Sunday, 31 May 2026 | 07:22 PM

Trending :

EXCLUSIVE

महिलाओं के लिए अमृत समान है ये पौधा, सिर्फ एक बार लगाएं, सालों साल पाएं अनगिनत फायदे

शतावरी पौधा

Last Updated:

Benefits of Shatavari: शतावरी एक औषधीय जड़ी-बूटी है, जो महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होती है. आयुर्वेद में इसे स्त्रियों के लिए अमृत कहा गया है. इसके उपयोग से कई तरह की दवाइयां भी बनाई जाती हैं. शतावरी महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और मासिक धर्म की समस्याओं में यह बहुत अधिक उपयोगी है. यह कई रोगों में रामबाण है. आगे जानिए…

शतावरी पेट की जलन, एसिडिटी, अल्सर, त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी होती है. इसके बढ़ते उपयोग की वजह से किसान भी इसकी खेती करने लगे हैं. शतावरी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, को बताया कि शतावरी के पत्ते या जड़ को पानी में उबालकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है. इसके ताजे पत्तों और जड़ों का उपयोग सब्जी बनाने में किया जा सकता है.

पाचन तंत्र

इसके चूर्ण को दूध या गुनगुने पानी के साथ सेवन किया जाता है. वहीं, मार्केट में इसके कैप्सूल भी मिलते हैं. शतावरी महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, खासकर उनके लिए जिनका मासिक धर्म अनियमित होता है. यह प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी मानी जाती है. इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को सुधारती है, इम्यूनिटी को बढ़ाती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है.

त्वचा और बाल

यह त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी होती है. शतावरी झुर्रियों को कम करने और त्वचा संबंधी समस्याओं में राहत देने का काम करती है. Local18 को गार्डनिंग एक्सपर्ट शिवनाथ चौरसिया ने बताया कि, शतावरी के बीज को गमले में डालने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जिस मिट्टी को गमले में डालना है, उसे एक दिन के लिए धूप में रख देना चाहिए. इसके बाद, मिट्टी में 1-2 कप खाद डालें. खादयुक्त मिट्टी को गमले में डालकर बराबर कर लें.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पौधें की ग्रोथ

वहीं उनका कहना है कि, लगभग 2 इंच गहरा गड्ढा करके बीज या पौध डालें और मिट्टी को बराबर कर दें. इसके बाद थोड़ा सा पानी अवश्य डालें. खाद के रूप में वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद या गोबर खाद) का उपयोग करना अधिक लाभकारी रहेगा. इससे मिट्टी उपजाऊ बनी रहती है और पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है.

किसानी में शतावरी

शतावरी की खेती सिर्फ गमले में ही नहीं, बल्कि खेतों में भी की जा सकती है. किसान भी अब इसकी खेती करने लगे हैं, क्योंकि यह बाजार में अच्छी कीमत पर बिकती है. इसकी बढ़ती मांग के कारण किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह औषधीय गुणों से भरपूर खेती बेहद खास है.

जल निकासी वाली मिट्टी

इसकी खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की जरूरत पड़ती है. उचित देखभाल करने पर शतावरी के पौधे से लगातार कई सालों तक फसल मिलती रहती है. इसलिए, यह एक दीर्घकालिक लाभ देने वाली औषधीय फसल मानी जाती है. इसको किसी रस्सी या डंडे के सहारे ऊपर भी चढ़ाया जा सकता हैं.

औषधि का व्यवसाय

आयुर्वेद में इसकी उपयोगिता को देखते हुए, इसका व्यापार भी बढ़ता जा रहा है. लोग अब घरों में भी इसे उगाने लगे हैं. इसकी खेती से न केवल सेहतमंद जीवन पाया जा सकता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी यह एक लाभकारी विकल्प बन सकता है. यह शतावरी महिलाओं के साथ पुरुषों के लिए भी बेहद लाभकारी और गुणकारी है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
हंता के बाद अब नोरो वायरस:बीच समंदर दो क्रूज, दोनों में वायरस फैले; दुनियाभर में डर

May 10, 2026/
2:47 am

क्रूज शिप होंडियस में हंता वायरस फैलने के बाद अब एक और क्रूज कैरेबियन प्रिंसेस में नोरो वायरस फैल गया...

सीधी बाईपास पर बोलेरो की टक्कर से दो युवक घायल:ड्राइवर फरार, वाहन के खिलाफ मामला दर्ज; जिला अस्पताल में एडमिट

February 21, 2026/
3:42 pm

सीधी बाईपास पर शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे...

हिमाचल में पहाड़ी से पत्थर गिरा, कार सवार दंपती घायल:केलांग से कुल्लू रेफर, अगले 3 दिन ओलावृष्टि और तूफान का अलर्ट

April 6, 2026/
5:15 am

हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह से हो रही बारिश-ओलावृष्टि और ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात हो रहा है। पहाड़ों पर...

MP Board 12th Result 2026 Toppers List LIVE Update; MPBSE

April 15, 2026/
5:00 am

12वीं में 79.41% छात्राएं पास हुईं, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 72.39% रहा। रिजल्ट के बाद मिठाइयां बांटीं। एमबी बोर्ड...

PM Modi Mann Ki Baat: Women Reservation, Heatwave Talk

April 26, 2026/
6:00 am

3 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ‘मन की बात’ का 133वां एपिसोड करेंगे। पीएम इस बार...

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

May 4, 2026/
3:31 pm

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 15:31 IST 30 वर्षीय सबरीनाथन, विजय के लंबे समय के ड्राइवर और निजी सहायक राजेंद्रन के...

राजनीति

महिलाओं के लिए अमृत समान है ये पौधा, सिर्फ एक बार लगाएं, सालों साल पाएं अनगिनत फायदे

शतावरी पौधा

Last Updated:

Benefits of Shatavari: शतावरी एक औषधीय जड़ी-बूटी है, जो महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होती है. आयुर्वेद में इसे स्त्रियों के लिए अमृत कहा गया है. इसके उपयोग से कई तरह की दवाइयां भी बनाई जाती हैं. शतावरी महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और मासिक धर्म की समस्याओं में यह बहुत अधिक उपयोगी है. यह कई रोगों में रामबाण है. आगे जानिए…

शतावरी पेट की जलन, एसिडिटी, अल्सर, त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी होती है. इसके बढ़ते उपयोग की वजह से किसान भी इसकी खेती करने लगे हैं. शतावरी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, को बताया कि शतावरी के पत्ते या जड़ को पानी में उबालकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है. इसके ताजे पत्तों और जड़ों का उपयोग सब्जी बनाने में किया जा सकता है.

पाचन तंत्र

इसके चूर्ण को दूध या गुनगुने पानी के साथ सेवन किया जाता है. वहीं, मार्केट में इसके कैप्सूल भी मिलते हैं. शतावरी महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, खासकर उनके लिए जिनका मासिक धर्म अनियमित होता है. यह प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी मानी जाती है. इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को सुधारती है, इम्यूनिटी को बढ़ाती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है.

त्वचा और बाल

यह त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी होती है. शतावरी झुर्रियों को कम करने और त्वचा संबंधी समस्याओं में राहत देने का काम करती है. Local18 को गार्डनिंग एक्सपर्ट शिवनाथ चौरसिया ने बताया कि, शतावरी के बीज को गमले में डालने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जिस मिट्टी को गमले में डालना है, उसे एक दिन के लिए धूप में रख देना चाहिए. इसके बाद, मिट्टी में 1-2 कप खाद डालें. खादयुक्त मिट्टी को गमले में डालकर बराबर कर लें.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पौधें की ग्रोथ

वहीं उनका कहना है कि, लगभग 2 इंच गहरा गड्ढा करके बीज या पौध डालें और मिट्टी को बराबर कर दें. इसके बाद थोड़ा सा पानी अवश्य डालें. खाद के रूप में वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद या गोबर खाद) का उपयोग करना अधिक लाभकारी रहेगा. इससे मिट्टी उपजाऊ बनी रहती है और पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है.

किसानी में शतावरी

शतावरी की खेती सिर्फ गमले में ही नहीं, बल्कि खेतों में भी की जा सकती है. किसान भी अब इसकी खेती करने लगे हैं, क्योंकि यह बाजार में अच्छी कीमत पर बिकती है. इसकी बढ़ती मांग के कारण किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह औषधीय गुणों से भरपूर खेती बेहद खास है.

जल निकासी वाली मिट्टी

इसकी खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की जरूरत पड़ती है. उचित देखभाल करने पर शतावरी के पौधे से लगातार कई सालों तक फसल मिलती रहती है. इसलिए, यह एक दीर्घकालिक लाभ देने वाली औषधीय फसल मानी जाती है. इसको किसी रस्सी या डंडे के सहारे ऊपर भी चढ़ाया जा सकता हैं.

औषधि का व्यवसाय

आयुर्वेद में इसकी उपयोगिता को देखते हुए, इसका व्यापार भी बढ़ता जा रहा है. लोग अब घरों में भी इसे उगाने लगे हैं. इसकी खेती से न केवल सेहतमंद जीवन पाया जा सकता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी यह एक लाभकारी विकल्प बन सकता है. यह शतावरी महिलाओं के साथ पुरुषों के लिए भी बेहद लाभकारी और गुणकारी है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.