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पेट्रोल पम्प पर केरोसिन भी मिलेगा, केंद्र का फैसला:हर जिले में 2 पम्प पर सुविधा होगी, तेल कंपनियां 5 हजार लीटर स्टॉक रख सकेंगी

पेट्रोल पम्प पर केरोसिन भी मिलेगा, केंद्र का फैसला:हर जिले में 2 पम्प पर सुविधा होगी, तेल कंपनियां 5 हजार लीटर स्टॉक रख सकेंगी

केंद्र सरकार ने रविवार को फैसला लिया है कि अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पम्प पर भी केरोसिन मिल सकेगा। अब सरकारी तेल कंपनियां तय किए गए पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन रख और बांट सकेंगी। हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा। सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके। सरकार का ये फैसला अमेरिका-इजराइल की ईरान संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी है। केंद्र सरकार लगातार मौजूदा हालात पर चिंता जता रही है। नियमों में क्या छूट दी गई 28 मार्च: पीएम मोदी ने कहा- जंग के चलते दुनिया में पेट्रोल-डीजल का संकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 132वें एपिसोड में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया था। पीएम ने कहा था कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। सरकार लोगों से अपील करती है कि किसी तरह की अफवाहों में न आएं। सरकार की तरफ से जानकारी पर भरोसा करें। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। इससे वे देश का नुकसान कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 27 मार्च: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटी, दाम नहीं बढ़ेंगे सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है। यूएस-इजराइल के साथ ईरान की जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों को 30 रुपए प्रति लीटर तक घाटा हो रहा था। घाटा कवर करने के लिए तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं। पूरी खबर पढ़ें… नॉलेज बॉक्स: इनडायरेक्ट टैक्स है एक्साइज ड्यूटी यह एक तरह का इनडायरेक्ट टैक्स है, जो देश के भीतर मैन्युफैक्चर होने वाले सामान पर लगाया जाता है। पेट्रोल-डीजल के मामले में, जब कच्चा तेल रिफाइनरी से साफ होकर बाहर निकलता है, तब केंद्र सरकार उस पर प्रति लीटर के हिसाब से फिक्स्ड एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। चूंकि एक्साइज ड्यूटी फिक्स होती है, इसलिए सरकार इसमें कटौती करके आम जनता को राहत दे सकती है या इसे बढ़ाकर अपना रेवेन्यू बढ़ाती है। मौजूदा कटौती से सरकार का राजस्व कम होगा, लेकिन तेल कंपनियों को घाटा कम करने में मदद मिलेगी।

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पेट्रोल पम्प पर केरोसिन भी मिलेगा, केंद्र का फैसला:हर जिले में 2 पम्प पर सुविधा होगी, तेल कंपनियां 5 हजार लीटर स्टॉक रख सकेंगी

केंद्र सरकार ने रविवार को फैसला लिया है कि अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पम्प पर भी केरोसिन मिल सकेगा। अब सरकारी तेल कंपनियां तय किए गए पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन रख और बांट सकेंगी। हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा। सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके। सरकार का ये फैसला अमेरिका-इजराइल की ईरान संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी है। केंद्र सरकार लगातार मौजूदा हालात पर चिंता जता रही है। नियमों में क्या छूट दी गई 28 मार्च: पीएम मोदी ने कहा- जंग के चलते दुनिया में पेट्रोल-डीजल का संकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 132वें एपिसोड में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया था। पीएम ने कहा था कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। सरकार लोगों से अपील करती है कि किसी तरह की अफवाहों में न आएं। सरकार की तरफ से जानकारी पर भरोसा करें। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। इससे वे देश का नुकसान कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 27 मार्च: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटी, दाम नहीं बढ़ेंगे सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है। यूएस-इजराइल के साथ ईरान की जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों को 30 रुपए प्रति लीटर तक घाटा हो रहा था। घाटा कवर करने के लिए तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं। पूरी खबर पढ़ें… नॉलेज बॉक्स: इनडायरेक्ट टैक्स है एक्साइज ड्यूटी यह एक तरह का इनडायरेक्ट टैक्स है, जो देश के भीतर मैन्युफैक्चर होने वाले सामान पर लगाया जाता है। पेट्रोल-डीजल के मामले में, जब कच्चा तेल रिफाइनरी से साफ होकर बाहर निकलता है, तब केंद्र सरकार उस पर प्रति लीटर के हिसाब से फिक्स्ड एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। चूंकि एक्साइज ड्यूटी फिक्स होती है, इसलिए सरकार इसमें कटौती करके आम जनता को राहत दे सकती है या इसे बढ़ाकर अपना रेवेन्यू बढ़ाती है। मौजूदा कटौती से सरकार का राजस्व कम होगा, लेकिन तेल कंपनियों को घाटा कम करने में मदद मिलेगी।

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