Friday, 10 Jul 2026 | 10:42 PM

Trending :

जामुन स्मूथी रेसिपी: घर में आसानी से बनी जैमी जैमीन से बनी ये पैमाइश, इनके भी बच्चे होंगे फैन फिल्म प्रोमोशन के लिए देहरादून पहुंचीं हुमा कुरैशी:बोलीं-छोटे बजट की फिल्म 'बेबी डू डाई डू', दर्शकों का प्यार ही फिल्म का प्रचार E20 Petrol Damage? Companies Must Replace Parts Free! कनखजूरा भगाने के उपाय: बारिश शुरू ही किचन-बाथरूम में आ गई कनखजूरा? 2 रुपये के देसी उपाय बिना किसी रुकावट के हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा फेरारी इटली की मशहूर कार कंपनी:दो बार गंभीर आर्थिक संकट में फंस चुकी है, आज टॉप सुपर-कार ब्रांड में शामिल है
EXCLUSIVE

Simrol Jal Nikasi Marg Badhit: High Court Yan

Simrol Jal Nikasi Marg Badhit: High Court Yan

डॉ. अंबेडकर नगर (महू) तहसील के सिमरोल गांव में सरकारी भूमि और प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली पर कथित अतिक्रमण को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर इस रिट याचिका में सर्वे नंबर 890 पर दर्ज सार्

.

राजस्व अभिलेखों के अनुसार सर्वे नंबर 890 सरकारी नाले/प्राकृतिक जल मार्ग के रूप में दर्ज है, जो क्षेत्र की प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसून के दौरान इस मार्ग से भारी मात्रा में वर्षा जल बहता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कॉलोनाइजर राजू पेंड्रावाला, अनुराग पांडिया और उनकी फर्म पेंड्रावाल एस्टेट ने सर्वे नंबर 889 स्थित अपनी निजी भूमि पर ‘विराज ग्रीन्स’ नामक आवासीय कॉलोनी विकसित करते समय उससे सटी सरकारी भूमि (सर्वे नंबर 890) पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया। आरोप है कि प्राकृतिक जल निकासी मार्ग में मिट्टी और निर्माण मलबा डालकर उसे संकरा कर दिया गया, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट ऋषि कुमार चौकसे ने तर्क दिए कि इस प्रकार का अवैध कब्जा न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है, बल्कि इससे आसपास के रहवासियों, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और पास स्थित एक सरकारी कन्या छात्रावास को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से बड़े नुकसान की आशंका जताई गई है।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिला कलेक्टर और सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ (Public Land Protection Cell) को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कानूनी आधार के रूप में याचिका में मप्र हाई कोर्ट के पूर्व निर्णय ग्राम पंचायत धूमा बनाम मध्य प्रदेश राज्य (2021) का हवाला दिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि ‘निस्तार भूमि’, ‘चरनोई’, ‘तालाब’, ‘नदी’ या अन्य सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जा सकती।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

April 14, 2026/
7:20 pm

Last Updated:April 14, 2026, 19:20 IST भारतीय परंपराओं में पान के पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है,...

मधुबाला बायोपिक में अनीत पड्डा की एंट्री की खबरें गलत:सैयारा फेम एक्ट्रेस के नाम पर अफवाहें तेज, कास्टिंग में अभी किसी का नाम तय नहीं

March 10, 2026/
6:50 pm

20 मिनट पहले कॉपी लिंक लेजेंडरी एक्ट्रेस मधुबाला की जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक को लेकर पिछले कुछ समय से...

रणवीर सिंह ने मोहन भागवत से मुलाकात की:नागपुर में रेशिमबाग स्मृति मंदिर पहुंचे, RSS के संस्थापक हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

April 11, 2026/
10:53 am

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह शुक्रवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के मेमोरियल पर...

अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला:अब शाम 6 से 6:30 बजे तक होगी, आज से नई टाइमिंग लागू; हजारों लोग पहुंचते हैं

May 1, 2026/
6:35 am

अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी बॉर्डर पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। नए निर्णय...

राजनीति

Simrol Jal Nikasi Marg Badhit: High Court Yan

Simrol Jal Nikasi Marg Badhit: High Court Yan

डॉ. अंबेडकर नगर (महू) तहसील के सिमरोल गांव में सरकारी भूमि और प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली पर कथित अतिक्रमण को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर इस रिट याचिका में सर्वे नंबर 890 पर दर्ज सार्

.

राजस्व अभिलेखों के अनुसार सर्वे नंबर 890 सरकारी नाले/प्राकृतिक जल मार्ग के रूप में दर्ज है, जो क्षेत्र की प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसून के दौरान इस मार्ग से भारी मात्रा में वर्षा जल बहता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कॉलोनाइजर राजू पेंड्रावाला, अनुराग पांडिया और उनकी फर्म पेंड्रावाल एस्टेट ने सर्वे नंबर 889 स्थित अपनी निजी भूमि पर ‘विराज ग्रीन्स’ नामक आवासीय कॉलोनी विकसित करते समय उससे सटी सरकारी भूमि (सर्वे नंबर 890) पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया। आरोप है कि प्राकृतिक जल निकासी मार्ग में मिट्टी और निर्माण मलबा डालकर उसे संकरा कर दिया गया, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट ऋषि कुमार चौकसे ने तर्क दिए कि इस प्रकार का अवैध कब्जा न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है, बल्कि इससे आसपास के रहवासियों, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और पास स्थित एक सरकारी कन्या छात्रावास को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से बड़े नुकसान की आशंका जताई गई है।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिला कलेक्टर और सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ (Public Land Protection Cell) को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कानूनी आधार के रूप में याचिका में मप्र हाई कोर्ट के पूर्व निर्णय ग्राम पंचायत धूमा बनाम मध्य प्रदेश राज्य (2021) का हवाला दिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि ‘निस्तार भूमि’, ‘चरनोई’, ‘तालाब’, ‘नदी’ या अन्य सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जा सकती।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.