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FSSAI Notice 14 Food Brands Misleading Claims

FSSAI Notice 14 Food Brands Misleading Claims
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मुंबई2 घंटे पहले

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FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने 14 फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। गलत दावें, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की शिकायतों के कारण ये नोटिस भेजा गया है। FSSAI ने इन सभी कंपनियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

1. प्लक्क मैंगो फ्रूट जूस

पैकेट पर “नो ऐडेड शुगर” का दावा किया गया था। जब इसके इंग्रीडिएंट लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें 51% मैंगो पल्प और 49% गन्ने का रस शामिल होना पाया गया।

2. नेचुरल पनीर

ब्रांड ने पैकेजिंग पर “नेचुरल पनीर” नाम का इस्तेमाल किया था। FSSAI ने पाया कि यह नाम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस 2018 के शेड्यूल V के नियमों का उल्लंघन है।

3. गौर हेल्दी फूड – सिल्कन टोफू

इस प्रोडक्ट पर “100% वेज” की टैगलाइन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा पैकेट पर बिना किसी सटीक वैल्यू या मात्रा को घोषित किए “विटामिन्स से भरपूर” होने का भ्रामक दावा किया गया और “कैंसर-रोधी गुण” जैसे प्रतिबंधित चिकित्सीय दावे भी लिखे गए थे।

4. मास्टरचौ फूड्स – रैमन नूडल्स

कंपनी अपने इस प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर “100% नेचुरल” और “फ्रेशली मेड” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। बाजार में इसे “हाई-क्वालिटी ऑर्गेनिक फ्लोर” से बना बताकर प्रमोट किया गया, जबकि सामग्री की सूची में यह “प्रीमियम क्वालिटी व्हाइट फ्लोर” (मैदा) पाया गया।

5. फेरैरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – किंडर जॉय

प्रोडक्ट के पैकेट पर “मिल्क सॉलिड्स से भरपूर” (रिच इन मिल्क सॉलिड्स) का दावा किया गया था। नोटिस के अनुसार, प्रोडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्री की बनावट इस बात की पुष्टि नहीं करती है कि इस आइटम में मिल्क सॉलिड्स का हिस्सा सबसे मुख्य या प्रमुख है।

6. मेडिज़न लैब्स का एटम PWR व्हे XL

इस व्हे प्रोटीन प्रोडक्ट पर “प्योर एंड हेल्दी” और “100% ऑथेंटिक” जैसे भ्रामक दावे करने के कारण कार्रवाई की गई है। इसके अलावा विज्ञापन में बताए गए इसके फायदे, जैसे कि “ईजी डाइजेस्ट” और “रैपिड रिकवरी” के पक्ष में कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं पाया गया।

7. सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल

इस तेल के विज्ञापन और पैकेट पर “हार्ट प्रो” जैसे शब्दों और दृश्यों का इस्तेमाल किया गया था, जो बिना किसी अनुमति के दिल की सेहत को फायदा पहुंचाने का संकेत देते हैं। पैकेट पर लिखे “गुड फैट्स बैलेंस” और “लोसॉर्ब” जैसे दावों के लिए भी कंपनी से वैज्ञानिक सबूत मांगे गए हैं।

8. ओरविले – माउंटेन बावर्ची बुरांश स्क्वैश

इस प्रोडक्ट के लेबल पर बुरांश पल्प के प्रतिशत की वह अनिवार्य घोषणा नहीं की गई थी जो नियमों के तहत जरूरी है। पैकेजिंग पर बिना मंजूरी के औषधीय दावे भी लिखे पाए गए।

9. नेक्सा इंडस्ट्रीज – एल्कलाइन न्यूट्रिएंट वॉटर

भारतीय खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत “एल्कलाइन न्यूट्रिएंट वॉटर” नाम का कोई भी ब्रांड नाम या कैटेगरी स्टैंडर्डाइज्ड नहीं है। इसके अलावा प्रोडक्ट पर बिना किसी मंजूरी के सेहत को फायदा पहुंचाने वाले अनधिकृत दावे भी प्रदर्शित किए गए थे।

10. रॉ प्रेसेरी – अल्फोंसो मैंगो फ्रूट ड्रिंक

इस ड्रिंक के सामने के लेबल पर लिखा गया है कि इसमें नेचुरल शुगर है। हालांकि, जब इसके पीछे दी गई लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें फ्रुक्टोज को अलग से ‘ऐडेड शुगर’ के रूप में शामिल पाया गया।

11. इन्सिप्रो गोल्ड पाउडर वैनिला

इस न्यूट्रास्युटिकल प्रोडक्ट को लेकर दावा किया गया था कि इसमें 100% हाइड्रोलाइज्ड व्हे प्रोटीन, न्यूरो न्यूट्रिएंट्स और प्रोबायोटिक कंटेंट मौजूद है। FSSAI ने इन सभी दावों को संदिग्ध माना।

12. हिमालयन ऑर्गेनिक्स कोरियन जिनसेंग

इस सप्लीमेंट के जरिए “एनर्जी और परफॉर्मेंस को सपोर्ट” करने का जो दावा किया जा रहा था, उसे नियामक संस्था ने भ्रामक माना है। FSSAI ने यह भी पाया कि इस सप्लीमेंट की सुझाई गई सर्विंग साइज (खुराक की मात्रा) निर्धारित सामग्री सीमाओं से काफी ज्यादा थी।

13. बीकानेरवाला

सोशल मीडिया पर हाइजीन स्टैंडर्ड्स को लेकर मिली एक शिकायत के बाद FSSAI ने बीकानेरवाला को नोटिस जारी किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दुकान के चालू समय के दौरान एक कर्मचारी किचन या सर्विस एरिया के अंदर ही खाना खा रहा था। नियामक ने कंपनी को इस मामले की जांच करने, कर्मचारियों की स्वच्छता से जुड़े अपने SOP को पेश करने, किए गए सुधारात्मक कार्यों की रूपरेखा देने और एक ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ जमा करने के लिए कहा है।

14. परम डेयरी लिमिटेड

IRCTC कैटरिंग सर्विसेज के जरिए सप्लाई किए जाने वाले परम डेयरी के दही और रबड़ी प्रोडक्ट्स में फंगस लगने की ग्राहक शिकायतों के बाद कंपनी जांच के घेरे में आई है। रेगुलेटर ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह अपने प्रोडक्ट्स की सोर्सिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट के तौर-तरीकों की पूरी जानकारी दे, ताकि बाजार में एक्सपायर्ड सामान की बिक्री को रोका जा सके।

नॉलेज पार्ट : क्या है FSS Act, 2006 और ग्राहकों के अधिकार?

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSS Act), 2006 भारत में बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा तय करने वाला मुख्य कानून है। इसके तहत कोई भी कंपनी अपने फायदे के लिए ग्राहकों को गुमराह नहीं कर सकती। अगर कोई ब्रांड पैकेजिंग के आगे कुछ और लिखता है और पीछे सामग्री में कुछ और निकलता है, तो ग्राहक इसकी शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने और उनका लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान है।

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1. प्लक्क मैंगो फ्रूट जूस

पैकेट पर “नो ऐडेड शुगर” का दावा किया गया था। जब इसके इंग्रीडिएंट लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें 51% मैंगो पल्प और 49% गन्ने का रस शामिल होना पाया गया।

2. नेचुरल पनीर

ब्रांड ने पैकेजिंग पर “नेचुरल पनीर” नाम का इस्तेमाल किया था। FSSAI ने पाया कि यह नाम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस 2018 के शेड्यूल V के नियमों का उल्लंघन है।

3. गौर हेल्दी फूड – सिल्कन टोफू

इस प्रोडक्ट पर “100% वेज” की टैगलाइन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा पैकेट पर बिना किसी सटीक वैल्यू या मात्रा को घोषित किए “विटामिन्स से भरपूर” होने का भ्रामक दावा किया गया और “कैंसर-रोधी गुण” जैसे प्रतिबंधित चिकित्सीय दावे भी लिखे गए थे।

4. मास्टरचौ फूड्स – रैमन नूडल्स

कंपनी अपने इस प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर “100% नेचुरल” और “फ्रेशली मेड” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। बाजार में इसे “हाई-क्वालिटी ऑर्गेनिक फ्लोर” से बना बताकर प्रमोट किया गया, जबकि सामग्री की सूची में यह “प्रीमियम क्वालिटी व्हाइट फ्लोर” (मैदा) पाया गया।

5. फेरैरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – किंडर जॉय

प्रोडक्ट के पैकेट पर “मिल्क सॉलिड्स से भरपूर” (रिच इन मिल्क सॉलिड्स) का दावा किया गया था। नोटिस के अनुसार, प्रोडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्री की बनावट इस बात की पुष्टि नहीं करती है कि इस आइटम में मिल्क सॉलिड्स का हिस्सा सबसे मुख्य या प्रमुख है।

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9. नेक्सा इंडस्ट्रीज – एल्कलाइन न्यूट्रिएंट वॉटर

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इस ड्रिंक के सामने के लेबल पर लिखा गया है कि इसमें नेचुरल शुगर है। हालांकि, जब इसके पीछे दी गई लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें फ्रुक्टोज को अलग से ‘ऐडेड शुगर’ के रूप में शामिल पाया गया।

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14. परम डेयरी लिमिटेड

IRCTC कैटरिंग सर्विसेज के जरिए सप्लाई किए जाने वाले परम डेयरी के दही और रबड़ी प्रोडक्ट्स में फंगस लगने की ग्राहक शिकायतों के बाद कंपनी जांच के घेरे में आई है। रेगुलेटर ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह अपने प्रोडक्ट्स की सोर्सिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट के तौर-तरीकों की पूरी जानकारी दे, ताकि बाजार में एक्सपायर्ड सामान की बिक्री को रोका जा सके।

नॉलेज पार्ट : क्या है FSS Act, 2006 और ग्राहकों के अधिकार?

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSS Act), 2006 भारत में बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा तय करने वाला मुख्य कानून है। इसके तहत कोई भी कंपनी अपने फायदे के लिए ग्राहकों को गुमराह नहीं कर सकती। अगर कोई ब्रांड पैकेजिंग के आगे कुछ और लिखता है और पीछे सामग्री में कुछ और निकलता है, तो ग्राहक इसकी शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने और उनका लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान है।

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