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40-Year-Old Green House Stands Strong in Nuwakot

40-Year-Old Green House Stands Strong in Nuwakot

काठमांडू 1 मिनट पहले

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नेपाल में त्रिशूली नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में कई गाड़ियां, इमारतें और लोगों का सामान बह गया। लेकिन नुवाकोट जिले में नदी के किनारे बना 40 साल पुराना हरे रंग का एक घर लगभग सुरक्षित बच गया। आसपास की कई इमारतें और दूसरी चीजें पानी के तेज बहाव में बह गईं, लेकिन यह घर अपनी जगह खड़ा रहा।

बाढ़ के बाद इस घर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे। चारों तरफ पानी और तबाही के बीच घर को सही-सलामत देखकर लोग हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘चमत्कारी घर’ कहने लगे और सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इतनी तेज बाढ़ में यह 40 साल पुराना घर कैसे बच गया।

अब घर के मालिक प्रकाश ने बताया है कि उस रात घर के अंदर क्या हुआ और आखिर किस वजह से उनका घर बाढ़ के तेज बहाव के सामने टिक पाया। प्रकाश ने इंडिया टुडे की सहयोगी वेबसाइट द लल्लनटॉप से घटनास्थल पर बात की। उन्होंने बताया कि परिवार पानी बढ़ने पर घर की ऊपरी मंजिलों की ओर चला गया और करीब एक से डेढ़ घंटे तक सबसे ऊंचे हिस्से में फंसा रहा।

भीषण बाढ़ के बीच भी हरे रंग का घर सुरक्षित बच गया।

भीषण बाढ़ के बीच भी हरे रंग का घर सुरक्षित बच गया।

बाढ़ के बीच परिवार घर की छत पर पहुंचा

प्रकाश ने कहा, “जब लगता है कि यह जिंदगी का आखिरी पल हो सकता है, तब आप क्या सोच सकते हैं? मुझे लगा कि शायद हमारी जिंदगी खत्म होने वाली है।”

उन्होंने बताया कि परिवार में छह लोग थे और उनमें से पांच घर के अंदर थे। प्रकाश ने कहा, “मैं भी वहीं था और मेरे परिवार के पांच सदस्य घर में थे।”

प्रकाश उस समय पास की अपनी दुकान पर थे, तभी उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने की सूचना मिली। उन्होंने बताया, “मैं तुरंत घर की ओर भागा। अंदर जाकर सबको आवाज दी और जल्दी आने को कहा।”

जब वे बाहर आए, तो देखा कि पानी के तेज बहाव ने उनका वाहन पलट दिया था। प्रकाश ने कहा कि यह देखकर वे वापस घर के अंदर भाग गए।

परिवार पहले घर की चौथी मंजिल पर पहुंचा। वह घर की सबसे ऊपरी मंजिल थी, लेकिन कुछ समय बाद बाढ़ का पानी वहां तक भी पहुंच गया।

प्रकाश ने बताया, “पानी चौथी मंजिल तक आ गया था। इसके बाद हम ऊपर, इमारत के सबसे ऊंचे हिस्से में चले गए।”

बाढ़ का पानी नीचे बढ़ रहा था और प्रकाश को अपने परिवार की चिंता हो रही थी। उनका एक बेटा घर पर नहीं था, क्योंकि वह स्कूल गया हुआ था।

उन्होंने कहा, “सब लोग साथ थे, लेकिन मेरा एक बेटा वहां नहीं था। वह स्कूल गया था। मैं लगातार सोच रहा था कि अगर हमारे साथ कुछ हो गया, तो उसका क्या होगा।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे दिमाग में लगातार चल रही थी।”

मजबूत नींव से घर को मिला सहारा

हरे घर के बचे रहने को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आसपास की इमारतें बह गईं, लेकिन यह घर कैसे खड़ा रहा। प्रकाश ने इसकी एक वजह घर का कई दशक पहले मजबूत तरीके से बनाया जाना बताया।

उन्होंने कहा, “यह पुराना घर है और करीब 40 साल पहले बना था। उस समय सीमेंट और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहतर थी।”

प्रकाश ने बताया कि नदी के पास होने के कारण घर की नींव पर खास ध्यान दिया गया था। उन्होंने कहा, “घर को मजबूत बनाने में हमने काफी पैसा खर्च किया था, क्योंकि यह नदी के करीब था।”

उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए घर के नीचे सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की दो या तीन परतें भी डाली गई थीं। प्रकाश ने कहा, “इस वजह से नींव काफी मजबूत बनाई गई थी।”

हालांकि, घर का निचला हिस्सा बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रकाश ने बताया कि इस हिस्से का इस्तेमाल उनकी दुकान के सामान के गोदाम के रूप में किया जा रहा था।

उन्होंने कहा, “बड़ी मात्रा में सामान बह गया। दो वाहन, बाइक और स्कूटर भी बह गए। सब कुछ चला गया।”

पाइप और रस्सी से परिवार को बाहर निकाला

प्रकाश के मुताबिक, परिवार करीब एक से डेढ़ घंटे तक घर में फंसा रहा। इसके बाद पानी का स्तर थोड़ा कम होने लगा।

उन्होंने बताया कि पास के टोल इलाके के लोग परिवार की मदद के लिए पहुंचे। लोगों ने दोनों इमारतों के बीच एक पाइप रखा और दूसरी तरफ से पाइप और रस्सी की मदद से परिवार तक पहुंचे।

प्रकाश ने कहा, “इसी तरह हमें बाहर निकाला गया।” परिवार ने बाढ़ का सबसे खतरनाक दौर घर के सबसे ऊंचे हिस्से में रहकर गुजारा।

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नेपाल में त्रिशूली नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में कई गाड़ियां, इमारतें और लोगों का सामान बह गया। लेकिन नुवाकोट जिले में नदी के किनारे बना 40 साल पुराना हरे रंग का एक घर लगभग सुरक्षित बच गया। आसपास की कई इमारतें और दूसरी चीजें पानी के तेज बहाव में बह गईं, लेकिन यह घर अपनी जगह खड़ा रहा।

बाढ़ के बाद इस घर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे। चारों तरफ पानी और तबाही के बीच घर को सही-सलामत देखकर लोग हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘चमत्कारी घर’ कहने लगे और सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इतनी तेज बाढ़ में यह 40 साल पुराना घर कैसे बच गया।

अब घर के मालिक प्रकाश ने बताया है कि उस रात घर के अंदर क्या हुआ और आखिर किस वजह से उनका घर बाढ़ के तेज बहाव के सामने टिक पाया। प्रकाश ने इंडिया टुडे की सहयोगी वेबसाइट द लल्लनटॉप से घटनास्थल पर बात की। उन्होंने बताया कि परिवार पानी बढ़ने पर घर की ऊपरी मंजिलों की ओर चला गया और करीब एक से डेढ़ घंटे तक सबसे ऊंचे हिस्से में फंसा रहा।

भीषण बाढ़ के बीच भी हरे रंग का घर सुरक्षित बच गया।

भीषण बाढ़ के बीच भी हरे रंग का घर सुरक्षित बच गया।

बाढ़ के बीच परिवार घर की छत पर पहुंचा

प्रकाश ने कहा, “जब लगता है कि यह जिंदगी का आखिरी पल हो सकता है, तब आप क्या सोच सकते हैं? मुझे लगा कि शायद हमारी जिंदगी खत्म होने वाली है।”

उन्होंने बताया कि परिवार में छह लोग थे और उनमें से पांच घर के अंदर थे। प्रकाश ने कहा, “मैं भी वहीं था और मेरे परिवार के पांच सदस्य घर में थे।”

प्रकाश उस समय पास की अपनी दुकान पर थे, तभी उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने की सूचना मिली। उन्होंने बताया, “मैं तुरंत घर की ओर भागा। अंदर जाकर सबको आवाज दी और जल्दी आने को कहा।”

जब वे बाहर आए, तो देखा कि पानी के तेज बहाव ने उनका वाहन पलट दिया था। प्रकाश ने कहा कि यह देखकर वे वापस घर के अंदर भाग गए।

परिवार पहले घर की चौथी मंजिल पर पहुंचा। वह घर की सबसे ऊपरी मंजिल थी, लेकिन कुछ समय बाद बाढ़ का पानी वहां तक भी पहुंच गया।

प्रकाश ने बताया, “पानी चौथी मंजिल तक आ गया था। इसके बाद हम ऊपर, इमारत के सबसे ऊंचे हिस्से में चले गए।”

बाढ़ का पानी नीचे बढ़ रहा था और प्रकाश को अपने परिवार की चिंता हो रही थी। उनका एक बेटा घर पर नहीं था, क्योंकि वह स्कूल गया हुआ था।

उन्होंने कहा, “सब लोग साथ थे, लेकिन मेरा एक बेटा वहां नहीं था। वह स्कूल गया था। मैं लगातार सोच रहा था कि अगर हमारे साथ कुछ हो गया, तो उसका क्या होगा।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे दिमाग में लगातार चल रही थी।”

मजबूत नींव से घर को मिला सहारा

हरे घर के बचे रहने को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आसपास की इमारतें बह गईं, लेकिन यह घर कैसे खड़ा रहा। प्रकाश ने इसकी एक वजह घर का कई दशक पहले मजबूत तरीके से बनाया जाना बताया।

उन्होंने कहा, “यह पुराना घर है और करीब 40 साल पहले बना था। उस समय सीमेंट और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहतर थी।”

प्रकाश ने बताया कि नदी के पास होने के कारण घर की नींव पर खास ध्यान दिया गया था। उन्होंने कहा, “घर को मजबूत बनाने में हमने काफी पैसा खर्च किया था, क्योंकि यह नदी के करीब था।”

उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए घर के नीचे सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की दो या तीन परतें भी डाली गई थीं। प्रकाश ने कहा, “इस वजह से नींव काफी मजबूत बनाई गई थी।”

हालांकि, घर का निचला हिस्सा बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रकाश ने बताया कि इस हिस्से का इस्तेमाल उनकी दुकान के सामान के गोदाम के रूप में किया जा रहा था।

उन्होंने कहा, “बड़ी मात्रा में सामान बह गया। दो वाहन, बाइक और स्कूटर भी बह गए। सब कुछ चला गया।”

पाइप और रस्सी से परिवार को बाहर निकाला

प्रकाश के मुताबिक, परिवार करीब एक से डेढ़ घंटे तक घर में फंसा रहा। इसके बाद पानी का स्तर थोड़ा कम होने लगा।

उन्होंने बताया कि पास के टोल इलाके के लोग परिवार की मदद के लिए पहुंचे। लोगों ने दोनों इमारतों के बीच एक पाइप रखा और दूसरी तरफ से पाइप और रस्सी की मदद से परिवार तक पहुंचे।

प्रकाश ने कहा, “इसी तरह हमें बाहर निकाला गया।” परिवार ने बाढ़ का सबसे खतरनाक दौर घर के सबसे ऊंचे हिस्से में रहकर गुजारा।

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