 4 इंच ऊंची कांस्य मूर्ति 1926 में मोहनजोदड़ो से मिली थी।
  • मूर्ति में जूड़ा बांधे एक युवती को दिखाया गया है, जिसके हाथों में कई चूड़ियां और गले में हार है। उसकी मुद्रा आत्मविश्वास से भरी मानी जाती है।
  • पुरातत्वविद इसे हड़प्पा सभ्यता की उन्नत धातुकला, शिल्पकला और कलात्मक समझ का महत्वपूर्ण प्रमाण मानते हैं।
  • ‘डांसिंग गर्ल’ आज सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे पहचान वाली कलाकृतियों में गिनी जाती है।
  • मूल मूर्ति नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखी गई है।

—————–

ये खबर भी पढ़ें…

NCERT-करप्शन इन ज्यूडीशियरी के लेखकों को हटाने का आदेश वापस:सुप्रीम कोर्ट बोला- कंटेंट पर सवाल, व्यक्ति पर नहीं; लिखने वालों पर सरकार फैसला करे

NCERT बुक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर हुए विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने पहले दिया फैसला बदल दिया है। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन तीन शिक्षाविदों ने विवादित हिस्सा लिखा। उन्हें हटा दिया जाए और दोबारा काम न दिया जाए। पूरी कॉपी पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.