Saturday, 18 Jul 2026 | 04:55 PM

Trending :

EXCLUSIVE

बच्चा रो रहा है बार-बार? हो सकता है वजह डकार न आना, ये टिप्स फॉलो करते ही तुरंत लेगा डकार, नहीं दिखाएगा नखरे

ask search icon

Last Updated:

नवजात शिशु की देखभाल में डकार दिलाना एक बेहद अहम हिस्सा है. सही तरीके से डकार दिलाने से बच्चे के पेट में फंसी हवा बाहर निकलती है, जिससे वह ज्यादा आरामदायक महसूस करता है और उसकी सेहत बेहतर रहती है. आइए जानते है कुछ जरूरी टिप्स…

अक्सर नई मांओं के लिए यह समझना थोड़ा मुश्किल होता है कि बच्चे को सही तरीके से डकार कैसे दिलाई जाए. इसी वजह से कई बार वे बच्चे के व्यवहार और सेहत में होने वाले बदलावों को ठीक से समझ नहीं पातीं. दरअसल, बच्चे को डकार दिलाना उसकी देखभाल का एक जरूरी हिस्सा है. जब मां को बच्चे की डकार सुनाई देती है, तो उसे एक तरह की तसल्ली मिलती है कि बच्चे ने दूध अच्छे से पिया है और वह आराम में है.

लोकल18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8 के डायरेक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं कि डकार दिलाना क्यों जरूरी है, यह समझना बेहद अहम है. जब बच्चा दूध पीता है, खासकर बोतल से, तो उसके साथ कुछ मात्रा में हवा भी उसके पेट में चली जाती है. यही हवा बाद में परेशानी की वजह बनती है. जब इस हवा को बाहर निकाला जाता है, तो उसे ही डकार कहा जाता है.

अगर बच्चे के पेट में यह हवा फंसी रह जाए, तो उसका पेट फूला-फूला लगने लगता है. इससे बच्चे को पेट दर्द हो सकता है, वह बार-बार रोता है, चिड़चिड़ा हो जाता है और कई बार दूध पीने से भी कतराने लगता है. लेकिन यदि समय पर बच्चे को डकार दिला दी जाए, तो वह न सिर्फ आराम महसूस करता है, बल्कि अच्छे से दूध भी पीता है और उसे नींद भी बेहतर आती है. 

Add News18 as
Preferred Source on Google

डॉ. सिंगला के अनुसार, कई बार आपने देखा होगा कि बच्चे को दूध पीने के बाद उल्टी हो जाती है. यह भी उसी हवा के बाहर निकलने का एक तरीका होता है, जिसमें दूध के साथ हवा भी बाहर आ जाती है. खासकर बोतल से दूध पीने वाले बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, जबकि मां का दूध पीने वाले बच्चों में यह अपेक्षाकृत कम होती है. 

बच्चे को डकार दिलाने के कुछ आसान और प्रभावी तरीके भी हैं. आप बच्चे को अपने कंधे से सटा कर उसकी पीठ को हल्के-हल्के थपथपा सकते हैं. इसके अलावा, बच्चे को गोद में सीधा बैठाकर उसकी पीठ पर हल्का दबाव देना भी मददगार होता है. एक और तरीका यह है कि बच्चे को अपनी गोद में पेट के बल लिटाकर उसकी पीठ को धीरे-धीरे सहलाया जाए. इन तरीकों से बच्चे के पेट में फंसी हवा आसानी से बाहर निकल जाती है. 

डकार का मतलब यही है कि बच्चे के पेट की हवा सहजता से बाहर निकल गई. यह समस्या आमतौर पर 4 से 6 महीने तक के बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, यह समस्या अपने आप कम हो जाती है और 6 महीने के बाद अक्सर खत्म भी हो जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती और सामान्य देखभाल से ही यह समस्या संभाली जा सकती है. 

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Varun Dhawan Recalls Underworld Threat Calls

March 28, 2026/
4:03 pm

30 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन ने बॉलीवुड के 1990 के दशक के डरावने दौर का वो...

‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर आउट:पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया लीड रोल में आएंगे नजर, 6 मार्च को जी5 पर स्ट्रीम होगी फिल्म

March 3, 2026/
4:20 pm

एप्लॉज एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म में दिग्गज एक्टर पंकज कपूर और...

छतरपुर में आंधी-बारिश से भीगा खुले में रखा अनाज:किसानों को नुकसान; अगले दो दिन और बारिश की चेतावनी

April 30, 2026/
6:47 pm

छतरपुर जिले में गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी और झमाझम बारिश...

डेवलपमेंटल डिसप्लेसिया डीडीएच लक्षण: क्या है वीडियो डिस्प्लेसिया? जानिए वरुण की बेटी को क्यों हो रही है बेरोजगारी में परेशानी; जानें

March 30, 2026/
5:18 pm

30 मार्च 2026 को 17:18 IST पर अपडेट किया गया विकासात्मक डिसप्लेसिया डीडीएच लक्षण: आसान भाषा में कहा गया है...

कटहल बिरयानी रेसिपी: भूल जाएंगे मटन- चिकन का स्वाद, स्वाद लें ये सुपर टेस्टी और चटपटी कटहल बिरयानी

March 29, 2026/
9:50 pm

29 मार्च 2026 को 21:50 IST पर अद्यतन किया गया कटहल बिरयानी रेसिपी: अगर आप बिरयानी खाने के शौकीन हैं,...

नशे में धुत चालक ने बाइक को मारी टक्कर:सतना में भागते हुए नाली में जा फंसी कार; लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

April 13, 2026/
7:54 am

सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीव नगर नईबस्ती में रविवार देर रात नशे में धुत एक तेज रफ्तार...

ककरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बोले दिलजीत दोसांझ:मैं केवल एक कलाकार हूं, नेता नहीं; राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर ही रखें

July 2, 2026/
3:17 pm

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक लाइव सेशन के दौरान दिल्ली के जंतर मंतर पर चल...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

बच्चा रो रहा है बार-बार? हो सकता है वजह डकार न आना, ये टिप्स फॉलो करते ही तुरंत लेगा डकार, नहीं दिखाएगा नखरे

ask search icon

Last Updated:

नवजात शिशु की देखभाल में डकार दिलाना एक बेहद अहम हिस्सा है. सही तरीके से डकार दिलाने से बच्चे के पेट में फंसी हवा बाहर निकलती है, जिससे वह ज्यादा आरामदायक महसूस करता है और उसकी सेहत बेहतर रहती है. आइए जानते है कुछ जरूरी टिप्स…

अक्सर नई मांओं के लिए यह समझना थोड़ा मुश्किल होता है कि बच्चे को सही तरीके से डकार कैसे दिलाई जाए. इसी वजह से कई बार वे बच्चे के व्यवहार और सेहत में होने वाले बदलावों को ठीक से समझ नहीं पातीं. दरअसल, बच्चे को डकार दिलाना उसकी देखभाल का एक जरूरी हिस्सा है. जब मां को बच्चे की डकार सुनाई देती है, तो उसे एक तरह की तसल्ली मिलती है कि बच्चे ने दूध अच्छे से पिया है और वह आराम में है.

लोकल18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8 के डायरेक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं कि डकार दिलाना क्यों जरूरी है, यह समझना बेहद अहम है. जब बच्चा दूध पीता है, खासकर बोतल से, तो उसके साथ कुछ मात्रा में हवा भी उसके पेट में चली जाती है. यही हवा बाद में परेशानी की वजह बनती है. जब इस हवा को बाहर निकाला जाता है, तो उसे ही डकार कहा जाता है.

अगर बच्चे के पेट में यह हवा फंसी रह जाए, तो उसका पेट फूला-फूला लगने लगता है. इससे बच्चे को पेट दर्द हो सकता है, वह बार-बार रोता है, चिड़चिड़ा हो जाता है और कई बार दूध पीने से भी कतराने लगता है. लेकिन यदि समय पर बच्चे को डकार दिला दी जाए, तो वह न सिर्फ आराम महसूस करता है, बल्कि अच्छे से दूध भी पीता है और उसे नींद भी बेहतर आती है. 

Add News18 as
Preferred Source on Google

डॉ. सिंगला के अनुसार, कई बार आपने देखा होगा कि बच्चे को दूध पीने के बाद उल्टी हो जाती है. यह भी उसी हवा के बाहर निकलने का एक तरीका होता है, जिसमें दूध के साथ हवा भी बाहर आ जाती है. खासकर बोतल से दूध पीने वाले बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, जबकि मां का दूध पीने वाले बच्चों में यह अपेक्षाकृत कम होती है. 

बच्चे को डकार दिलाने के कुछ आसान और प्रभावी तरीके भी हैं. आप बच्चे को अपने कंधे से सटा कर उसकी पीठ को हल्के-हल्के थपथपा सकते हैं. इसके अलावा, बच्चे को गोद में सीधा बैठाकर उसकी पीठ पर हल्का दबाव देना भी मददगार होता है. एक और तरीका यह है कि बच्चे को अपनी गोद में पेट के बल लिटाकर उसकी पीठ को धीरे-धीरे सहलाया जाए. इन तरीकों से बच्चे के पेट में फंसी हवा आसानी से बाहर निकल जाती है. 

डकार का मतलब यही है कि बच्चे के पेट की हवा सहजता से बाहर निकल गई. यह समस्या आमतौर पर 4 से 6 महीने तक के बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, यह समस्या अपने आप कम हो जाती है और 6 महीने के बाद अक्सर खत्म भी हो जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती और सामान्य देखभाल से ही यह समस्या संभाली जा सकती है. 

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.