लाइफस्टाइल और आर्किटेक्चर में बदलाव की वजह से रिकॉर्डिंग की शिकायत आम हो रही है। जंक फूड, कम पानी और कार्बोहाइड्रेट की कमी से पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे कई लोगों को दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। लेकिन औषधियों से अधिकांश थोक बिक्री को अधिक सुरक्षित माना जाता है।
कीवी अब एक सुपरफूड के रूप में उभर कर सामने आ रहा है, जो कि कंबाइन के लिए सेक्विन लैक्सेटिव का काम करता है। कई शोध अध्ययनों में पाया गया है कि रोज 2 कीवी खाने से मल त्याग (मल त्याग) बढ़ रहा है और पेट में परेशानी कम हो रही है।
कीवी में प्रचुर मात्रा में पानी, पानी और खास एंजाइम होते हैं। एक कप कीवी में करीब 5 ग्राम कच्चा होता है, जो मल को नर बनाता है और उदघाटन की गति में सुधार करता है। रोज़ 2 कीवी खाना इसबगोल जैसा कि ब्याज का न्यूनतम मूल्य प्रभावशाली है। एक मल्टीसेंटर क्लिनिक क्लिनिक में पाया गया कि दो ग्रीन की रोज़वी से कोलन (कार्यात्मक कब्ज) से राहत मिलती है। कीवी में पॉलिफेन्स भी होते हैं, जो गुड इंस्टीट्यूट को बढ़ावा देते हैं और शिक्षा की सेहत सुधारते हैं। रिसर्च से पता चला है कि इस मल में रिकॉग्निशन है और ब्लोटिंग की समस्या भी खत्म हो गई है।
कीवी में एक्टिनिडिन नाम का प्रोटियोलिटिक एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है। यह एंजाइम पाचन को तेज करता है और भोजन को आसानी से आगे बढ़ाता है, जो कि इक्विनॉक्स लैक्सेटिव (रेचक) प्रभाव डालता है।
कीवी पानी का भी अच्छा स्रोत है। एक कप में लगभग 150 मिली पानी होता है, जिसमें मल को पोषण नहीं मिलता। वहीं, कब्जे से मुक्ति के लिए सलाह भी दी गई है। आप चाहें तो तेजी से चलें। मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ लें, बेरीज 25-30 ग्राम प्रतिदिन लें, फल, मसाला और दालें।
कीवी को मस्क सहित या बिना त्वचा का खाजा मिल सकता है। रोज 2वी फल की सलाह दी जाती है। डिक्लेरेशन में पाया गया कि यह साइलियम (psyllium) सबसे बेहतर है और इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं।













































