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SC Directs Centre for Vaccine Side Effects Compensation Policy

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नई दिल्ली8 मिनट पहले

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जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले में सुनवाई की।

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद के साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल के गठन से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह उन लोगों के लिए नो-फॉल्ट मुआवजा नीति तैयार करे, जिन्हें कोविड-19 टीकाकरण के बाद गंभीर प्रतिकूल घटनाओं का सामना करना पड़ा है। कोर्ट ने साइड इफेक्ट्स से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक करने को भी कहा है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने उस आज याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मांग है कि वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। आरोप है कि 2021 में कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के बाद 2 महिलाओं की मौत हो गई थी।

कोर्ट की 3 अहम टिप्पणी

  • मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए कोर्ट की तरफ से अलग समिति बनाने की जरूरत नहीं है।
  • कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून का सहारा नहीं ले सकता है।
  • कोर्ट ने कहा कि मुआवजा नीति बनाने का मतलब यह नहीं माना जाएगा कि भारत सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी ने अपनी गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है।

PM ने कोवैक्सिन के 2 डोज लगवाए थे

पीएम ने 8 अप्रैल 2021 को कोवैक्सिन का दूसरा डोज लिया था।

पीएम ने 8 अप्रैल 2021 को कोवैक्सिन का दूसरा डोज लिया था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2021 को कोवैक्सिन का पहला डोज लिया था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2021 को कोवैक्सिन का पहला डोज लिया था।

जुलाई 2025: कोविड के बाद अचानक मौतों पर स्टडी: ICMR का दावा- वैक्सीन से इसका संबंध नहीं

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने अपनी स्टडी में बताया कि देश में हार्ट अटैक से होने वाली अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है।

यह स्टडी 18 से 45 साल के लोगों की अचानक मौत पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टडी में कहा गया है कि भारत की कोविड वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव है। इससे होने वाले गंभीर साइडइफेक्ट के मामले रेयर हैं।

स्टडी में बताया गया है कि अचानक हुई मौतों की अन्य वजहें हो सकती हैं। इनमें जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद बीमारी और कोविड के बाद के कॉम्प्लिकेशन शामिल हैं।

भारत में दो कोविड वैक्सीन विकसित हुई थीं। भारत बायोटेक ने ICMR के सहयोग से कोवैक्सिन का निर्माण किया था। वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से कोवीशील्ड बनाई थी।

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जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले में सुनवाई की।

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद के साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल के गठन से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह उन लोगों के लिए नो-फॉल्ट मुआवजा नीति तैयार करे, जिन्हें कोविड-19 टीकाकरण के बाद गंभीर प्रतिकूल घटनाओं का सामना करना पड़ा है। कोर्ट ने साइड इफेक्ट्स से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक करने को भी कहा है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने उस आज याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मांग है कि वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। आरोप है कि 2021 में कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के बाद 2 महिलाओं की मौत हो गई थी।

कोर्ट की 3 अहम टिप्पणी

  • मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए कोर्ट की तरफ से अलग समिति बनाने की जरूरत नहीं है।
  • कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून का सहारा नहीं ले सकता है।
  • कोर्ट ने कहा कि मुआवजा नीति बनाने का मतलब यह नहीं माना जाएगा कि भारत सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी ने अपनी गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है।

PM ने कोवैक्सिन के 2 डोज लगवाए थे

पीएम ने 8 अप्रैल 2021 को कोवैक्सिन का दूसरा डोज लिया था।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2021 को कोवैक्सिन का पहला डोज लिया था।

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जुलाई 2025: कोविड के बाद अचानक मौतों पर स्टडी: ICMR का दावा- वैक्सीन से इसका संबंध नहीं

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने अपनी स्टडी में बताया कि देश में हार्ट अटैक से होने वाली अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है।

यह स्टडी 18 से 45 साल के लोगों की अचानक मौत पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टडी में कहा गया है कि भारत की कोविड वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव है। इससे होने वाले गंभीर साइडइफेक्ट के मामले रेयर हैं।

स्टडी में बताया गया है कि अचानक हुई मौतों की अन्य वजहें हो सकती हैं। इनमें जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद बीमारी और कोविड के बाद के कॉम्प्लिकेशन शामिल हैं।

भारत में दो कोविड वैक्सीन विकसित हुई थीं। भारत बायोटेक ने ICMR के सहयोग से कोवैक्सिन का निर्माण किया था। वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से कोवीशील्ड बनाई थी।

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