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वॉकिंग क्रिकेट, खिलाड़ियों को मिल रहा ‘बैजबॉल’ का मजा:ब्रिटेन में 87 की उम्र तक के लोग खेल रहे; बैटर आउट होने के बाद भी खेलता रहता है, आधा रन लेने की छूट

वॉकिंग क्रिकेट, खिलाड़ियों को मिल रहा ‘बैजबॉल’ का मजा:ब्रिटेन में 87 की उम्र तक के लोग खेल रहे; बैटर आउट होने के बाद भी खेलता रहता है, आधा रन लेने की छूट

इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने एक बार ‘बैजबॉल’ को परिभाषित करते हुए कहा था कि यह खेल को वैसे खेलने की कोशिश है, जैसा हमने बचपन में कल्पना की थी- रोमांचक, तेज और मजेदार। दिलचस्प बात यह है कि इस सोच की सबसे सजीव और भावुक झलक अब इंग्लैंड के लीजर सेंटरों और खेल के मैदानों पर दिख रही है, जहां 50 से 87 साल तक के लोग ‘वॉकिंग क्रिकेट’ के जरिए खेल का नया आनंद ले रहे हैं। वॉकिंग क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अकेलेपन के खिलाफ प्रभावी हथियार है। केंट क्रिकेट कम्युनिटी ट्रस्ट की प्रोजेक्ट ऑफिसर एमी इलिज के अनुसार, हर काउंटी में इसकी टीमें फल-फूल रही हैं। लॉर्ड्स के इंडोर स्कूल में पहला इंटर-काउंटी वॉकिंग क्रिकेट फेस्टिवल आयोजित हुआ, जिसने इसकी बढ़ती लोकप्रियता पर मुहर लगा दी। केंट के फोकस्टोन स्थित थ्री हिल्स स्पोर्ट्स सेंटर में वॉकिंग क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, सामुदायिक जुड़ाव का मंच बन चुका है। यहां 87 वर्ष तक के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। सुनने में दिक्कत, डिमेंशिया या गतिशीलता संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोग भी बिना झिझक मैदान में उतरते हैं। आधा रन लेने जैसी छूट इसे और रोचक बनाती है। इस खेल ने कई जिंदगियों को नई दिशा दी है। 62 वर्षीय कप्तान मार्क कहते हैं कि यहां प्रतिभा से ज्यादा भागीदारी और खुशी मायने रखती है। साल 2022 में दोनों घुटनों के ऑपरेशन के बाद ग्राहम दो स्टिक के सहारे चलते थे। वॉकिंग क्रिकेट से जुड़ने के महज 18 महीनों में उनका वजन एक-चौथाई कम हो गया और उन्होंने एक ओवर में छह छक्के जड़कर सबको हैरान कर दिया। सेना के दिनों में माल्टा के लिए खेल चुके जॉन कहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद इस खेल ने उन्हें नई जिंदगी दी है। कई बार खिलाड़ियों को यह भी याद नहीं रहता कि मैच कौन जीता क्योंकि यहां जीत से ज्यादा मायने मुस्कान के हैं। क्या है वॉकिंग क्रिकेट और नियम – जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस खेल में दौड़ने की सख्त मनाही है। यह क्रिकेट का एक धीमा, सुरक्षित और सरल प्रारूप है, जिसे विशेष रूप से बुजुर्गों और चलने-फिरने में परेशानी (मोबिलिटी इश्यूज) का सामना कर रहे लोगों के लिए डिजाइन किया गया है।
– इसमें चोट के जोखिम को कम करने के लिए लेदर बॉल की जगह सॉफ्ट बॉल और अक्सर प्लास्टिक के उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
– गेंदबाज चलकर गेंद फेंकता है, फील्डर चलकर गेंद पकड़ते हैं और बल्लेबाज रन लेने के लिए दौड़ता नहीं, बल्कि चलता है। सबसे मजेदार नियम यह है कि बल्लेबाज आउट होने के बाद भी खेलता रहता है, बस गेंदबाज टीम को बोनस के रूप में पांच रन मिल जाते हैं।

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वॉकिंग क्रिकेट, खिलाड़ियों को मिल रहा ‘बैजबॉल’ का मजा:ब्रिटेन में 87 की उम्र तक के लोग खेल रहे; बैटर आउट होने के बाद भी खेलता रहता है, आधा रन लेने की छूट

इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने एक बार ‘बैजबॉल’ को परिभाषित करते हुए कहा था कि यह खेल को वैसे खेलने की कोशिश है, जैसा हमने बचपन में कल्पना की थी- रोमांचक, तेज और मजेदार। दिलचस्प बात यह है कि इस सोच की सबसे सजीव और भावुक झलक अब इंग्लैंड के लीजर सेंटरों और खेल के मैदानों पर दिख रही है, जहां 50 से 87 साल तक के लोग ‘वॉकिंग क्रिकेट’ के जरिए खेल का नया आनंद ले रहे हैं। वॉकिंग क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अकेलेपन के खिलाफ प्रभावी हथियार है। केंट क्रिकेट कम्युनिटी ट्रस्ट की प्रोजेक्ट ऑफिसर एमी इलिज के अनुसार, हर काउंटी में इसकी टीमें फल-फूल रही हैं। लॉर्ड्स के इंडोर स्कूल में पहला इंटर-काउंटी वॉकिंग क्रिकेट फेस्टिवल आयोजित हुआ, जिसने इसकी बढ़ती लोकप्रियता पर मुहर लगा दी। केंट के फोकस्टोन स्थित थ्री हिल्स स्पोर्ट्स सेंटर में वॉकिंग क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, सामुदायिक जुड़ाव का मंच बन चुका है। यहां 87 वर्ष तक के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। सुनने में दिक्कत, डिमेंशिया या गतिशीलता संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोग भी बिना झिझक मैदान में उतरते हैं। आधा रन लेने जैसी छूट इसे और रोचक बनाती है। इस खेल ने कई जिंदगियों को नई दिशा दी है। 62 वर्षीय कप्तान मार्क कहते हैं कि यहां प्रतिभा से ज्यादा भागीदारी और खुशी मायने रखती है। साल 2022 में दोनों घुटनों के ऑपरेशन के बाद ग्राहम दो स्टिक के सहारे चलते थे। वॉकिंग क्रिकेट से जुड़ने के महज 18 महीनों में उनका वजन एक-चौथाई कम हो गया और उन्होंने एक ओवर में छह छक्के जड़कर सबको हैरान कर दिया। सेना के दिनों में माल्टा के लिए खेल चुके जॉन कहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद इस खेल ने उन्हें नई जिंदगी दी है। कई बार खिलाड़ियों को यह भी याद नहीं रहता कि मैच कौन जीता क्योंकि यहां जीत से ज्यादा मायने मुस्कान के हैं। क्या है वॉकिंग क्रिकेट और नियम – जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस खेल में दौड़ने की सख्त मनाही है। यह क्रिकेट का एक धीमा, सुरक्षित और सरल प्रारूप है, जिसे विशेष रूप से बुजुर्गों और चलने-फिरने में परेशानी (मोबिलिटी इश्यूज) का सामना कर रहे लोगों के लिए डिजाइन किया गया है।
– इसमें चोट के जोखिम को कम करने के लिए लेदर बॉल की जगह सॉफ्ट बॉल और अक्सर प्लास्टिक के उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
– गेंदबाज चलकर गेंद फेंकता है, फील्डर चलकर गेंद पकड़ते हैं और बल्लेबाज रन लेने के लिए दौड़ता नहीं, बल्कि चलता है। सबसे मजेदार नियम यह है कि बल्लेबाज आउट होने के बाद भी खेलता रहता है, बस गेंदबाज टीम को बोनस के रूप में पांच रन मिल जाते हैं।

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