Friday, 18 Sep 2026 | 10:05 PM

Trending :

Russia Parliamentary Election | Putin Dominance & Ukraine Occupied Areas

पुतिन की जीत तय, फिर भी रूस में चुनाव:यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में भी वोटिंग; युद्ध का विरोध करने वाली पार्टी बाहर

मॉस्को19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रूस में शुक्रवार यानी 18 सितंबर से तीन दिन का संसदीय चुनाव शुरू हो गया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया का संसद में दबदबा बरकरार रहने की उम्मीद है। वहीं, यूक्रेन युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली याब्लोको पार्टी को चुनाव से बाहर कर दिया गया है।

यह 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के इलाकों में भी वोटिंग हो रही है। यूक्रेन और यूरोपीय संघ ने वहां हो रहे मतदान को अवैध बताया है।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डालकर चुनाव में हिस्सा लिया।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डालकर चुनाव में हिस्सा लिया।

पुतिन की पार्टी का दबदबा फिर चुनाव जरूरी क्यों

क्रेमलिन के लिए यह चुनाव सिर्फ संसद के सदस्य चुनने तक सीमित नहीं है। पुतिन चाहते हैं कि बड़ी संख्या में लोग वोट डालें, ताकि यह संदेश जाए कि यूक्रेन युद्ध के बीच भी जनता सरकार और रूसी सैनिकों के साथ खड़ी है।

पुतिन ने शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डाला। चुनाव से पहले उन्होंने कहा कि लोगों का फैसला दिखाएगा कि लाखों लोग रूस के सैनिकों के साथ खड़े हैं और देश एकजुट है।

450 सीटों के लिए हो रही वोटिंग

  • रूस के स्टेट ड्यूमा में 225 सीटों पर लोग राजनीतिक पार्टियों को वोट देंगे। बाकी 225 सीटों पर अलग-अलग इलाकों से खड़े उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनेंगे।
  • यूनाइटेड रशिया के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी, एलडीपीआर, ए जस्ट रशिया और न्यू पीपल जैसी पार्टियां भी चुनाव लड़ रही हैं।
  • हालांकि, इन्हें रूस में सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष नहीं माना जाता। बड़े मुद्दों पर ये पार्टियां अक्सर सरकार का साथ देती हैं।
संसदीय चुनाव से पहले मॉस्को में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी का डिजिटल चुनावी विज्ञापन।

संसदीय चुनाव से पहले मॉस्को में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी का डिजिटल चुनावी विज्ञापन।

युद्ध विरोधी याब्लोको पार्टी चुनाव से बाहर

याब्लोको रूस की एकमात्र रजिस्टर्ड पार्टी थी, जो खुले तौर पर यूक्रेन युद्ध का विरोध करती रही है। पार्टी जंग खत्म करने और बातचीत के जरिए शांति की बात करती है।

रूस की सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में याब्लोको की उम्मीदवारों की सूची का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया।

कोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने चुनाव प्रचार में ऐसे लोगों से मिले पैसे का इस्तेमाल किया, जिन्हें विदेश से पैसा मिला था। इसके अलावा पार्टी ने कुछ तस्वीरों और दूसरी प्रचार सामग्री का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। इंटरनेट पर प्रचार को लेकर भी पार्टी ने नियम तोड़े।

हालांकि, याब्लोको का कहना है कि उसे असल में यूक्रेन युद्ध के खिलाफ उसके रुख की वजह से चुनाव से हटाया गया।

पार्टी के कुछ उम्मीदवार अब भी अलग-अलग सीटों पर व्यक्तिगत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, कुछ दूसरे युद्ध विरोधी नेताओं को जेल भेजा गया है या उन्हें रूस छोड़ना पड़ा है।

विपक्षी पार्टी याब्लोको के नेता निकोलाय रिबाकोव इस महीने मॉस्को में एक कार्यक्रम के दौरान।

विपक्षी पार्टी याब्लोको के नेता निकोलाय रिबाकोव इस महीने मॉस्को में एक कार्यक्रम के दौरान।

कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में भी वोटिंग

इस चुनाव में रूस पहली बार यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिजिया के उन इलाकों में भी मतदान करा रहा है, जिन पर उसका कब्जा है।

रूस ने 2022 में इन चारों इलाकों को अपने देश में शामिल करने का दावा किया था। हालांकि, यूक्रेन और ज्यादातर दूसरे देश रूस के इस दावे को मान्यता नहीं देते। रूस का इन चारों इलाकों पर भी पूरा नियंत्रण नहीं है।

क्रीमिया में भी मतदान हो रहा है। रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर इसे अपने देश में शामिल कर लिया था।

डोनेट्स्क के रूस के कब्जे वाले इलाके में मतदान के दौरान लोगों के पास एक हथियारबंद रूसी सैनिक भी तैनात दिखाई दिया।

चुनाव पर्यवेक्षकों को नहीं बुलाया

रूस ने इस बार यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) के चुनाव पर्यवेक्षकों को भी नहीं बुलाया है। इससे चुनाव की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

20 सितंबर की शाम से शुरुआती नतीजे आने शुरू हो सकते हैं। 21 सितंबर तक लगभग पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पुतिन की पार्टी के संसद में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है।

लेकिन इस चुनाव की अहमियत सिर्फ यह देखने तक सीमित नहीं है कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं। पुतिन इसे यूक्रेन युद्ध के बीच जनता के समर्थन के तौर पर दिखाना चाहते हैं। वहीं, युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली पार्टी चुनाव से बाहर है और रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में भी वोटिंग हो रही है।

—————————-

यह खबर भी पढ़ें…

अमेरिका से जंग के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति:US वीजा मिला, संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करेंगे; उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती

अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: तमिलनाडु में प्रचार समाप्त, स्टालिन ने मतदाताओं से 'सोचने और वोट करने' का आग्रह किया

April 22, 2026/
8:16 am

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव अपडेट: जैसा कि पश्चिम बंगाल में हर गुजरते दिन के साथ राजनीतिक पारा बढ़ रहा है,...

भारत-न्यूजीलैंड में FTA से सेब बागवान चिंतित:राठौर बोले-इम्पोर्ट ड्यूटी 25% की; हिमाचल, कश्मीर-उत्तराखंड के किसानों पर पड़ेगी मार

April 28, 2026/
1:27 pm

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बीते कल दिल्ली में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड...

इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान आग, 7 की मौत:3 झुलसे; शॉर्ट सर्किट से हादसा, घर में रखे 4 सिलेंडर फटे

March 18, 2026/
7:38 am

इंदौर के बंगाली चौराहे के पास बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के करीब 4 बजे हादसा हो गया। इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग...

पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग:LPG-तेल की किल्लत की वजह से लोग मजबूर, एक्सपर्ट बोले- ये चलता-फिरता बम जैसा

April 29, 2026/
8:17 am

पाकिस्तान के कराची शहर में गैस की भारी कमी के कारण लोग अब प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरकर खाना...

Manoj Bajpayee on Latecomers & Stardom

June 6, 2026/
6:30 am

48 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक मनोज बाजपेयी अपनी दमदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Russia Parliamentary Election | Putin Dominance & Ukraine Occupied Areas

पुतिन की जीत तय, फिर भी रूस में चुनाव:यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में भी वोटिंग; युद्ध का विरोध करने वाली पार्टी बाहर

मॉस्को19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रूस में शुक्रवार यानी 18 सितंबर से तीन दिन का संसदीय चुनाव शुरू हो गया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया का संसद में दबदबा बरकरार रहने की उम्मीद है। वहीं, यूक्रेन युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली याब्लोको पार्टी को चुनाव से बाहर कर दिया गया है।

यह 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के इलाकों में भी वोटिंग हो रही है। यूक्रेन और यूरोपीय संघ ने वहां हो रहे मतदान को अवैध बताया है।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डालकर चुनाव में हिस्सा लिया।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डालकर चुनाव में हिस्सा लिया।

पुतिन की पार्टी का दबदबा फिर चुनाव जरूरी क्यों

क्रेमलिन के लिए यह चुनाव सिर्फ संसद के सदस्य चुनने तक सीमित नहीं है। पुतिन चाहते हैं कि बड़ी संख्या में लोग वोट डालें, ताकि यह संदेश जाए कि यूक्रेन युद्ध के बीच भी जनता सरकार और रूसी सैनिकों के साथ खड़ी है।

पुतिन ने शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डाला। चुनाव से पहले उन्होंने कहा कि लोगों का फैसला दिखाएगा कि लाखों लोग रूस के सैनिकों के साथ खड़े हैं और देश एकजुट है।

450 सीटों के लिए हो रही वोटिंग

  • रूस के स्टेट ड्यूमा में 225 सीटों पर लोग राजनीतिक पार्टियों को वोट देंगे। बाकी 225 सीटों पर अलग-अलग इलाकों से खड़े उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनेंगे।
  • यूनाइटेड रशिया के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी, एलडीपीआर, ए जस्ट रशिया और न्यू पीपल जैसी पार्टियां भी चुनाव लड़ रही हैं।
  • हालांकि, इन्हें रूस में सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष नहीं माना जाता। बड़े मुद्दों पर ये पार्टियां अक्सर सरकार का साथ देती हैं।
संसदीय चुनाव से पहले मॉस्को में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी का डिजिटल चुनावी विज्ञापन।

संसदीय चुनाव से पहले मॉस्को में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी का डिजिटल चुनावी विज्ञापन।

युद्ध विरोधी याब्लोको पार्टी चुनाव से बाहर

याब्लोको रूस की एकमात्र रजिस्टर्ड पार्टी थी, जो खुले तौर पर यूक्रेन युद्ध का विरोध करती रही है। पार्टी जंग खत्म करने और बातचीत के जरिए शांति की बात करती है।

रूस की सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में याब्लोको की उम्मीदवारों की सूची का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया।

कोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने चुनाव प्रचार में ऐसे लोगों से मिले पैसे का इस्तेमाल किया, जिन्हें विदेश से पैसा मिला था। इसके अलावा पार्टी ने कुछ तस्वीरों और दूसरी प्रचार सामग्री का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। इंटरनेट पर प्रचार को लेकर भी पार्टी ने नियम तोड़े।

हालांकि, याब्लोको का कहना है कि उसे असल में यूक्रेन युद्ध के खिलाफ उसके रुख की वजह से चुनाव से हटाया गया।

पार्टी के कुछ उम्मीदवार अब भी अलग-अलग सीटों पर व्यक्तिगत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, कुछ दूसरे युद्ध विरोधी नेताओं को जेल भेजा गया है या उन्हें रूस छोड़ना पड़ा है।

विपक्षी पार्टी याब्लोको के नेता निकोलाय रिबाकोव इस महीने मॉस्को में एक कार्यक्रम के दौरान।

विपक्षी पार्टी याब्लोको के नेता निकोलाय रिबाकोव इस महीने मॉस्को में एक कार्यक्रम के दौरान।

कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में भी वोटिंग

इस चुनाव में रूस पहली बार यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिजिया के उन इलाकों में भी मतदान करा रहा है, जिन पर उसका कब्जा है।

रूस ने 2022 में इन चारों इलाकों को अपने देश में शामिल करने का दावा किया था। हालांकि, यूक्रेन और ज्यादातर दूसरे देश रूस के इस दावे को मान्यता नहीं देते। रूस का इन चारों इलाकों पर भी पूरा नियंत्रण नहीं है।

क्रीमिया में भी मतदान हो रहा है। रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर इसे अपने देश में शामिल कर लिया था।

डोनेट्स्क के रूस के कब्जे वाले इलाके में मतदान के दौरान लोगों के पास एक हथियारबंद रूसी सैनिक भी तैनात दिखाई दिया।

चुनाव पर्यवेक्षकों को नहीं बुलाया

रूस ने इस बार यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) के चुनाव पर्यवेक्षकों को भी नहीं बुलाया है। इससे चुनाव की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

20 सितंबर की शाम से शुरुआती नतीजे आने शुरू हो सकते हैं। 21 सितंबर तक लगभग पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पुतिन की पार्टी के संसद में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है।

लेकिन इस चुनाव की अहमियत सिर्फ यह देखने तक सीमित नहीं है कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं। पुतिन इसे यूक्रेन युद्ध के बीच जनता के समर्थन के तौर पर दिखाना चाहते हैं। वहीं, युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली पार्टी चुनाव से बाहर है और रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में भी वोटिंग हो रही है।

—————————-

यह खबर भी पढ़ें…

अमेरिका से जंग के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति:US वीजा मिला, संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करेंगे; उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती

अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.