Tuesday, 15 Sep 2026 | 12:27 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Ayurvedic Upay for Piles, nagdon leaves benefits, Piles treatment in Ayurveda

authorimg

Last Updated:

Ayurvedic Upay for Piles: डॉ विपिन सिंह के मुताबिक, नागदोन के पत्ते पाइल्स के इलाज में काफी कारगर माने जाते हैं. अगर इसके पांच ताजे पत्ते लगातार तीन दिनों तक चबाए जाएं, तो शुरुआती अवस्था की पाइल्स में राहत मिल सकती है.

सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में पाए जाने वाले औषधीय पौधों में नागदोन का विशेष महत्व माना जाता है. आयुर्वेद में इसका उपयोग वर्षों से विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है. नागदोन की पत्तियां, डंठल और जड़ें औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती हैं और यह पौधा प्राकृतिक रूप से ग्रामीण इलाकों में आसानी से मिल जाता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में बड़ी संख्या में लोग पाइल्स की समस्या से जूझ रहे हैं. युवाओं में भी यह परेशानी तेजी से बढ़ रही है. पाइल्स को बवासीर या हेमोरॉइड्स भी कहा जाता है, जिसमें मलद्वार के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है. इस कारण मल त्याग के दौरान दर्द, जलन और कई बार खून आने जैसी समस्या भी हो सकती है, जिसे खूनी बवासीर कहा जाता है.

डॉक्टर के अनुसार, कब्ज, लंबे समय तक बैठकर काम करना, फाइबर युक्त आहार की कमी और लगातार तनाव इसके प्रमुख कारण हैं. समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर रूप ले सकती है. ऐसे में आयुर्वेदिक उपचार राहत देने में सहायक साबित हो सकते हैं. डॉ सिंह के मुताबिक, नागदोन के पत्ते पाइल्स में काफी कारगर माने जाते हैं. यदि नागदोन के पांच ताजे पत्ते सुबह खाली पेट लगातार तीन दिनों तक चबाए जाएं, तो शुरुआती अवस्था की बीमारी में राहत मिल सकती है. उन्होंने बताया कि इन पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं, जो सूजन, जलन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं. खूनी बवासीर की स्थिति में भी इससे ब्लीडिंग में कमी आ सकती है.

सूजी हुई नसों को शांत करने में सहायक
उन्होंने आगे बताया कि नागदोन मलद्वार की सूजी हुई नसों को शांत करने में सहायक होता है और धीरे-धीरे सूजन कम करता है. नियमित उपयोग से कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लेनी चाहिए. इसके अलावा संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और फाइबर युक्त भोजन भी बवासीर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पुरानी या गंभीर समस्या होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है. नागदोन एक सस्ता और प्राकृतिक विकल्प जरूर है लेकिन सही जीवनशैली और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही इसका उपयोग बेहतर परिणाम दे सकता है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मारियो अमेरिका के महान रेसर, ‘औसत’ होने से नफरत थी:सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराने पर फोकस, संतुष्ट होने के बजाय खुद को चुनौती देते रहे

April 20, 2026/
12:44 pm

अमेरिका के महानतम रेसर्स में से एक और 86 वर्षीय मारियो एंड्रेटी फॉर्मूला-1 में ड्राइवर्स चैम्पियनशिप जीतने वाले मात्र दो...

MATRIX Hits 559+ From 200; Historic Jump!

April 2, 2026/
1:57 pm

18 मिनट पहले कॉपी लिंक आज मेडिकल फील्ड में करियर बनाना लाखों स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स का सबसे बड़ा ड्रीम...

अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की:सीरिक, केश्म और बंदर अब्बास को निशाना बनाया; होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद कार्रवाई

July 8, 2026/
6:24 am

अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के दक्षिणी हिस्से में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने...

शाजापुर में पारिवारिक विवाद सुलझा:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कराई मध्यस्थता

April 18, 2026/
6:00 pm

शाजापुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता से एक पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया है। यह मामला...

पाकिस्तान को सस्ता तेल देने को रूस तैयार:बोला- वे खुद बात करें; PAK के पास सिर्फ 11 दिन का ऑयल रिजर्व

March 18, 2026/
1:57 pm

पाकिस्तान में रूसी राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने बुधवार को कहा कि उनका देश पाकिस्तान को सस्ता तेल देने के लिए...

पिट्टू प्रतियोगिता में छाईं पौड़ी की लड़कियां, रुद्रप्रयाग के लड़के:रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ समापन; फाइनल मुकाबले में पौड़ी की बालिकाओं ने रुद्रप्रयाग को हराया

April 12, 2026/
5:21 pm

राजधानी के जीआरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज (प्रेमनगर) में चल रही ‘प्रथम राज्य स्तरीय जूनियर बालक-बालिका पिट्टू प्रतियोगिता’ का रविवार को...

जयपुर एयरपोर्ट पर ग्लैमरस अंदाज में दिखीं उर्वशी रौतेला:रवि शास्त्री को देख फैन्स में उत्साह; अजय देवगन से हनी सिंह तक के डुप्लिकेट भी पहुंचे

September 11, 2026/
2:28 pm

जयपुर में शुक्रवार को जयपुर एयरपोर्ट पर बॉलीवुड, क्रिकेट और मनोरंजन जगत की हस्तियों की आवाजाही से माहौल खास नजर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Ayurvedic Upay for Piles, nagdon leaves benefits, Piles treatment in Ayurveda

authorimg

Last Updated:

Ayurvedic Upay for Piles: डॉ विपिन सिंह के मुताबिक, नागदोन के पत्ते पाइल्स के इलाज में काफी कारगर माने जाते हैं. अगर इसके पांच ताजे पत्ते लगातार तीन दिनों तक चबाए जाएं, तो शुरुआती अवस्था की पाइल्स में राहत मिल सकती है.

सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में पाए जाने वाले औषधीय पौधों में नागदोन का विशेष महत्व माना जाता है. आयुर्वेद में इसका उपयोग वर्षों से विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है. नागदोन की पत्तियां, डंठल और जड़ें औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती हैं और यह पौधा प्राकृतिक रूप से ग्रामीण इलाकों में आसानी से मिल जाता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में बड़ी संख्या में लोग पाइल्स की समस्या से जूझ रहे हैं. युवाओं में भी यह परेशानी तेजी से बढ़ रही है. पाइल्स को बवासीर या हेमोरॉइड्स भी कहा जाता है, जिसमें मलद्वार के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है. इस कारण मल त्याग के दौरान दर्द, जलन और कई बार खून आने जैसी समस्या भी हो सकती है, जिसे खूनी बवासीर कहा जाता है.

डॉक्टर के अनुसार, कब्ज, लंबे समय तक बैठकर काम करना, फाइबर युक्त आहार की कमी और लगातार तनाव इसके प्रमुख कारण हैं. समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर रूप ले सकती है. ऐसे में आयुर्वेदिक उपचार राहत देने में सहायक साबित हो सकते हैं. डॉ सिंह के मुताबिक, नागदोन के पत्ते पाइल्स में काफी कारगर माने जाते हैं. यदि नागदोन के पांच ताजे पत्ते सुबह खाली पेट लगातार तीन दिनों तक चबाए जाएं, तो शुरुआती अवस्था की बीमारी में राहत मिल सकती है. उन्होंने बताया कि इन पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं, जो सूजन, जलन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं. खूनी बवासीर की स्थिति में भी इससे ब्लीडिंग में कमी आ सकती है.

सूजी हुई नसों को शांत करने में सहायक
उन्होंने आगे बताया कि नागदोन मलद्वार की सूजी हुई नसों को शांत करने में सहायक होता है और धीरे-धीरे सूजन कम करता है. नियमित उपयोग से कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लेनी चाहिए. इसके अलावा संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और फाइबर युक्त भोजन भी बवासीर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पुरानी या गंभीर समस्या होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है. नागदोन एक सस्ता और प्राकृतिक विकल्प जरूर है लेकिन सही जीवनशैली और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही इसका उपयोग बेहतर परिणाम दे सकता है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.