Monday, 21 Sep 2026 | 05:29 PM

Trending :

'3 इडियट्स' के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल से शुरू:'ललकारा' के बाद काम शुरू करेंगे आमिर खान; करीना, माधवन और शरमन की होगी वापसी '3 इडियट्स' के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल से शुरू:'ललकारा' के बाद काम शुरू करेंगे आमिर खान; करीना, माधवन और शरमन की होगी वापसी National Film Awards 2026 | Ekta Nagar Kevadiya Ceremony & Updates सेंसर बोर्ड की नई गाइडलाइन:सलमान की फिल्म पर पड़ेगा असर; हिंसा, ड्रग्स और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्ती, जानिए क्या बदलाव हुए रोहतक फिल्म फेस्टिवल में एक्टर रणदीप हुड्डा का देसी अंदाज:युवाओं से बोले- कलेजा पाटैन नै हो रहा; किमै न किमै जरूर होवेगा सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को लगाई फटकार:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरी मजाक उड़ाया
EXCLUSIVE

Mayank Chakraborty, first king of the North-East on the chessboard, grandmaster, Grandmaster from Assam and North-east India

Mayank Chakraborty, first king of the North-East on the chessboard, grandmaster, Grandmaster from Assam and North-east India
  • Hindi News
  • Sports
  • Mayank Chakraborty, First King Of The North East On The Chessboard, Grandmaster, Grandmaster From Assam And North east India

स्टॉकहोम/गुवाहाटी42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

असम के मयंक चक्रवर्ती भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बने हैं। वे नॉर्थ ईस्ट से इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं।

शतरंज की बिसात पर जब मोहरे अपनी चालें चलते हैं, तो अक्सर जीत और हार के बीच का फासला केवल एक ‘चेकमेट’ का होता है, लेकिन स्वीडन के स्टॉकहोम में जब 16 साल के एक लड़के ने अपना आखिरी दांव चला, तो वह जीत केवल एक टूर्नामेंट की नहीं थी। वह जीत थी- वर्षों के गुमनाम संघर्ष की, एक पिता के त्याग की और पूर्वोत्तर भारत के उस भरोसे की, जिसने पहली बार दुनिया को अपना ‘ग्रैंडमास्टर’ दिया।

असम के मयंक चक्रवर्ती अब भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बन चुके हैं। वे नॉर्थ ईस्ट से इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं।

‘होटल स्टॉकहोम नॉर्थ यंग टैलेंट टूर्नामेंट’ में मयंक जब उतरे, तो उनके कंधों पर उम्मीदों का भारी बोझ था, लेकिन उन्होंने गजब का संयम दिखाया। आठवें राउंड में फिलिप लिंडबर्ग को मात देते ही मयंक ने एक राउंड बाकी रहते अपना अंतिम ‘ग्रैंडमास्टर नॉर्म’ पक्का कर लिया। उन्होंने 9 में से 7 अंक हासिल कर न केवल खिताब जीता, बल्कि अपनी लाइव रेटिंग को 2508 तक पहुंचा दिया। यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि मयंक ने दिग्गज अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को एकतरफा मुकाबले में पीछे छोड़ दिया।

किसी फिल्म जैसी है मयंक की कहानी

मयंक की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है। पूर्वोत्तर भारत, जहां युवाओं के हाथों में अक्सर फुटबॉल या मुक्केबाजी के दस्ताने दिखते हैं, वहां मयंक ने शतरंज की बिसात चुनी। गुवाहाटी जैसे शहर में शतरंज का बुनियादी ढांचा बहुत सीमित था। शुरुआती दिनों में मयंक के पास कोई प्रोफेशनल कोच नहीं था।

उन्होंने घंटों यूट्यूब वीडियो और ‘चेस-बेस’ की डीवीडी देखकर खेल की पेचीदगियां समझीं। बाद में उन्हें ग्रैंडमास्टर सप्तर्षि राय चौधरी का साथ मिला, जिन्होंने उनके हुनर को धार दी। मयंक के पिता केशब चक्रवर्ती ने बेटे के इंटरनेशनल दौरों के लिए अपनी कॉर्पोरेट नौकरी तक छोड़ दी। यह एक पिता का बेटे की प्रतिभा पर अटूट विश्वास ही था, जिसने मयंक को दुनिया के सामने ‘ग्रैंडमास्टर’ बनाकर खड़ा कर दिया।

सबसे ज्यादा ग्रैंडमास्टर वाले देश

देश – ग्रैंडमास्टर

रूस- 255

अमेरिका- 101

जर्मनी- 96

भारत- 94

यूक्रेन- 93

साल 2026 में भारत को मिला तीसरा ग्रैंडमास्टर

मयंक इस साल ग्रैंडमास्टर (जीएम) बनने वाले तीसरे भारतीय हैं। उन्होंने 2019 में नेशनल अंडर-11 चैम्पियनशिप जीती थी। दो बार नेशनल अंडर-17 खिताब भी जीते हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बंगाल चुनाव 2026: 'मैं पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनाऊंगा, ओसाकी रियल लीडर', मिथुन मित्र का बयान वायरल

April 3, 2026/
10:55 am

मिथुन चक्रवर्ती ने दिया बड़ा बयान: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के...

हाई प्रोटीन: सबसे सस्ता, सबसे अच्छा भी... इस प्रोटीन के पावर हाउस के आगे पनीर-अंडा सब फेल, आज ही शामिल करें

April 26, 2026/
7:48 am

उच्च प्रोटीन: आज के दौर में फिट रहने के लिए बॉडी प्रोटीन की बहुत जरूरत है। आप पिरामिड जिम जाते...

authorimg

April 1, 2026/
8:12 am

Last Updated:April 01, 2026, 08:12 IST Rewa News: डोरी का तेल सब्जी, पूरी-कचौड़ी समेत अन्य पकवान बनाने में काम आता...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Mayank Chakraborty, first king of the North-East on the chessboard, grandmaster, Grandmaster from Assam and North-east India

Mayank Chakraborty, first king of the North-East on the chessboard, grandmaster, Grandmaster from Assam and North-east India
  • Hindi News
  • Sports
  • Mayank Chakraborty, First King Of The North East On The Chessboard, Grandmaster, Grandmaster From Assam And North east India

स्टॉकहोम/गुवाहाटी42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

असम के मयंक चक्रवर्ती भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बने हैं। वे नॉर्थ ईस्ट से इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं।

शतरंज की बिसात पर जब मोहरे अपनी चालें चलते हैं, तो अक्सर जीत और हार के बीच का फासला केवल एक ‘चेकमेट’ का होता है, लेकिन स्वीडन के स्टॉकहोम में जब 16 साल के एक लड़के ने अपना आखिरी दांव चला, तो वह जीत केवल एक टूर्नामेंट की नहीं थी। वह जीत थी- वर्षों के गुमनाम संघर्ष की, एक पिता के त्याग की और पूर्वोत्तर भारत के उस भरोसे की, जिसने पहली बार दुनिया को अपना ‘ग्रैंडमास्टर’ दिया।

असम के मयंक चक्रवर्ती अब भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बन चुके हैं। वे नॉर्थ ईस्ट से इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं।

‘होटल स्टॉकहोम नॉर्थ यंग टैलेंट टूर्नामेंट’ में मयंक जब उतरे, तो उनके कंधों पर उम्मीदों का भारी बोझ था, लेकिन उन्होंने गजब का संयम दिखाया। आठवें राउंड में फिलिप लिंडबर्ग को मात देते ही मयंक ने एक राउंड बाकी रहते अपना अंतिम ‘ग्रैंडमास्टर नॉर्म’ पक्का कर लिया। उन्होंने 9 में से 7 अंक हासिल कर न केवल खिताब जीता, बल्कि अपनी लाइव रेटिंग को 2508 तक पहुंचा दिया। यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि मयंक ने दिग्गज अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को एकतरफा मुकाबले में पीछे छोड़ दिया।

किसी फिल्म जैसी है मयंक की कहानी

मयंक की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है। पूर्वोत्तर भारत, जहां युवाओं के हाथों में अक्सर फुटबॉल या मुक्केबाजी के दस्ताने दिखते हैं, वहां मयंक ने शतरंज की बिसात चुनी। गुवाहाटी जैसे शहर में शतरंज का बुनियादी ढांचा बहुत सीमित था। शुरुआती दिनों में मयंक के पास कोई प्रोफेशनल कोच नहीं था।

उन्होंने घंटों यूट्यूब वीडियो और ‘चेस-बेस’ की डीवीडी देखकर खेल की पेचीदगियां समझीं। बाद में उन्हें ग्रैंडमास्टर सप्तर्षि राय चौधरी का साथ मिला, जिन्होंने उनके हुनर को धार दी। मयंक के पिता केशब चक्रवर्ती ने बेटे के इंटरनेशनल दौरों के लिए अपनी कॉर्पोरेट नौकरी तक छोड़ दी। यह एक पिता का बेटे की प्रतिभा पर अटूट विश्वास ही था, जिसने मयंक को दुनिया के सामने ‘ग्रैंडमास्टर’ बनाकर खड़ा कर दिया।

सबसे ज्यादा ग्रैंडमास्टर वाले देश

देश – ग्रैंडमास्टर

रूस- 255

अमेरिका- 101

जर्मनी- 96

भारत- 94

यूक्रेन- 93

साल 2026 में भारत को मिला तीसरा ग्रैंडमास्टर

मयंक इस साल ग्रैंडमास्टर (जीएम) बनने वाले तीसरे भारतीय हैं। उन्होंने 2019 में नेशनल अंडर-11 चैम्पियनशिप जीती थी। दो बार नेशनल अंडर-17 खिताब भी जीते हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.