Monday, 13 Apr 2026 | 06:41 PM

Trending :

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा का जोर:मंदसौर में प्रदेश मंत्री बोलीं- 2029 तक दिखेगा असर, 33% आरक्षण से बदलेगा समीकरण 48 साल बाद टूटा शिवनाथ सिंह का रिकॉर्ड:सेना के हवलदार सावन बरवाल ने नीदरलैंड में रचा इतिहास, मैराथन में बनाया नया नेशनल रिकॉर्ड ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते आशा भोसले को याद कर संगीत जगत के सितारे भावुक:उदित, अनु, हरिहरन समेत दिग्गजों ने यादें साझा कीं, कहा- उनकी विरासत हमेशा अमर रहेगी गर्मियों में गलत तरीके से तो नहीं खा रहे खीरा, बढ़ सकती हैं ये समस्याएं, जानें खीरा खाने का सही तरीका किसी महिला का नाम जबरन नहीं पूछ सकेंगे जनगणनाकर्मी:गृह विभाग ने जारी किए निर्देश- पति का नाम न बताए तो भी बाध्य नहीं कर सकेंगे
EXCLUSIVE

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update
  • Hindi News
  • Business
  • India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update Israel Iran War

नई दिल्ली15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं।

महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है।

महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था।

ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही।

नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल

यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है।

खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है।

क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं।

क्या जुड़ा: OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज जैसे खर्चे शामिल किए हैं।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)।

किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)।

जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया।

2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है।

ये खबर भी पढ़ें…

सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग

देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ईरान जंग से सेंसेक्स 1353 अंक गिरकर 77,566 पर बंद:रुपया 92.33 के ऑलटाइम लो पर पहुंचा; कच्चा तेल 10 दिन में 50% चढ़ा

March 9, 2026/
9:23 am

अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण शेयर बाजार में आज यानी 9 मार्च को बड़ी गिरावट रही। सेंसेक्स 1353 अंक (1.71%)...

Europe Refuses to Support Hormuz Operation

March 17, 2026/
1:18 pm

वॉशिंगटन डीसी23 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में खामेनेई समेत 40 से भी ज्यादा अधिकारियों के मारे जाने के बाद...

धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹800 करोड़ के पार:पांचवें दिन भारत में ₹65 करोड़ कमाए, छावा-पीके के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ा

March 24, 2026/
9:09 am

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज यानी धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने...

Anant Ambani birthday celebration in jamnagar

April 10, 2026/
12:40 pm

जामनगर9 मिनट पहले कॉपी लिंक जामनगर में आसपास के सभी गांवों में भोज दिया गया। कारोबारी मुकेश अंबानी के छोटे...

पार्थ पवार ने नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली | "बारामती और मेरे पिता के लिए" | न्यूज18

April 10, 2026/
8:36 am

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी।...

केरल चुनाव 2026: 'केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला', सीपीआई नेता का विश्वासनामा, बीजेपी को लेकर कर दी ये भविष्यवाणी

March 22, 2026/
4:45 pm

इस बार केरल में विधानसभा चुनाव के दौरान त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। सी. सर्वेक्षण नेता हन्नान मोल्लाह...

राजनीति

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update
  • Hindi News
  • Business
  • India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update Israel Iran War

नई दिल्ली15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं।

महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है।

महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था।

ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही।

नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल

यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है।

खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है।

क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं।

क्या जुड़ा: OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज जैसे खर्चे शामिल किए हैं।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)।

किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)।

जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया।

2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है।

ये खबर भी पढ़ें…

सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग

देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.