Friday, 11 Sep 2026 | 11:30 PM

Trending :

Bhopal School Protest | Divyang Students Demand Teachers & Facilities

Bhopal School Protest | Divyang Students Demand Teachers & Facilities
  • Hindi News
  • Career
  • Bhopal School Protest | Divyang Students Demand Teachers & Facilities

12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पिछले 2 महीनों में यह दिव्यांग छात्रों के प्रदर्शन की तीसरी घटना है जब वे अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित हैं और आंदोलन करने को मजबूर भी। दिव्यांगों का यह आंदोलन भोपाल में पिछले दिनों हुआ। मूक – बधिर से लेकर दृष्टिबाधित छात्रों के ऐसे ही आंदोलन चंडीगढ़ और देहरादून में भी हुए।

7 सितंबर 2026 को शासकीय दृष्टि बाधित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने स्कूल के बदतर हालात के खिलाफ प्रदर्शन किया। बच्चों का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, नियमित कक्षाएं नहीं लगतीं और कई बार शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाते रहते हैं। स्थिति यह है कि पहली से 12वीं तक की पढ़ाई वाले इस स्कूल में करीब 190 विद्यार्थी हैं, जबकि शिक्षक सिर्फ 3 हैं।

सबसे गंभीर स्थिति श्रवण बाधित विद्यार्थियों की है। बच्चों का कहना है कि शिक्षकों को साइन लैंग्वेज तक नहीं आती। स्कूल में उनकी बात समझने के लिए इंटरप्रेटर भी नहीं है।

शिक्षक तीन, कक्षाएं पहली से 12वीं तक

स्कूल प्रबंधन के अनुसार यहां पहली से 12वीं तक कक्षाएं संचालित होती हैं। दृष्टि बाधित और श्रवण बाधित विद्यार्थियों को मिलाकर करीब 190 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में शिक्षक के पांच पद हैं, इसके अलावा दो व्याख्याता और प्रशिक्षकों के पद भी हैं। लेकिन फिलहाल 3 शिक्षक ही उपलब्ध हैं।

प्राचार्य मोहम्मद इरफान ने बताया कि छत्तीसगढ़ से प्रतिनियुक्ति पर आए तीन शिक्षकों को वहां की सरकार ने वापस बुला लिया। इसके बाद शिक्षकों की कमी हुई। उन्होंने बताया कि खाली पदों को भरने के लिए अतिथि शिक्षक रखने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द चार और शिक्षक रखे जाने की उम्मीद है।

एक कमरे में दो-दो, तीन-तीन कक्षाएं

प्राचार्य ने खुद माना कि स्कूल में कमरों की कमी है और कई बार एक कमरे में दो से तीन कक्षाएं लगानी पड़ती हैं।

स्कूल में कंप्यूटर, ड्राइंग और सिलाई जैसे प्रशिक्षणों के लिए प्रशिक्षकों की जरूरत भी बताई गई है। प्रबंधन के अनुसार इसके लिए शासन से अनुमति की जरूरत है।

टीचर फोन चलाते हैं, पढ़ाते नहीं

विद्यार्थियों ने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन चलाते रहते हैं और पढ़ाई नहीं कराते। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षक फोन पर स्क्रॉल करते रहते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें पढ़ाई के लिए जिस मदद की जरूरत है, वह नहीं मिल रही।

साइन लैंग्वेज नहीं आती तो बच्चे पढ़ेंगे कैसे?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल श्रवण बाधित विद्यार्थियों की पढ़ाई और संवाद को लेकर है। बच्चों के अनुसार स्कूल के शिक्षकों को साइन लैंग्वेज नहीं आती और कोई इंटरप्रेटर भी उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा होता है, जिस विद्यार्थी की भाषा साइन लैंग्वेज है, उसके शिक्षक को वही भाषा नहीं आती तो शिक्षा का अधिकार जमीन पर कैसे लागू होगा? बच्चों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन संवाद की व्यवस्था ही नहीं होने के कारण उनकी आवाज जिम्मेदार लोगों तक नहीं पहुंच पाती।

बच्चों का कहना है कि वे लंबे समय से समस्याओं का सामना कर रहे हैं और बार-बार अपनी बात रखने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से वे आंदोलन की राह पर आए हैं।

चंडीगढ़ में हुआ दिव्यांगों का ऐसा ही आंदोलन

12 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित वटिका स्पेशल स्कूल के मूक-बधिर स्टूडेंट्स ने स्कूल के बाहर करीब 3 घंटे प्रदर्शन किया। ये बच्चे बोल और सुन नहीं सकते। ऐसे में अपनी आवाज उठाने के लिए उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। छात्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रबंधन को दिया। प्रदर्शन में स्कूल के कुछ पूर्व विद्यार्थी और पेरेंट्स भी शामिल हुए।

बस चार्जिंग की सुविधा

स्कूल में एक इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध है, लेकिन छात्रों के मुताबिक कैंपस में चार्जिंग की व्यवस्था न होने से उसका नियमित इस्तेमाल नहीं हो रहा है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि चार्जिंग की समस्या को दूर किया जा रहा है।

प्रशासन ने सुनी शिकायतें

प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों की शिकायतें समझने के लिए सोशल वेलफेयर विभाग की मदद ली। विभाग के अधिकारी ने छात्रों की शिकायतें सुनीं। स्कूल प्रिंसिपल ने भी कहा कि अब शिकायतों को लेकर विभाग के साथ समाधान की कोशिश की जाएगी।

प्रिंसिपल कविता सोबती ने कहा कि छात्रों ने इससे पहले लिखित शिकायत नहीं दी थी। अब सोशल वेलफेयर विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।

पिछले महीने देहरादून में भी दिव्यांगों का आंदोलन

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राएं बीते पांच दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ये बच्चे अच्छी शिक्षा, शिक्षक और किताबों जैसी सुविधाओं को लेकर सिस्टम के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।

10 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में छात्रों ने संस्थान में हो रहे बुरे बर्ताव और शारीरिक हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक छात्रा के अनुसार, अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए अलग-अलग देखभाल और स्पेशल स्टाफ की जरूरत है, लेकिन ऐसी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ बच्चों को चोट पहुंचाई जाती है और लात-घूंसों से मारपीट की जाती है।

छात्रों का कहना है कि प्रशासन के साथ दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसलिए उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है। NIEPVD का देहरादून मॉडल स्कूल नर्सरी से कक्षा 12वीं तक दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा देता है। इस समय वहां 247 बच्चे पढ़ रहे हैं।

छात्राओं ने बताया कि संस्थान में किताबों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रशिक्षित प्रशिक्षक और स्थायी निदेशक जैसी सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डिस्पेंसरी में उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और छात्रावास के खाने की क्वालिटी लगातार खराब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, किताबों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी छात्र परेशान हैं।

मल्टी डिसेबल बच्चों के लिए अलग यूनिट नहीं

प्रदर्शन में शामिल एक दिव्यांग छात्रा ने कहा कि इस बार मल्टी डिसेबल बच्चों को एडमिशन दिया गया है। उनकी केयर करने के लिए अलग से कोई यूनिट नहीं है।

एक दूसरी छात्रा ने कहा – इन बच्चों के लिए अलग टीचर होता है, गाइड करने वाले अलग होते हैं लेकिन जो टीचर यहां आए हैं, वो बच्चो को चोट पहुंचा रहे हैं। बच्चों के साथ मारपीट तक हो रही है। लात-घूसे मारे जाते हैं। यहां बच्चे बहुत परेशान हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई यूजर्स इन छात्रों का समर्थन करते हुए अपनी राय दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा – दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन और भूख हड़ताल की नौबत आना किसी भी संवेदनशील व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। मंत्रालय और संस्थान को तुरंत बातचीत कर उनकी जायज मांगों का समाधान करना चाहिए। अधिकार मांगना अपराध नहीं है।

ये खबर भी पढ़ें

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में 225 पदों पर भर्ती:ग्रेजुएट्स से लेकर इंजीनियर को मौका, सैलरी 1 लाख से ज्यादा

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में 225 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ऑफिशियल वेबसाइट uiic.co.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Ashoknagar Fraud Gang | Luxury Life, Temple Donations

May 12, 2026/
5:17 pm

अशोकनगर पुलिस ने ठगी के 2 आरोपियों को अरेस्ट किया है। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में सामने आए हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल...

आमिर खान ने ‘4 इडियट्स’ को दी हरी झंडी:AI और आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर आधारित होगी कहानी, विकी कौशल की एंट्री लगभग तय

May 6, 2026/
1:47 pm

भारतीय सिनेमा की कल्ट फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है।...

जेपी अस्पताल विवाद पर डिप्टी सीएम सख्त:सीएमएचओ से रिपोर्ट तलब; तीन साल से बंद प्रसव सुविधा, अब तक नहीं हुई कार्रवाई

March 26, 2026/
12:07 am

भोपाल के जेपी अस्पताल में तीन साल से बंद प्रसव सुविधा का मामला अब सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच...

Dewas Blinkit Delivery Partners Strike

April 1, 2026/
12:54 pm

देवास में ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा Blinkit के डिलीवरी पार्टनर्स ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Bhopal School Protest | Divyang Students Demand Teachers & Facilities

Bhopal School Protest | Divyang Students Demand Teachers & Facilities
  • Hindi News
  • Career
  • Bhopal School Protest | Divyang Students Demand Teachers & Facilities

12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पिछले 2 महीनों में यह दिव्यांग छात्रों के प्रदर्शन की तीसरी घटना है जब वे अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित हैं और आंदोलन करने को मजबूर भी। दिव्यांगों का यह आंदोलन भोपाल में पिछले दिनों हुआ। मूक – बधिर से लेकर दृष्टिबाधित छात्रों के ऐसे ही आंदोलन चंडीगढ़ और देहरादून में भी हुए।

7 सितंबर 2026 को शासकीय दृष्टि बाधित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने स्कूल के बदतर हालात के खिलाफ प्रदर्शन किया। बच्चों का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, नियमित कक्षाएं नहीं लगतीं और कई बार शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाते रहते हैं। स्थिति यह है कि पहली से 12वीं तक की पढ़ाई वाले इस स्कूल में करीब 190 विद्यार्थी हैं, जबकि शिक्षक सिर्फ 3 हैं।

सबसे गंभीर स्थिति श्रवण बाधित विद्यार्थियों की है। बच्चों का कहना है कि शिक्षकों को साइन लैंग्वेज तक नहीं आती। स्कूल में उनकी बात समझने के लिए इंटरप्रेटर भी नहीं है।

शिक्षक तीन, कक्षाएं पहली से 12वीं तक

स्कूल प्रबंधन के अनुसार यहां पहली से 12वीं तक कक्षाएं संचालित होती हैं। दृष्टि बाधित और श्रवण बाधित विद्यार्थियों को मिलाकर करीब 190 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में शिक्षक के पांच पद हैं, इसके अलावा दो व्याख्याता और प्रशिक्षकों के पद भी हैं। लेकिन फिलहाल 3 शिक्षक ही उपलब्ध हैं।

प्राचार्य मोहम्मद इरफान ने बताया कि छत्तीसगढ़ से प्रतिनियुक्ति पर आए तीन शिक्षकों को वहां की सरकार ने वापस बुला लिया। इसके बाद शिक्षकों की कमी हुई। उन्होंने बताया कि खाली पदों को भरने के लिए अतिथि शिक्षक रखने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द चार और शिक्षक रखे जाने की उम्मीद है।

एक कमरे में दो-दो, तीन-तीन कक्षाएं

प्राचार्य ने खुद माना कि स्कूल में कमरों की कमी है और कई बार एक कमरे में दो से तीन कक्षाएं लगानी पड़ती हैं।

स्कूल में कंप्यूटर, ड्राइंग और सिलाई जैसे प्रशिक्षणों के लिए प्रशिक्षकों की जरूरत भी बताई गई है। प्रबंधन के अनुसार इसके लिए शासन से अनुमति की जरूरत है।

टीचर फोन चलाते हैं, पढ़ाते नहीं

विद्यार्थियों ने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन चलाते रहते हैं और पढ़ाई नहीं कराते। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षक फोन पर स्क्रॉल करते रहते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें पढ़ाई के लिए जिस मदद की जरूरत है, वह नहीं मिल रही।

साइन लैंग्वेज नहीं आती तो बच्चे पढ़ेंगे कैसे?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल श्रवण बाधित विद्यार्थियों की पढ़ाई और संवाद को लेकर है। बच्चों के अनुसार स्कूल के शिक्षकों को साइन लैंग्वेज नहीं आती और कोई इंटरप्रेटर भी उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा होता है, जिस विद्यार्थी की भाषा साइन लैंग्वेज है, उसके शिक्षक को वही भाषा नहीं आती तो शिक्षा का अधिकार जमीन पर कैसे लागू होगा? बच्चों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन संवाद की व्यवस्था ही नहीं होने के कारण उनकी आवाज जिम्मेदार लोगों तक नहीं पहुंच पाती।

बच्चों का कहना है कि वे लंबे समय से समस्याओं का सामना कर रहे हैं और बार-बार अपनी बात रखने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से वे आंदोलन की राह पर आए हैं।

चंडीगढ़ में हुआ दिव्यांगों का ऐसा ही आंदोलन

12 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित वटिका स्पेशल स्कूल के मूक-बधिर स्टूडेंट्स ने स्कूल के बाहर करीब 3 घंटे प्रदर्शन किया। ये बच्चे बोल और सुन नहीं सकते। ऐसे में अपनी आवाज उठाने के लिए उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। छात्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रबंधन को दिया। प्रदर्शन में स्कूल के कुछ पूर्व विद्यार्थी और पेरेंट्स भी शामिल हुए।

बस चार्जिंग की सुविधा

स्कूल में एक इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध है, लेकिन छात्रों के मुताबिक कैंपस में चार्जिंग की व्यवस्था न होने से उसका नियमित इस्तेमाल नहीं हो रहा है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि चार्जिंग की समस्या को दूर किया जा रहा है।

प्रशासन ने सुनी शिकायतें

प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों की शिकायतें समझने के लिए सोशल वेलफेयर विभाग की मदद ली। विभाग के अधिकारी ने छात्रों की शिकायतें सुनीं। स्कूल प्रिंसिपल ने भी कहा कि अब शिकायतों को लेकर विभाग के साथ समाधान की कोशिश की जाएगी।

प्रिंसिपल कविता सोबती ने कहा कि छात्रों ने इससे पहले लिखित शिकायत नहीं दी थी। अब सोशल वेलफेयर विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।

पिछले महीने देहरादून में भी दिव्यांगों का आंदोलन

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राएं बीते पांच दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ये बच्चे अच्छी शिक्षा, शिक्षक और किताबों जैसी सुविधाओं को लेकर सिस्टम के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।

10 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में छात्रों ने संस्थान में हो रहे बुरे बर्ताव और शारीरिक हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक छात्रा के अनुसार, अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए अलग-अलग देखभाल और स्पेशल स्टाफ की जरूरत है, लेकिन ऐसी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ बच्चों को चोट पहुंचाई जाती है और लात-घूंसों से मारपीट की जाती है।

छात्रों का कहना है कि प्रशासन के साथ दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसलिए उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है। NIEPVD का देहरादून मॉडल स्कूल नर्सरी से कक्षा 12वीं तक दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा देता है। इस समय वहां 247 बच्चे पढ़ रहे हैं।

छात्राओं ने बताया कि संस्थान में किताबों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रशिक्षित प्रशिक्षक और स्थायी निदेशक जैसी सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डिस्पेंसरी में उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और छात्रावास के खाने की क्वालिटी लगातार खराब बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, किताबों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी छात्र परेशान हैं।

मल्टी डिसेबल बच्चों के लिए अलग यूनिट नहीं

प्रदर्शन में शामिल एक दिव्यांग छात्रा ने कहा कि इस बार मल्टी डिसेबल बच्चों को एडमिशन दिया गया है। उनकी केयर करने के लिए अलग से कोई यूनिट नहीं है।

एक दूसरी छात्रा ने कहा – इन बच्चों के लिए अलग टीचर होता है, गाइड करने वाले अलग होते हैं लेकिन जो टीचर यहां आए हैं, वो बच्चो को चोट पहुंचा रहे हैं। बच्चों के साथ मारपीट तक हो रही है। लात-घूसे मारे जाते हैं। यहां बच्चे बहुत परेशान हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई यूजर्स इन छात्रों का समर्थन करते हुए अपनी राय दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा – दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन और भूख हड़ताल की नौबत आना किसी भी संवेदनशील व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। मंत्रालय और संस्थान को तुरंत बातचीत कर उनकी जायज मांगों का समाधान करना चाहिए। अधिकार मांगना अपराध नहीं है।

ये खबर भी पढ़ें

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में 225 पदों पर भर्ती:ग्रेजुएट्स से लेकर इंजीनियर को मौका, सैलरी 1 लाख से ज्यादा

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में 225 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ऑफिशियल वेबसाइट uiic.co.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.