Saturday, 30 May 2026 | 06:15 PM

Trending :

अभिषेक बनर्जी को बंगाल के सोनारपुर में भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा: हिंसक विरोध के दौरान पत्थर, अंडे फेंके गए | भारत समाचार कौन है मिनाक्षी, जिसने विनेश को हराया:रिश्तेदारों ने मारे ताने, जॉन सीना से प्रेरित होकर 10 साल की उम्र से खेल रही कुश्ती डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से सीएलपी नेता चुने गए, 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे | भारत समाचार रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते NSE Trading Hours Extended: 3 PM to 3:40 PM from Aug 3
EXCLUSIVE

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में फसल कटाई का दौर भी शुरू हो गया है। फसल की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई में किसान आग लगाकर नष्ट करते हैं। जिससे कई बार आगजनी की घटनाएं होती हैं। जिनसे देखते हुए सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संदीप जीआर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की सीमा में गेहूं और अन्य फसलों की नरवाई (डंठलों) में आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उप संचालक, किसान कल्याण व कृषि विकास, जिला सागर द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में गेहूं की कटाई अधिकांश कम्बाईन्ड हार्वेस्टर से की जा रही है। जिसके बाद नरवाई जलाने की घटनाओं में तेजी आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने इन घटनाओं की सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। राष्ट्रीय फसल अवशेष प्रबंधन नीति 2014 के अंतर्गत जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति का गठन भी किया गया है। आदेश में अवशेषों को नष्ट कराने के निर्देश
आदेश में उल्लेखित है कि कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेषों से भूसा तैयार करने के स्थान पर उन्हें जला दिया जाता है। जबकि भूसा पशु आहार व अन्य औद्योगिक उपयोग में काम आता है। 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त भूसा उपलब्ध नहीं होने से पशु हानिकारक पदार्थ खाते हैं। जिससे वे बीमार होते हैं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं। हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है और आग अनियंत्रित होने पर जन-धन और संपत्ति की हानि की आशंका रहती है। जुर्माने का भी जिक्र
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक कम्बाइंड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर या स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसकी निगरानी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी द्वारा की जाएगी। पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार, नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। 2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 5000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपए प्रति घटना देय होगा। प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रत्येक विकासखंड में हैप्पी सीडर, सुपर सीडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के पालन की निगरानी के लिए उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ask search icon

March 20, 2026/
4:31 am

Kidney stone remedy: पथरी के लिए अपामार्ग पौधा उपयोगी है. रविकांत पांडे के अनुसार इसकी जड़ का सेवन पथरी को...

Priyanka Chopras Humble Seva at Golden Temple, Amritsar

April 12, 2026/
1:21 pm

12 दिन के भीतर दूसरी बार गोल्डन टेंपल पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल पहुंचीं।...

धुरंधर 2 के प्रीव्यू शोज में तकनीकी दिक्कत:दक्षिण भारत में डबिंग की समस्या से शोज रद्द, मुंबई-दिल्ली में देरी, डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी

March 18, 2026/
7:29 pm

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ के पेड-प्रिव्यू शोज कई जगहों पर रद्द हो गए हैं। इसके पीछे...

authorimg

March 17, 2026/
2:21 pm

Last Updated:March 17, 2026, 14:21 IST Benefits of Topical Testosterone: जब किसी पुरुष के शरीर में नेचुरल तरीके से टेस्टोस्टेरोन...

authorimg

May 10, 2026/
9:34 pm

तरबूज खाने के बाद ज्यादातर लोग उसके छिलके को फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि तरबूज का...

कपिल शर्मा ने नवजोत सिंह सिद्धू के लिए वोट मांगे:बोले- भीड़ देख लगा जैसे रैली चल रही हो; शो के प्रमोशन के लिए मोहाली पहुंचे

March 17, 2026/
9:35 am

पूर्व क्रिकेटर व पंजाब कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू काफी समय से राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। राज्य...

ग्रीन-रघुवंशी के रनआउट से कोलकाता हारा:अभिषेक के हैदराबाद के लिए 100 सिक्स पूरे, रहाणे का 200वां IPL मैच; KKR-SRH मैच के मोमेंट्स-रिकार्ड्स

April 3, 2026/
4:30 am

IPL में गुरुवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में कोलकाता...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में फसल कटाई का दौर भी शुरू हो गया है। फसल की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई में किसान आग लगाकर नष्ट करते हैं। जिससे कई बार आगजनी की घटनाएं होती हैं। जिनसे देखते हुए सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संदीप जीआर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की सीमा में गेहूं और अन्य फसलों की नरवाई (डंठलों) में आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उप संचालक, किसान कल्याण व कृषि विकास, जिला सागर द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में गेहूं की कटाई अधिकांश कम्बाईन्ड हार्वेस्टर से की जा रही है। जिसके बाद नरवाई जलाने की घटनाओं में तेजी आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने इन घटनाओं की सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। राष्ट्रीय फसल अवशेष प्रबंधन नीति 2014 के अंतर्गत जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति का गठन भी किया गया है। आदेश में अवशेषों को नष्ट कराने के निर्देश
आदेश में उल्लेखित है कि कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेषों से भूसा तैयार करने के स्थान पर उन्हें जला दिया जाता है। जबकि भूसा पशु आहार व अन्य औद्योगिक उपयोग में काम आता है। 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त भूसा उपलब्ध नहीं होने से पशु हानिकारक पदार्थ खाते हैं। जिससे वे बीमार होते हैं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं। हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है और आग अनियंत्रित होने पर जन-धन और संपत्ति की हानि की आशंका रहती है। जुर्माने का भी जिक्र
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक कम्बाइंड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर या स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसकी निगरानी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी द्वारा की जाएगी। पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार, नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। 2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 5000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपए प्रति घटना देय होगा। प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रत्येक विकासखंड में हैप्पी सीडर, सुपर सीडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के पालन की निगरानी के लिए उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.