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फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% हुई:खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; इजराइल-ईरान जंग से ये और बढ़ सकती है

फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% हुई:खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; इजराइल-ईरान जंग से ये और बढ़ सकती है

फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% पहुंच गई है। इससे पहले जनवरी में यह 2.74% थी। आज 12 मार्च को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जंग लंबी चली तो कच्चे तेल के दाम 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं। इससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा और फल-सब्जी समेत हर जरूरी सामान की कीमतें बढ़ जाएंगी। वित्त वर्ष 2025-2026 में रिटेल महंगाई दर खाने-पीने की चीजों के दाम चढ़ने से महंगाई बढ़ी फरवरी में लहसुन 31% और प्याज 28% तक हुआ सस्ता
चांदी के गहनों की महंगाई दर 160% से ज्यादा नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी दूसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है। खाने-पीने की चीजों का वजन 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वजन बढ़ा दिया गया है। RBI का अनुमान: 4% के पार जा सकती है महंगाई रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए औसत महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, अप्रैल-जून (Q1 FY27) की तिमाही में यह बढ़कर 4% और अगली तिमाही में 4.2% तक जा सकती है। फिलहाल महंगाई आरबीआई के तय लक्ष्य (4%) के भीतर ही है, जिससे बाजार को उम्मीद है कि नीतिगत दरों में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। नॉलेज बॉक्स: महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.21% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि फरवरी 2026 में महंगाई 3.21% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना फरवरी 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.21% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज़ अब ₹103.21 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर फरवरी 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान फरवरी 2026 में ₹103.21 का हो गया है।

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फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% हुई:खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; इजराइल-ईरान जंग से ये और बढ़ सकती है

फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% हुई:खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; इजराइल-ईरान जंग से ये और बढ़ सकती है

फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% पहुंच गई है। इससे पहले जनवरी में यह 2.74% थी। आज 12 मार्च को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जंग लंबी चली तो कच्चे तेल के दाम 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं। इससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा और फल-सब्जी समेत हर जरूरी सामान की कीमतें बढ़ जाएंगी। वित्त वर्ष 2025-2026 में रिटेल महंगाई दर खाने-पीने की चीजों के दाम चढ़ने से महंगाई बढ़ी फरवरी में लहसुन 31% और प्याज 28% तक हुआ सस्ता
चांदी के गहनों की महंगाई दर 160% से ज्यादा नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी दूसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है। खाने-पीने की चीजों का वजन 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वजन बढ़ा दिया गया है। RBI का अनुमान: 4% के पार जा सकती है महंगाई रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए औसत महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, अप्रैल-जून (Q1 FY27) की तिमाही में यह बढ़कर 4% और अगली तिमाही में 4.2% तक जा सकती है। फिलहाल महंगाई आरबीआई के तय लक्ष्य (4%) के भीतर ही है, जिससे बाजार को उम्मीद है कि नीतिगत दरों में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। नॉलेज बॉक्स: महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.21% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि फरवरी 2026 में महंगाई 3.21% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना फरवरी 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.21% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज़ अब ₹103.21 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर फरवरी 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान फरवरी 2026 में ₹103.21 का हो गया है।

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