- Hindi News
- Career
- Nainital Betalghat School Protest | Students Demand Teachers Appointment
4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
नैनीताल के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेतालघाट में टीचर की कमी से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 3 सितंबर को कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं ने टीचर्स की पोस्टिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
यहां के सभी 9 टीचर पद खाली हैं। जबकि ग्रेजुएट लेवल के 5 पद भी खाली हैं। इसके अलावा कुछ विषयों की पढ़ाई गेस्ट और PTR टीचर्स के भरोसे चल रही है।
छात्राओं ने खाली पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की
अभिभावक संघ के अध्यक्ष की अगुवाई में छात्राओं ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचाई। छात्राओं ने कहा कि जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बेटियों का भविष्य कैसे संवरेगा। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से खाली पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की।

कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शेखर दानी ने कहा कि वह स्कूल में टीचर्स की नियुक्ति को लेकर कई महीनों से शिक्षा विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन विभाग पर कोई असर नहीं हुआ।
दानी ने कहा कि जिन बेटियों को किताब-कॉपी लेकर स्कूल में पढ़ना चाहिए, आज उन्हें अपने अधिकार के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। छात्राओं का यह प्रदर्शन सरकार और शिक्षा विभाग के लिए बड़ा संदेश है। बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। सालों से पद खाली रखना छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
इससे पहले यह मामला 2024 में भी उठ चुका है। लेकिन स्टूडेंट्स की टीचर की मांग को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद कोई इन बच्चों को रॉक स्टार कह रहा है तो कोई शाबाश कहते हुए उनका हौसला बढ़ा रहा है।

एमपी में कीचड़ भरी सड़क पर जाम
मध्य प्रदेश में स्कूल तक जाने वाली कच्ची और कीचड़ भरी सड़क से परेशान छात्राओं ने अपनी-अपनी साइकिल सड़क पर रखकर चक्का जाम किया। यह घटना ग्राम मझगुआ पतोल, थाना हटा, जिला दमोह की है। इस जाम से सड़क के दोनों ओर लोगों का आना – जाना रुक गया।
स्कूल तक जाने वाला करीब 1 किलोमीटर का रास्ता कच्चा और बदहाल है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।
यह प्रदर्शन 22 अगस्त 2026 को दोपहर साढ़े 11 बजे शुरू हुआ। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे तेज बारिश होने लगी। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी गांव की मुख्य सड़क पर पहुंच गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बारिश के बीच स्कूली ड्रेस में छात्राओं के प्रदर्शन का वीडियो बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
स्कूली छात्राओं द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। ग्रामीणों ने विद्यार्थियों की मांग को जायज बताया। उनका कहना है कि करीब एक किलोमीटर के इस कच्चे रास्ते का इस्तेमाल सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण और किसान भी करते हैं। उन्हें भी यहां से गुजरने में परेशानी होती है।
प्रशासन ने दिया व्यवस्था का आश्वासन
बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर पक्की सड़क बनाने की मांग की। सूचना मिलने पर कार्यपालिका मजिस्ट्रेट और तहसीलदार उमेश तिवारी मौके पर पहुंचे। पटवारी सुधीर राज भी मौजूद रहे। तहसीलदार ने विद्यार्थियों के साथ स्कूल तक जाकर कच्चे रास्ते का निरीक्षण किया।
प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया। हालांकि छात्राओं की मांग स्कूल तक स्थायी पक्की सड़क बनाने की है।
छात्रों और ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी सड़क बनने से ही हर साल बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी से निजात मिल सकेगी।
ये खबर भी पढ़ें
हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले

सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने “रामधुन” गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें













































