फीफा वर्ल्ड कप 2026 का पांचवां दिन पूरी तरह से ड्रॉ के नाम रहा। आधिकारिक रूप से 15 जून कम मजबूत मानी जाने वाली टीमों के लिए बेहद शानदार साबित हुआ। सबसे पहले, केप वर्डे ने अपने रक्षात्मक खेल के दम पर यूरोपियन चैम्पियन और 2010 के विश्व विजेता स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। इसके बाद बेल्जियम और मिस्र का मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा, जबकि सऊदी अरब और उरुग्वे ने भी 1-1 से बराबर खेला। आखिरी मैच सबसे रोमांचक रहा, जहां ईरान और न्यूजीलैंड ने 2-2 से बेहद मनोरंजक ड्रॉ खेला। ईरान-न्यूजीलैंड के इस मैच के साथ ही वर्ल्ड कप में एक नया इतिहास दर्ज हुआ। टूर्नामेंट के इतिहास में किसी एक ही दिन में चार मैच ड्रॉ होने का यह वाकया 68 साल बाद हुआ है। इससे पहले यह अनोखा संयोग 15 जून 1958 को स्वीडन वर्ल्ड कप में देखा गया था। ग्रुप-जी: न्यूजीलैंड ने मजबूत टीम ईरान को ड्रॉ पर रोका, चार बेहतरीन टीम गोल हुए लॉस एंजिलिस में ग्रुप-जी के मुकाबले में न्यूजीलैंड ने मजबूत ईरान को 2-2 की बराबरी पर रोका। इस मैच में चार बेहतरीन टीम गोल देखने को मिले। मैच के 7वें मिनट में इलिजाह जस्ट ने न्यूजीलैंड को शुरुआती बढ़त दिलाई। 33वें मिनट में रामिन रेजाइयन ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। फिर 54वें मिनट में इलिजाह जस्ट ने अपना दूसरा गोल कर न्यूजीलैंड को फिर से आगे कर दिया। लेकिन 10 मिनट बाद ही 64वें मिनट में मोहम्मद मोहेबी ने जोरदार शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया और इस बेहद मनोरंजक मैच को 2-2 से बराबर कर दिया। ग्रुप-एच: उरुग्वे के ड्रॉ के साथ ही किसी साउथ अमेरिकन देश को नहीं मिली जीत मियामी में ग्रुप-एच के एक मुकाबले में सऊदी अरब ने दूसरे हाफ में उरुग्वे के जबरदस्त आक्रमण को नाकाम करते हुए मैच को 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया। इस परिणाम के बाद अब ग्रुप की सभी टीमें एक-एक अंक के साथ पूरी तरह बराबरी पर आ गई हैं। ड्रॉ के साथ ही, मौजूदा वर्ल्ड कप में अब तक मैदान पर उतरने वाले सभी चारों दक्षिण अमेरिकी देश अपना-अपना पहला मुकाबला जीतने में नाकाम रहे हैं। ग्रुप-जी: मिस्र का पहली जीत का इंतजार कायम, बेल्जियम से 1-1 से बराबर रहा मैच सिएटल में ग्रुप-जी के शुरुआती मुकाबले में बेल्जियम और मिस्र के बीच खेला गया मैच 1-1 की बराबरी पर छूटा। मिस्र के इमाम अशौर ने 20वें मिनट में टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। 66वें मिनट में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी गेंद गलती से अपने ही नेट (आत्मघाती गोल) में डाल बैठे। अंतिम क्षणों में बेल्जियम ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन गोल नहीं हुआ। मिस्र को अभी भी वर्ल्ड कप इतिहास में पहली जीत की तलाश है। एशिया की 9 में से 6 टीमें खेलने उतरीं, कोई नहीं हारी अब तक एशियन कन्फेडरेशन की नौ में से 6 टीमों ने मैच खेले हैं और किसी को हार नहीं मिली है। एशियन टीमों ने 6 मैचों में दो जीते हैं और 4 ड्रॉ रहे हैं।












































