Monday, 09 Nov 2026 | 04:36 AM

Trending :

आफताब बोले- शूटिंग से ज्यादा खाने का इंतजार रहता था:डायरेक्टर ने कहा- ऐसा लग रहा था जैसे हम फिल्म नहीं, यादें बना रहे हों

आफताब बोले- शूटिंग से ज्यादा खाने का इंतजार रहता था:डायरेक्टर ने कहा- ऐसा लग रहा था जैसे हम फिल्म नहीं, यादें बना रहे हों

‘वेलकम टू द जंगल’ की चर्चा अब तक इसकी बड़ी स्टारकास्ट और स्केल को लेकर होती रही है, लेकिन फिल्म से जुड़े लोगों के लिए इसकी सबसे खास बात कुछ और थी। डायरेक्टर अहमद खान और अभिनेता आफताब शिवदासानी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान फिल्म का सेट सिर्फ काम की जगह नहीं रहा, बल्कि ऐसा स्पेस बन गया जहां कलाकारों ने साथ समय बिताया, पुरानी केमिस्ट्री दोबारा जी और कई नई यादें बनाई। दोनों ने बताया कि कई बार शूट खत्म होने के बाद भी लोग सेट पर रुके रहते थे, क्योंकि वहां का माहौल किसी फिल्म से ज्यादा एक बड़े गैदरिंग जैसा लगने लगा था। सवाल: इस फिल्म के सेट को बाकी फिल्मों से अलग क्या बनाता था? जवाब/अहमद खान:आमतौर पर लोग फिल्म पर आते हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं। यहां वैसा नहीं था। यहां लोगों को सेट पर रहने में मजा आ रहा था। कई बार जिन कलाकारों का शूट नहीं होता था, वो भी मौजूद रहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि कहीं कुछ मजेदार मिस न हो जाए। धीरे-धीरे ऐसा माहौल बन गया जहां काम के साथ दोस्ती और अपनापन भी जुड़ गया। सवाल: इतने सारे कलाकारों के बीच माहौल कैसे बना रहा? जवाब/अहमद खान:जब इतने लोग साथ काम करते हैं तो हर किसी की अपनी एनर्जी होती है। कोई बहुत तैयारी करके आता है, कोई मौके पर चीजें बदल देता है। मुझे लगा कि अगर सबको थोड़ा खुलने दिया जाए तो बेहतर चीजें निकलकर आएंगी। मेरा काम सिर्फ उस एनर्जी को सही दिशा देना था। सवाल: क्या कभी लगा कि लोग शूट से ज्यादा एक-दूसरे के लिए आ रहे हैं? जवाब/अहमद खान:हां, कई बार। लेकिन मुझे लगता है वही इस फिल्म की सबसे अच्छी बात थी। लोग काम करके जा नहीं रहे थे, वो वक्त भी साथ बिता रहे थे। कई लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे कॉलेज वाले दिन वापस आ गए हों। सवाल: कॉमेडी में इम्प्रोवाइजेशन कितना काम आया? जवाब/अहमद खान:बहुत ज्यादा। कई बार सीन स्क्रिप्ट से शुरू होता था लेकिन कलाकारों की वजह से उसका रूप बदल जाता था। कॉमेडी में यही मजा होता है कि आप थोड़ा स्पेस दो तो कई अच्छी चीजें सामने आती हैं। सवाल: आफताब, इतने साल बाद इस टीम के साथ लौटना कैसा रहा? जवाब/आफताब शिवदासानी:बहुत सहज लगा। ऐसा नहीं लगा कि इतने साल निकल गए हैं। कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जहां दोबारा शुरुआत नहीं करनी पड़ती। बस वहीं से बात शुरू हो जाती है जहां छोड़ी थी। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार चीज क्या रही? जवाब/आफताब शिवदासानी:मैं मजाक में कहता था कि मुझे शूट से ज्यादा लंच का इंतजार रहता था। लेकिन उसमें सच्चाई भी थी। लंच टाइम वो वक्त होता था जब सब लोग साथ बैठते थे, बातें करते थे, हंसते थे। कई यादें वहीं बनीं। सवाल: अगर इस पूरे सफर को एक लाइन में बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब/अहमद खान:कई बार ऐसा लगता था कि हम फिल्म नहीं बना रहे, यादें बना रहे हैं। इतने लंबे समय तक साथ रहने के बाद सबके बीच एक अलग जुड़ाव बन गया था। सवाल: इस फिल्म की सबसे बड़ी याद क्या रहेगी? जवाब/आफताब शिवदासानी:मेरे लिए यही कि इतने साल बाद भी लोगों के बीच वही अपनापन बना रहा। फिल्में खत्म हो जाती हैं, लेकिन कुछ लोग और कुछ पल साथ रह जाते हैं। यही चीज सबसे ज्यादा याद आएगी। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें..
दिशा बोलीं- बड़े कलाकारों से बहुत कुछ सीखा:अरशद वारसी ने कहा- शूटिंग कभी काम नहीं, दोस्तों के साथ बिताया वक्त लगा
‘वेलकम टू द जंगल’ में बड़ी स्टारकास्ट के बीच काम करने का अनुभव कलाकारों के लिए सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। दिशा पाटनी ने इसे सीखने और समझने का मौका बताया, जबकि अरशद वारसी के मुताबिक सेट का माहौल इतना सहज था कि काम का दबाव महसूस ही नहीं हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बताया कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों के बीच बना तालमेल और साथ बिताया समय रहा।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Tim David IPL 2027 Match Ban & 50% Fee Cut

June 1, 2026/
10:44 pm

स्पोर्ट्स डेस्ककुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक बेंगलुरु के टिम डेविड को इस सीजन तीन बार डिमेरिट पॉइंट मिले। रॉयल...

वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द:टॉस के बाद एक भी बॉल नहीं डली, सीरीज 1-1 की बराबरी पर आई

June 7, 2026/
7:54 am

श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे का दूसरा वनडे मैच लगातार बारिश के कारण रद्द कर दिया गया है। किंग्स्टन के सबीना...

authorimg

April 15, 2026/
7:56 am

Last Updated:April 15, 2026, 07:56 IST Paneer Doda Diabetes Benefits: रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पनीर डोटा...

एईएन (मुख्य) परीक्षा-2024 कल से:अजमेर व जयपुर में बनाए 66 सेंटर्स, साइंटिफिक कैलकुलेटर और जेल पेन ले जा सकेंगे

March 21, 2026/
9:23 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक अभियंता संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा-2024 (कार्मिक विभाग) का आयोजन 22 व 23 मार्च को...

Manish & Jackie Shroffs Emotional Superhero Film Chat

May 26, 2026/
5:30 am

19 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ में जैकी श्रॉफ ऐसे देसी सुपरहीरो बने हैं,...

वर्ल्ड अपडेट्स:जापान के पूर्व मंत्री बोले- भारत के रवैये से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लेट हुआ; वादे नहीं निभाए, बार-बार फैसला बदला

July 17, 2026/
1:14 pm

भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए...

PNB Fraud Case FIR Filed Against Anil Ambani

March 8, 2026/
10:52 am

मुंबई2 दिन पहले कॉपी लिंक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के पूर्व डायरेक्टर अनिल अंबानी और अन्य...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

आफताब बोले- शूटिंग से ज्यादा खाने का इंतजार रहता था:डायरेक्टर ने कहा- ऐसा लग रहा था जैसे हम फिल्म नहीं, यादें बना रहे हों

आफताब बोले- शूटिंग से ज्यादा खाने का इंतजार रहता था:डायरेक्टर ने कहा- ऐसा लग रहा था जैसे हम फिल्म नहीं, यादें बना रहे हों

‘वेलकम टू द जंगल’ की चर्चा अब तक इसकी बड़ी स्टारकास्ट और स्केल को लेकर होती रही है, लेकिन फिल्म से जुड़े लोगों के लिए इसकी सबसे खास बात कुछ और थी। डायरेक्टर अहमद खान और अभिनेता आफताब शिवदासानी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान फिल्म का सेट सिर्फ काम की जगह नहीं रहा, बल्कि ऐसा स्पेस बन गया जहां कलाकारों ने साथ समय बिताया, पुरानी केमिस्ट्री दोबारा जी और कई नई यादें बनाई। दोनों ने बताया कि कई बार शूट खत्म होने के बाद भी लोग सेट पर रुके रहते थे, क्योंकि वहां का माहौल किसी फिल्म से ज्यादा एक बड़े गैदरिंग जैसा लगने लगा था। सवाल: इस फिल्म के सेट को बाकी फिल्मों से अलग क्या बनाता था? जवाब/अहमद खान:आमतौर पर लोग फिल्म पर आते हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं। यहां वैसा नहीं था। यहां लोगों को सेट पर रहने में मजा आ रहा था। कई बार जिन कलाकारों का शूट नहीं होता था, वो भी मौजूद रहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि कहीं कुछ मजेदार मिस न हो जाए। धीरे-धीरे ऐसा माहौल बन गया जहां काम के साथ दोस्ती और अपनापन भी जुड़ गया। सवाल: इतने सारे कलाकारों के बीच माहौल कैसे बना रहा? जवाब/अहमद खान:जब इतने लोग साथ काम करते हैं तो हर किसी की अपनी एनर्जी होती है। कोई बहुत तैयारी करके आता है, कोई मौके पर चीजें बदल देता है। मुझे लगा कि अगर सबको थोड़ा खुलने दिया जाए तो बेहतर चीजें निकलकर आएंगी। मेरा काम सिर्फ उस एनर्जी को सही दिशा देना था। सवाल: क्या कभी लगा कि लोग शूट से ज्यादा एक-दूसरे के लिए आ रहे हैं? जवाब/अहमद खान:हां, कई बार। लेकिन मुझे लगता है वही इस फिल्म की सबसे अच्छी बात थी। लोग काम करके जा नहीं रहे थे, वो वक्त भी साथ बिता रहे थे। कई लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे कॉलेज वाले दिन वापस आ गए हों। सवाल: कॉमेडी में इम्प्रोवाइजेशन कितना काम आया? जवाब/अहमद खान:बहुत ज्यादा। कई बार सीन स्क्रिप्ट से शुरू होता था लेकिन कलाकारों की वजह से उसका रूप बदल जाता था। कॉमेडी में यही मजा होता है कि आप थोड़ा स्पेस दो तो कई अच्छी चीजें सामने आती हैं। सवाल: आफताब, इतने साल बाद इस टीम के साथ लौटना कैसा रहा? जवाब/आफताब शिवदासानी:बहुत सहज लगा। ऐसा नहीं लगा कि इतने साल निकल गए हैं। कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जहां दोबारा शुरुआत नहीं करनी पड़ती। बस वहीं से बात शुरू हो जाती है जहां छोड़ी थी। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार चीज क्या रही? जवाब/आफताब शिवदासानी:मैं मजाक में कहता था कि मुझे शूट से ज्यादा लंच का इंतजार रहता था। लेकिन उसमें सच्चाई भी थी। लंच टाइम वो वक्त होता था जब सब लोग साथ बैठते थे, बातें करते थे, हंसते थे। कई यादें वहीं बनीं। सवाल: अगर इस पूरे सफर को एक लाइन में बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब/अहमद खान:कई बार ऐसा लगता था कि हम फिल्म नहीं बना रहे, यादें बना रहे हैं। इतने लंबे समय तक साथ रहने के बाद सबके बीच एक अलग जुड़ाव बन गया था। सवाल: इस फिल्म की सबसे बड़ी याद क्या रहेगी? जवाब/आफताब शिवदासानी:मेरे लिए यही कि इतने साल बाद भी लोगों के बीच वही अपनापन बना रहा। फिल्में खत्म हो जाती हैं, लेकिन कुछ लोग और कुछ पल साथ रह जाते हैं। यही चीज सबसे ज्यादा याद आएगी। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें..
दिशा बोलीं- बड़े कलाकारों से बहुत कुछ सीखा:अरशद वारसी ने कहा- शूटिंग कभी काम नहीं, दोस्तों के साथ बिताया वक्त लगा
‘वेलकम टू द जंगल’ में बड़ी स्टारकास्ट के बीच काम करने का अनुभव कलाकारों के लिए सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। दिशा पाटनी ने इसे सीखने और समझने का मौका बताया, जबकि अरशद वारसी के मुताबिक सेट का माहौल इतना सहज था कि काम का दबाव महसूस ही नहीं हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बताया कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों के बीच बना तालमेल और साथ बिताया समय रहा।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.