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CBSE 12th Revaluation Portal Launch June 1

CBSE 12th Revaluation Portal Launch June 1

नई दिल्ली9 घंटे पहले

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री-इवैल्यूएशन के आवेदन करते समय CBSE की वेबसाइट खोलने पर साइट अंडर मेंटेनेंस लिखा आ रहा था।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं छात्र अब 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। बोर्ड ने शुक्रवार को तारीख बढ़ाने का ऐलान किया।

बोर्ड ने 19 मई से यह प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन आवेदन संख्या ज्यादा होने के कारण वेबसाइट क्रैश हो रही थी। इसके बाद तारीख बढ़ाकर 25 मई तक कर दी थी। स्टूडेंट्स को री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं।

स्टूडेंट्स की शिकायत के बाद CBSE ने पोर्टल पर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रक्रिया को बंद कर दिया था। बोर्ड का कहना है कि वह पोर्टल को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, ताकि छात्रों को आवेदन करते समय परेशानी का सामना न करना पड़े। इस बार 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी दोबारा जांचने यानी री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया।

स्टूडेंट्स ने शेयर कीं आंसर-शीट की स्कैन कॉपी

छात्रों ने शिकायत की ब्लर आंसर-शीट होने के बाद भी बोर्ड ने इसे जांच दिया।

छात्रों ने शिकायत की ब्लर आंसर-शीट होने के बाद भी बोर्ड ने इसे जांच दिया।

छात्रों ने फीस को लेकर भी शिकायत की। बताया कि 8 हजार रुपए फीस देने को कहा।

छात्रों ने फीस को लेकर भी शिकायत की। बताया कि 8 हजार रुपए फीस देने को कहा।

री-इवैल्युएशन के लिए 3 घंटे में ही 1.26 लाख आवेदन आए थे

CBSE ने इस साल पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया है। कई स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स ने OSM पर सवाल उठाते हुए शिकायत की थी कि इससे नंबर कम आए हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया था।

री-इवैल्युएशन के लिए शुरुआती 3 घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आए थे। सीबीएसई ने इसका डेटा अपडेट करना बंद कर दिया था। हालांकि बोर्ड ने दावा किया था कि लाखों छात्रों ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी थी और ज्यादातर छात्रों को कॉपियां भेज दी गई हैं।

17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच CBSE 12वीं के एग्जाम में 17.68 लाख छात्र बैठे। रिजल्ट आया तो, पिछली बार के 88.39% मुकाबले इस बार 85.2% स्टूडेंट्स ही पास हुए। बोर्ड एग्जाम देने वाले 22% यानी 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी दोबारा जांचने यानी री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया है।

राहुल बोले- मोदी सरकार को छात्रों के भविष्य नहीं, सत्ता बचाने की चिंता

  • कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि पीएम मोदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना दिखाता है कि सरकार को लाखों छात्रों के भविष्य की नहीं, बल्कि अपनी सरकार बचाने की चिंता है। वे शुरू से ही सीबीएसई के OSM और COEMPT कंपनी को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। देश के युवाओं को सच्चाई जानने का अधिकार है।
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को अधिकारियों से कहा कि छात्रों की परेशानियां जल्दी और सही तरीके से दूर की जाएं। किसी छात्र से अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। यह सिस्टम पहली बार बड़े स्तर पर लागू हुआ है। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। उन्हें जल्द ठीक किया जाएगा।

CBSE ने कहा- OSM सटीक; हैदराबाद की कंपनी को ठेका

CBSE का कहना है कि इससे चेकिंग ज्यादा तेज और सटीक ढंग से होती है और मार्क्स जोड़ने या डेटा एंट्री में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आती है। रिजल्ट के बाद उलटा हुआ। स्टूडेंट्स ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी शिकायतें कीं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, CBSE ने हैदराबाद की कंपनी Coempt Edutech प्राइवेट लिमिटेड को OSM के जरिए 12वीं के बोर्ड की कॉपी चेक करने का ठेका दिया था। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों मे डिजिटल इवैल्यूएशन का काम करती है।

2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था। तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे। 28 मई को धर्मेंद्र प्रधान ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों की बात मानी और कहा कि हर शिकायत का समाधान किया जाएगा।

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CBSE 12th Revaluation Portal Launch June 1

नई दिल्ली9 घंटे पहले

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं छात्र अब 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। बोर्ड ने शुक्रवार को तारीख बढ़ाने का ऐलान किया।

बोर्ड ने 19 मई से यह प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन आवेदन संख्या ज्यादा होने के कारण वेबसाइट क्रैश हो रही थी। इसके बाद तारीख बढ़ाकर 25 मई तक कर दी थी। स्टूडेंट्स को री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं।

स्टूडेंट्स की शिकायत के बाद CBSE ने पोर्टल पर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रक्रिया को बंद कर दिया था। बोर्ड का कहना है कि वह पोर्टल को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, ताकि छात्रों को आवेदन करते समय परेशानी का सामना न करना पड़े। इस बार 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी दोबारा जांचने यानी री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया।

स्टूडेंट्स ने शेयर कीं आंसर-शीट की स्कैन कॉपी

छात्रों ने शिकायत की ब्लर आंसर-शीट होने के बाद भी बोर्ड ने इसे जांच दिया।

छात्रों ने शिकायत की ब्लर आंसर-शीट होने के बाद भी बोर्ड ने इसे जांच दिया।

छात्रों ने फीस को लेकर भी शिकायत की। बताया कि 8 हजार रुपए फीस देने को कहा।

छात्रों ने फीस को लेकर भी शिकायत की। बताया कि 8 हजार रुपए फीस देने को कहा।

री-इवैल्युएशन के लिए 3 घंटे में ही 1.26 लाख आवेदन आए थे

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री-इवैल्युएशन के लिए शुरुआती 3 घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आए थे। सीबीएसई ने इसका डेटा अपडेट करना बंद कर दिया था। हालांकि बोर्ड ने दावा किया था कि लाखों छात्रों ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी थी और ज्यादातर छात्रों को कॉपियां भेज दी गई हैं।

17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच CBSE 12वीं के एग्जाम में 17.68 लाख छात्र बैठे। रिजल्ट आया तो, पिछली बार के 88.39% मुकाबले इस बार 85.2% स्टूडेंट्स ही पास हुए। बोर्ड एग्जाम देने वाले 22% यानी 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी दोबारा जांचने यानी री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया है।

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  • कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि पीएम मोदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना दिखाता है कि सरकार को लाखों छात्रों के भविष्य की नहीं, बल्कि अपनी सरकार बचाने की चिंता है। वे शुरू से ही सीबीएसई के OSM और COEMPT कंपनी को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। देश के युवाओं को सच्चाई जानने का अधिकार है।
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को अधिकारियों से कहा कि छात्रों की परेशानियां जल्दी और सही तरीके से दूर की जाएं। किसी छात्र से अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। यह सिस्टम पहली बार बड़े स्तर पर लागू हुआ है। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। उन्हें जल्द ठीक किया जाएगा।

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2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था। तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे। 28 मई को धर्मेंद्र प्रधान ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों की बात मानी और कहा कि हर शिकायत का समाधान किया जाएगा।

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