कुछ ही क्षण पहले
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 10 अगस्त सोमवार को होने वाली वोटिंग टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार हो रहे प्रदर्शन के चलते यह चुनाव अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए गए हैं।
इससे पहले दो चरणों में शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने कुल 24 सीटें जीतीं। इसके बाद PML-N का PoK में सरकार बनाना तय था।

दावा- पहले चरण के चुनाव के दौरान 19 लोगों की मौत
PoK में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा भड़क गई। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। चुनावी धांधली के आरोपों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई मतदान केंद्रों पर झड़पें भी हुईं।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों का आरोप है कि रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 19 लोगों की जान गई। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मृतकों के नाम भी जारी किए हैं।
भारत ने PoK में हो रहे चुनावों को मानने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान इन चुनावों के जरिए PoK पर अपने अवैध कब्जे को छिपाने और वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें…

रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

पहले चरण के चुनाव के बीच रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोग इकट्ठा होकर पाकिस्तान सरकार और वहां की सत्ता व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

27 जुलाई को फायरिंग में घायल एक आदमी जमीन पर लेटा हुआ है।
भारत ने चुनाव को बताया दिखावटी
भारत लंबे समय से PoK में होने वाले चुनावों को खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को उस इलाके में कोई राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का अधिकार नहीं है, जिसे भारत अपना हिस्सा मानता है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने PoK चुनाव को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को सही दिखाने की कोशिश बताते हुए इसे दिखावटी एक्सरसाइज कहा है। भारत ने यह भी आरोप लगाया है कि पाकिस्तान चुनावों के जरिए अपने कब्जे को छिपाने और इलाके में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।

खबर लगातार अपडेट हो रही है…

















































