10 मिनट पहले
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विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में 23 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सेरेना विलियम्स का सफर पहले ही राउंड में खत्म हो गया है। 44 साल की अमेरिकी दिग्गज सेरेना ने करीब चार साल (1,462 दिन) बाद टूर्नामेंट में वापसी की थी। उन्हें ऑस्ट्रेलिया की 20 साल की खिलाड़ी माया जॉइंट ने 6-3, 6-7, 6-3 से हरा दिया।
उम्र से 24 साल छोटी खिलाड़ी से हारी सेरेना
मैच की शुरुआत में सेरेना विलियम्स थोड़ी थकी और लय से बाहर नजर आईं। पहले सेट में ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने उनकी कमजोरियों का फायदा उठाया और यह सेट आसानी से 6-3 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में सेरेना ने शानदार वापसी की। दो बार ब्रेक पॉइंट पर पिछड़ने के बाद उन्होंने खेल को टाइ-ब्रेकर तक खींचा और दूसरा सेट 7-6 से जीत लिया। हालांकि, तीसरे सेट में शारीरिक थकान उन पर हावी हो गई और माया ने आखिरी सेट 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
सेरेना ने बयान में कहा- ‘विंबलडन में वापस आना वास्तव में बहुत अच्छा था। मुझे यहां आने की उम्मीद नहीं थी। माहौल अद्भुत था और मैंने इस पल का पूरा आनंद लिया।’

चोट से उबरकर दिमित्रोव की शानदार वापसी, सीधे सेटों में दर्ज की जीत
बुल्गारिया के 35 साल के खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव ऑस्ट्रेलिया के डेन स्वीनी को सीधे सेटों में 7-6, 6-3, 7-5 से हरा दिया। पिछले साल इसी कोर्ट पर दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर के खिलाफ दो सेट की बढ़त बनाने के बाद दिमित्रोव पेक्टोरल इंजरी (सीने की मांसपेशी में चोट) के कारण मैच से हट गए थे। वह रोते हुए कोर्ट से बाहर गए थे।
इस बार पूरी तरह फिट होकर लौटे दिमित्रोव ने जीत के बाद दिमित्रोव काफी देर तक कोर्ट पर फैंस को ऑटोग्राफ देते और तस्वीरें खिंचवाते नजर आए।

डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक कोर्ट पर ही रो पड़ीं, तीन सेट के संघर्ष में जीतीं
महिला सिंगल्स की मौजूदा चैंपियन पोलैंड की इगा स्वियातेक को भी अपने पहले दौर के मुकाबले में काफी पसीना बहाना पड़ा। तीसरी वरीयता प्राप्त स्वियातेक ने अमेरिका की टेलर टाउनसेंड को 6-1, 2-6, 6-3 से हराया। पहला सेट 6-1 से आसानी से जीतने के बाद दूसरा सेट हार गईं। तीसरे सेट के पहले गेम में उन्होंने तीन डबल फॉल्ट करने के बावजूद चार ब्रेक पॉइंट बचाए और अंततः दो घंटे से अधिक चले मैच को जीत लिया। जीत के बाद स्वियातेक इतनी भावुक हो गईं कि कोर्ट पर ही तौलिए से मुंह छिपाकर रोने लगीं।

38 साल में पहली बार पहले दौर में हारे 15 खिलाड़ी
मेजबान ब्रिटेन के लिए टूर्नामेंट का दूसरा दिन बेहद निराशाजनक रहा। विंबलडन के इतिहास में 38 साल बाद ऐसा हुआ है। जब पहले ही दौर में ब्रिटेन के 15 खिलाड़ी हारकर बाहर हो गए हैं। इससे पहले 1988 में 16 ब्रिटिश खिलाड़ी पहले दौर में हारे थे। हालांकि, केटी स्वान, जैकब फर्नली, आर्थर फेरी और जान चोइंस्की ने अपने-अपने मैच जीतकर ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा है। केटी स्वान ने रोमानिया की इरिना-कैमेलिया बेगु को 6-4, 6-4 से हराया, जबकि फर्नली ने दो सेट पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मैच जीता।















































