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MP Congress Leaders Out of New Committee Get Space in Bharat Krishak Samaj

MP Congress Leaders Out of New Committee Get Space in Bharat Krishak Samaj

खंडवा में ग्रामीण जिलाध्यक्ष लक्ष्मीचंद्र गुर्जर को बनाया गया।

मध्यप्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक हलचल के बीच अब नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रहे अरुण यादव ने भारत कृषक समाज के माध्यम से ऐसे नेताओं को मंच देना शुरू कर दिया है, जो हाल ही में कांग्रेस की टीम से बाहर हो गए

.

सोमवार को खरगोन जिले के बोरावा में आयोजित किसान गोष्ठी के दौरान 1956 में गठित हुए भारत कृषक समाज नाम के संगठन का विस्तार करते हुए कई अहम नियुक्तियां की गईं। खंडवा शहर इकाई के लिए अर्ष पाठक को शहर जिलाध्यक्ष बनाया गया, जबकि दक्षिण ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में विनोद यादव और उत्तर ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में इकबाल कुरैशी को जिम्मेदारी सौंपी गई।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में मूंदी के किसान नेता लक्ष्मीचंद्र गुर्जर को खंडवा जिले का ग्रामीण जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सभी को नियुक्ति पत्र स्वयं अरुण यादव ने सौंपे। कार्यक्रम में अरूण यादव के भाई कसरावद विधायक सचिन यादव (पूर्व कृषि मंत्री) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नियुक्तियों के राजनीतिक मायने हाल ही में जीतू पटवारी की अगुवाई में कांग्रेस संगठन में हुए फेरबदल के बाद कई नेता सक्रिय भूमिका से बाहर हो गए थे। ऐसे में अरुण यादव द्वारा उन्हें भारत कृषक समाज में स्थान देना एक नई राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम न केवल संगठन विस्तार बल्कि असंतुष्ट नेताओं को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है।

किसानों पर फोकस, क्षेत्रीय समीकरण भी अरुण यादव ने कहा कि किसानों की आवाज को मजबूत करने के लिए संगठन का विस्तार जरूरी है। उन्होंने नए पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं को उठाएं और संगठन को सक्रिय बनाएं। इधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्तियां सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत भी हो सकती है।

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खंडवा में ग्रामीण जिलाध्यक्ष लक्ष्मीचंद्र गुर्जर को बनाया गया।

मध्यप्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक हलचल के बीच अब नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रहे अरुण यादव ने भारत कृषक समाज के माध्यम से ऐसे नेताओं को मंच देना शुरू कर दिया है, जो हाल ही में कांग्रेस की टीम से बाहर हो गए

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सोमवार को खरगोन जिले के बोरावा में आयोजित किसान गोष्ठी के दौरान 1956 में गठित हुए भारत कृषक समाज नाम के संगठन का विस्तार करते हुए कई अहम नियुक्तियां की गईं। खंडवा शहर इकाई के लिए अर्ष पाठक को शहर जिलाध्यक्ष बनाया गया, जबकि दक्षिण ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में विनोद यादव और उत्तर ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में इकबाल कुरैशी को जिम्मेदारी सौंपी गई।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में मूंदी के किसान नेता लक्ष्मीचंद्र गुर्जर को खंडवा जिले का ग्रामीण जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सभी को नियुक्ति पत्र स्वयं अरुण यादव ने सौंपे। कार्यक्रम में अरूण यादव के भाई कसरावद विधायक सचिन यादव (पूर्व कृषि मंत्री) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नियुक्तियों के राजनीतिक मायने हाल ही में जीतू पटवारी की अगुवाई में कांग्रेस संगठन में हुए फेरबदल के बाद कई नेता सक्रिय भूमिका से बाहर हो गए थे। ऐसे में अरुण यादव द्वारा उन्हें भारत कृषक समाज में स्थान देना एक नई राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम न केवल संगठन विस्तार बल्कि असंतुष्ट नेताओं को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है।

किसानों पर फोकस, क्षेत्रीय समीकरण भी अरुण यादव ने कहा कि किसानों की आवाज को मजबूत करने के लिए संगठन का विस्तार जरूरी है। उन्होंने नए पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं को उठाएं और संगठन को सक्रिय बनाएं। इधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्तियां सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत भी हो सकती है।

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