Tuesday, 08 Sep 2026 | 10:23 PM

Trending :

EXCLUSIVE

बच्चा रो रहा है बार-बार? हो सकता है वजह डकार न आना, ये टिप्स फॉलो करते ही तुरंत लेगा डकार, नहीं दिखाएगा नखरे

ask search icon

Last Updated:

नवजात शिशु की देखभाल में डकार दिलाना एक बेहद अहम हिस्सा है. सही तरीके से डकार दिलाने से बच्चे के पेट में फंसी हवा बाहर निकलती है, जिससे वह ज्यादा आरामदायक महसूस करता है और उसकी सेहत बेहतर रहती है. आइए जानते है कुछ जरूरी टिप्स…

अक्सर नई मांओं के लिए यह समझना थोड़ा मुश्किल होता है कि बच्चे को सही तरीके से डकार कैसे दिलाई जाए. इसी वजह से कई बार वे बच्चे के व्यवहार और सेहत में होने वाले बदलावों को ठीक से समझ नहीं पातीं. दरअसल, बच्चे को डकार दिलाना उसकी देखभाल का एक जरूरी हिस्सा है. जब मां को बच्चे की डकार सुनाई देती है, तो उसे एक तरह की तसल्ली मिलती है कि बच्चे ने दूध अच्छे से पिया है और वह आराम में है.

लोकल18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8 के डायरेक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं कि डकार दिलाना क्यों जरूरी है, यह समझना बेहद अहम है. जब बच्चा दूध पीता है, खासकर बोतल से, तो उसके साथ कुछ मात्रा में हवा भी उसके पेट में चली जाती है. यही हवा बाद में परेशानी की वजह बनती है. जब इस हवा को बाहर निकाला जाता है, तो उसे ही डकार कहा जाता है.

अगर बच्चे के पेट में यह हवा फंसी रह जाए, तो उसका पेट फूला-फूला लगने लगता है. इससे बच्चे को पेट दर्द हो सकता है, वह बार-बार रोता है, चिड़चिड़ा हो जाता है और कई बार दूध पीने से भी कतराने लगता है. लेकिन यदि समय पर बच्चे को डकार दिला दी जाए, तो वह न सिर्फ आराम महसूस करता है, बल्कि अच्छे से दूध भी पीता है और उसे नींद भी बेहतर आती है. 

Add News18 as
Preferred Source on Google

डॉ. सिंगला के अनुसार, कई बार आपने देखा होगा कि बच्चे को दूध पीने के बाद उल्टी हो जाती है. यह भी उसी हवा के बाहर निकलने का एक तरीका होता है, जिसमें दूध के साथ हवा भी बाहर आ जाती है. खासकर बोतल से दूध पीने वाले बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, जबकि मां का दूध पीने वाले बच्चों में यह अपेक्षाकृत कम होती है. 

बच्चे को डकार दिलाने के कुछ आसान और प्रभावी तरीके भी हैं. आप बच्चे को अपने कंधे से सटा कर उसकी पीठ को हल्के-हल्के थपथपा सकते हैं. इसके अलावा, बच्चे को गोद में सीधा बैठाकर उसकी पीठ पर हल्का दबाव देना भी मददगार होता है. एक और तरीका यह है कि बच्चे को अपनी गोद में पेट के बल लिटाकर उसकी पीठ को धीरे-धीरे सहलाया जाए. इन तरीकों से बच्चे के पेट में फंसी हवा आसानी से बाहर निकल जाती है. 

डकार का मतलब यही है कि बच्चे के पेट की हवा सहजता से बाहर निकल गई. यह समस्या आमतौर पर 4 से 6 महीने तक के बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, यह समस्या अपने आप कम हो जाती है और 6 महीने के बाद अक्सर खत्म भी हो जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती और सामान्य देखभाल से ही यह समस्या संभाली जा सकती है. 

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
AP Inter Results 2026 Live Updates: Manabadi Intermediate 1st, 2nd year results link release date and time.(AI Image)

April 10, 2026/
2:31 pm

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 14:31 IST विजय के शिवगंगा रोड शो के दौरान सेल्फी लेने के प्रयास में नियंत्रण खोने...

राजगढ़ अस्पताल में हाईटेक ओटी शुरू, मंत्री ने शुभारंभ किया:बुलाए नहीं जाने पर विधायक अमरसिंह बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं, CM से शिकायत करूंगा

April 12, 2026/
9:13 pm

राजगढ़ जिला अस्पताल में तैयार चार हाईटेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का रविवार को राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने...

Congress MP Sonia Gandhi with TMC chief Mamata Banerjee at the INDIA bloc meeting in Delhi. (PTI Image)

June 11, 2026/
9:20 am

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 09:20 IST एक लंबित मामले का खुलासा न करने के आरोप में मध्य प्रदेश से राज्यसभा...

Kishore Kumar Birth Anniversary; Car Buried Story

August 4, 2026/
4:30 am

1 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक किशोर कुमार का बचपन का नाम आभास कुमार गांगुली था। हिंदी सिनेमा के...

अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'छोटा भौंकने वाला कुत्ता' बताया:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में हुई बातचीत नाकाम रही थी

September 6, 2026/
5:00 pm

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर कनाडा के रवैये की आलोचना की...

हिंदू-मुस्लिम की सोच से बाहर आइए:कंगना रनोट ने शर्मिता टैगोर पर साधा निशाना, वंदे मातरम् पर सीनियर एक्ट्रेस के बयान पर भड़कीं

August 21, 2026/
9:19 am

दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। शर्मिला टैगोर ने...

गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर गहराया विवाद | कार्रवाई और चुनाव में धांधली के दावे सतह|पाकिस्तान|टीआरएस

June 1, 2026/
8:32 pm

7 जून के चुनाव से पहले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव पूर्व कार्रवाई के ताजा आरोप सामने आए हैं, जिससे क्षेत्र में...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

बच्चा रो रहा है बार-बार? हो सकता है वजह डकार न आना, ये टिप्स फॉलो करते ही तुरंत लेगा डकार, नहीं दिखाएगा नखरे

ask search icon

Last Updated:

नवजात शिशु की देखभाल में डकार दिलाना एक बेहद अहम हिस्सा है. सही तरीके से डकार दिलाने से बच्चे के पेट में फंसी हवा बाहर निकलती है, जिससे वह ज्यादा आरामदायक महसूस करता है और उसकी सेहत बेहतर रहती है. आइए जानते है कुछ जरूरी टिप्स…

अक्सर नई मांओं के लिए यह समझना थोड़ा मुश्किल होता है कि बच्चे को सही तरीके से डकार कैसे दिलाई जाए. इसी वजह से कई बार वे बच्चे के व्यवहार और सेहत में होने वाले बदलावों को ठीक से समझ नहीं पातीं. दरअसल, बच्चे को डकार दिलाना उसकी देखभाल का एक जरूरी हिस्सा है. जब मां को बच्चे की डकार सुनाई देती है, तो उसे एक तरह की तसल्ली मिलती है कि बच्चे ने दूध अच्छे से पिया है और वह आराम में है.

लोकल18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8 के डायरेक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला बताते हैं कि डकार दिलाना क्यों जरूरी है, यह समझना बेहद अहम है. जब बच्चा दूध पीता है, खासकर बोतल से, तो उसके साथ कुछ मात्रा में हवा भी उसके पेट में चली जाती है. यही हवा बाद में परेशानी की वजह बनती है. जब इस हवा को बाहर निकाला जाता है, तो उसे ही डकार कहा जाता है.

अगर बच्चे के पेट में यह हवा फंसी रह जाए, तो उसका पेट फूला-फूला लगने लगता है. इससे बच्चे को पेट दर्द हो सकता है, वह बार-बार रोता है, चिड़चिड़ा हो जाता है और कई बार दूध पीने से भी कतराने लगता है. लेकिन यदि समय पर बच्चे को डकार दिला दी जाए, तो वह न सिर्फ आराम महसूस करता है, बल्कि अच्छे से दूध भी पीता है और उसे नींद भी बेहतर आती है. 

Add News18 as
Preferred Source on Google

डॉ. सिंगला के अनुसार, कई बार आपने देखा होगा कि बच्चे को दूध पीने के बाद उल्टी हो जाती है. यह भी उसी हवा के बाहर निकलने का एक तरीका होता है, जिसमें दूध के साथ हवा भी बाहर आ जाती है. खासकर बोतल से दूध पीने वाले बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, जबकि मां का दूध पीने वाले बच्चों में यह अपेक्षाकृत कम होती है. 

बच्चे को डकार दिलाने के कुछ आसान और प्रभावी तरीके भी हैं. आप बच्चे को अपने कंधे से सटा कर उसकी पीठ को हल्के-हल्के थपथपा सकते हैं. इसके अलावा, बच्चे को गोद में सीधा बैठाकर उसकी पीठ पर हल्का दबाव देना भी मददगार होता है. एक और तरीका यह है कि बच्चे को अपनी गोद में पेट के बल लिटाकर उसकी पीठ को धीरे-धीरे सहलाया जाए. इन तरीकों से बच्चे के पेट में फंसी हवा आसानी से बाहर निकल जाती है. 

डकार का मतलब यही है कि बच्चे के पेट की हवा सहजता से बाहर निकल गई. यह समस्या आमतौर पर 4 से 6 महीने तक के बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, यह समस्या अपने आप कम हो जाती है और 6 महीने के बाद अक्सर खत्म भी हो जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती और सामान्य देखभाल से ही यह समस्या संभाली जा सकती है. 

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.