Thursday, 05 Nov 2026 | 04:31 AM

Trending :

Japan Centenarians Record | Population Over 100 Years Milestone

Japan Centenarians Record | Population Over 100 Years Milestone

टोक्यो7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

जापान में 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या पहली बार 1 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। इनमें 88 फीसदी महिलाएं हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब 1,07,677 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र कम से कम 100 साल है।

इनमें महिलाएं 94.3 हजार और पुरुष 13.4 हजार हैं। पिछले साल की तुलना में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या करीब 8 हजार बढ़ी है।

जापान की सबसे बुजुर्ग महिला क्योटो की फुयो किशिमोटो हैं, जिनकी उम्र 114 साल है। वहीं, सबसे बुजुर्ग पुरुष कुमामोटो के हिकारू काटो हैं। उनकी उम्र 112 साल है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं की संख्या ज्यादा होने की एक वजह द्वितीय विश्वयुद्ध भी है। एक अनुमान के मुताबिक तब करीब 23 लाख सैनिक मारे गए थे। इसमें लगभग सभी पुरुष थे।

जापान में लोग इतनी लंबी उम्र तक क्यों जीते हैं?

हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सोशल साइंस प्रोफेसर स्टुअर्ट गीटेल-बास्टेन के मुताबिक, जापान में लंबी उम्र के पीछे कई कारण हैं।

इनमें स्वस्थ खान-पान, रोजमर्रा की जिंदगी में सक्रिय रहना और सस्ती स्वास्थ्य व्यवस्था अहम हैं। जापान में लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच भी होती है।

युद्ध से बचने वाले पुरुषों में भी महिलाओं की तुलना में धूम्रपान और शराब पीने की आदत ज्यादा थी। इसके अलावा पुरुषों के औद्योगिक कामों में शामिल होने की संभावना ज्यादा थी, जिसका लंबे समय में स्वास्थ्य पर असर पड़ा।

रिटायरमेंट या जीवनसाथी की मौत के बाद कई पुरुष सामाजिक रूप से अलग-थलग भी पड़ गए। इसके मुकाबले महिलाएं अपने समुदाय और आसपास के लोगों से ज्यादा जुड़ी रहीं। इससे उन्हें सामाजिक और मानसिक स्तर पर फायदा मिला।

106 साल के सातो आज भी अपना काम खुद करते हैं

निगाता प्रांत के पहाड़ी इलाके ओसोनोगो गांव में रहने वाले तेत्सुओ सातो भी जापान के 1 लाख से ज्यादा 100+ उम्र वाले लोगों में शामिल हैं।

सातो अब 107 साल के होने वाले हैं। वह अपने बेटे, बहू, कुत्ते और बिल्ली के साथ रहते हैं।

उन्हें सुनने में परेशानी है और नजर भी कमजोर हो चुकी है। इसके बावजूद वह खुद को दिनभर व्यस्त रखते हैं।

सातो पुराने कैलेंडर और रैपिंग पेपर से नोटबुक बनाते हैं। वह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इम्फाल की लड़ाई में अपने अनुभवों की कहानियां भी सुनाते हैं।

उनकी 68 साल की बहू कुनिको सातो बताती हैं कि उनके ससुर आज भी ज्यादातर काम खुद करने की कोशिश करते हैं। वह बिना मदद के खुद नहाते हैं।

तेत्सुओ सातो (बाएं) पिछले साल ओसोनोगो में अपनी बहू के साथ। (फोटो-NYT)

तेत्सुओ सातो (बाएं) पिछले साल ओसोनोगो में अपनी बहू के साथ। (फोटो-NYT)

पिछले साल जब कुनिको के पैर में चोट लगी थी, तब सातो ने अपने चावल के कटोरे खुद धोने शुरू कर दिए थे। कुनिको कहती हैं, “हम बुढ़ापे में एक-दूसरे का ख्याल रखने लगे हैं।”

दो दिन बाद सातो 107 साल के हो जाएंगे। उनकी सालगिरह के लिए परिवार की चार पीढ़ियों के एक दर्जन से ज्यादा सदस्य एक पारंपरिक हॉट स्प्रिंग होटल में जुटेंगे। यहां चार पीढ़ियों की साथ में तस्वीर भी ली जाएगी।

सातो का मकसद 100 साल तक जीना था। अब वे 110 साल तक जीना चाहते हैं।

बुजुर्ग बढ़ रहे, लेकिन बच्चे लगातार कम हो रहे

जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन दूसरी तरफ देश में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है।

जापान की जन्मदर लंबे समय से गिर रही है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने इस स्थिति को ‘शांत आपातकाल’ बताया है।

जापान की आबादी सबसे ज्यादा 2008 में करीब 12.8 करोड़ थी। सरकारी अनुमान के मुताबिक 2070 तक यह घटकर करीब 8.7 करोड़ रह सकती है। यानी आने वाले दशकों में जापान की आबादी 4 करोड़ से ज्यादा घट सकती है।

फिलहाल जापान में हर एक बच्चे के जन्म पर करीब दो लोगों की मौत हो रही है। इसका सीधा असर देश की कामकाजी आबादी पर पड़ रहा है।

काम करने वाले लोगों की संख्या घट रही है, जबकि बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है। इससे सरकार पर टैक्स और सामाजिक सुरक्षा का बोझ बढ़ रहा है।

जापानी सरकार पिछले कई दशकों से लोगों को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके बावजूद आबादी में गिरावट का रुख नहीं बदला है।

आबादी की कमी रोकने के लिए विदेशियों को लाने पर बहस

आबादी घटने की समस्या से निपटने के लिए कुछ विशेषज्ञ जापान में ज्यादा विदेशियों को काम करने और रहने की अनुमति देने की बात कहते हैं। उनका मानना है कि इससे काम करने वाले लोगों की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

लेकिन जापान में इसे लेकर बहस भी चल रही है। कुछ लोग विदेशियों की संख्या बढ़ाने के बजाय इमिग्रेशन के नियम और सख्त करने की मांग कर रहे हैं। यह सोच “Japan First” जैसे आंदोलनों में भी दिखाई देती है।

यानी जापान के सामने दो बड़ी तस्वीरें एक साथ हैं। एक तरफ 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़ रही है, दूसरी तरफ बच्चों के जन्म कम हो रहे हैं और देश की कुल आबादी घट रही है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में पत्थरबाजी, बिरम-दिनाजपुर में बीजेपी बाजी का फोड़ा सिर..., वोट के बीच बंगाल में हंगामा

April 23, 2026/
5:53 pm

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को पहले चरण का मतदान जारी है। जहां एक...

नेपाल के प्रधानमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट में दखल का आरोप:3 जजों पर इस्तीफे का दवाब बना रहे बालेन शाह; अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी

July 24, 2026/
5:40 pm

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को अपने पक्ष में करने की कोशिश के आरोप लगे...

छिंदवाड़ा नगर निगम के कर्मचारी नहीं मानते SDM का ऑर्डर:कई जगहों से अतिक्रमण हटाया पर चिकन दुकान पर कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल

April 28, 2026/
8:14 am

छिंदवाड़ा नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त सीपी राय के निर्देश...

India Toffy Export Surges to ₹132 Cr in FY26

May 20, 2026/
6:19 pm

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत से टॉफी का एक्सपोर्ट पिछले 12 वर्षों में 166% बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26...

Nvidia CEO Jensen Huang Black Leather Jacket Auction

July 19, 2026/
1:57 pm

31 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया के CEO जेन्सन हुआंग की पहचान बन चुकी उनकी खास ब्लैक...

छिंदवाड़ा में डिलीवरी पॉइंट पर नहीं पहुंचे सिलेंडर:हंगामें के बाद हरकत में आए अफसर, व्यवस्था सही करने का दावा

April 1, 2026/
9:42 am

छिंदवाड़ा: शहर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर्याप्त होने के बावजूद वितरण व्यवस्था बिगड़ने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Japan Centenarians Record | Population Over 100 Years Milestone

Japan Centenarians Record | Population Over 100 Years Milestone

टोक्यो7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

जापान में 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या पहली बार 1 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। इनमें 88 फीसदी महिलाएं हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब 1,07,677 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र कम से कम 100 साल है।

इनमें महिलाएं 94.3 हजार और पुरुष 13.4 हजार हैं। पिछले साल की तुलना में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या करीब 8 हजार बढ़ी है।

जापान की सबसे बुजुर्ग महिला क्योटो की फुयो किशिमोटो हैं, जिनकी उम्र 114 साल है। वहीं, सबसे बुजुर्ग पुरुष कुमामोटो के हिकारू काटो हैं। उनकी उम्र 112 साल है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं की संख्या ज्यादा होने की एक वजह द्वितीय विश्वयुद्ध भी है। एक अनुमान के मुताबिक तब करीब 23 लाख सैनिक मारे गए थे। इसमें लगभग सभी पुरुष थे।

जापान में लोग इतनी लंबी उम्र तक क्यों जीते हैं?

हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सोशल साइंस प्रोफेसर स्टुअर्ट गीटेल-बास्टेन के मुताबिक, जापान में लंबी उम्र के पीछे कई कारण हैं।

इनमें स्वस्थ खान-पान, रोजमर्रा की जिंदगी में सक्रिय रहना और सस्ती स्वास्थ्य व्यवस्था अहम हैं। जापान में लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच भी होती है।

युद्ध से बचने वाले पुरुषों में भी महिलाओं की तुलना में धूम्रपान और शराब पीने की आदत ज्यादा थी। इसके अलावा पुरुषों के औद्योगिक कामों में शामिल होने की संभावना ज्यादा थी, जिसका लंबे समय में स्वास्थ्य पर असर पड़ा।

रिटायरमेंट या जीवनसाथी की मौत के बाद कई पुरुष सामाजिक रूप से अलग-थलग भी पड़ गए। इसके मुकाबले महिलाएं अपने समुदाय और आसपास के लोगों से ज्यादा जुड़ी रहीं। इससे उन्हें सामाजिक और मानसिक स्तर पर फायदा मिला।

106 साल के सातो आज भी अपना काम खुद करते हैं

निगाता प्रांत के पहाड़ी इलाके ओसोनोगो गांव में रहने वाले तेत्सुओ सातो भी जापान के 1 लाख से ज्यादा 100+ उम्र वाले लोगों में शामिल हैं।

सातो अब 107 साल के होने वाले हैं। वह अपने बेटे, बहू, कुत्ते और बिल्ली के साथ रहते हैं।

उन्हें सुनने में परेशानी है और नजर भी कमजोर हो चुकी है। इसके बावजूद वह खुद को दिनभर व्यस्त रखते हैं।

सातो पुराने कैलेंडर और रैपिंग पेपर से नोटबुक बनाते हैं। वह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इम्फाल की लड़ाई में अपने अनुभवों की कहानियां भी सुनाते हैं।

उनकी 68 साल की बहू कुनिको सातो बताती हैं कि उनके ससुर आज भी ज्यादातर काम खुद करने की कोशिश करते हैं। वह बिना मदद के खुद नहाते हैं।

तेत्सुओ सातो (बाएं) पिछले साल ओसोनोगो में अपनी बहू के साथ। (फोटो-NYT)

तेत्सुओ सातो (बाएं) पिछले साल ओसोनोगो में अपनी बहू के साथ। (फोटो-NYT)

पिछले साल जब कुनिको के पैर में चोट लगी थी, तब सातो ने अपने चावल के कटोरे खुद धोने शुरू कर दिए थे। कुनिको कहती हैं, “हम बुढ़ापे में एक-दूसरे का ख्याल रखने लगे हैं।”

दो दिन बाद सातो 107 साल के हो जाएंगे। उनकी सालगिरह के लिए परिवार की चार पीढ़ियों के एक दर्जन से ज्यादा सदस्य एक पारंपरिक हॉट स्प्रिंग होटल में जुटेंगे। यहां चार पीढ़ियों की साथ में तस्वीर भी ली जाएगी।

सातो का मकसद 100 साल तक जीना था। अब वे 110 साल तक जीना चाहते हैं।

बुजुर्ग बढ़ रहे, लेकिन बच्चे लगातार कम हो रहे

जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन दूसरी तरफ देश में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है।

जापान की जन्मदर लंबे समय से गिर रही है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने इस स्थिति को ‘शांत आपातकाल’ बताया है।

जापान की आबादी सबसे ज्यादा 2008 में करीब 12.8 करोड़ थी। सरकारी अनुमान के मुताबिक 2070 तक यह घटकर करीब 8.7 करोड़ रह सकती है। यानी आने वाले दशकों में जापान की आबादी 4 करोड़ से ज्यादा घट सकती है।

फिलहाल जापान में हर एक बच्चे के जन्म पर करीब दो लोगों की मौत हो रही है। इसका सीधा असर देश की कामकाजी आबादी पर पड़ रहा है।

काम करने वाले लोगों की संख्या घट रही है, जबकि बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है। इससे सरकार पर टैक्स और सामाजिक सुरक्षा का बोझ बढ़ रहा है।

जापानी सरकार पिछले कई दशकों से लोगों को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके बावजूद आबादी में गिरावट का रुख नहीं बदला है।

आबादी की कमी रोकने के लिए विदेशियों को लाने पर बहस

आबादी घटने की समस्या से निपटने के लिए कुछ विशेषज्ञ जापान में ज्यादा विदेशियों को काम करने और रहने की अनुमति देने की बात कहते हैं। उनका मानना है कि इससे काम करने वाले लोगों की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

लेकिन जापान में इसे लेकर बहस भी चल रही है। कुछ लोग विदेशियों की संख्या बढ़ाने के बजाय इमिग्रेशन के नियम और सख्त करने की मांग कर रहे हैं। यह सोच “Japan First” जैसे आंदोलनों में भी दिखाई देती है।

यानी जापान के सामने दो बड़ी तस्वीरें एक साथ हैं। एक तरफ 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़ रही है, दूसरी तरफ बच्चों के जन्म कम हो रहे हैं और देश की कुल आबादी घट रही है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.