Thursday, 08 Oct 2026 | 04:59 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अल्ट्रा-रिच का ट्रेंड:अमीर लोग दर्जनों-सैकड़ों बच्चे पैदा करने को ‘प्रोजेक्ट’ मान रहे; यह वंश बचाने नहीं, शक्ति-प्रभाव का नया प्रतीक बना

अल्ट्रा-रिच का ट्रेंड:अमीर लोग दर्जनों-सैकड़ों बच्चे पैदा करने को ‘प्रोजेक्ट’ मान रहे; यह वंश बचाने नहीं, शक्ति-प्रभाव का नया प्रतीक बना
  • Hindi News
  • International
  • Wealthy People Are Treating Having Dozens And Hundreds Of Children As A ‘project’; It’s Not About Preserving Lineage, But Rather About Becoming A New Symbol Of Power And Influence.

द न्यू यॉर्क टाइम्स. वॉशिंगटन8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मीडिया रिपोर्टों में कहीं स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे, कहीं 200 बच्चों की इच्छा तो कहीं 300 बच्चे पैदा करने के दावे सामने आए हैं। इस ट्रेंड को ‘किडमैक्सिंग’ कहा जा रहा है। – प्रतीकात्मक फोटो

विकसित देशों में जन्मदर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। बहुत से लोग कहते हैं कि वे एक बच्चे का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, एक छोटा-सा वर्ग अति धनी लोगों का है, जो तकनीक और लगभग असीम संसाधनों के दम पर ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा कर रहा है।

मीडिया रिपोर्टों में कहीं स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे, कहीं 200 बच्चों की इच्छा तो कहीं 300 बच्चे पैदा करने के दावे सामने आए हैं। इस ट्रेंड को ‘किडमैक्सिंग’ कहा जा रहा है। यानी बच्चों की संख्या का ही ताकत, विरासत, प्रभाव और भविष्य पर कब्जे का प्रतीक बन जाना। यह कहानी असमानता का सबसे ठोस रूप भी दिखाती है।

एक ओर लोग आईवीएफ के लिए कर्ज लेते हैं। दूसरी तरफ अरबपति दो करोड़ रु. या इससे ज्यादा खर्च कर सरोगेसी और डोनर एग्स से ‘ऑर्डर’ की तरह बच्चे बनवा रहे हैं। इसमें सबसे चर्चित नामों में इलॉन मस्क हैं। उनके 14 बच्चे हैं।

टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव का दावा है कि उनके स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे पैदा हुए हैं। अमेरिकी बीमा उद्योगपति ग्रेग लिंडबर्ग ने ‘बेबी प्रोजेक्ट’ चलाया। इसमें मॉडल्स को धोखे से एग डोनेशन के लिए फंसाने के आरोप भी लगे। उनके 12 बच्चों की बात सामने आई है। वहीं, यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने एक समय अपने डीएनए को ‘फैलाने’ की सनक तक जाहिर की थी।

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की आर्ली रसेल कहती हैं, ‘अरबपति एक साथ कई सरोगेट्स के जरिए ‘बैच’ में बच्चे पैदा करवा सकते हैं। आईवीएफ तकनीक अब सिर्फ संतान पाने का जरिया नहीं है। यह लिंग चयन, बीमारी और कुछ जीन संबंधी गुणों को चुनने का औजार बन चुकी है। इसका खर्च अरबपति ही उठा सकते हैं।’

मनोवैज्ञानिक ​कहते हैं कि जैसे पुराने समय के राजा अपनी वंशावली को शक्ति का स्रोत मानते थे, वैसे ही आज के कुछ टेक-किंग्स अपने खून को भविष्य की पूंजी मान रहे हैं। फर्क बस इतना है कि अब तलवार की जगह तकनीक है।

नतीजा: ‘परिवार’ की भावना और सोच ही खतरे में पड़ी

अमेरिकी लेखिका अन्ना लोई सुसमैन के अनुसार, अरबपतियों की इस सनक की शिकार कुछ महिलाएं और बच्चे हैं। सरोगेट माताओं के शोषण, सहमति उल्लंघन, बच्चों की देखभाल पर सवाल उठे हैं। कई मामलों में बच्चे ननों के भरोसे, दूसरे देशों में पले-बढ़े, जबकि पिता के लिए वे सिर्फ आंकड़े बनकर रह गए। समाजशास्त्री इवा इलूज चेतावनी देती हैं, ‘अगर इस पर सख्ती और नैतिक चर्चा नहीं हुई, तो परिवार की नींव ही हिल जाएगी।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अंतरिम जमानत के बाद जेल से बाहर आए राजपाल यादव:कहा- आरोपों के खिलाफ हर जगह जवाब देने के लिए उपलब्ध हूं

February 17, 2026/
6:43 pm

नई दिल्ली में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद...

आलीराजपुर के टॉकीज चौराहे पर डीपी में लगी आग:आबकारी नियंत्रण कक्ष के पास पोल से 15 फीट ऊंची उठीं लपटें; आधे शहर की बिजली गुल

April 13, 2026/
9:57 pm

आलीराजपुर नगर के व्यस्त टाकीज चौराहे पर सोमवार रात करीब 8:30 बजे एक डीपी में आग लग गई। आबकारी नियंत्रण...

स्किनकेयर टिप्स: फ़िनलैंड्स और स्ट्रेंथनेस से बचाएगा ये स्किनकेयर रूटीन, रोज़ सुबह करें ये 5 ज़रूरी काम

May 31, 2026/
3:01 pm

31 मई 2026 को 15:01 IST पर अद्यतन किया गया स्किनकेयर टिप्स: स्किनकेयर टिप्स: स्किन में फाइनैंस और बिजनेसनेस की...

सऊदी अरब में 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला:मदीना में रेयर अर्थ मिनरल्स भी मिले; परमाणु ऊर्जा पर बढ़ा सऊदी का फोकस

September 14, 2026/
6:44 pm

सऊदी अरब के मदीना इलाके में करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिलने की जानकारी सामने आई है। यहां...

World News Updates; Trump Pakistan China

February 22, 2026/
10:06 am

46 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा शिक्षित धार्मिक समुदाय हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2023-24 रिलिजियस...

रंग का गुब्बारा विवाद में मर्डर,आरोपियों के घर बुलडोजर एक्शन:भीड़ ने सामान जलाया; दिल्ली में होली पर युवक की हत्या हुई थी

March 8, 2026/
4:39 pm

दिल्ली में प्रशासन ने रविवार को मर्डर के आरोपी का घर का अतिक्रमण वाला हिस्सा बुलडोजर से ढहा दिया। यह...

ट्रोलिंग पर रेणुका शहाणे बोलीं:नकारात्मकता डिप्रेशन तक पहुंचा सकती है, ‘दुपहिया’ में भूगोल बने स्पर्श बोले- इमेज नहीं, चुनौतीपूर्ण किरदार जरूरी हैं

September 30, 2026/
4:30 am

वेब सीरीज ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन नए ट्विस्ट और अंदाज के साथ आने वाला है। स्पर्श श्रीवास्तव एक बार फिर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अल्ट्रा-रिच का ट्रेंड:अमीर लोग दर्जनों-सैकड़ों बच्चे पैदा करने को ‘प्रोजेक्ट’ मान रहे; यह वंश बचाने नहीं, शक्ति-प्रभाव का नया प्रतीक बना

अल्ट्रा-रिच का ट्रेंड:अमीर लोग दर्जनों-सैकड़ों बच्चे पैदा करने को ‘प्रोजेक्ट’ मान रहे; यह वंश बचाने नहीं, शक्ति-प्रभाव का नया प्रतीक बना
  • Hindi News
  • International
  • Wealthy People Are Treating Having Dozens And Hundreds Of Children As A ‘project’; It’s Not About Preserving Lineage, But Rather About Becoming A New Symbol Of Power And Influence.

द न्यू यॉर्क टाइम्स. वॉशिंगटन8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मीडिया रिपोर्टों में कहीं स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे, कहीं 200 बच्चों की इच्छा तो कहीं 300 बच्चे पैदा करने के दावे सामने आए हैं। इस ट्रेंड को ‘किडमैक्सिंग’ कहा जा रहा है। – प्रतीकात्मक फोटो

विकसित देशों में जन्मदर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। बहुत से लोग कहते हैं कि वे एक बच्चे का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, एक छोटा-सा वर्ग अति धनी लोगों का है, जो तकनीक और लगभग असीम संसाधनों के दम पर ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा कर रहा है।

मीडिया रिपोर्टों में कहीं स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे, कहीं 200 बच्चों की इच्छा तो कहीं 300 बच्चे पैदा करने के दावे सामने आए हैं। इस ट्रेंड को ‘किडमैक्सिंग’ कहा जा रहा है। यानी बच्चों की संख्या का ही ताकत, विरासत, प्रभाव और भविष्य पर कब्जे का प्रतीक बन जाना। यह कहानी असमानता का सबसे ठोस रूप भी दिखाती है।

एक ओर लोग आईवीएफ के लिए कर्ज लेते हैं। दूसरी तरफ अरबपति दो करोड़ रु. या इससे ज्यादा खर्च कर सरोगेसी और डोनर एग्स से ‘ऑर्डर’ की तरह बच्चे बनवा रहे हैं। इसमें सबसे चर्चित नामों में इलॉन मस्क हैं। उनके 14 बच्चे हैं।

टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव का दावा है कि उनके स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे पैदा हुए हैं। अमेरिकी बीमा उद्योगपति ग्रेग लिंडबर्ग ने ‘बेबी प्रोजेक्ट’ चलाया। इसमें मॉडल्स को धोखे से एग डोनेशन के लिए फंसाने के आरोप भी लगे। उनके 12 बच्चों की बात सामने आई है। वहीं, यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने एक समय अपने डीएनए को ‘फैलाने’ की सनक तक जाहिर की थी।

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की आर्ली रसेल कहती हैं, ‘अरबपति एक साथ कई सरोगेट्स के जरिए ‘बैच’ में बच्चे पैदा करवा सकते हैं। आईवीएफ तकनीक अब सिर्फ संतान पाने का जरिया नहीं है। यह लिंग चयन, बीमारी और कुछ जीन संबंधी गुणों को चुनने का औजार बन चुकी है। इसका खर्च अरबपति ही उठा सकते हैं।’

मनोवैज्ञानिक ​कहते हैं कि जैसे पुराने समय के राजा अपनी वंशावली को शक्ति का स्रोत मानते थे, वैसे ही आज के कुछ टेक-किंग्स अपने खून को भविष्य की पूंजी मान रहे हैं। फर्क बस इतना है कि अब तलवार की जगह तकनीक है।

नतीजा: ‘परिवार’ की भावना और सोच ही खतरे में पड़ी

अमेरिकी लेखिका अन्ना लोई सुसमैन के अनुसार, अरबपतियों की इस सनक की शिकार कुछ महिलाएं और बच्चे हैं। सरोगेट माताओं के शोषण, सहमति उल्लंघन, बच्चों की देखभाल पर सवाल उठे हैं। कई मामलों में बच्चे ननों के भरोसे, दूसरे देशों में पले-बढ़े, जबकि पिता के लिए वे सिर्फ आंकड़े बनकर रह गए। समाजशास्त्री इवा इलूज चेतावनी देती हैं, ‘अगर इस पर सख्ती और नैतिक चर्चा नहीं हुई, तो परिवार की नींव ही हिल जाएगी।’

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.