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Parents Set Rs 15,000 Monthly Limit

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नई दिल्ली23 मिनट पहले

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पेटीएम ने टीनेजर्स के लिए ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए वे बिना खुद का बैंक अकाउंट खोले सुरक्षित डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे।

इस नए फीचर में पैरेंट्स को बच्चों के खर्च पर नजर रखने, मंथली लिमिट तय करने और रीयल-टाइम ट्रैकिंग करने की पूरी सुविधा मिलेगी।

फिनटेक फर्म वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (पेटीएम) ने 18 मई, सोमवार को आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान किया है।

पैरेंट्स के पास रहेगा खर्च का पूरा कंट्रोल

कंपनी के बयान के मुताबिक, पैरेंट्स और परिवार के भरोसेमंद सदस्य अपने बच्चों को सुरक्षित और रेगुलेटेड पेमेंट एक्सेस दे सकते हैं।

वे अपने पेटीएम एप के जरिए बच्चों के लिए एक तय खर्च सीमा निर्धारित कर सकेंगे। इससे पैरेंट्स अपने बच्चों के हर ट्रांजैक्शन को लगातार ट्रैक कर पाएंगे और उनका कंट्रोल हमेशा बना रहेगा।

रोजमर्रा के खर्चों को डिजिटल बनाने की कोशिश

भारत में टीनेजर्स हर दिन शॉपिंग, मोबाइल रिचार्ज, मेट्रो किराया, कैब बुकिंग और स्कूल-कॉलेज की कैंटीन जैसे जरूरी कामों के लिए लगातार डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं।

वर्तमान में कई बच्चे इन खर्चों के लिए पूरी तरह पैरेंट्स या कैश पर निर्भर हैं। ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ के जरिए बच्चों को एक सुरक्षित माध्यम मिलेगा, जिससे परिवारों में छोटी उम्र से ही जिम्मेदार वित्तीय आदतें विकसित करने में मदद मिलेगी।

अब ओटीपी मांगने की जरूरत नहीं होगी

इस फीचर के एक्टिवेट होने के बाद टीनेजर्स अपने खुद के फोन में पेटीएम एप का इस्तेमाल करके ऑनलाइन और ऑफलाइन मर्चेंट्स को सुरक्षित यूपीआई पेमेंट कर सकेंगे।

इसके लिए अब उन्हें पेमेंट करते समय पैरेंट्स से ओटीपी मांगने, उनका फोन उधार लेने या पैरेंट्स को वॉट्सएप पर क्यूआर कोड भेजने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।

15 हजार का मंथली कैप तय किया गया

पेटीएम पॉकेट मनी के तहत पैरेंट्स एनपीसीआई के ‘यूपीआई सर्कल’ के माध्यम से बच्चों को इनवाइट कर सकते हैं। इसके तहत पूरे यूपीआई नेटवर्क पर मंथली लिमिट अधिकतम 15,000 रुपए और एक बार में इंडिविजुअल पेमेंट की लिमिट 5,000 रुपए तक सेट की जा सकती है।

यह सर्विस सेविंग्स और करंट दोनों तरह के अकाउंट्स पर अवेलेबल है, लेकिन इससे इंटरनेशनल पेमेंट्स और कैश विड्रॉल करने पर पाबंदी रहेगी।

स्पेंड समरी से पूरा बजट ट्रैक होगा

यह नया फीचर पेटीएम स्पेंड समरी के साथ पूरी तरह इंटीग्रेट है, जो हर एक पेमेंट को ऑटोमैटिकली अलग-अलग कैटेगरीज में बांट देता है।

इससे परिवार आसानी से अपने कुल खर्चों पर नजर रख सकते हैं, पॉकेट मनी के बजट को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं और बच्चों को पैसों के सही इस्तेमाल की सीख दे सकते हैं। एप में पेमेंट हिस्ट्री देखने का भी पूरा ऑप्शन मिलेगा।

सुरक्षा के लिए इन-बिल्ट सेफ्टी मेजर्स

पेटीएम ने इसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। फीचर एक्टिवेट होने के शुरुआती 30 मिनट में केवल 500 रुपए और पहले 24 घंटों में अधिकतम 5,000 रुपए तक का ही ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा।

किसी भी समय जरूरत पड़ने पर पैरेंट्स अपने पेटीएम यूपीआई पिन का इस्तेमाल करके खर्च की लिमिट को बदल सकते हैं या बच्चों का एक्सेस तुरंत कैंसल कर सकते हैं। इसके अलावा डिवाइस लॉक होना भी अनिवार्य है।

क्या होता है यूपीआई सर्कल और इन-बिल्ट सेफ्टी?

  • यूपीआई सर्कल: यह नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा शुरू की गई एक खास तकनीक है। इसके तहत एक प्राइमरी बैंक अकाउंट होल्डर अपने परिवार के किसी ऐसे सदस्य को डिजिटल पेमेंट की अनुमति दे सकता है, जिसके पास अपना खुद का बैंक अकाउंट नहीं है। इसमें पूरा कंट्रोल मैन अकाउंट होल्डर के पास ही रहता है।
  • इन-बिल्ट सेफ्टी: ऑनलाइन फ्रॉड या गलत ट्रांजैक्शन से बच्चों को बचाने के लिए एप के भीतर पहले से तय किए गए सुरक्षा नियम होते हैं। जैसे नए एक्टिवेशन पर शुरुआती लिमिट लगाना, इंटरनेशनल पेमेंट ब्लॉक रखना और पैरेंट्स को सीधे यूपीआई पिन से पूरा एक्सेस ब्लॉक करने की पावर देना।

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इस नए फीचर में पैरेंट्स को बच्चों के खर्च पर नजर रखने, मंथली लिमिट तय करने और रीयल-टाइम ट्रैकिंग करने की पूरी सुविधा मिलेगी।

फिनटेक फर्म वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (पेटीएम) ने 18 मई, सोमवार को आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान किया है।

पैरेंट्स के पास रहेगा खर्च का पूरा कंट्रोल

कंपनी के बयान के मुताबिक, पैरेंट्स और परिवार के भरोसेमंद सदस्य अपने बच्चों को सुरक्षित और रेगुलेटेड पेमेंट एक्सेस दे सकते हैं।

वे अपने पेटीएम एप के जरिए बच्चों के लिए एक तय खर्च सीमा निर्धारित कर सकेंगे। इससे पैरेंट्स अपने बच्चों के हर ट्रांजैक्शन को लगातार ट्रैक कर पाएंगे और उनका कंट्रोल हमेशा बना रहेगा।

रोजमर्रा के खर्चों को डिजिटल बनाने की कोशिश

भारत में टीनेजर्स हर दिन शॉपिंग, मोबाइल रिचार्ज, मेट्रो किराया, कैब बुकिंग और स्कूल-कॉलेज की कैंटीन जैसे जरूरी कामों के लिए लगातार डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं।

वर्तमान में कई बच्चे इन खर्चों के लिए पूरी तरह पैरेंट्स या कैश पर निर्भर हैं। ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ के जरिए बच्चों को एक सुरक्षित माध्यम मिलेगा, जिससे परिवारों में छोटी उम्र से ही जिम्मेदार वित्तीय आदतें विकसित करने में मदद मिलेगी।

अब ओटीपी मांगने की जरूरत नहीं होगी

इस फीचर के एक्टिवेट होने के बाद टीनेजर्स अपने खुद के फोन में पेटीएम एप का इस्तेमाल करके ऑनलाइन और ऑफलाइन मर्चेंट्स को सुरक्षित यूपीआई पेमेंट कर सकेंगे।

इसके लिए अब उन्हें पेमेंट करते समय पैरेंट्स से ओटीपी मांगने, उनका फोन उधार लेने या पैरेंट्स को वॉट्सएप पर क्यूआर कोड भेजने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।

15 हजार का मंथली कैप तय किया गया

पेटीएम पॉकेट मनी के तहत पैरेंट्स एनपीसीआई के ‘यूपीआई सर्कल’ के माध्यम से बच्चों को इनवाइट कर सकते हैं। इसके तहत पूरे यूपीआई नेटवर्क पर मंथली लिमिट अधिकतम 15,000 रुपए और एक बार में इंडिविजुअल पेमेंट की लिमिट 5,000 रुपए तक सेट की जा सकती है।

यह सर्विस सेविंग्स और करंट दोनों तरह के अकाउंट्स पर अवेलेबल है, लेकिन इससे इंटरनेशनल पेमेंट्स और कैश विड्रॉल करने पर पाबंदी रहेगी।

स्पेंड समरी से पूरा बजट ट्रैक होगा

यह नया फीचर पेटीएम स्पेंड समरी के साथ पूरी तरह इंटीग्रेट है, जो हर एक पेमेंट को ऑटोमैटिकली अलग-अलग कैटेगरीज में बांट देता है।

इससे परिवार आसानी से अपने कुल खर्चों पर नजर रख सकते हैं, पॉकेट मनी के बजट को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं और बच्चों को पैसों के सही इस्तेमाल की सीख दे सकते हैं। एप में पेमेंट हिस्ट्री देखने का भी पूरा ऑप्शन मिलेगा।

सुरक्षा के लिए इन-बिल्ट सेफ्टी मेजर्स

पेटीएम ने इसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। फीचर एक्टिवेट होने के शुरुआती 30 मिनट में केवल 500 रुपए और पहले 24 घंटों में अधिकतम 5,000 रुपए तक का ही ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा।

किसी भी समय जरूरत पड़ने पर पैरेंट्स अपने पेटीएम यूपीआई पिन का इस्तेमाल करके खर्च की लिमिट को बदल सकते हैं या बच्चों का एक्सेस तुरंत कैंसल कर सकते हैं। इसके अलावा डिवाइस लॉक होना भी अनिवार्य है।

क्या होता है यूपीआई सर्कल और इन-बिल्ट सेफ्टी?

  • यूपीआई सर्कल: यह नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा शुरू की गई एक खास तकनीक है। इसके तहत एक प्राइमरी बैंक अकाउंट होल्डर अपने परिवार के किसी ऐसे सदस्य को डिजिटल पेमेंट की अनुमति दे सकता है, जिसके पास अपना खुद का बैंक अकाउंट नहीं है। इसमें पूरा कंट्रोल मैन अकाउंट होल्डर के पास ही रहता है।
  • इन-बिल्ट सेफ्टी: ऑनलाइन फ्रॉड या गलत ट्रांजैक्शन से बच्चों को बचाने के लिए एप के भीतर पहले से तय किए गए सुरक्षा नियम होते हैं। जैसे नए एक्टिवेशन पर शुरुआती लिमिट लगाना, इंटरनेशनल पेमेंट ब्लॉक रखना और पैरेंट्स को सीधे यूपीआई पिन से पूरा एक्सेस ब्लॉक करने की पावर देना।

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